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पञ्चाङ्ग 28 अगस्त 2026

 *💥🗓*आज का पञ्चाङ्ग*🗓💥*

jyotis


*🎈दिनांक  28 अगस्त 2026*
*🎈 वार-  शुक्रवार*
*🎈 मास -सावन मास*
*🎈 पक्ष -  कृष्णा पक्ष*
*🎈 विक्रम संवत् - 2083*
*🎈 संवत्सर     पराभव*
*🎈संवत्सर (उत्तर)-    रौद्र*
*🎈 अयन - उत्तरायण*
*🎈 ऋतु - रितु वर्षा*
*🎈तिथि     पूर्णिमा -09:47:34 ए एम  तक    तत्पश्चात प्रतिपदा*
*🎈 नक्षत्र शतभिषा -27:12:21am तत्पश्चात पूर्व भाद्रपद*
*🎈योग    -अतिगंड- 07.26.51- तक तत्पश्चात् *सुकर्मा*
*🎈करण-  बव - 09:47:34  तक तत्पश्चात् बालव*
*🎈राहुकाल- 11:00 ए एम से 12:36 पी एम तक (नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*हर जगह का अलग होगा
(राहुकाल वह समय होता है जिसमे किसी भी नये अथवा शुभ कार्य प्रारम्भ करने से बचना चाहिए।)*
*🎈सूर्योदय-06:13:31 ए  एम ए एम*
*🎈सूर्यास्त-06:58:28 पी एम*
*🎈चंद्र राशि- कुंभ*
 *🎈सूर्य राशि- सिंह*
*(सूर्योदय एवं सूर्यास्त ,नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*

*🎈दिशा शूल- पश्चिम दिशा में*
(किसी भी विशेष कार्य हेतु दिशा शूल वाली दिशा में जाने से बचना चाहिए, यद्यपि यदि उसी दिन जाकर उसी दिन लौटना हैं, अथवा व्यवसाय के दृष्टिकोण से प्रतिदिन जाना ही पड़ता है तो प्रभाव कम हो जाएगा, फिर इस पर विचार करने की आवश्यकता नही है, यदि  किसी कारण वश दिशा शूल में जाना ही पड़े तो सूर्योदय से पूर्व निकलना  श्रेयस्कर होता है, अन्यथा एक  दिन पूर्व प्रस्थान रखकर भी निकला जा सकता हैं।)*
*🎈ब्रह्ममुहूर्त - 04:43 ए एम से 05:28 ए एम*
*🎈अभिजित मुहूर्त: 12:11 पी एम से 01:02 पी एम*
*🎈अमृत काल - 07:44 पी एम से 09:23 पी एम*
*🎈 निशिता मुहूर्त - 12:14 ए एम, अगस्त 29 से 12:59 ए एम, अगस्त 29*


 *🎈विशेष:- व्रतपर्व विवरण-   ब्रह्मवैवर्त पुराण (ब्रह्म खंड: 27.29-34) के अनुसार, चतुर्दशी त्तिथि के दिन बैंगन खाना वर्जित (निषिद्ध) माना गया है।

🛟28 अगस्त 2026 को श्रावण शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि और चंद्र ग्रहण का योग है। सभी 12 राशियों के लिए आज का दिन मिला-जुला रहने वाला है, जहाँ मेष, मिथुन, कन्या और कुंभ राशि वालों को आर्थिक व सृजनात्मक लाभ मिल सकता है, वहीं कर्क, सिंह, मकर और मीन राशि के जातकों को वित्त और सेहत के मामले में अधिक सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। 
इस रक्षाबंधन चंद्र ग्रहण को लेकर कन्फ्यूजन है? 🌙🪔
28 अगस्त 2026 को चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए सूतक मान्य नहीं होगा और शुभ मुहूर्त में राखी बांधी जा सकती है। ❤️
kundli





          💥सावन महात्म्य☀️
 👉 जय माँ आदिशक्ति सच्चियाय 🪔 
     🛟 नागौर, राजस्थान, (भारत)    
         मानक सूर्योदय के अनुसार।*🛟

       *🛟चोघडिया, दिन का🛟*
day



          🛟चोघडिया, रात्🛟*
night


 
★√*★√*★√*★√*★√*★
     🚩*श्रीगणेशाय नमोनित्यं*🚩
    🚩*☀जय मां सच्चियाय* 🚩 
    
         💢आज का राशिफल💢

🛟सभी 12 राशियों का संक्षिप्त राशिफल‼️
💥 मेष राशि: पुराने कर्ज से राहत मिलेगी। शेयर बाजार या आकस्मिक धन लाभ के योग हैं, लेकिन फिजूलखर्ची से बचें।

💥वृषभ राशि: व्यापार में सुधार होगा। पैतृक संपत्ति से जुड़े विवाद आपसी सहमति से सुलझ सकते हैं, मानसिक शांति मिलेगी।

💥मिथुन राशि: रचनात्मक कार्यों से जुड़े लोगों को अपनी कला दिखाने का सुनहरा अवसर मिलेगा, भविष्य में बड़े लाभ के द्वार खुलेंगे।

