Type Here to Get Search Results !

पञ्चाङ्ग -11 मार्च 2026

 *🗓*आज का पञ्चाङ्ग*🗓*

jyotis


*🎈दिनांक -11 मार्च 2026*
*🎈 वार- बुधवार*
*🎈 विक्रम संवत् - 2082*
*🎈 अयन - दक्षिणायण*
*🎈 ऋतु - शिशिर*
*🎈 मास - चैत्र मास*
*🎈 पक्ष - कृष्ण पक्ष,*
*🎈तिथि-     अष्टमी    28:18:59** तत्पश्चात् नवमी बासोड़ा पूजन*
*🎈 नक्षत्र -        ज्येष्ठा    21:59:24* तक    तत्पश्चात्     मूल    👇
*🎈 योग    -             वज्र    09:11:08* तक तत्पश्चात्  सिद्ध    *
hero


*🎈करण    -     बालव    15:07:32* तक तत्पश्चात्     कौलव*
*🎈राहुकाल -12:45 pm से 02: 14pm(नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*हर जगह का अलग होगा
(राहुकाल वह समय होता है जिसमे किसी भी नये अथवा शुभ कार्य प्रारम्भ करने से बचना चाहिए।)*
*🎈चन्द्र राशि    -   वृश्चिक*till 21:59:24
*🎈चन्द्र राशि-       धनु    from 21:59:24
*🎈सूर्य राशि-       कुम्भ    *
*🎈 सूर्योदय -    06:50:19*
*🎈सूर्यास्त -        18:40:09*pm* 
*(सूर्योदय एवं सूर्यास्त ,नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*
*🎈दिशा शूल- उत्तर दिशा में*
( किसी भी विशेष कार्य हेतु दिशा शूल वाली दिशा में जाने से बचना चाहिए, यद्यपि यदि उसी दिन जाकर उसी दिन लौटना हैं, अथवा व्यवसाय के दृष्टिकोण से प्रतिदिन जाना ही पड़ता है तो प्रभाव कम हो जाएगा, फिर इस पर विचार करने की आवश्यकता नही है, यदि  किसी कारण वश दिशा शूल में जाना ही पड़े तो सूर्योदय से पूर्व निकलना  श्रेयस्कर होता है, अन्यथा एक  दिन पूर्व प्रस्थान रखकर भी निकला जा सकता हैं।)
*🎈ब्रह्ममुहूर्त - 05:12 ए एम से 06:01 ए एम*
*🎈अभिजित मुहूर्त- कोई नहीं*
*🎈 निशिता मुहूर्त - 12:21 ए एम, मार्च 11 से 01:09 ए एम, मार्च 11*
*🎈  अमृत काल    -12:08 पी एम से 01:55 पी एम*
*🎈 व्रत एवं पर्व अष्टमी व्रत*
*🎈विशेष चैत्र मास महात्म्य *
kundli


 🙏 जय माँ आदिशक्ति सच्चियाय 🙏
      🪴🪴🪴🪴🪴🪴🪴🪴🪴 
  
    *🛟चोघडिया, दिन का🛟*
   नागौर, राजस्थान, (भारत)    
   मानक सूर्योदय के अनुसार।*
day

🛟

    
        *🛟चोघडिया, रात्🛟*
night

*🛟 
 


★√*★√*★√*★√*★√*★√*★√*

     🚩*श्रीगणेशाय नमोनित्यं*🚩
    🚩*☀जय मां सच्चियाय* 🚩 
  #🌕 👉 👉🦚❤️💐 🌼🪔🏓🎊
🌿✨  #*🕉️ #🌺#🎉💕💢💥💤💤
 🌹🙏🛑 🌹ॐ तथा क्लीं मन्त्र जपने की मानसिक स्वर व उच्चस्वर विधि🌹
 
ओम एकाक्षरी मन्त्र का जप यदि मानसिक जपोगे तो यह हमारी श्वास-प्रश्वास दोनो ही के साथ जपा जा सकता है।

जब इसी मन्त्र को उच्च स्वर में जपेंगे तो हमारी प्रश्वासः के साथ यह मंत्र क्रमशः आ ओ  म , इन तीन वर्णो में जपा जाएगा ।

