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वीर सदस्य सुभाष चंद ललवानी ने माताजी के निधन पर देहदान और नेत्रदान कर दी सच्ची श्रद्धांजलि

NAGAUR में माताजी को सच्ची श्रद्धांजलि 🙏

                 *🙏सुभाष चंद ललवानी ने मां सुशीला देवीजी का किया देहदान और नेत्रदान🙏*

           *मेडिकल कॉलेज को सौंपा पार्थिव शरीर - महावीर इंटरनेशनल की पहल*

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*नागौर।* महावीर इंटरनेशनल संस्था के प्रेरणादायी प्रयासों से नागौर में एक बार फिर मानवता और परोपकार की अनूठी मिसाल देखने को मिली है। संस्था के वीर सदस्य सुभाष चंद ललवानी ने अपनी दिवंगत माताजी स्व. सुशीला देवी ललवानी के देवलोक गमन पर उनका देहदान एवं नेत्रदान कर समाज के सामने प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है।

*संकल्प से सिद्धि तक -* करीब तीन महीने पहले 'डॉक्टर डे' के उपलक्ष्य में सुभाष चंद ललवानी ने महावीर इंटरनेशनल की प्रेरणा से अपने और अपनी पत्नी के देहदान का संकल्प पत्र भरा था। आज माताजी सुशीला देवी के निधन पर उन्होंने अपने संकल्प को और सार्थक बनाते हुए माताजी के पार्थिव शरीर को मेडिकल कॉलेज के विद्यार्थियों के अध्ययन के लिए सौंपने की घोषणा की। परिजनों ने इसे माताजी के प्रति सबसे सच्ची श्रद्धांजलि बताया।

*नेत्रदान से अमर हुई आंखें -* इस दुखद अवसर पर महावीर इंटरनेशनल के वीर पंकज नाहटा ने सुभाष चंद को नेत्रदान के लिए प्रेरित किया। सहमति मिलते ही डॉ. देवेंद्र शर्मा द्वारा जवाहरलाल नेहरू अस्पताल (JLN) में नेत्रदान की प्रक्रिया सफलतापूर्वक संपन्न कराई गई। इस महान कार्य से माताजी की आंखें दूसरों के जीवन में रोशनी बनकर अमर हो गईं।

इस अवसर पर वीर दशरथ मल लोढ़ा, नरेंद्र संकलेचा, मनीष सुराना, आनंद अग्रवाल, रामकिशोर सारडा, रामानुज मालानी, सुशील ललवानी, विनोद ललवानी, संजय डागा, सुमित चोरड़िया, धीरज संकलेचा (यूथ क्लब), सिद्धार्थ चोरड़िया (यूथ क्लब), प्रीतम ललवानी, राजेंद्र जी कटारिया सहित संस्था के कई सदस्य उपस्थित रहे।

महावीर इंटरनेशनल परिवार ने सुभाष चंद ललवानी के इस साहसिक और मानवीय निर्णय के लिए आभार व्यक्त किया है। यह घटना समाज में अंगदान और देहदान जैसी महादान की परंपरा को बढ़ावा देने में मील का पत्थर साबित होगी।



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