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पञ्चाङ्ग -22 फरवरी 2026

 *🗓*आज का पञ्चाङ्ग*🗓*

jyotis


*🎈दिनांक -22 फरवरी 2026*
*🎈 दिन-  रविवार*
*🎈 विक्रम संवत् - 2082*
*🎈 अयन - दक्षिणायण*
*🎈 ऋतु - शिशिर*
*🎈 मास - फाल्गुन मास*
*🎈 पक्ष - शुक्ला पक्ष*
*🎈तिथि-     पंचमी    11:09:23*। तक तत्पश्चात् *
*🎈 तिथि    षष्ठी-    09:08:40*
*🎈 तिथि    सप्तमी-    31:01:28*(क्षय )
*🎈 नक्षत्र -    अश्विनी    17:53:40* तक तत्पश्चात्         भरणी    👇
*🎈 योग    -     शुक्ल    13:07:36* तक तत्पश्चात्         ब्रह्म*
*🎈करण    -     बालव    11:09:23* तक तत्पश्चात् कौलव*
*🎈राहुकाल -05:05 pm से 06: 30pm(नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*हर जगह का अलग होगा
(राहुकाल वह समय होता है जिसमे किसी भी नये अथवा शुभ कार्य प्रारम्भ करने से बचना चाहिए।)*
*🎈 चन्द्र राशि-     मेष*
*🎈सूर्य राशि-      कुम्भ    *
*🎈 सूर्योदय-07:07:17am*
*🎈सूर्यास्त -        18:30:08*pm* 
*(सूर्योदय एवं सूर्यास्त ,नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*
*🎈दिशा शूल- पश्चिम दिशा में*
( किसी भी विशेष कार्य हेतु दिशा शूल वाली दिशा में जाने से बचना चाहिए, यद्यपि यदि उसी दिन जाकर उसी दिन लौटना हैं, अथवा व्यवसाय के दृष्टिकोण से प्रतिदिन जाना ही पड़ता है तो प्रभाव कम हो जाएगा, फिर इस पर विचार करने की आवश्यकता नही है, यदि  किसी कारण वश दिशा शूल में जाना ही पड़े तो सूर्योदय से पूर्व निकलना  श्रेयस्कर होता है, अन्यथा एक  दिन पूर्व प्रस्थान रखकर भी निकला जा सकता हैं।)

*🎈ब्रह्ममुहूर्त - 05:25 ए एम से 06:16 ए एम*
*🎈अभिजित मुहूर्त- 12:26 पी एम से 01:12 पी एम*
*🎈 अमृत काल-03:28 पी एम से 05:01 पी एम*
*🎈 निशिता मुहूर्त - 12:23 ए एम, फरवरी 23 से 01:14 ए एम, फरवरी 23*
*🎈 सर्वार्थ सिद्धि योग-    07:06 ए एम से 05:54 पी एम*
*🎈 अमृत काल योग-07:06 ए एम से 05:54 पी एम*
 *🎈 व्रत एवं पर्व व्रत *पंचमी

*🎈विशेष फाल्गुन मास महात्म्य *
 🙏 जय माँ आदिशक्ति सच्चियाय 🙏

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    *🛟चोघडिया, दिन का🛟*
   नागौर, राजस्थान, (भारत)    
   मानक सूर्योदय के अनुसार।*
day

🛟

    
        *🛟चोघडिया, रात्🛟*
night

*🛟 
 


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     🚩*श्रीगणेशाय नमोनित्यं*🚩
    🚩*☀जय मां सच्चियाय* 🚩 
  #🌕 👉 👉🦚❤️💐 🌼🪔🌷❤️💐🌼🪔❤️💐👉 ✍️ ★√*🛡️🌹

🌿✨  #*🕉️ #🌺#शुक्र सूर्य के साथ सम्बंध में रहकर परम वैभव कारक हो जाते हैँ...
शुक्र चंद्र के साथ रहकर परम चंचल हो जाते हैँ..

शुक्र मंगल के साथ रहकर परम महत्वकांक्षी हो जाते हैँ...
शुक्र बुध के साथ रहकर परम व्ययी हो जाते हैँ...

शुक्र गुरु के साथ रहकर परम सौभाग्य शाली हो जाते हैँ यहाँ धन एवं धर्म दोनों का ही सुख प्राप्त होता है...

शुक्र शनि के साथ रहकर परम प्रगति शील हो जाते हैँ.. हाँ यहाँ प्राप्ति केवल सदमार्ग पर चलकर ही होगी,गलत मार्ग से हुई प्रगति अपयश के साथ नष्ट हो जाएगी...

शुक्र राहु के साथ रहकर परम मायावी हो जाते हैँ..
और शुक्र केतु के साथ रहकर परम उदासीन हो जाते हैँ...


