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आज का पञ्चाङ्ग

 *🗓*आज का पञ्चाङ्ग*🗓*

jyotis


*🎈दिनांक  23 मई 2026*
*🎈 वार-   शनिवार*
*🎈 मास - अधिक ज्येष्ठ मास प्रारंभ*
*🎈 पक्ष - शुक्ल पक्ष*
*🎈 विक्रम संवत् - 2083*
*🎈 संवत्सर    पराभव*
*🎈संवत्सर (उत्तर)-    रौद्र*
*🎈 अयन - उत्तरायण*
*🎈 ऋतु - शिशिर*
*🎈तिथि    -    अष्टमी    28:26:31*तत्पश्चात्* नवमी*
*🎈 नक्षत्र - मघा    26:08:21* तत्पश्चात् पूर्व फाल्गुनी ,
*🎈योग    -     ध्रुव    06:12:35* तक तत्पश्चात्     हर्शण*
*🎈करण    - विष्टि भद्र    16:39:51* तक तत्पश्चात् बव *
*🎈राहुकाल -09:08am से 10:50pm (नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*हर जगह का अलग होगा
(राहुकाल वह समय होता है जिसमे किसी भी नये अथवा शुभ कार्य प्रारम्भ करने से बचना चाहिए।)
*🎈चन्द्र राशि-       सिंह    *
*🎈सूर्य राशि-       वृषभ    *
*🎈 सूर्योदय -   05:44:39*
*🎈 सूर्यास्त -        19:19:21* 
*(सूर्योदय एवं सूर्यास्त ,नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*
*🎈दिशा शूल- पूर्व दिशा में*
( किसी भी विशेष कार्य हेतु दिशा शूल वाली दिशा में जाने से बचना चाहिए, यद्यपि यदि उसी दिन जाकर उसी दिन लौटना हैं, अथवा व्यवसाय के दृष्टिकोण से प्रतिदिन जाना ही पड़ता है तो प्रभाव कम हो जाएगा, फिर इस पर विचार करने की आवश्यकता नही है, यदि  किसी कारण वश दिशा शूल में जाना ही पड़े तो सूर्योदय से पूर्व निकलना  श्रेयस्कर होता है, अन्यथा एक  दिन पूर्व प्रस्थान रखकर भी निकला जा सकता हैं।)
*🎈ब्रह्ममुहूर्त - 04:20 ए एम से 05:02 ए एम*
*🎈अभिजित मुहूर्त-  12:05 पी एम से 12:59 पी एम*
*🎈अमृत काल-    11:45 पी एम से 01:21 ए एम, मई 24*
*🎈 निशिता मुहूर्त - 12:11 ए एम, मई 24 से 12:53 ए एम, मई 24*
*🎈रवि योग- 02:09 ए एम, मई 24 से 05:43 ए एम, मई 24*
 *🎈 व्रत एवं पर्व विवरण.अष्टमी व्रत  (मासिक व्रत )*
*🎈विशेष - अष्टमी के पवित्र अवसर पर सात्विकता बनाए रखने के लिए मांसाहार, शराब, प्याज, लहसुन और अन्य तामसिक भोजन का सेवन न करें। इस दिन शुद्धता का विशेष महत्व है, इसलिए घर में बना सादा और शुद्ध भोजन ही करें। इसके साथ ही, अंधेरे में न रहने और क्रोध/कलह से बचने की भी सलाह दी जाती है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: 27.29-34)*
*🎈विशेष:- अधिक जेष्ठ मास महात्म्य *
 👉 जय माँ आदिशक्ति सच्चियाय 🪔 
🎉विक्रम सम्वत 2083 का मन्त्री मण्डल🛟
💥राजा    गुरु👑 - शासन व्यवस्था के स्वामी    💢सेनाधिपति    चन्द्र⚔️ - रक्षा मन्त्री एवं सेनानायक
💢मन्त्री    मंगल⚜️ - नीतियों एवं प्रशासन के 💢स्वामी    धान्याधिपति    बुध🌻 - रबी की फसलों के स्वामी
💢सस्याधिपति    गुरु🌾 - खरीफ की फसलों के स्वामी    
🛟मेघाधिपति    चन्द्र🌧 - मेघ एवं वर्षा के स्वामी
💢धनाधिपति    गुरु💰 - धन एवं कोष के स्वामी    नीरसाधिपति    
💢गुरु🪙 - धातु, खनिज आदि के स्वामी
🛟रसाधिपति    शनि🍯 - रस एवं द्रव पदार्थों के स्वामी    फलाधिपति    
चन्द्र🍎 - फल-पुष्पादि के स्वामी
kundli


