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पञ्चाङ्ग 12 अगस्त 2026

 *💥🗓*आज का पञ्चाङ्ग*🗓💥*

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*🎈दिनांक  12 अगस्त 2026*
*🎈 वार-  बुधवाr*
*🎈 मास -सावन मास*
*🎈 पक्ष -  कृष्णा पक्ष*
*🎈 विक्रम संवत् - 2083*
*🎈 संवत्सर     पराभव*
*🎈संवत्सर (उत्तर)-    रौद्र*
sima


*🎈 अयन - उत्तरायण*
*🎈 ऋतु - रितु वर्षा*
*🎈तिथि    -    अमावस्या - 11:05:26 पी.एम,तक तत्पश्चात प्रतिपदा*
*🎈 नक्षत्र - पुष्य -07:58:40 ए एम तक तत्पश्चात अश्लेषा *
*🎈योग    - व्यतिपात - 15:24.44 पी एम तक तत्पश्चात् वरीयान्*
*🎈करण- चतुष्पाद - 12:27 पी एम तक तत्पश्चात् नागौर*
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*🎈राहुकाल 12:40 पी एम से 02:18 पी एम (नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*हर जगह का अलग होगा
(राहुकाल वह समय होता है जिसमे किसी भी नये अथवा शुभ कार्य प्रारम्भ करने से बचना चाहिए।)*
*🎈सूर्योदय-06:05:44 ए एम ए एम*
*🎈सूर्यास्त-07:13:58 पी एम*
*🎈चंद्र राशि- कर्क*till 30.05.32*
*🎈चंद्र राशि-सिंह*from 30.05.32*
*🎈सूर्य राशि- कर्क*
*(सूर्योदय एवं सूर्यास्त ,नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*
*🎈दिशा शूल- उत्तर दिशा में*
( किसी भी विशेष कार्य हेतु दिशा शूल वाली दिशा में जाने से बचना चाहिए, यद्यपि यदि उसी दिन जाकर उसी दिन लौटना हैं, अथवा व्यवसाय के दृष्टिकोण से प्रतिदिन जाना ही पड़ता है तो प्रभाव कम हो जाएगा, फिर इस पर विचार करने की आवश्यकता नही है, यदि  किसी कारण वश दिशा शूल में जाना ही पड़े तो सूर्योदय से पूर्व निकलना  श्रेयस्कर होता है, अन्यथा एक  दिन पूर्व प्रस्थान रखकर भी निकला जा सकता हैं।)*
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*🎈ब्रह्ममुहूर्त - 04:38 ए एम से 05:21 ए एम*
*🎈अभिजित मुहूर्त: कोई नहीं*
*🎈 निशिता मुहूर्त - 12:19 ए एम, अगस्त 13 से 01:02 ए एम, अगस्त 13*
*🎈अमृत काल -04:38 ए एम, अगस्त 13 से 06:06 ए एम, अगस्त 13*
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🛟चोघडिया, रात्🛟*
*🎈विशेष:- व्रत पर्व विवरण -   ब्रह्मवैवर्त पुराण (ब्रह्मखंड: 27.29-34) के अनुसार, धार्मिक और शास्त्रीय मान्यताओं में अमावस्या के दिन मांस, मछली, अंडा, मदिरा और किसी भी तरह के नशीले पदार्थों का सेवन नहीं करना चाहिए। इसके अलावा प्याज, लहसुन, तामसिक व मसालेदार भोजन, बासी खाना, और दूसरों के घर का भोजन (परान्न) करने से भी बचना चाहिए।
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🛟१२ अगस्त २०२६ के दिन वर्ष का दूसरा और अंतिम सूर्य ग्रहण तथा देवगुरु बृहस्पति का कर्क राशि में उदय का संयोग है। भारत में यह ग्रहण दिखाई नहीं देगा, इसलिए सूतक मान्य नहीं होगा, लेकिन इसका ज्योतिषीय प्रभाव सभी बारह राशियों पर रहेगा। गुरु के उदय से कुछ राशियों के अच्छे दिन शुरू होंगे।
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          💥सावन महात्म्य☀️
 👉 जय माँ आदिशक्ति सच्चियाय 🪔 
     🛟 नागौर, राजस्थान, (भारत)    
         मानक सूर्योदय के अनुसार।*🛟
       *🛟चोघडिया, दिन का🛟*
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      ★√*★√*★√*★√*★√*★
     🚩*श्रीगणेशाय नमोनित्यं*🚩
    🚩*☀जय मां सच्चियाय* 🚩 
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💢आज का राशिफल💢

🛟सभी 12 राशियों का संक्षिप्त राशिफल‼️
☀️ मेष राशि: गुरु के उदय से भूमि-भवन या वाहन की प्राप्ति के योग हैं। पारिवारिक कलह दूर होगी, लेकिन सूर्य ग्रहण के प्रभाव से आर्थिक मामलों में अधिक प्रयास करने पड़ेंगे।

☀️वृषभ राशि: दिन सामान्य रहेगा। सेहत को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही न बरतें। विरोधी आपके कार्यक्षेत्र में बाधा डालने का प्रयास कर सकते हैं।
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☀️मिथुन राशि: कामकाज में उतार-चढ़ाव आ सकते हैं। किसी भी प्रकार का बड़ा निर्णय लेने से पहले गहराई से विचार अवश्य करें।

