*💥🗓*आज का पञ्चाङ्ग*🗓💥*
*🎈दिनांक 13 अगस्त 2026*
*🎈 वार- गुरुवार*
*🎈 मास -सावन मास*
*🎈 पक्ष - कृष्णा पक्ष*
*🎈 विक्रम संवत् - 2083*
*🎈 संवत्सर पराभव*
*🎈संवत्सर (उत्तर)- रौद्र*
*🎈 अयन - उत्तरायण*
*🎈 ऋतु - रितु वर्षा*
*🎈तिथि - प्रतिपदा - 08:40:47pm ,तक तत्पश्चात द्वितीया*
*🎈 नक्षत्र - मघा -28:37:22 ए एम तक तत्पश्चात पूर्वा फाल्गुनी*
*🎈योग - वरीयान् - 12:14.57 पी एम तक तत्पश्चात् परिध*
*🎈करण- किंस्तुघ्न - 09:50 ए एम तक तत्पश्चात् बव,बालव,*
*🎈राहुकाल 02:18 पी एम से 03:57 पी एम (नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*हर जगह का अलग होगा
(राहुकाल वह समय होता है जिसमे किसी भी नये अथवा शुभ कार्य प्रारम्भ करने से बचना चाहिए।)*
*🎈सूर्योदय-06:05:44 ए एम ए एम*
*🎈सूर्यास्त-07:13:58 पी एम*
*🎈चंद्र राशि- कर्क*till 06.06.00*
*🎈चंद्र राशि-सिंह*
*🎈सूर्य राशि- कर्क*
*(सूर्योदय एवं सूर्यास्त ,नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*
*🎈दिशा शूल- दक्षिण दिशा में*
( किसी भी विशेष कार्य हेतु दिशा शूल वाली दिशा में जाने से बचना चाहिए, यद्यपि यदि उसी दिन जाकर उसी दिन लौटना हैं, अथवा व्यवसाय के दृष्टिकोण से प्रतिदिन जाना ही पड़ता है तो प्रभाव कम हो जाएगा, फिर इस पर विचार करने की आवश्यकता नही है, यदि किसी कारण वश दिशा शूल में जाना ही पड़े तो सूर्योदय से पूर्व निकलना श्रेयस्कर होता है, अन्यथा एक दिन पूर्व प्रस्थान रखकर भी निकला जा सकता हैं।)*
*🎈ब्रह्ममुहूर्त - 04:38 ए एम से 05:22 ए एम*
*🎈अभिजित मुहूर्त: 12:13 पी एम से 01:06 पी एम*
*🎈 निशिता मुहूर्त - 12:18 ए एम, अगस्त 14 से 01:02 ए एम, अगस्त 14*
*🎈अमृत काल -02:23 ए एम, अगस्त 14 से 03:53 ए एम, अगस्त 14 *
*🎈विशेष:- व्रत पर्व विवरण - ब्रह्मवैवर्त पुराण (ब्रह्मखंड: 27.29-34) के अनुसार, धार्मिक और शास्त्रीय मान्यताओं में प्रतिपदा तिथि पर कुष्मांड (कुम्हड़ा, कद्दू या पेठा) नहीं खाना चाहिए। मान्यता है कि इस दिन इसका सेवन करने से धन का नाश या हानि होती है।प्रतिपदा तिथि के नियमवर्जित वस्तु: कुष्मांड (पेठा/कद्दू/कुम्हड़ा)कारण धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इससे धन-संपत्ति की हानि होती है।
🛟13 अगस्त 2026 का दिन सभी 12 राशियों के लिए मिला-जुला रहने वाला है। चंद्रमा का गोचर सिंह से कन्या राशि की ओर होगा, जिससे कई राशियों को करियर और आर्थिक मामलों में संभलकर फैसले लेने होंगे, जबकि कुछ जातकों को अचानक लाभ और नए अवसर मिलेंगे।
💥सावन महात्म्य☀️
👉 जय माँ आदिशक्ति सच्चियाय 🪔
🛟 नागौर, राजस्थान, (भारत)
मानक सूर्योदय के अनुसार।*🛟
*🛟चोघडिया, दिन का🛟*
🛟चोघडिया, रात्🛟*
★√*★√*★√*★√*★√*★
🚩*श्रीगणेशाय नमोनित्यं*🚩
🚩*☀जय मां सच्चियाय* 🚩
💢आज का राशिफल💢
🛟सभी 12 राशियों का संक्षिप्त राशिफल‼️
☀️ मेष: दिन व्यस्त और भागदौड़ भरा रहेगा। दफ्तर में संवाद अच्छा रखें, वाणी पर नियंत्रण रखें।
☀️वृषभ: मान-सम्मान बढ़ेगा। प्रभावशाली लोगों से मुलाकात से नए अवसर मिलेंगे, आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
☀️मिथुन: दिन खुशियों भरा रहेगा। कामकाज में सही मार्गदर्शन मिलेगा। मंगल की स्थिति से धन की आवाजाही बढ़ेगी।
