*💥🗓*आज का पञ्चाङ्ग*🗓💥*
*🎈दिनांक 16 अगस्त 2026*
*🎈 वार- रविवार*
*🎈 मास -सावन मास*
*🎈 पक्ष - कृष्णा पक्ष*
*🎈 विक्रम संवत् - 2083*
*🎈 संवत्सर पराभव*
*🎈संवत्सर (उत्तर)- रौद्र*
*🎈 अयन - उत्तरायण*
*🎈 ऋतु - रितु वर्षा*
*🎈तिथि - चतुर्थी - 04:52 पी एम तक तक तत्पश्चात पंचमी*
*🎈 नक्षत्र हस्त - 03:50:52 ए एम, अगस्त 17 तक तत्पश्चात चित्रा*
*🎈योग - साध्य - 04:08 ए एम, अगस्त 17 तक तत्पश्चात् शुभ*
*🎈करण- विष्टि - 04:52 पी एम तक तत्पश्चात् वाणिज्य,बव,बालव*
*🎈राहुकाल- 05:33 पी एम से 07:10 पी एम(नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*हर जगह का अलग होगा
(राहुकाल वह समय होता है जिसमे किसी भी नये अथवा शुभ कार्य प्रारम्भ करने से बचना चाहिए।)*
*🎈सूर्योदय-06:07:44ए एम ए एम*
*🎈सूर्यास्त-07:10:27 पी एम*
*🎈चंद्र राशि-कन्या*
*🎈सूर्य राशि- कर्क*
*(सूर्योदय एवं सूर्यास्त ,नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*
*🎈दिशा शूल- पश्चिम दिशा में*
( किसी भी विशेष कार्य हेतु दिशा शूल वाली दिशा में जाने से बचना चाहिए, यद्यपि यदि उसी दिन जाकर उसी दिन लौटना हैं, अथवा व्यवसाय के दृष्टिकोण से प्रतिदिन जाना ही पड़ता है तो प्रभाव कम हो जाएगा, फिर इस पर विचार करने की आवश्यकता नही है, यदि किसी कारण वश दिशा शूल में जाना ही पड़े तो सूर्योदय से पूर्व निकलना श्रेयस्कर होता है, अन्यथा एक दिन पूर्व प्रस्थान रखकर भी निकला जा सकता हैं।)*
*🎈ब्रह्ममुहूर्त - 04:39 ए एम से 05:23 ए एम*
*🎈अभिजित मुहूर्त: 12:13 पी एम से 01:05 पी एम*
*🎈 निशिता मुहूर्त - 12:18 ए एम, अगस्त 17 से 01:01 ए एम, अगस्त 17*
*🎈अमृत काल -09:44 पी एम से 11:22 पी एम *
*🎈रवि योग -06:06 ए एम से 03:25 ए एम, अगस्त 16*
*🎈सर्वार्थ सिद्धि योग 06:07 ए एम से 03:50 ए एम, अगस्त 17*
*🎈अमृत सिद्धि योग 06:07 ए एम से 03:50 ए एम, अगस्त 17*
*🎈विशेष:- व्रतपर्व विवरण- ब्रह्म वैवर्त पुराण (ब्रह्म खंड: 27.29-34) के अनुसार, (ब्रह्म खंड: 27.29-34) के अनुसार, चतुर्थी तिथि के दिन मूली खाना वर्जित है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन मूली खाने से व्यक्ति का धन नष्ट होता है और आर्थिक हानि उठानी पड़ती है।
🛟16 अगस्त 2026 (रविवार) का दिन हस्त नक्षत्र और साध्य योग के प्रभाव से सभी राशियों के लिए मिला-जुला रहने वाला है। कुछ राशियों को धन लाभ और मान-सम्मान मिलेगा, तो कुछ को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
🕉️📿🔥🌞🚩🔱ॐ 💥🙏💘☀️
💥सावन महात्म्य☀️
👉 जय माँ आदिशक्ति सच्चियाय 🪔
🛟 नागौर, राजस्थान, (भारत)
मानक सूर्योदय के अनुसार।*🛟
*🛟चोघडिया, दिन का🛟*
🛟चोघडिया, रात्🛟*
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🚩*श्रीगणेशाय नमोनित्यं*🚩
🚩*☀जय मां सच्चियाय* 🚩
💢आज का राशिफल💢