☀️कर्क राशि: यह ग्रहण इसी राशि और अश्लेषा नक्षत्र में लग रहा है, अतः आपको मानसिक तनाव और स्वास्थ्य के प्रति विशेष सावधानी रखने की आवश्यकता है।

☀️सिंह राशि: आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। आत्ममंथन का दौर है। करियर और व्यक्तिगत जीवन में कोई बड़ा और महत्वपूर्ण आंतरिक बदलाव आ सकता है।

☀️कन्या राशि: खर्चों पर नियंत्रण रखें। वाणी पर संयम रखना हितकर होगा। गुप्त शत्रुओं से सतर्क रहें और स्वास्थ्य का ध्यान रखें।
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☀️तुला राशि: आर्थिक और व्यावसायिक दृष्टिकोण से दिन मिला-जुला रहेगा। दोस्तों या सहकर्मियों का सहयोग मिलने से अटके कार्य गति पकड़ेंगे।

☀️वृश्चिक राशि: कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत रंग लाएगी। अधिकारियों से सराहना मिल सकती है। पारिवारिक जीवन में शांति और संतुलन बनाए रखें।

☀️धनु राशि: भाग्य का साथ मिलेगा। देवगुरु के उदय से उच्च शिक्षा, धर्म और आर्थिक पक्ष में आ रही रुकावटें दूर होंगी। यात्रा के योग बन सकते हैं।

☀️मकर राशि: आकस्मिक धन लाभ या पुराने निवेश से फायदा हो सकता है। स्वास्थ्य के मामले में लापरवाही न करें और खान-पान पर ध्यान दें।

☀️कुंभ राशि: जीवनसाथी या साझीदार के साथ संबंधों में प्रगाढ़ता आएगी। साझेदारी के कार्यों में लाभ होगा। वाद-विवाद से दूर रहने का प्रयास करें।

☀️मीन राशि: पुराने रोगों से राहत मिल सकती है। सहकर्मियों का सहयोग मिलेगा। अपने विरोधियों पर विजय प्राप्त करेंगे और कार्यस्थल पर स्थिति मजबूत होगी।
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     ➡️ 💕🛟प्रात: विशेष🕉️🌺
#🌕 👉 👉🦚❤️💐 🌼🪔🏓🎊
   🌺🌷🏓।। आज बात करते हैं ☀️

💕🌹🕉️ 🌹||#🙏 हनुमान जी की पहली स्तुति और संकटमोचन 'वडवानल स्तोत्र' 🚩✨
गोस्वामी तुलसीदास जी ने हनुमान चालीसा और बजरंग बाण रचे, लेकिन क्या आप जानते हैं कि धरती पर सबसे पहले हनुमान जी की स्तुति किसने की थी?
लंका दहन के समय, हनुमान जी ने माता सीता की अशोक वाटिका और विभीषण के भवन को नहीं जलाया था। विभीषण के द्वार पर तुलसी का पौधा, भगवान विष्णु के चिह्न (शंख, चक्र, गदा) और सबसे ऊपर 'राम' नाम अंकित था।
जब विभीषण ने श्रीराम की शरण ली, तो सुग्रीव को उन पर संदेह हुआ, लेकिन हनुमान जी ने विभीषण को 'शिष्ट' बताकर शरण देने की वकालत की। श्री राम के सामने हनुमान जी ने कहा— "जो एक बार विनीत भाव से मेरी शरण में आकर कहता है- 'मैं तेरा हूं', मैं उसे अभयदान दे देता हूं।"
इसी अभयदान से कृतज्ञ होकर, इंद्रादि देवताओं के बाद धरती पर सर्वप्रथम विभीषण ने ही हनुमान जी की स्तुति की थी। उन्होंने एक अत्यंत शक्तिशाली और अचूक स्तोत्र की रचना की, जिसे 'हनुमान वडवानल स्तोत्र' कहा जाता है।
🔥 वडवानल स्तोत्र के चमत्कारिक लाभ:
सभी प्रकार के असाध्य रोगों का निवारण।
शत्रु बाधा और अज्ञात भय का नाश।
जादू-टोना, नजर दोष और नकारात्मक शक्तियों से मुक्ति।
राज-भय, कोर्ट-कचहरी और बंधन से विमोचन।
🪔 पाठ की विधि (नियम):
सरसों के तेल का दीपक जलाकर, यदि लगातार 41 दिन तक नित्य 108 पाठ किए जाएं, तो सभी बाधाओं का शमन होकर हर अभीष्ट कार्य सिद्ध होता है। सामान्य दिनों में नित्य 1 से 11 पाठ करने से भी हर समस्या का हल मिलता है।

