Type Here to Get Search Results !

पञ्चाङ्ग 27 अगस्त 2026

 *💥🗓*आज का पञ्चाङ्ग*🗓💥*

jyotis


*🎈दिनांक  27 अगस्त 2026*
*🎈 वार-  गुरुवार*
*🎈 मास -सावन मास*
*🎈 पक्ष -  कृष्णा पक्ष*
*🎈 विक्रम संवत् - 2083*
*🎈 संवत्सर     पराभव*
*🎈संवत्सर (उत्तर)-    रौद्र*
*🎈 अयन - उत्तरायण*
*🎈 ऋतु - रितु वर्षा*
*🎈तिथि     चतुर्दशी -09:08:24 ए एम अगस्त 25 तक    तत्पश्चात पूर्णिमा*
*🎈 नक्षत्र घनिष्ठा -26:14:44पी एम तत्पश्चात शतभिषा*
*🎈योग    -शोभन- 07.54.32- तक तत्पश्चात् *अतिगंड*
*🎈करण-  वाणिज - 09:08:26 पी एम तक तत्पश्चात् विष्टिभद्रा*
*🎈राहुकाल- 12:37 ए एम से 02:13 ए एम तक (नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*हर जगह का अलग होगा
(राहुकाल वह समय होता है जिसमे किसी भी नये अथवा शुभ कार्य प्रारम्भ करने से बचना चाहिए।)*
*🎈सूर्योदय-06:13:03 ए  एम ए एम*
*🎈सूर्यास्त-06:59:48 पी एम*
*🎈चंद्र राशि-मकर* till 13.34.44
तत्पश्चात् कुंभ*
 *🎈सूर्य राशि- सिंह*
*(सूर्योदय एवं सूर्यास्त ,नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*

*🎈दिशा शूल- दक्षिण दिशा में*
(किसी भी विशेष कार्य हेतु दिशा शूल वाली दिशा में जाने से बचना चाहिए, यद्यपि यदि उसी दिन जाकर उसी दिन लौटना हैं, अथवा व्यवसाय के दृष्टिकोण से प्रतिदिन जाना ही पड़ता है तो प्रभाव कम हो जाएगा, फिर इस पर विचार करने की आवश्यकता नही है, यदि  किसी कारण वश दिशा शूल में जाना ही पड़े तो सूर्योदय से पूर्व निकलना  श्रेयस्कर होता है, अन्यथा एक  दिन पूर्व प्रस्थान रखकर भी निकला जा सकता हैं।)*
*🎈ब्रह्ममुहूर्त - 04:43 ए एम से 05:27 ए एम*
*🎈अभिजित मुहूर्त: 12:11 पी एम से 01:02 पी एम*
*🎈अमृत काल - 03:13 पी एम से 04:55 पी एम*
*🎈 निशिता मुहूर्त - 12:14 ए एम, अगस्त 28 से 12:59 ए एम, अगस्त 28*


 *🎈विशेष:- व्रतपर्व विवरण-   ब्रह्मवैवर्त पुराण (ब्रह्म खंड: 27.29-34) के अनुसार, चतुर्दशी त्तिथि के दिन बैंगन खाना वर्जित (निषिद्ध) माना गया है।

🛟27 अगस्त 2026, गुरुवार का दिन चंद्रमा और सूर्य-बुध की स्थिति के कारण सभी राशियों के लिए मिलाजुला रहने वाला है। बड़े फैसलों में सावधानी और संयम रखने की सलाह दी गई है।
kundli

 

          💥सावन महात्म्य☀️
 👉 जय माँ आदिशक्ति सच्चियाय 🪔 
     🛟 नागौर, राजस्थान, (भारत)    
         मानक सूर्योदय के अनुसार।*🛟
       *🛟चोघडिया, दिन का🛟*
day



          🛟चोघडिया, रात्🛟*
night


 
★√*★√*★√*★√*★√*★
     🚩*श्रीगणेशाय नमोनित्यं*🚩
    🚩*☀जय मां सच्चियाय* 🚩 
    
         💢आज का राशिफल💢

🛟सभी 12 राशियों का संक्षिप्त राशिफल‼️
💥 मेष (Aries): कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। धैर्य से काम लें और जल्दबाजी में कोई भी आर्थिक फैसला न करें।

☀️वृषभ (Taurus): वित्तीय मामलों में सुधार होगा। रचनात्मक कार्यों से आपको लाभ मिल सकता है और परिवार का पूरा सहयोग रहेगा।

