*💥🗓*आज का पञ्चाङ्ग*🗓💥*
*🎈दिनांक 21 अक्टूबर 2026*
*🎈वार- बुधवार*
*🎈मास - आश्विन मास*
*🎈पक्ष - शुक्ल पक्ष*
*🎈विक्रम संवत् - 2083*
*🎈संवत्सर पराभव*
*🎈संवत्सर (उत्तर)- रौद्र*
*🎈अयन - दक्षिणायन*
*🎈ऋतु - शरद*
*🎈तिथि-दशमी - 02:11 पी एम तक तत्पश्चात एकादशी*
*🎈नक्षत्र- धनिष्ठा - 07:47 पी एम तक तत्पश्चात शतभिषा*
*🎈करण- गर - 02:11 पी एम तक तत्पश्चात्, वणिज, विष्टि*
*🎈योग- गण्ड - 12:33 ए एम, अक्टूबर 22 तकतत्पश्चात्,वृद्धि*
*🎈राहुकाल- 12:19 पी एम से 01:45 पी एम (नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*हर जगह का अलग होगा
(राहुकाल वह समय होता है जिसमे किसी भी नये अथवा शुभ कार्य प्रारम्भ करने से बचना चाहिए।)*
*🎈सूर्योदय- 06:38. ए एम*
*🎈सूर्यास्त- 06:01 पी एम*
*🎈चंद्र राशि- मकरtill 06.59.22
तत्पश्चात् कुंभ*
*🎈सूर्य राशि- तुला*
*(सूर्योदय एवं सूर्यास्त ,नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*
*🎈दिशा शूल- उत्तर दिशा में*
(किसी भी विशेष कार्य हेतु दिशा शूल वाली दिशा में जाने से बचना चाहिए, यद्यपि यदि उसी दिन जाकर उसी दिन लौटना हैं, अथवा व्यवसाय के दृष्टिकोण से प्रतिदिन जाना ही पड़ता है तो प्रभाव कम हो जाएगा, फिर इस पर विचार करने की आवश्यकता नही है, यदि किसी कारण वश दिशा शूल में जाना ही पड़े तो सूर्योदय से पूर्व निकलना श्रेयस्कर होता है, अन्यथा एक दिन पूर्व प्रस्थान रखकर भी निकला जा सकता हैं।)*
*🎈ब्रह्ममुहूर्त - 04:57 ए एम से 05:48 ए एम*
*🎈अभिजित मुहूर्त: कोई नहीं*
*🎈अमृत काल- 08:38 ए एम से 10:21 ए एम*
*🎈रवि योग- 06:38 ए एम से 07:47 पी एम*
*🎈 निशिता मुहूर्त -11:55 पी एम से 12:45 ए एम, अक्टूबर 22*
*🎈विशेष:- व्रतपर्व विवरण- 🏵️ ☀️
☀️☀️21 अक्टूबर 2026 दसम दिन विजय दशमी पर्व🏓🏓🏓
👁️"विष्णु भगवान की जय हो "🙏 🌹
💥.ब्रह्मवैवर्त पुराण (ब्रह्म खंड: 27.29-34) के अनुसार, दशमी तिथि को कलम्बी (कलम्बिका) का साग नहीं खाना चाहिए
🛟21 अक्टूबर 2026 को चंद्रमा सुबह 7:00 बजे कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे और वहां पहले से मौजूद राहु के साथ युति बनाकर 'चंद्र ग्रहण दोष' का निर्माण करेंगे। सूर्य तुला राशि में और मंगल व गुरु सिंह राशि में रहेंगे।