इस जप में उच्चारण पर ध्यान दें --

 आ लघु स्वर में उच्चारित किया जाता है।
ओ अतिदीर्घ स्वर में उच्चारित होगा
म  मध्यम स्वर तक उच्चारित होगा ।

यथा   Aaa Uuuuuuuuuuuuuu Mmmm

÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷

क्लीं मन्त्र जब मानसिक जप करोगे तो यह प्राणवायु के भीतर जाने की प्रक्रिया यानिकी श्वाश ग्रहण करने की क्रिया के साथ-साथ मन मे उच्चारण करना चाहिए । श्वाश को नाभि तक लेजाकर , इस मंत्र की गूंज को नाभि_प्रदेश में  ऐसे ही गूंजाना चाहिय जैसे मन्दिर की घण्टी की ध्वनि गूंजती है। 

 उच्चस्वर जप में यह मन्त्र ओमकार के  समान ही  प्रश्वासः के साथ उच्चारित किया जाता है।

यथा  -  KLLiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii Mm

÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷

दोनो में अंतर 

ॐ एवम kleem मन्त्र के उच्च स्वर में उच्चारण करने पर  समान प्रक्रिया प्रश्वासः सहित उच्चारण होता है। 

जबकि मानसिक जप में ॐ मन्त्र को श्वाश प्रश्वासः के साथ जपा जा सकता है किन्तु क्लीं को नही ।

 kleem मन्त्र के आरंभिक डेढ़ अक्षर  klee का उच्चारण करते हुए , तब  प्राणवायु ग्रहण करते हुए,   नाभि-प्रदेश तक ले जाया जाता है । नाभि प्रदेश पर पहुंचकर Mmmm का उच्चारण करके प्रश्वासः करें । तब 1 मन्त्र पूर्ण होता है।
मानो हम बाहरी ब्राह्मण से किसी शुद्ध जलधारा को स्वयं की नाभि रुपी घट में भर  रहे हों  ।

जबकि ॐ का उच्च स्वर उच्चारण विधि में इस के ठीक विपरीत विधि है।

श्वाश को पहले नाभि तक भर कर , फिर प्रश्वासः करते हुए ओउम का उच्चारण किया जाता है। 

मानो हम अपने भीतर की ध्वनि को ब्रह्मांड में एक जलधारा के रूप में बरसा रहे हों।

सभी मन्त्र जप ब्रह्म मुहूर्त की संध्या से सूर्योदय पर्यन्त किये जाने पर अधिक दैविक-शुभ-फलदायी होते हैं।
.     💥“ज्ञान ही सच्ची संपत्ति है।
      बाकी सब क्षणभंगुर है।”💥
     🌼 ।। जय श्री कृष्ण ।।🌼
       💥।। शुभम् भवतु।।💥

♨️  ⚜️ 🕉🌞  🌞🕉 ⚜🚩
अगर आपको हमारा पंचांग नियमित चाहिए तो आप मुझे फॉलो करे
https://whatsapp.com/channel/0029Va65aSaKrWR4DbSSCq0r
♨️  ⚜️ 🕉🌞  🌞🕉 ⚜🚩
🔱🇪🇬जय श्री महाकाल सरकार 🔱🇪🇬 मोर मुकुट बंशीवाले  सेठ की जय हो 🪷*
▬▬▬▬▬▬▬ஜ۩۞۩ஜ
*♥️~यह पंचांग नागौर (राजस्थान) सूर्योदय के अनुसार है।*
*अस्वीकरण(Disclaimer)पंचांग, धर्म, ज्योतिष, त्यौहार की जानकारी शास्त्रों से ली गई है।*
*हमारा उद्देश्य मात्र आपको  केवल जानकारी देना है। इस संदर्भ में हम किसी प्रकार का कोई दावा नहीं करते हैं।*
*राशि रत्न,वास्तु आदि विषयों पर प्रकाशित सामग्री केवल आपकी जानकारी के लिए हैं अतः संबंधित कोई भी कार्य या प्रयोग करने से पहले किसी अच्छी जानकारी वाले ज्योतिषी से संपर्क करे।
*♥️ रमल ज्योतिर्विद आचार्य दिनेश "प्रेमजी", नागौर (राज,)* 
*।।आपका आज का दिन शुभ मंगलमय हो।।* 
🕉️📿🔥🌞🚩🔱ॐ  🇪🇬🔱🔥🔱
vipul

Tags

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.

Below Post Ad