☀️मिथुन (Gemini): कामकाज में व्यस्तता रहेगी। अपनी सेहत का विशेष ध्यान रखें और किसी भी वाद-विवाद से दूर रहें।

☀️कर्क (Cancer): मन प्रसन्न रहेगा। पुराने मित्रों से मुलाकात हो सकती है और व्यापार में नए अवसर सामने आएंगे।

☀️सिंह (Leo): आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। कार्यस्थल पर आपके काम की सराहना होगी, खर्चों पर नियंत्रण रखें।

☀️कन्या (Virgo): यह समय आत्म-सुधार और उत्पादकता का है। पूर्णता के बजाय अपने दैनिक कार्यों की प्रगति पर ध्यान दें।

☀️तुला (Libra): वाणी पर संयम रखें। सोच-समझकर बोलने से नुकसान से बचेंगे। दिन के दूसरे भाग में राहत महसूस होगी।

☀️वृश्चिक (Scorpio): दिन अनुकूल रहेगा। सभी क्षेत्रों में लाभ के योग हैं, हालांकि काम के साथ-साथ अपने स्वास्थ्य का भी ध्यान रखें।

☀️धनु (Sagittarius): यात्रा या नए प्रयासों से लाभ होगा। किसी को भी भावुकता में आकर बड़े वादे करने से बचें।

☀️मकर (Capricorn): करियर में तरक्की के संकेत हैं। पारिवारिक जीवन में सुख-शांति और आध्यात्मिक संतोष बना रहेगा।

☀️कुंभ (Aquarius): शॉर्टकट अपनाने से बचें। शुरुआती बाधाएं आ सकती हैं, लेकिन अपनों के सहयोग से काम बन जाएंगे।

☀️मीन (Pisces): रिश्तों में मधुरता आएगी। मान-सम्मान बढ़ेगा, हालांकि आर्थिक मामलों में थोड़ी सावधानी बरतने की जरूरत है।
     
  ➡️ 💕🛟प्रात: विशेष🕉️🌺
#🌕 👉 👉🦚❤️💐 🌼🪔🏓🎊
   🌺🌷🏓।। आज बात करते हैं ☀️

💕🙏 #ॐउमामहेश्वराभ्यां नमः 🙏

🗓️ ‼️🌹✨ 🔱 राजा चित्रकेतु, महादेव की सभा और सच्चे भक्त की समदृष्टि 🚩
क्या आपने कभी सोचा है कि यदि किसी परम ज्ञानी भक्त को भरी सभा में माता पार्वती का घोर शाप मिल जाए, तो वह क्या करेगा? क्रोध? प्रतिशाप? या आत्मसम्मान के नाम पर लंबा विवाद?
राजा चित्रकेतु ने जो किया, उसने सिद्ध कर दिया कि जिसका चित्त ईश्वर में स्थिर हो जाए, उसके लिए शाप और वरदान दोनों ही प्रभु की लीला बन जाते हैं।
✨ कैलाश की दिव्य सभा और सहज विनोद
राजा चित्रकेतु सांसारिक वैभव त्यागकर भगवान के अनन्य भक्त बन चुके थे। प्रभु कृपा से प्राप्त दिव्य विमान से विचरण करते हुए वे एक दिन कैलाश पर्वत के ऊपर से गुजरे।
वहाँ उन्होंने देखा कि देवाधिदेव महादेव अपनी अर्धांगिनी माता पार्वती को अंक में बैठाकर ऋषियों-मुनियों को ज्ञान का उपदेश दे रहे थे। चित्रकेतु ने सहज भाव से मुस्कुराते हुए कह दिया—"जो महादेव संसार को वैराग्य का उपदेश देते हैं, वे स्वयं भरी सभा में अपनी पत्नी को अंक में लिए बैठे हैं!"
महादेव अंतर्यामी थे, वे जानते थे कि चित्रकेतु के हृदय में कोई वैर या द्वेष नहीं है। इसलिए वे केवल मुस्कुराए।
⚡ माता पार्वती का शाप और चित्रकेतु की समदृष्टि
पति के प्रति अनन्य श्रद्धा के कारण माता पार्वती को यह उपहास अनुचित लगा और उन्होंने शाप दिया—"तुम अगले जन्म में असुर योनि में जन्म लोगे।"
दिव्य शक्ति और ज्ञान से संपन्न होते हुए भी चित्रकेतु ने न कोई तर्क किया, न क्रोध। उन्होंने नतमस्तक होकर कहा:
"हे माता! आपका शाप भी मैं प्रभु की ही इच्छा मानकर शिरोधार्य करता हूँ।"
भगवान शिव ने तब माता पार्वती को समझाया कि सच्चे वैष्णव भक्त के लिए स्वर्ग-नरक, मान-अपमान और सुख-दुःख सब समान होते हैं।
🌌 वृत्रासुर का जन्म और भक्ति का शिखर
शापवश चित्रकेतु अगले जन्म में महाबली वृत्रासुर बने। बाहर से भयानक असुर का शरीर, लेकिन भीतर साक्षात परम भक्त का हृदय!
इंद्र के साथ महायुद्ध के दौरान भी वृत्रासुर के मुख से केवल प्रभु नारायण की अनन्य स्तुति और समर्पण के भाव ही प्रकट हुए। श्रीमद्भागवत में वृत्रासुर को असुर होने के बाद भी एक महान भक्त की उपाधि दी गई है।
💡 जीवन की अनमोल सीख
समदृष्टि ही संतत्व है: सुख-दुःख, मान-अपमान हर परिस्थिति में ईश्वर के विधान पर अटल भरोसा रखें।
मौन की शक्ति: कभी कोई नीयत को गलत समझ ले या अपमानित कर दे, तो हर बार प्रतिकार जरूरी नहीं—शांत रहकर ईश्वर पर भरोसा रखना ही सबसे बड़ा बल है।
देह बदल सकती है, निष्ठा नहीं: शाप चित्रकेतु के शरीर को असुर बना सका, लेकिन उनकी भक्ति और चेतना को नहीं डिगा पाया।
"परिस्थितियां चाहे जैसी हों, भक्त का भगवान से संबंध कभी नहीं टूटता।" 🙏✨
हर हर महादेव! 🔱🌿 जय श्री हरि! 🦚
🧨🚩⛳💥❤️🕉️🌴🍀🎈🌀🌿