🛟सभी 12 राशियों का संक्षिप्त राशिफल‼️
☀️ मेष: किस्मत मेहरबान रहेगी। करियर में नई खुशखबरी मिल सकती है और आर्थिक पक्ष मजबूत होगा।
☀️वृषभ: मेहनत रंग लाएगी। पुराने निवेश से फायदा और पारिवारिक जीवन में मधुरता बनी रहेगी।
☀️मिथुन: पेशेवर जीवन में मेहनत का फल मिलेगा। प्रेम संबंधों में वाद-विवाद से दूर रहें।
☀️कर्क: रुका हुआ धन वापस मिलने के योग हैं। दफ्तर में जिम्मेदारी बढ़ सकती है।सिंह: कामकाज का बोझ अधिक रहेगा। सहकर्मियों या मित्रों की मदद से काम आसान होंगे।
☀️कन्या: मानसिक तनाव से बचें। पुराने गिले-शिकवे भुलाकर आगे बढ़ने का दिन है।
☀️तुला: रिश्तों में थोड़ी सावधानी रखें। बच्चों या जीवनसाथी की सेहत को लेकर चिंता हो सकती है।
☀️वृश्चिक: दिन चुनौतीपूर्ण रहेगा, लेकिन समझदारी से काम लेने पर सफलता अवश्य मिलेगी।
☀️धनु: जीवनसाथी के साथ वैचारिक मतभेद टालें। धैर्य और संयम से काम लें।
☀️मकर: भाग्य का पूरा साथ मिलेगा। पद-प्रतिष्ठा में वृद्धि और आर्थिक लाभ के योग हैं।
☀️कुंभ: सेहत के संकेतों पर ध्यान दें। पैसों के लेन-देन में लापरवाही बिल्कुल न बरतें।
☀️मीन: कार्यक्षेत्र में बाधाएं आ सकती हैं। परिवार के वरिष्ठ जनों की सलाह उपयोगी रहेगी
➡️ 💕🛟प्रात: विशेष🕉️🌺
#🌕 👉 👉🦚❤️💐 🌼🪔🏓🎊
🌺🌷🏓
।। आज बात करते हैं ☀️
💕🙏 #ॐउमामहेश्वराभ्यां नमः 🙏
🗓️ 🐍 नाग पंचमी के दिन क्यों नहीं बनानी चाहिए लोहे के बर्तन में पूड़ी?
🐍 श्रावण मास माहात्म्य: चौदहवां अध्याय (नाग पंचमी व्रत का माहात्म्य) 🐍
श्रीस्कन्द पुराण के अंतर्गत ईश्वर-सनत्कुमार संवाद में स्वयं भगवान शिव ने नाग पंचमी व्रत की महिमा और सटीक विधि का वर्णन किया है। आइए जानते हैं इस पावन व्रत के नियम और अपार फल:
🌸 कैसे करें नाग पंचमी व्रत और पूजा?
व्रत के नियम: चतुर्थी तिथि को एक समय भोजन करें और पंचमी के दिन 'नक्त व्रत' (केवल रात्रि में भोजन) करें।
नाग स्वरूप की पूजा: स्वर्ण, चाँदी, लकड़ी अथवा मिट्टी का 5 फणों वाला सुन्दर नाग बनाकर उसकी भक्तिपूर्वक पूजा करें।
द्वार पर पूजन: घर के मुख्य द्वार के दोनों ओर गोबर से नाग बनाएं और दूर्वा, कनेर, मालती, चमेली या चम्पा के फूलों, अक्षत और दीप से उनका पूजन करें।
दीवार पर चित्रांकन: हल्दी और चन्दन से दीवार पर प्रमुख नागों— अनंत, वासुकि, शेष, पद्मनाभ, कम्बल, कर्कोटक, अश्व, धृतराष्ट्र, शंखपाल, कालीय तथा तक्षक और उनकी माता कद्रू का चित्र बनाकर उनका पूजन करें।
बाम्बी (बिल) पर पूजा: बाम्बी में निवास करने वाले प्रत्यक्ष नागों को घी और शक्कर मिला हुआ दूध अर्पित करें।
🚫 ध्यान रखने योग्य विशेष नियम
नाग पंचमी के दिन लोहे के बर्तन (जैसे कड़ाही आदि) का उपयोग न करें और उसमें पूड़ी आदि न बनाएं।
नैवेद्य में गेहूं की खीर, भुने हुए चने, धान का लावा और जौ अर्पित करें। इसे बच्चों को भी खिलाएं, इससे उनके दांत मजबूत होते हैं!
