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पञ्चाङ्ग - 06 फरवरी 2026

 *🗓*आज का पञ्चाङ्ग*🗓*

jyotis


*🎈दिनांक - 06 फरवरी 2026*
*🎈 दिन-   गुरुवार*
*🎈 विक्रम संवत् - 2082*
*🎈 अयन - दक्षिणायण*
*🎈 ऋतु - शरद*
*🎈 मास - फाल्गुन मास*
*🎈 पक्ष - कृष्ण पक्ष*
*🎈तिथि-     पंचमी    25:17:59**तक* तत्पश्चात     षष्ठी*
*🎈 नक्षत्र -            हस्त    24:22:54* तक तत्पश्चात्     चित्रा👇
*🎈 योग    -     धृति    23:36:10* तक तत्पश्चात् शूल*
*🎈करण    -         कौलव    12:44:33 तक तत्पश्चात्  तैतुल*
*🎈राहुकाल -11:27 पी एम से 12:49:पी एम. (नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*हर जगह का अलग होगा
(राहुकाल वह समय होता है जिसमे किसी भी नये अथवा शुभ कार्य प्रारम्भ करने से बचना चाहिए।)*
*🎈चन्द्र राशि-    कन्या*
*🎈सूर्य राशि-     मकर    *
*🎈 सूर्योदय-07:19:30am*
*🎈सूर्यास्त -        18:19:00  pm* 
*(सूर्योदय एवं सूर्यास्त ,नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*
*🎈दिशा शूल- पश्चिम दिशा में*
( किसी भी विशेष कार्य हेतु दिशा शूल वाली दिशा में जाने से बचना चाहिए, यद्यपि यदि उसी दिन जाकर उसी दिन लौटना हैं, अथवा व्यवसाय के दृष्टिकोण से प्रतिदिन जाना ही पड़ता है तो प्रभाव कम हो जाएगा, फिर इस पर विचार करने की आवश्यकता नही है, यदि  किसी कारण वश दिशा शूल में जाना ही पड़े तो सूर्योदय से पूर्व निकलना  श्रेयस्कर होता है, अन्यथा एक  दिन पूर्व प्रस्थान रखकर भी निकला जा सकता हैं।)
*🎈ब्रह्ममुहूर्त - 05:34 ए एम से 06:26 ए एम(नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*
*🎈अभिजित मुहूर्त- 12:27 पी एम से 01:11 पी एम*
*🎈 निशिता मुहूर्त - 12:23 ए एम, फरवरी 07 से 01:15 ए एम, फरवरी 07*
 *🎈 अमृत काल    -06:02 पी एम से 07:44 पी एम*
*🎈 व्रत एवं पर्व- ... पंचमी*
*🎈विशेष फाल्गुन मास महात्म्य *
 🙏 जय माँ आदिशक्ति सच्चियाय 🙏
kundli



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    *🛟चोघडिया, दिन का🛟*
   नागौर, राजस्थान, (भारत)    
   मानक सूर्योदय के अनुसार।*
day

🛟

    
        *🛟चोघडिया, रात्🛟*
night

*🛟 
 


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     🚩*श्रीगणेशाय नमोनित्यं*🚩
    🚩*☀जय मां सच्चियाय* 🚩 
  #🌕 👉 👉🦚❤️💐 🌼🪔🌷❤️💐🌼🪔❤️💐👉 ✍️ ★√*🛡️🌹

🌿✨ हेमन्त की शीतलता में, दरिद्रता का दहन और समृद्धि का उदय! 🐘✨

क्या आप जानते हैं कि स्वयं महादेव ने माता पार्वती के पूछने पर 'ऋण' रूपी अंधकार से मुक्ति का सबसे शक्तिशाली मार्ग किसे बताया था?

ब्रह्मांड के समस्त विघ्नों के अधिपति, आदिदेव भगवान श्री गणेश की आराधना केवल बाधाएं ही नहीं हरती, बल्कि जन्म-जन्मांतर के आर्थिक कष्टों और 'ऋण' (Debts) का समूल नाश कर देती है। आज मैं आपके समक्ष साझा कर रहा हूँ — "॥ ऋणहर्ता श्री गणेश स्तोत्रम् ॥"

यह केवल शब्द नहीं, बल्कि साक्षात् 'मंत्र-शक्ति' है। इस स्तोत्र की महिमा ऐसी है कि स्वयं ब्रह्मा जी ने सृष्टि के प्रारंभ में, महादेव ने त्रिपुरासुर वध से पूर्व, और श्री हरि विष्णु ने हिरण्यकश्यप के संहार हेतु इसका आश्रय लिया था।

🔱 दिव्य पाठ विधि (The Ritual):
इस स्तोत्र का पूर्ण लाभ लेने हेतु एक निश्चित अनुशासन आवश्यक है:

काल: प्रातः काल स्नानादि से निवृत्त होकर लाल वस्त्र धारण करें।

आसन: कुशा या ऊनी आसन पर पूर्व या उत्तर की ओर मुख करके बैठें।

पूजन: श्री गणेश जी की प्रतिमा के सम्मुख शुद्ध घी का दीपक प्रज्वलित करें और उन्हें सिन्दूर व दूर्वा अर्पित करें।