☀️कर्क: आत्मविश्वास बढ़ेगा। व्यापार में कोई डील अटक सकती है, पर आर्थिक लाभ के संकेत हैं।
☀️सिंह: नेतृत्व के अवसर मिलेंगे। खुद पर खर्च करने की इच्छा जागेगी, बजट का ध्यान रखें।
☀️कन्या: फालतू खर्चों पर रोक लगाएं। उधार के लेन-देन से बचें, धैर्य से काम लें।
☀️तुला: अनुभवी लोगों की सलाह काम आएगी। टीम वर्क से प्रगति होगी, तरक्की के नए रास्ते खुलेंगे।
☀️वृश्चिक: दीर्घकालिक लक्ष्यों की समीक्षा करेंगे। अपने इरादे पक्के रखें, जल्दबाजी से बचें।
☀️धनु: कुछ बेहतरीन और शुभ समाचार मिल सकता है। सीखने से तरक्की होगी, कागजात की जांच सही से करें।
☀️मकर: पुरानी योजनाओं में सुधार होगा। अधिकारियों की सराहना मिलेगी, अफवाहों और गलतफहमियों से दूर रहें।
☀️कुंभ: साझेदारों से खुलकर बात करें। नई सोच से लाभ होगा, सेहत पर थोड़ा ध्यान दें।
☀️मीन: धैर्य से काम लें। नियमित खर्चों पर नजर रखें, दिन आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।
➡️ 💕🛟प्रात: विशेष🕉️🌺
#🌕 👉 👉🦚❤️💐 🌼🪔🏓🎊
🌺🌷🏓।। आज बात करते हैं ☀️
💕🌹🕉️ 🌹||#🙏 #शिव आराधना की सबसे महत्वपूर्ण पूजन विधि :::--
धरती पर शिवलिंग को शिव का साक्षात स्वरूप माना जाता है तभी तो शिवलिंग के दर्शन को स्वयं महादेव का दर्शन माना जाता है और इसी मान्यता के चलते भक्त शिवलिंग को मंदिरों में और घरों में स्थापित कर उसकी पूजा अर्चना करते हैं.
यू तो भोले भंडारी एक छोटी सी पूजा से हो जाते हैं प्रसन्न लेकिन शिव आराधना की सबसे महत्वपूर्ण पूजा विधि रूद्राभिषेक को माना जाता है.
रूद्राभिषेक... क्योंकि मान्यता है कि जल की धारा भगवान शिव को अत्यंत प्रिय है और उसी से हुई है रूद्रभिषेक की उत्पत्ति.
रूद्र यानी भगवान शिव और अभिषेक का अर्थ होता है स्नान करना.
शुद्ध जल या फिर गंगाजल से महादेव के अभिषेक की विधि सदियों पुरानी है क्योंकि मान्यता है कि भोलभंडारी भाव के भूखे हैं.
वह जल के स्पर्श मात्र से प्रसन्न हो जाते हैं.
वो पूजा विधि जिससे भक्तों को उनका वरदान ही नहीं मिलता बल्कि हर दर्द हर तकलीफ से छुटकारा भी मिल जाता है.
साधारण रूप से भगवान शिव का अभिषेक जल या गंगाजल से होता है परंतु विशेष अवसर व विशेष मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए 🌴दूध, 🌴दही, 🌴घी, 🌴शहद, 🌴चने की दाल, 🌴सरसों तेल, 🌴काले तिल, आदि कई सामग्रियों से महादेव के अभिषेक की विधि प्रचिलत है.
शेष भाग.......
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➡️🙏🌺🏓🎉🏵️🛟💥☀️🏵️💯
💕*"तद् यद् रुदितात् समभवन् तस्माद् रुद्राः"*💥
✨*नव ग्रहणां अधीनस्थ जीवनम्*✨
*🛟॥ श्री हरिः ॐ*॥☀️
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*💥“*ज्ञान ही सच्ची संपत्ति है।*
*बाकी सब क्षणभंगुर* है।”💥
🌼 ।। जय श्री कृष्ण ।।🌼
💥।। शुभम् भवतु।।💥
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🔱🇪🇬*जय श्री महाकाल सरकार *🔱🇪🇬 *मोर मुकुट बंशीवाले सेठ की जय हो 🪷*▬▬▬▬▬▬▬ஜ۩۞۩ஜ
*♥️~*यह पंचांग नागौर (राजस्थान) सूर्योदय के अनुसार है।*
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*♥️ रमल ज्योतिर्विद आचार्य दिनेश "प्रेमजी", नागौर (राज,)*
*।।आपका आज का दिन शुभ मंगलमय हो।।*
🕉️📿🔥🌞🚩🔱ॐ 💥🙏💘☀️