✨ नाग पंचमी व्रत का अद्भुत फल (माहात्म्य)
🛡️ सर्प भय से मुक्ति: जो भी पूरे विधि-विधान से यह व्रत और पूजन करता है, उसे जीवन में कभी सर्पों का भय नहीं सताता।
🕊️ पितरों का उद्धार: यदि कुल में किसी पूर्वज की सर्प दंश से मृत्यु हुई हो (जिससे वे अधोगति को प्राप्त हुए हों), तो इस व्रत और दान के प्रभाव से वे मुक्त होकर स्वर्ग चले जाते हैं।
👶 संतान सुख: नागहत्या या अन्य कारणों से उत्पन्न संतानहीनता के दोष का इस व्रत से प्रायश्चित हो जाता है।
🙏 ईश्वर की कृपा: इस व्रत को निष्काम भाव से करने वाले के कल्याण के लिए स्वयं शेषनाग और वासुकि, भगवान श्रीहरि विष्णु और शिवजी से प्रार्थना करते हैं। जिससे व्रत करने वाला अंत में वैकुण्ठ या कैलाश धाम को प्राप्त करता है।
|| इस प्रकार श्रीस्कन्द पुराण के अंतर्गत श्रावण मास माहात्म्य में “नागपंचमी व्रत कथन” नामक 14वां अध्याय पूर्ण हुआ ||
🙏 ॐ नमः शिवाय! जय नाग देवता! 🙏
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💕*"तद् यद् रुदितात् समभवन् तस्माद् रुद्राः"*💥
✨*नव ग्रहणां अधीनस्थ जीवनम्*✨
*🛟॥ श्री हरिः ॐ*॥☀️
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*💥“*ज्ञान ही सच्ची संपत्ति है।*
*बाकी सब क्षणभंगुर* है।”💥
🌼 ।। जय श्री कृष्ण ।।🌼
💥।। शुभम् भवतु।।💥
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🔱🇪🇬*जय श्री महाकाल सरकार *🔱🇪🇬 *मोर मुकुट बंशीवाले सेठ की जय हो 🪷*▬▬▬▬▬▬▬ஜ۩۞۩ஜ
*♥️~*यह पंचांग नागौर (राजस्थान) सूर्योदय के अनुसार है।*
*♥️~*अपने घर, ऑफिस, और फैक्ट्री वास्तु के साथ सफल बनाये। जन्मकुंडली, प्रश्नन कुंडली, अंककुंडली, रत्न, जड़, एवं रुद्राक्ष आदि के लिये सम्पर्क करे।*
‼️*अस्वीकरण(Disclaimer)पंचांग, धर्म, ज्योतिष, त्यौहार की जानकारी शास्त्रों से ली गई है।*
🙏*हमारा उद्देश्य मात्र आपको केवल जानकारी देना है। इस संदर्भ में हम किसी प्रकार का कोई दावा नहीं करते हैं।*
💥*राशि रत्न,वास्तु आदि विषयों पर प्रकाशित सामग्री केवल आपकी जानकारी के लिए हैं अतः संबंधित कोई भी कार्य या प्रयोग करने से पहले किसी अच्छी जानकारी वाले ज्योतिषी से संपर्क करे*।
*💥यदि आप अपनी कुण्डली विश्लेषण चाहते हैं तो जन्म दिनांक, स्थान, समय बताएं!!🌟*
*♥️ रमल ज्योतिर्विद आचार्य दिनेश "प्रेमजी", नागौर (राज,)*
*।।आपका आज का दिन शुभ मंगलमय हो।।*
🕉️📿🔥🌞🚩🔱ॐ 💥🙏💘☀️