संकल्प: हाथ में जल लेकर अपनी ऋण-मुक्ति और सुख-समृद्धि हेतु संकल्प लें।

जप: प्रतिदिन कम से कम एक पाठ करें। फलश्रुति के अनुसार, एक वर्ष तक निरंतर पाठ करने से कुबेर के समान वैभव की प्राप्ति संभव है।

📜 ॥ ऋणहर्ता श्री गणेश स्तोत्रम् ॥
विनियोगः ॐ अस्य श्रीऋणहरणकर्तृगणपतिस्तोत्रमन्त्रस्य सदाशिव ऋषिः। अनुष्टुप् छन्दः। श्रीऋणहरणकर्तृगणपतिर्देवता। ग्लौं बीजम्। गः शक्तिः। गों कीलकम्। मम सकलऋणनाशने जपे विनियोगः॥

ध्यानम्: सिन्दूरवर्णं द्विभुजं गणेशं लम्बोदरं पद्मदले निविष्टम्। ब्रह्मादिदेवैः परिसेव्यमानं सिद्धैर्युतं तं प्रणमामि देवम्॥

स्तोत्र-पाठः: सृष्ट्यादौ ब्रह्मणा सम्यक् पूजितः फलसिद्धये। सदैव पार्वतीपुत्र ऋणनाशं करोतु मे॥ १॥

त्रिपुरस्य वधात्पूर्वं शम्भुना सम्यगर्चितः। सदैव पार्वतीपुत्र ऋणनाशं करोतु मे॥ २॥

हिरण्यकश्यपादीनां वधार्थे विष्णुनार्चितः। सदैव पार्वतीपुत्र ऋणनाशं करोतु मे॥ ३॥

महिषस्य वधे देव्या गणनाथः प्रपूजितः। सदैव पार्वतीपुत्र ऋणनाशं करोतु मे॥ ४॥

तारकस्य वधात्पूर्वं कुमारेण प्रपूजितः। सदैव पार्वतीपुत्र ऋणनाशं करोतु मे॥ ५॥

भास्करेण गणेशस्तु पूजितश्छविसिद्धये। सदैव पार्वतीपुत्र ऋणनाशं करोतु मे॥ ६॥

शशिना कान्तिसिद्ध्यर्थं पूजितो गणनायकः। सदैव पार्वतीपुत्र ऋणनाशं करोतु मे॥ ७॥

पालनाय च तपसां विश्वामित्रेण पूजितः। सदैव पार्वतीपुत्र ऋणनाशं करोतु मे॥ ८॥

फलश्रुतिः: इदं त्वृणहरं स्तोत्रं तीव्रदारिद्र्यनाशनम्। एकवारं पठेन्नित्यं वर्षमेकं समाहितः॥ दारिद्र्यं दारुणं त्यक्त्वा कुबेरसमतां व्रजेत्। सहस्रावर्तनात् सद्यो वाञ्छितं लभते फलम्॥

॥ इति श्रीकृष्णयामलतन्त्रागत-उमामहेश्वरसंवादे ऋणहर्ता श्री गणेश स्तोत्रम् सम्पूर्णम् ॥

विघ्नहर्ता आपके जीवन के सभी अभावों को दूर कर आपको ऐश्वर्य प्रदान करें। यदि आप भी श्री गणेश की कृपा के अभिलाषी हैं, तो कमेंट में 'जय श्री गणेश' लिखकर अपनी उपस्थिति दर्ज करें। 🙏🧡

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.     💥“ज्ञान ही सच्ची संपत्ति है।
      बाकी सब क्षणभंगुर है।”💥
     🌼 ।। जय श्री कृष्ण ।।🌼
       💥।। शुभम् भवतु।।💥

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🔱🇪🇬जय श्री महाकाल सरकार 🔱🇪🇬 मोर मुकुट बंशीवाले  सेठ की जय हो 🪷*
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*♥️~यह पंचांग नागौर (राजस्थान) सूर्योदय के अनुसार है।*
*अस्वीकरण(Disclaimer)पंचांग, धर्म, ज्योतिष, त्यौहार की जानकारी शास्त्रों से ली गई है।*
*हमारा उद्देश्य मात्र आपको  केवल जानकारी देना है। इस संदर्भ में हम किसी प्रकार का कोई दावा नहीं करते हैं।*
*राशि रत्न,वास्तु आदि विषयों पर प्रकाशित सामग्री केवल आपकी जानकारी के लिए हैं अतः संबंधित कोई भी कार्य या प्रयोग करने से पहले किसी संबद्ध वि12:19 ए एम, जनवरी 19 से 01:12 ए एम, जनवरी 19शेषज्ञ से परामर्श अवश्य लेवें...*
*♥️ रमल ज्योतिर्विद आचार्य दिनेश "प्रेमजी", नागौर (राज,)* 
*।।आपका आज का दिन शुभ मंगलमय हो।।* 
🕉️📿🔥🌞🚩🔱ॐ  🇪🇬🔱🔥🔱
vipul

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