👉 जय माँ आदिशक्ति सच्चियाय 🪔
🛟 नागौर, राजस्थान, (भारत)
मानक सूर्योदय के अनुसार।*🛟
*🛟चोघडिया, दिन का🛟*
🛟चोघडिया, रात्🛟*
★√*★√*★√*★√*★√*★
🚩*श्रीगणेशाय नमोनित्यं*🚩
🚩*☀जय मां सच्चियाय* 🚩
‼️💢आज का राशिफल💢‼️
🏓🏓सभी 12 राशियों का संक्षिप्त राशिफल
मेष (Aries)
💢• मेष (Aries): पुराने रुके हुए बिल या बकाया लेन-देन पर ध्यान देना पड़ सकता है; रोजमर्रा की आय में सुधार के योग हैं।
💢• वृषभ (Taurus): करियर में नए अवसर मिल सकते हैं। मंदी के बावजूद व्यापार में लाभ के योग हैं।
💢• मिथुन (Gemini): छोटी-सी सावधानी आपको बड़ी परेशानी से बचा सकती है। पिता से चल रहा मनमुटाव दूर हो सकता है।
💢• कर्क (Cancer): मानसिक शांति के लिए योग और ध्यान करें। पारिवारिक माहौल सकारात्मक रहेगा।
💢• सिंह (Leo): व्यर्थ के खर्चों पर नियंत्रण रखें। नए और फायदेमंद बिजनेस कॉन्ट्रैक्ट मिलने के योग हैं।
💢• कन्या (Virgo): अधूरे कामों को पूरा करने पर ध्यान दें। दस्तावेज अच्छी तरह जांच लें। विदेश जाने के प्रयास में सफलता मिल सकती है।
💢• तुला (Libra): शिक्षा और रचनात्मक कार्यों में अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा।
💢• वृश्चिक (Scorpio): परिवार में हल्की नोंक-झोंक हो सकती है, लेकिन दिन अंततः शांतिपूर्ण बीतेगा।
💢• धनु (Sagittarius): करियर में बड़े बदलाव आ सकते हैं। धार्मिक स्थान की यात्रा से मन को शांति मिलेगी।
💢• मकर (Capricorn): पुराना कर्ज चुकने से आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। बड़े फैसले सोच-समझकर लें।
💢• कुंभ (Aquarius): कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत और दृढ़ संकल्प की तारीफ होगी। चंद्र-राहु की युति के कारण वाहन या मशीनरी का प्रयोग संभलकर करें।
💢• मीन (Pisces): आर्थिक मामलों में सुधार के संकेत हैं। अनावश्यक खर्चों से बचाव रखें।
💕🙏 #ॐउमामहेश्वराभ्यां नमः 🙏
➡️ 💕🛟प्रात: विशेष🕉️🌺
🌺🌷🏓।। आज बात करते हैं आज से नवरात्रि पर्व चल रहा है।शारदीय नवरात्रि महापर्व ॥🏓
#🌕 👉 👉🦚❤️💐 🌼🪔🏓🎊
🌹|| ✨ 🌹// 🕉️ ✨ 🌺 🦚 🌼
👇 🏓दशहरा विशेष💥💥
शास्त्र, परंपरा और तमाशा: रावण दहन के पाखंड पर एक वैचारिक प्रहार!
