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पञ्चाङ्ग - 13-01-2026

 *🗓*आज का पञ्चाङ्ग*🗓*

ज jyotis



*🎈दिनांक - 13 जनवरी 2026*
*🎈 दिन-  मंगलवार*
*🎈 विक्रम संवत् - 2082*
*🎈 अयन - दक्षिणायण*
*🎈 ऋतु - शरद*
*🎈 मास - माघ मास*
*🎈 पक्ष - कृष्ण पक्ष*
*🎈तिथि-    दशमी    15:17:22  तक तत्पश्चात् एकादशी*
*🎈 नक्षत्र -     विशाखा    24:05:39 तक तक तत्पश्चात्     अनुराधा    *
*🎈 योग    - शूल    19:03:44 तक*pm तत्पश्चात्  गण्ड*     
*🎈करण    -         विष्टि भद्र    15:17:21 तक am तक तत्पश्चात्     बव*
*🎈राहुकाल -हर जगह का अलग है- 03:22:00am to 04:41 pm तक (नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*
*🎈चन्द्र राशि    - तुला    * till 17:20:17
*🎈चन्द्र राशि-     वृश्चिक    from 17:20:17*
*🎈सूर्य राशि-     धनु*
*🎈सूर्योदय - :07:27:34am*
*🎈सूर्यास्त -    18:00:05pm* 
*(सूर्योदय एवं सूर्यास्त ,नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*
*🎈दिशा शूल - उत्तर दिशा में*
*🎈ब्रह्ममुहूर्त - 05:39 ए एम से 06:33 ए एम*(नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*
*🎈अभिजित मुहूर्त- 12:23 पी एम से 01:05 पी एम*
*🎈 निशिता मुहूर्त - 12:17 ए एम, जनवरी 14 से 01:11 ए एम, जनवरी 14*
*🎈    अमृत काल-    02:12 ए एम से 04:00 पी एम*
*🎈 व्रत एवं पर्व- ......दशमी*
*🎈विशेष माघ मास महात्म्य *
माघ मास प्रयागराज में कल्पवास चल रहा है* 

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    *🛟चोघडिया, दिन🛟*
   नागौर, राजस्थान, (भारत)    
   मानक सूर्योदय के अनुसार।