  👇 श्री हनुमान् वडवानल-स्तोत्र 👇
॥ विनियोग ॥(हाथ में जल लेके छोड़े)
ॐ अस्य श्री हनुमान् वडवानल-स्तोत्र मन्त्रस्य श्रीरामचन्द्र ऋषि:, श्रीहनुमान् वडवानल देवता, ह्रां बीजम्, ह्रीं शक्तिं, सौं कीलकं, मम समस्त विघ्न-दोष निवारणार्थे, सर्व-शत्रुक्षयार्थे सकल- राज- कुल- संमोहनार्थे, मम समस्त- रोग प्रशमनार्थम् आयुरारोग्यैश्वर्याऽभिवृद्धयर्थं समस्त- पाप-क्षयार्थं श्रीसीतारामचन्द्र-प्रीत्यर्थं च हनुमद् वडवानल-स्तोत्र जपमहं करिष्ये।
➡️॥ ध्यान ॥
मनोजवं मारुत-तुल्य-वेगं जितेन्द्रियं बुद्धिमतां वरिष्ठं।
वातात्मजं वानर-यूथ-मुख्यं श्रीरामदूतम् शरणं प्रपद्ये ।।
➡️॥ वडवानल स्तोत्र ॥
ॐ ह्रां ह्रीं ॐ नमो भगवते श्रीमहा-हनुमते प्रकट-पराक्रम सकल- दिङ्मण्डल- यशोवितान- धवलीकृत- जगत-त्रितय वज्र-देह रुद्रावतार लंकापुरीदहय उमा-अर्गल-मंत्र उदधि-बंधन दशशिर: कृतान्तक सीताश्वसन वायु-पुत्र अञ्जनी-गर्भ-सम्भूत श्रीराम-लक्ष्मणानन्दकर कपि-सैन्य-प्राकार सुग्रीव-साह्यकरण पर्वतोत्पाटन कुमार- ब्रह्मचारिन् गंभीरनाद सर्व- पाप- ग्रह- वारण- सर्व- ज्वरोच्चाटन डाकिनी- शाकिनी- विध्वंसन ॐ ह्रां ह्रीं ॐ नमो भगवते महावीर-वीराय सर्व-दु:ख निवारणाय ग्रह-मण्डल सर्व-भूत-मण्डल सर्व-पिशाच-मण्डलोच्चाटन भूत-ज्वर-एकाहिक-ज्वर, द्वयाहिक-ज्वर, त्र्याहिक-ज्वर चातुर्थिक-ज्वर, संताप-ज्वर, विषम-ज्वर, ताप-ज्वर, माहेश्वर-वैष्णव-ज्वरान् छिन्दि-छिन्दि यक्ष ब्रह्म-राक्षस भूत-प्रेत-पिशाचान् उच्चाटय-उच्चाटय स्वाहा।
ॐ ह्रां ह्रीं ॐ नमो भगवते श्रीमहा-हनुमते ॐ ह्रां ह्रीं ह्रूं ह्रैं ह्रौं ह्र: आं हां हां हां हां ॐ सौं एहि एहि ॐ हं ॐ हं ॐ हं ॐ हं ॐ नमो भगवते श्रीमहा-हनुमते श्रवण-चक्षुर्भूतानां शाकिनी डाकिनीनां विषम-दुष्टानां सर्व-विषं हर हर आकाश-भुवनं भेदय भेदय छेदय छेदय मारय मारय शोषय शोषय मोहय मोहय ज्वालय ज्वालय प्रहारय प्रहारय शकल-मायां भेदय भेदय स्वाहा।
ॐ ह्रां ह्रीं ॐ नमो भगवते महा-हनुमते सर्व-ग्रहोच्चाटन परबलं क्षोभय क्षोभय सकल-बंधन मोक्षणं कुर-कुरु शिर:-शूल गुल्म-शूल सर्व-शूलान्निर्मूलय निर्मूलय नागपाशानन्त- वासुकि- तक्षक- कर्कोटकालियान् यक्ष-कुल-जगत-रात्रिञ्चर-दिवाचर-सर्पान्निर्विषं कुरु-कुरु स्वाहा।
ॐ ह्रां ह्रीं ॐ नमो भगवते महा-हनुमते राजभय चोरभय पर-मन्त्र-पर-यन्त्र-पर-तन्त्र पर-विद्याश्छेदय छेदय सर्व-शत्रून्नासय नाशय असाध्यं साधय साधय हुं फट् स्वाहा।🚩 
➡️🙏🌺🏓🎉🏵️🛟💥☀️🏵️💯

 💕*"तद् यद् रुदितात् समभवन् तस्माद् रुद्राः"*💥
  ✨*नव ग्रहणां अधीनस्थ जीवनम्*✨
           *🛟॥ श्री हरिः ॐ*॥☀️
🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏     
 🌹🌹 🌹🌹 🌹🌹 🌹🌹 🌹🌹          

 *💥“*ज्ञान ही सच्ची संपत्ति है।*
          *बाकी सब क्षणभंगुर* है।”💥
       🌼 ।। जय श्री कृष्ण ।।🌼
       💥।। शुभम् भवतु।।💥
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*♥️ रमल ज्योतिर्विद आचार्य दिनेश "प्रेमजी", नागौर (राज,)* 
*।।आपका आज का दिन शुभ मंगलमय हो।।* 
🕉️📿🔥🌞🚩🔱ॐ 💥🙏💘☀️
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