💢उज्जैन के सुप्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर से जुड़े उज्जैन पुजारी (महाकाल सेना के संरक्षक) ने समाज के सामने एक ऐसा ज्वलंत प्रश्न खड़ा किया है, जिसने हमारी सदियों पुरानी रूढ़ियों की बुनियाद हिला दी है। उज्जैन पुजारी ने समाज और उत्सव समितियों को कानूनी नोटिस भेजकर सीधे तौर पर चुनौती दी है कि वे किसी भी हिंदू धर्मग्रंथ से 'रावण दहन' (पुतला जलाने) का धार्मिक प्रमाण प्रस्तुत करें।
💢यह प्रश्न केवल एक रस्म पर आपत्ति नहीं है, बल्कि सनातन धर्म के नाम पर फैलाई जा रही अज्ञानता और शास्त्र-विरोधी आचरण पर एक तीखा प्रहार है। यदि हम इतिहास और शास्त्रों को खंगालें, तो यह स्पष्ट हो जाता है कि जिसे हम आज धर्म समझ रहे हैं, वह वास्तव में सिर्फ एक लोक-तमाशा बनकर रह गया है।
💢सनातन धर्म के आधार स्तंभ माने जाने वाले ग्रंथ—महर्षि वाल्मीकि रचित 'वाल्मीकि रामायण' और गोस्वामी तुलसीदास रचित 'श्रीरामचरितमानस'—में कहीं भी रावण का पुतला बनाकर उसे अग्नि के हवाले करने का कोई उल्लेख नहीं मिलता। इन महान ग्रंथों में केवल 'रावण वध' का वर्णन है, यानी अधर्म के प्रतीक लंकापति रावण का युद्धक्षेत्र में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम द्वारा अंत किया जाना।
💢शास्त्र केवल सत्य की असत्य पर विजय गाथा गाते हैं, वे किसी मृत व्यक्ति के बार-बार पुतले बनाकर उसे हर साल जलाने की किसी विकृत विधा का समर्थन नहीं करते। जब स्वयं मूल शास्त्रों में ही इस कृत्य की कोई आज्ञा नहीं है, तो इसे हिंदू धर्म का अनिवार्य अंग मानना केवल हमारी वैचारिक संकीर्णता को दर्शाता है।
💢मर्यादा की बात करने वाले समाज को यह याद रखना चाहिए कि स्वयं भगवान श्री राम ने रावण की मृत्यु के बाद उसके प्रति क्या दृष्टिकोण अपनाया था। रामायण के अनुसार, रावण युद्धभूमि में वीरगति को प्राप्त हुआ!
💢श्री राम का स्पष्ट मत था कि "मरणान्तानि वैराणि" अर्थात् मृत्यु के साथ ही सारे वैर समाप्त हो जाते हैं। आज का समाज किस अधिकार से हर साल उसका पुतला बनाकर उसका सार्वजनिक अपमान करता है? यह कृत्य मर्यादा पुरुषोत्तम के आदर्शों के पूर्णतः विपरीत और अशास्त्रीय है।
💢गंभीरता से विचार करें तो आधुनिक दौर में रावण दहन का यह आयोजन धर्म से पूरी तरह कटकर शुद्ध रूप से 'मनोरंजन, राजनीति और व्यापार' का जरिया बन चुका है। भव्य मेले, लाखों रुपये के पटाखे, वीआईपी अतिथियों के राजनीतिक भाषण और भीड़ का हुड़दंग:-
💢"क्या यही सनातन धर्म की संस्कृति है?"
बार-बार कागज़ और बारूद के पुतले जलाना केवल पर्यावरण को प्रदूषित करता है और सामाजिक धन का अपव्यय करता है। धर्म के नाम पर होने वाला यह शोर-शराबा और भव्य तमाशा जनमानस को आध्यात्मिक चेतना देने के बजाय केवल खोखले आडंबर की ओर धकेल रहा है, जिसे अब बंद किया जाना बेहद ज़रूरी है।