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        🛟 नागौर, राजस्थान, (भारत)    
         मानक सूर्योदय के अनुसार।*🛟
         *🛟चोघडिया, दिन का🛟*
day




           🛟चोघडिया, रात्🛟*
night


 
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     🚩*श्रीगणेशाय नमोनित्यं*🚩
    🚩*☀जय मां सच्चियाय* 🚩 
  #🌕 👉 👉🦚❤️💐 🌼🪔🏓🎊
         💕🛟प्रात: विशेष🕉️🌺

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🔱🌹🌸💢पद्मनाभ मंदिर का छठा दरवाजा: 💢🔱

  🙏 
"पद्मनाभ मंदिर का छठा दरवाजा: 
1. केरल की धरती पर सोने का समंदर

तिरुवनंतपुरम। केरल की राजधानी। और इसके दिल में बैठा है दुनिया का सबसे अमीर मंदिर - श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर। भगवान विष्णु यहाँ शेषनाग पर लेटे हुए हैं, अनंत शयन मुद्रा में। 18 फीट की विशाल मूर्ति। 12008 शालिग्राम शिलाओं से बनी। 

पर मंदिर की असली चर्चा मूर्ति की नहीं है। चर्चा है इसके 6 तहखानों की। A, B, C, D, E, F। 

2011 में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर 5 दरवाजे खोले गए। जो निकला, उसने दुनिया हिला दी। 
तहखाना A: 1 लाख करोड़ से ज्यादा का खजाना। सोने के सिक्के, हीरे के हार, नवरत्न जड़ित मुकुट। 3.5 फीट ऊँची सोने की विष्णु मूर्ति। 18 फीट लंबी सोने की चेन। 
तहखाना C, D, E, F: बर्तन, चांदी, रोजमर्रा का सामान। कुछ हजार करोड़। 

कुल मिलाकर 1.32 लाख करोड़ का आधिकारिक अनुमान। अनाधिकारिक कहते हैं 10 लाख करोड़ से ऊपर। 

पर तहखाना B यानी छठा दरवाजा... वो आज तक नहीं खुला। 2026 है। 15 साल हो गए। क्यों?

2. छठे दरवाजे की पहचान: नाग बंधन

तहखाना B को देखते ही समझ आ जाता है ये अलग है। 

दरवाजे पर लोहे की बड़ी जंजीरें नहीं हैं। कोई ताला नहीं है। बल्कि दरवाजे पर दो विशाल नाग बने हुए हैं। आपस में लिपटे हुए। और उनके बीच में एक चक्र। 

पुजारी कहते हैं इसे "नाग बंधनम" कहते हैं। सिद्ध योगियों का बनाया ताला। मंत्र से बंद किया गया। चाबी इंसान की नहीं, मंत्र की है। 

त्रावणकोर राजघराने के मुखिया मार्तंड वर्मा ने 2011 में कहा था: "तहखाना B खोलना मतलब महाविनाश को न्योता देना।" 

2014 में सुप्रीम कोर्ट ने एक्सपर्ट कमेटी बनाई। कमेटी दरवाजे तक गई। ऑडियो स्कैन किया। अंदर से पानी के बहने, समुद्र की लहरों जैसी आवाजें आईं। और एक और आवाज - साँपों के फुफकारने जैसी। 

कमेटी वापस आ गई। रिपोर्ट में लिखा: "खोलना खतरे से खाली नहीं।" 

3. 3 बड़े कारण: क्यों बंद है दरवाजा

कारण 1: श्राप का डर - संतों की चेतावनी

पद्मनाभ मंदिर के मुख्य तंत्री नीलकंठन नंबूदरी ने शपथ पत्र दिया: "तहखाना B को 1880 में आखिरी बार खोला गया था। तब अकाल पड़ा था। हजारों मरे थे। दोबारा 1931 में खोलने की कोशिश हुई। भूचाल आया। 7 पुजारी मरे।" 

कहानी है कि 16वीं सदी में सिद्ध योगी कनकम्मा ने इस दरवाजे को बंद किया था। मंत्र पढ़ा: "गरुड़ मंत्र"। सिर्फ वही खोल सकते हैं जो गरुड़ मंत्र का सही उच्चारण जानते हों। गलत पढ़ा तो नाग जाग जाएँगे। 

कौन से नाग? शास्त्र कहते हैं भगवान विष्णु के शयन कक्ष की रक्षा दो इच्छाधारी नाग करते हैं - वासुकी और तक्षक। वो तहखाने में सो रहे हैं। 