 💕*"तद् यद् रुदितात् समभवन् तस्माद् रुद्राः"*💥
  ✨*नव ग्रहणां अधीनस्थ जीवनम्*✨
           *🛟॥ श्री हरिः ॐ*॥☀️
🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏     
 🌹🌹 🌹🌹 🌹🌹 🌹🌹 🌹🌹          

 *💥“*ज्ञान ही सच्ची संपत्ति है।*
          *बाकी सब क्षणभंगुर* है।”💥
       🌼 ।। जय श्री कृष्ण ।।🌼
       💥।। शुभम् भवतु।।💥
♨️  ⚜️ 🕉🌞  🌞🕉 ⚜🚩*♥️💕💥*अगर आपको हमारा पंचांग नियमित चाहिए तो आप मुझे इस चैनल को फॉलो करे*
*https://whatsapp.com/channel/0029Va65aSaKrWR*
      ♨️  ⚜️ 🕉🌞  🌞🕉 ⚜🚩
🔱🇪🇬*जय श्री महाकाल सरकार *🔱🇪🇬 *मोर मुकुट बंशीवाले  सेठ की जय हो 🪷*▬▬▬▬▬▬▬ஜ۩۞۩ஜ
*♥️~*यह पंचांग नागौर (राजस्थान) सूर्योदय के अनुसार है।*
*♥️~*अपने घर, ऑफिस, और फैक्ट्री वास्तु के साथ सफल बनाये। जन्मकुंडली, प्रश्नन कुंडली, अंककुंडली, रत्न, जड़, एवं रुद्राक्ष आदि के लिये सम्पर्क करे।*
‼️*अस्वीकरण(Disclaimer)पंचांग, धर्म, ज्योतिष, त्यौहार की जानकारी शास्त्रों से ली गई है।*
🙏*हमारा उद्देश्य मात्र आपको  केवल जानकारी देना है। इस संदर्भ में हम किसी प्रकार का कोई दावा नहीं करते हैं।*
💥*राशि रत्न,वास्तु आदि विषयों पर प्रकाशित सामग्री केवल आपकी जानकारी के लिए हैं अतः संबंधित कोई भी कार्य या प्रयोग करने से पहले किसी अच्छी जानकारी वाले ज्योतिषी से संपर्क करे*।
*💥यदि आप अपनी कुण्डली विश्लेषण चाहते हैं तो जन्म दिनांक, स्थान, समय  बताएं!!🌟*
*♥️ रमल ज्योतिर्विद आचार्य दिनेश "प्रेमजी", नागौर (राज,)* 
*।।आपका आज का दिन शुभ मंगलमय हो।।* 
🕉️📿🔥🌞🚩🔱ॐ 💥🙏💘☀️
vipul

Tags

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.

Below Post Ad