day



*🛟*
    
        *🛟चोघडिया, रात्🛟*
night


  
 *🛟*

     🚩*श्रीगणेशाय नमोनित्यं*🚩
    🚩*☀जय मां सच्चियाय* 🚩
🌷 ..# 💐🍁🍁✍️ | #🌕 👉 
👉🦚❤️💐 🌼🪔🌷❤️💐97 ji 🌼🪔❤️💐👉 ✍️ ★
√●*🛡️√●*🇯🇵*🛡️नव ग्रह में जिस प्रकार #सूर्य_को_राजा का दर्जा प्राप्त है उसी प्रकार चंद्र को स्त्री ग्रह होने के कारण रानी का पद मिला है। ★ 🔅👇
भाग (३) बाकी है।...
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मेरे आत्मीय मित्रों यथोचित अभिवादन।
     मकर संक्रांति पर्व सनातन संस्कृति में महत्वपूर्ण स्थान रखता है।
     इस वर्ष सूर्य का मकर राशि में प्रवेश 14/01/2026 दिन बुधवार को दिन में 03:07 पर होगा।
    उल्लेखनीय है कि सूर्य की प्रत्येक संक्रांति के लिए धर्मसम्मत नियम यह है कि संक्रांति लगने के 16 घटी अर्थात् छह घंटे २४ मिनट पूर्व से संक्रांति काल (सूर्य के किसी भी राशि में प्रवेश का समय) तक सामान्य पुण्य काल और संक्रांति काल से छह घंटे २४ मिनट पश्चात् तक विशेष पुण्य काल रहता है। यह नियम विपरीत क्रम में भी कुछ राशियों पर होता है.
.....यद्यपि मकर संक्रांति के लिए विशेष नियम हैं कि यदि मकर संक्रांति संध्या के बाद लगे तो इसका पुण्यकाल 40 घटी अर्थात् 16 घंटे (पर) लिया जाता है, परंतु बुधवार को संक्रांति दिन में ही लग रही है, अत: यहाँ विशेष नियम लागू नहीं होगा. ऐसे ही कर्क संक्रान्ति के लिए भी विशेष नियम है.
..... चूंकि इस वर्ष मकर संक्रांति 03:07 पर  दिन में लग रही है, अत: संक्रांति का सामान्य पुण्य काल सुबह 08:43 से अपरान्ह 03:07 (संक्रान्ति काल) बजे तक, तथा विशेष पुण्य काल अपरान्ह 03:07 (संक्रान्ति काल) से सूर्यास्त तक रहेगा।
.....दिन 03:07 से सूर्यास्त तक सर्वोत्तम समय है. 
.....नियमानुसार मकर संक्रांति (खिचड़ी पर्व)  बुधवार 14/01/2026 को मनाना धर्मसम्मत है. 
..... विशेष पुण्य काल ग्रहण करना चाहिए, यह उत्तम होता है ।
.....मकर संक्रांति के दिन गंगा स्नान या अन्य किसी पवित्र नदी में स्नान का महत्व है, यदि गंगा स्नान न कर सकें तो घर में ही एक बाल्टी में थोड़ा गंगा जल डाल कर बाद में उसमें पानी मिला लीजिए और उस जल से स्नान करिए, यह भी गंगा स्नान के समान ही पुण्यदायक है।
.....यदि गंगा जल न उपलब्ध हो तो थोड़ा कपूर और यदि हो तो थोड़ा कुश, स्नान में प्रयुक्त होने वाले जल में डाल कर स्नान करें. 
.....जो बंधु यज्ञोपवीत धारण करते हैं, वे संक्रान्ति पर नया यज्ञोपवीत धारण करें. 
.....मकर संक्रांति पर विशेष रूप से गंगासागर तीर्थ की यात्रा की जाती है. 
.....मकर संक्रांति में काले उर्द की दाल की खिचड़ी, आलू, शकरकंद, शक्कर, नमक, घी, काले तिल या काले तिल के लड्डू, गुड़, पापड़, अचार, लकड़ी, कम्बल आदि का यथाशक्ति दान करना चाहिए।
     इस संक्रांति में कोई भी गृहोपयोगी वस्तु १४ की संख्या में खिचड़ी व कुछ दक्षिणा के साथ दान करने का विधान है।
     देश के कुछ स्थानों पर आज पतंग उड़ाने का भी रिवाज़ है।
     मकर संक्रांति से निरयण मतानुसार सूर्य उत्तरायण हो जाते हैं, और धनु (खर मास) माह समाप्त होता है। संकल्पादि में प्रयोजनीय शिशिर ऋतु प्रारम्भ हो जाती है।
    मांगलिक कार्य प्रारम्भ हो जाते हैं। 
     आप सभी मित्रों को मकर संक्रांति पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं बधाई।
..... श्री सूर्य नारायण की कृपा सभी मित्रों पर बनी रहे।
.....विशेष नोट –इस वर्ष मकर संक्रांति के दिन षटतिला एकादशी भी पड़ रही है, जिस पर एक मतभेद है, कि एकादशी को चावल नहीं खाना चाहिए, उल्लेखनीय है कि विशेष पर्वादि पर इस तरह की वर्जनाओं का महत्व नहीं होता, वैसे भी यह वैष्णव अखाडो की मान्यता है, स्मार्त जन अर्थात् गृहस्थ जनों के लिए नहीं. 
.....सभी गृहस्थ जन बुधवार 14 जनवरी को खिचड़ी पर्व मनाएं, डोन्ट वरी. 
......इसके बाद भी जो सज्जन चावल निषेध को महत्व देना चाहते हैं, अर्थात् एकादशी के कारण चावल नहीं खाना चाहते हैं, वे गुरुवार 15 जनवरी को सूर्योदय से सुबह 07:07 तक खिचड़ी पर्व मना सकते हैं, यहाँ पर 40 घटी अर्थात् 16 घंटे वाला नियम लागू रहेगा. 
.....जय महाशक्ति जय महादेव।.. जय माँ 🌹

.     💥“ज्ञान ही सच्ची संपत्ति है।
      बाकी सब क्षणभंगुर है।”💥
     🌼 ।। जय श्री कृष्ण ।।🌼
       💥।। शुभम् भवतु।।💥

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🔱🇪🇬जय श्री महाकाल सरकार 🔱🇪🇬 मोर मुकुट बंशीवाले  सेठ की जय हो 🪷*
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*♥️~यह पंचांग नागौर (राजस्थान) सूर्योदय के अनुसार है।*
*अस्वीकरण(Disclaimer)पंचांग, धर्म, ज्योतिष, त्यौहार की जानकारी शास्त्रों से ली गई है।*
*हमारा उद्देश्य मात्र आपको  केवल जानकारी देना है। इस संदर्भ में हम किसी प्रकार का कोई दावा नहीं करते हैं।*
*राशि रत्न,वास्तु आदि विषयों पर प्रकाशित सामग्री केवल आपकी जानकारी के लिए हैं अतः संबंधित कोई भी कार्य या प्रयोग करने से पहले किसी संबद्ध विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लेवें...*
*♥️ रमल ज्योतिर्विद आचार्य दिनेश "प्रेमजी", नागौर (राज,)* 
*।।आपका आज का दिन शुभ मंगलमय हो।।* 
🕉️📿🔥🌞🚩🔱ॐ  🇪🇬🔱
vipul

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