2016 में एक तांत्रिक ने दावा किया "मैं खोल दूँगा"। वो दरवाजे के पास मंत्र पढ़ने बैठा। 7 मिनट बाद नाक से खून बहने लगा। तीसरे दिन मरा। कारण: ब्रेन हेमरेज। 

कारण 2: वैज्ञानिक कारण - समंदर का कनेक्शन

ISRO और IIT के वैज्ञानिकों ने 2012 में ग्राउंड पेनिट्रेटिंग रडार से स्कैन किया। रिपोर्ट: तहखाना B के नीचे 40 फीट गहरी सुरंग है। वो सुरंग अरब सागर से जुड़ती है। 

समंदर सिर्फ 3 किमी दूर है। अगर दरवाजा खुला और सुरंग टूटी, तो पूरा तिरुवनंतपुरम डूब सकता है। 

मंदिर 8वीं सदी का है। तब समुद्र स्तर अलग था। इंजीनियर मानते हैं कि तहखाना B असल में "फ्लड चैंबर" है। युद्ध या हमले में दुश्मन आए तो मंदिर वाले समंदर का पानी अंदर छोड़ देते। पूरा खजाना पानी में, दुश्मन भी डूब जाते। 

1880 में जब अकाल पड़ा था, तब भी रिकॉर्ड है कि मंदिर के कुएँ खारे हो गए थे। यानी समंदर का पानी अंदर आया था। 

कारण 3: राजघराने का राज - असली खजाना

त्रावणकोर राजघराने ने 1750 से 1949 तक केरल पर राज किया। मार्तंड वर्मा ने "त्रिप्पडि दानम" किया था - अपना पूरा राज्य भगवान पद्मनाभ को दान। तब से राजा खुद को "पद्मनाभ दास" कहते थे। यानी भगवान के नौकर। 

खजाना असल में राजघराने का नहीं, भगवान का है। 

पर अफवाह है कि तहखाना B में सिर्फ सोना नहीं है। वहाँ है "त्रावणकोर का राज"। 

क्या मतलब? 
पद्मनाभ की मूर्ति का मूल: कहते हैं असली मूर्ति काठ की है। 12008 शालिग्राम उसके ऊपर लगाए गए। पर काठ की मूर्ति में एक यंत्र है। "अष्ट सिद्धि यंत्र"। जो उसे छू ले, उसे 8 सिद्धियाँ मिलती हैं। वो यंत्र तहखाना B में है। 
विदेशी लूट का हिसाब: टीपू सुल्तान, डच, अंग्रेज - सबने केरल पर हमला किया। त्रावणकोर अकेला राज्य था जो कभी गुलाम नहीं बना। क्यों? क्योंकि हर बार हमले से पहले खजाना गायब हो जाता। तहखाना B में वो "वॉर स्ट्रेटेजी" के दस्तावेज हैं। 
मार्टंड वर्मा का खून: कहते हैं मार्तंड वर्मा ने अपने 8 भाइयों को मारकर गद्दी ली थी। उनका खून और पाप तहखाना B में बंद है। खुलेगा तो राजघराना खत्म। 

4. 7 दिन का अनुष्ठान: खोलने का तरीका

ग्रंथ "अनंतपुर वर्णनम" में लिखा है कि तहखाना B खोलने के 3 नियम हैं: 

गरुड़ मंत्र: सिर्फ जन्म से ब्राह्मण, वो भी पद्मनाभ मंदिर का मुख्य तंत्री, 7 दिन तक अन्न-जल त्यागकर गरुड़ मंत्र का 1 लाख जाप करे। 
नाग शांति: 1008 साँपों को दूध पिलाया जाए। 
राजा की अनुमति: त्रावणकोर का असली वारिस "पद्मनाभ दास" खुद मौजूद हो। 

समस्या? आखिरी "पद्मनाभ दास" उथ्रादम थिरुनल मार्तंड वर्मा 2013 में मर गए। उनके बाद कोई राजा नहीं। राजघराना कहता है "अब भगवान ही राजा हैं"। 

यानी तीसरी शर्त कभी पूरी नहीं हो सकती। दरवाजा इसलिए बंद है क्योंकि उसे खोलने का "अधिकार" ही खत्म हो गया। 

5. अंदर क्या है: 5 थ्योरी

थ्योरी 1: चंबा का खजाना  
कहते हैं 1780 में जब हैदर अली ने हमला किया, तो त्रावणकोर ने अपना आधा खजाना तहखाना B में छिपाया। 5000 किलो सोना। 