💥कर्क राशि: चंद्र ग्रहण के प्रभाव के कारण भावनाओं और वित्त के मामलों में विशेष सावधानी बरतें। खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी है।

💥सिंह राशि: काम में आ रही रुकावटें दूर होंगी। अपनी मेहनत पर भरोसा रखें, वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिल सकता है।

💥कन्या राशि: आपकी बौद्धिक क्षमता और रणनीतिक योजना की सराहना होगी। शिक्षा और करियर के क्षेत्र में अनुकूल विकास संभव है।

💥तुला राशि: नए संपर्कों और रचनात्मक प्रयासों से आर्थिक लाभ मिल सकता है। रिश्तों में मधुरता बढ़ेगी।

💥वृश्चिक राशि: व्यापार में धन का आगमन बढ़ेगा। जीवनसाथी के साथ किसी अच्छी जगह घूमने की योजना बन सकती है।

💥धनु राशि: लंबी दूरी की यात्रा और नेटवर्किंग से भाग्य का साथ मिलेगा। सहकर्मियों व ग्राहकों से बातचीत में नरमी बरतें।

💥मकर राशि: धन और वाणी के क्षेत्र पर असर रहेगा। पैसों की बचत पर ध्यान दें और जल्दबाजी में कोई बड़ा निवेश न करें।

💥कुंभ राशि: आय के नए स्रोत बन सकते हैं, किंतु निर्णय लेते समय आर्थिक मामलों में अतिरिक्त सतर्कता बरतें।

💥मीन राशि: मानसिक उलझनों से बचने के लिए विश्राम करें। आज के दिन सोच-समझकर व्यावहारिक निर्णय ही लें।
     
  ➡️ 💕🛟प्रात: विशेष🕉️🌺
#🌕 👉 👉🦚❤️💐 🌼🪔🏓🎊
   🌺🌷🏓।। आज बात करते हैं ☀️

💕🙏 #ॐउमामहेश्वराभ्यां नमः 🙏
🌹|| वैदिक राखी - "रक्षा सूत्र" ||🌹 
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☀️वैदिक राखी - "#रक्षा_सूत्र" कहलाती है '#मौली' या #कलावा  
मौली का अर्थ : 'मौली' का शाब्दिक अर्थ है 'सबसे ऊपर'। मौली का तात्पर्य सिर से भी है। मौली को कलाई में बांधने के कारण इसे कलावा भी कहते हैं। इसका वैदिक नाम उप मणिबंध भी है। मौली के भी प्रकार हैं। शंकर भगवान के सिर पर चन्द्रमा विराजमान है इसीलिए उन्हें चंद्रमौली भी कहा जाता है।

☀️#रक्षासूत्र_का_मंत्र_है - 

➡️'येन बद्धो बलि राजा, दानवेन्द्रो महाबल: I
तेन त्वाम् प्रतिबद्धनामि रक्षे माचल माचल: II
💥इस मंत्र का सामान्यत: यह अर्थ लिया जाता है कि दानवों के महाबली राजा बलि जिससे बांधे गए थे, उसी से तुम्हें बांधता हूं। हे रक्षे!(रक्षासूत्र) तुम चलायमान न हो, चलायमान न हो। धर्मशास्त्र के विद्वानों के अनुसार इसका अर्थ यह है कि रक्षा सूत्र बांधते समय ब्राह्मण या पुरोहत अपने यजमान को कहता है कि जिस रक्षासूत्र से दानवों के महापराक्रमी राजा बलि धर्म के बंधन में बांधे गए थे अर्थात् धर्म में प्रयुक्त किए गये थे, उसी सूत्र से मैं तुम्हें बांधता हूं, यानी धर्म के लिए प्रतिबद्ध करता हूं। इसके बाद पुरोहित रक्षा सूत्र से कहता है कि हे रक्षे तुम स्थिर रहना, स्थिर रहना। इस प्रकार रक्षा सूत्र का उद्देश्य ब्राह्मणों द्वारा अपने यजमानों को धर्म के लिए प्रेरित एवं प्रयुक्त करना है।