💢इतिहास साक्षी है कि रावण दहन की यह प्रथा प्राचीन काल से नहीं चली आ रही है, बल्कि यह बहुत बाद के कालखंड में शुरू हुई एक 'प्रतीकात्मक लोक परंपरा' मात्र है। भारत के कई हिस्सों जैसे राजस्थान के कुछ गांवों में आज भी रावण का पुतला नहीं जलाया जाता, बल्कि वहां सदियों पुरानी मूर्तियों के समक्ष केवल प्रतीकात्मक 'रावण वध' की लीला की जाती है।
💢मध्य प्रदेश और देश के अन्य हिस्सों में भी विद्वान और ब्राह्मण समाज इस अशास्त्रीय प्रथा का पुरज़ोर विरोध कर रहे हैं। जब देश का एक बड़ा प्रबुद्ध वर्ग और स्वयं शास्त्रों के ज्ञाता पुजारी इसे गलत मान रहे हैं, तो समाज को अपनी हठधर्मिता छोड़कर इस पर आत्ममंथन अवश्य करना चाहिए।
💢रावण, अपने तमाम अवगुणों और अहंकार के बावजूद, एक परम शिव भक्त, प्रकांड वेदों का ज्ञाता, अद्वितीय ज्योतिषी और महापंडित था। उसका अंत उसके अहंकार और अनैतिक कृत्य के कारण हुआ, जिसका न्याय स्वयं भगवान राम ने त्रेतायुग में ही कर दिया था।
💢किसी भी व्यक्ति को बार-बार, युगों-युगों तक इस तरह सार्वजनिक रूप से जलाना सनातन संस्कृति की 'उदारता और क्षमा' के सिद्धांतों के खिलाफ है। हिंदू धर्म पुनर्जन्म और कर्मों के फल में विश्वास रखता है, किसी मरे हुए शत्रु को अनंत काल तक प्रताड़ित करने की आसुरी वृत्ति में नहीं।
💢यदि हम वास्तव में समाज से बुराई का अंत करना चाहते हैं, तो हमें बाहर के पुतलों को फूंकने के बजाय अपने भीतर झांकना होगा। आज समाज में व्याप्त भ्रष्टाचार, अनाचार, महिलाओं के प्रति अपराध और वैचारिक प्रदूषण के रूप में लाखों रावण खुलेआम घूम रहे हैं। कागज़ के पुतले जलाकर आत्ममुग्ध होने वाला समाज असल जिंदगी के पापों पर मौन रहता है।
💢उज्जैन पुजारी जी का यह कदम हमें जगाने के लिए एक शंखनाद है। अब समय आ गया है कि हम इस अशास्त्रीय, प्रदूषणकारी और राजनीतिक तमाशे को तिलांजलि दें और उत्सवों को शास्त्रों की मर्यादा के भीतर रहकर केवल ज्ञान, भक्ति और आंतरिक शुद्धि के रूप में मनाएं।
🌺‼️जय श्री कृष्णा! 🦚🚩 🌺🙏
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💕*"तद् यद् रुदितात् समभवन् तस्माद् रुद्राः"*💥
✨*नव ग्रहणां अधीनस्थ जीवनम्*✨
*🛟॥ श्री हरिः ॐ*॥☀️
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*💥“*ज्ञान ही सच्ची संपत्ति है।*
*बाकी सब क्षणभंगुर* है।”💥
🌼 ।। जय श्री कृष्ण ।।🌼
💥।। शुभम् भवतु।।💥♨️ ⚜️ 🕉🌞 🌞🕉 ⚜🚩
🔱🇪🇬*जय श्री महाकाल सरकार *🔱🇪🇬 *मोर मुकुट बंशीवाले सेठ की जय हो 🪷*▬▬▬▬▬▬▬ஜ۩۞۩ஜ
*♥️~*यह पंचांग नागौर (राजस्थान) सूर्योदय के अनुसार है।*
‼️*अस्वीकरण(Disclaimer)पंचांग, धर्म, ज्योतिष, त्यौहार की जानकारी शास्त्रों से ली गई है।*
🙏*हमारा उद्देश्य मात्र आपको केवल जानकारी देना है। इस संदर्भ में हम किसी प्रकार का कोई दावा नहीं करते हैं।*
💥*राशि रत्न, रुद्राक्ष, वास्तु आदि विषयों पर प्रकाशित सामग्री केवल आपकी जानकारी के लिए हैं अतः संबंधित कोई भी कार्य या प्रयोग करने से पहले किसी अच्छी जानकारी वाले ज्योतिषी से संपर्क करे उसके बाद उपयोग करे।
*♥️ रमल ज्योतिर्विद आचार्य दिनेश "प्रेमजी", नागौर (राज,)*
*।।आपका आज का दिन शुभ मंगलमय हो।।*
🕉️📿🔥🌞🚩🔱ॐ 💥🙏💘☀️