थ्योरी 2: विष्णु का सुदर्शन चक्र  
कुछ संत मानते हैं कि कलयुग में जब अधर्म बढ़ेगा, तो भगवान का असली सुदर्शन चक्र तहखाना B से निकलेगा। वो चक्र अभी नागों के पहरे में है। 

थ्योरी 3: डेड बॉडी  
2011 में जब तहखाना A खुला, तो ऑक्सीजन लेवल 2% था। लोग 5 मिनट में मर जाते। तहखाना B 200 साल से बंद है। वैज्ञानिक कहते हैं वहाँ मीथेन, कार्बन मोनोऑक्साइड भरी होगी। साथ में सैकड़ों साल पुरानी लाशें। युद्धबंदी, खजाने के रक्षक - जिन्हें खजाने के साथ जिंदा दफना दिया गया ताकि राज न खुले। 

थ्योरी 4: समंदर का दरवाजा  
तहखाना B दरवाजा नहीं, "डैम" है। उसके पीछे अरब सागर का प्रेशर है। खोला तो सुनामी। 

थ्योरी 5: कुछ भी नहीं  
सबसे डरावनी थ्योरी। त्रावणकोर राजा इतने चतुर थे। उन्होंने 5 तहखाने भर दिए। छठे को खाली रखा। अफवाह फैला दी "श्राप है"। ताकि कोई चोरी की कोशिश न करे। असली खजाना पहले ही कहीं और शिफ्ट कर दिया। 

6. 2025 की नई रिपोर्ट: सुप्रीम कोर्ट क्या बोला?

2025 में सुप्रीम कोर्ट ने फिर सुनवाई की। याचिका थी: "तहखाना B खोलो, देश का कर्ज उतरेगा"। 

कोर्ट ने कहा: "आस्था का सवाल है। हम जबरदस्ती नहीं खोल सकते।" 
पर कोर्ट ने 3 बातें मानीं: 
मंदिर ट्रस्ट को दरवाजा खोलने की कोई जल्दी नहीं। 
3D इमेजिंग से बिना खोले अंदर देखा जाए। 
अगर कभी खोला गया, तो LIVE टेलीकास्ट हो। 

3D इमेजिंग हुई। रिपोर्ट सीलबंद है। लीक हुई खबर: "अंदर चैंबर है। 15x15 फीट। बीच में कुछ रखा है। धातु का। पर सोना नहीं लगता।" 

7. तो आखिर क्यों बंद है?

100 साल से बंद दरवाजे के 7 जवाब हैं: 

धर्म: नाग बंधनम, गरुड़ मंत्र, श्राप। खोलोगे तो विनाश। 
विज्ञान: समंदर से जुड़ी सुरंग, गैस, प्रेशर। खोलोगे तो तिरुवनंतपुरम डूबेगा। 
कानून: राजा नहीं है, तो अधिकार किसका? कोर्ट भी डरता है। 
राजनीति: 10 लाख करोड़ का खजाना। खोला तो लड़ाई होगी - राज्य का या केंद्र का? 
राजघराना: उनके पुरखों का पाप, वॉर क्राइम, सीक्रेट। खुला तो बदनामी। 
परंपरा: 200 साल से बंद है। "जो बंद है, उसे बंद रहने दो" - ये त्रावणकोर का नियम है। 
रहस्य: शायद इंसान को कुछ चीजें न जानने में ही भलाई है। 

8. आखिरी बात: क्या कभी खुलेगा?

पद्मनाभ मंदिर के ज्योतिषी कहते हैं: "कलयुग के अंत में, जब धर्म खत्म होगा, तब एक बालक पैदा होगा। वो पद्मनाभ दास कहलाएगा। वही गरुड़ मंत्र से दरवाजा खोलेगा। 


🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹।      💥“ज्ञान ही सच्ची संपत्ति है।
      बाकी सब क्षणभंगुर है।”💥
     🌼 ।। जय श्री कृष्ण ।।🌼
       💥।। शुभम् भवतु।।💥
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*♥️~यह पंचांग नागौर (राजस्थान) सूर्योदय के अनुसार है।*
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💥*राशि रत्न,वास्तु आदि विषयों पर प्रकाशित सामग्री केवल आपकी जानकारी के लिए हैं अतः संबंधित कोई भी कार्य या प्रयोग करने से पहले किसी अच्छी जानकारी वाले ज्योतिषी से संपर्क करे।
*♥️ रमल ज्योतिर्विद आचार्य दिनेश "प्रेमजी", नागौर (राज,)* 
*।।आपका आज का दिन शुभ मंगलमय हो।।* 
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