लगने वाला है साल का सबसे लंबा चंद्र ग्रहण, 1 गलती पड़ सकती है भारी

● साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण 3 मार्च, मंगलवार को पड़ रहा है, खास बात यह है कि यह वर्ष का सबसे लंबी अवधि वाला चंद्र ग्रहण माना जा रहा है, इस दिन चंद्रमा सिंह राशि में स्थित रहेंगे, चूंकि यह ग्रहण भारत में दिखाई देगा, इसलिए यहां सूतक काल भी मान्य रहेगा।
● चंद्र ग्रहण 2026 का समय - 3 मार्च को चंद्र ग्रहण दोपहर 3 बजकर 20 मिनट से आरंभ होगा, यह शाम 6 बजकर 47 मिनट पर समाप्त होगा, पूर्ण चंद्र ग्रहण (खग्रास अवस्था) की शुरुआत शाम 4 बजकर 34 मिनट से होगी, यही वह समय होता है जब चंद्रमा पूरी तरह पृथ्वी की छाया में आ जाता है।
● भारत में कितनी देर दिखेगा ग्रहण - भारत में इस दिन चंद्रोदय शाम 6 बजकर 22 मिनट पर होगा, चूंकि ग्रहण की समाप्ति 6 बजकर 47 मिनट पर है, इसलिए भारतीय दर्शकों को यह घटना लगभग 25 मिनट तक ही दिखाई देगी, ध्यान रहे कि चंद्रोदय का समय अलग-अलग शहरों में थोड़ा अलग हो सकता है, जिससे दृश्य अवधि में मामूली अंतर संभव है,  उदाहरण के तौर पर, दिल्ली में चंद्रोदय लगभग 6 बजकर 22 मिनट पर ही होगा।
● सूतक काल कब से प्रभावी होगा - धार्मिक मान्यताओं के अनुसार चंद्र ग्रहण से 9 घंटे पहले सूतक काल प्रारंभ हो जाता है, इस आधार पर सूतक 3 मार्च की सुबह 6 बजकर 20 मिनट से शुरू हो जाएगा, सूतक के दौरान शुभ कार्यों से परहेज किया जाता है, पूजा की मूर्तियों को स्पर्श नहीं किया जाता, भोजन पकाने और खाने से बचा जाता है, इस दिन बाल या नाखून काटने जैसे कार्य भी वर्जित माने जाते हैं।
● चंद्र ग्रहण के दौरान किए जाने वाले उपाय - ग्रहण काल को आध्यात्मिक दृष्टि से संवेदनशील समय माना जाता है, इस दौरान कुछ उपाय करने से सकारात्मक फल मिलता है।
● मंत्र जाप करें - "ऊँ सोमाय नमः” या “ऊँ चंद्राय नमः” मंत्र का जाप करना शुभ माना जाता है, महामृत्युंजय मंत्र का जप भी लाभकारी बताया गया है।
● दान करें - ग्रहण समाप्ति के बाद सफेद वस्त्र, चावल, चीनी, दूध या चांदी का दान करना उत्तम माना जाता है।
● स्नान करें - ग्रहण समाप्त होने के बाद गंगाजल मिले जल से स्नान करें, घर में शुद्धिकरण करें।
● तुलसी या कुश रखें - ग्रहण से पहले भोजन में तुलसी पत्ती या कुश डालने की परंपरा है, जिससे भोजन अशुद्ध नहीं माना जाता।
● गर्भवती महिलाएं सावधानी रखें - तेजधार वस्तुओं का प्रयोग न करें, घर से बाहर निकलने से बचें।
● ध्यान और साधना करें - ग्रहण का समय ध्यान, जप और आत्मचिंतन के लिए श्रेष्ठ माना जाता है।


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.     💥“ज्ञान ही सच्ची संपत्ति है।
      बाकी सब क्षणभंगुर है।”💥
     🌼 ।। जय श्री कृष्ण ।।🌼
       💥।। शुभम् भवतु।।💥

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🔱🇪🇬जय श्री महाकाल सरकार 🔱🇪🇬 मोर मुकुट बंशीवाले  सेठ की जय हो 🪷*
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*♥️~यह पंचांग नागौर (राजस्थान) सूर्योदय के अनुसार है।*
*अस्वीकरण(Disclaimer)पंचांग, धर्म, ज्योतिष, त्यौहार की जानकारी शास्त्रों से ली गई है।*
*हमारा उद्देश्य मात्र आपको  केवल जानकारी देना है। इस संदर्भ में हम किसी प्रकार का कोई दावा नहीं करते हैं।*
*राशि रत्न,वास्तु आदि विषयों पर प्रकाशित सामग्री केवल आपकी जानकारी के लिए हैं अतः संबंधित कोई भी कार्य या प्रयोग करने से पहले किसी संबद्ध वि12:19 ए एम, जनवरी 19 से 01:12 ए एम, जनवरी 19शेषज्ञ से परामर्श अवश्य लेवें...*
*♥️ रमल ज्योतिर्विद आचार्य दिनेश "प्रेमजी", नागौर (राज,)* 
*।।आपका आज का दिन शुभ मंगलमय हो।।* 
🕉️📿🔥🌞🚩🔱ॐ  🇪🇬🔱🔥🔱
vipul

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