🗓️ ‼️🌹✨ 🔱 🔱 आखिर महादेव ने कामदेव को क्यों किया भस्म? और कैसे हुआ उनका पुनर्जन्म? 🔥
(लिंग पुराण पर आधारित एक अद्भुत कथा)
भगवान शिव वैराग्य और समाधि के प्रतीक हैं, तो वहीं कामदेव संसार में प्रेम और सृष्टि-वृद्धि के परिचायक हैं। लेकिन ऐसा क्या हुआ कि महादेव को अपना तीसरा नेत्र खोलना पड़ा? आइए जानते हैं... 👇
🌸 देवताओं की विवशता और कामदेव का त्याग
जब तारकासुर के अत्याचारों से तीनों लोक त्राहि-त्राहि कर रहे थे, तब ब्रह्मा जी ने बताया कि इस असुर का वध केवल शिव-पुत्र ही कर सकता है। समस्या यह थी कि महादेव गहन समाधि में लीन थे। तब सृष्टि की रक्षा के लिए देवताओं ने कामदेव से महादेव की समाधि भंग करने का अत्यंत जोखिम भरा अनुरोध किया।
🏹 जब कैलाश पर चला प्रेम का पुष्पबाण
लोककल्याण हेतु कामदेव अपनी पत्नी रति और मित्र वसंत के साथ कैलाश पहुँचे। वसंत के प्रभाव से वीरान कैलाश पर भी फूल खिल उठे और वातावरण प्रेममय हो गया। अवसर देखकर कामदेव ने अपने धनुष से शिव जी पर ५ पुष्पबाण (अशोक, आम्र-मंजरी, नवमल्लिका, नीलकमल और चम्पक) चला दिए।
🔥 महादेव का क्रोध और तीसरा नेत्र
बाण लगते ही क्षण भर के लिए महादेव का ध्यान माता पार्वती की ओर गया। किंतु अगले ही पल अपनी योगदृष्टि से उन्होंने सत्य जान लिया। क्रोधित होकर महादेव ने अपना दिव्य तीसरा नेत्र खोल दिया। उस नेत्र से निकली योगाग्नि ने देखते ही देखते कामदेव के स्थूल शरीर को भस्म कर दिया!
💧 रति का विलाप और 'अनंग' होने का वरदान
अपने पति को भस्म होता देख देवी रति विलाप करने लगीं और महादेव से क्षमा माँगी। तब करुणासिंधु शिव शांत हुए और उन्होंने वरदान दिया— "तुम्हारा पति नष्ट नहीं हुआ है, वह अब बिना शरीर के (अनंग रूप में) पूरे संसार के मनों में निवास करेगा।" इसी कारण कामदेव को 'अनंग' भी कहा जाता है।
💫 शिव-पार्वती विवाह और कामदेव का पुनर्जन्म
इसके बाद माता पार्वती की कठोर तपस्या सफल हुई और शिव-पार्वती का दिव्य विवाह हुआ। इन्हीं के पुत्र भगवान कार्तिकेय ने तारकासुर का वध किया।
समय आने पर, द्वापर युग में भगवान श्रीकृष्ण और रुक्मिणी जी के पुत्र 'प्रद्युम्न' के रूप में कामदेव ने पुनर्जन्म लिया और शम्बरासुर का वध कर पुनः अपनी पत्नी रति (मायावती) को प्राप्त किया।
✨ कथा का गहरा आध्यात्मिक रहस्य:
कामदेव का दहन किसी देवता का विनाश नहीं, बल्कि मनुष्य के भीतर की अनियंत्रित वासनाओं पर 'आत्मसंयम और ज्ञान' की विजय का प्रतीक है। जब इच्छाएं (काम) धर्म और मर्यादा के अधीन होती हैं, तभी वह प्रेम और सृष्टि के कल्याण का कारण बनती हैं।
🙏🏻 ।। जय भोलेनाथ ।। ॐ नमः शिवाय ।। 🙏🏻✨
हर हर महादेव! 🔱🌿 जय श्री हरि! 🦚
🧨🚩⛳💥❤️🕉️🌴🍀🎈🌀🌿

 💕*"तद् यद् रुदितात् समभवन् तस्माद् रुद्राः"*💥
  ✨*नव ग्रहणां अधीनस्थ जीवनम्*✨
           *🛟॥ श्री हरिः ॐ*॥☀️
🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏     
 🌹🌹 🌹🌹 🌹🌹 🌹🌹 🌹🌹          

 *💥“*ज्ञान ही सच्ची संपत्ति है।*
          *बाकी सब क्षणभंगुर* है।”💥
       🌼 ।। जय श्री कृष्ण ।।🌼
       💥।। शुभम् भवतु।।💥
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🔱🇪🇬*जय श्री महाकाल सरकार *🔱🇪🇬 *मोर मुकुट बंशीवाले  सेठ की जय हो 🪷*▬▬▬▬▬▬▬ஜ۩۞۩ஜ
*♥️~*यह पंचांग नागौर (राजस्थान) सूर्योदय के अनुसार है।*
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‼️*अस्वीकरण(Disclaimer)पंचांग, धर्म, ज्योतिष, त्यौहार की जानकारी शास्त्रों से ली गई है।*
🙏*हमारा उद्देश्य मात्र आपको  केवल जानकारी देना है। इस संदर्भ में हम किसी प्रकार का कोई दावा नहीं करते हैं।*
💥*राशि रत्न,वास्तु आदि विषयों पर प्रकाशित सामग्री केवल आपकी जानकारी के लिए हैं अतः संबंधित कोई भी कार्य या प्रयोग करने से पहले किसी अच्छी जानकारी वाले ज्योतिषी से संपर्क करे*।
*💥यदि आप अपनी कुण्डली विश्लेषण चाहते हैं तो जन्म दिनांक, स्थान, समय  बताएं!!🌟*
*♥️ रमल ज्योतिर्विद आचार्य दिनेश "प्रेमजी", नागौर (राज,)* 
*।।आपका आज का दिन शुभ मंगलमय हो।।* 
🕉️📿🔥🌞🚩🔱ॐ 💥🙏💘☀️
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