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पञ्चाङ्ग 07 अगस्त 2026

 *💥🗓*आज का पञ्चाङ्ग*🗓💥*

jyotis


*🎈दिनांक  07 अगस्त 2026*
*🎈 वार-   शुक्रवार*
*🎈 मास -सावन मास*
*🎈 पक्ष -  कृष्णा पक्ष*
*🎈 विक्रम संवत् - 2083*
*🎈 संवत्सर     पराभव*
*🎈संवत्सर (उत्तर)-    रौद्र*
*🎈 अयन - उत्तरायण*
*🎈 ऋतु - रितु वर्षा*
*🎈तिथि    -    नवमी - 16:36:21 पी एम तक तक तत्पश्चात*दशमी*
*🎈 नक्षत्र - कृतिका - 18:42:17 पी एम तक तत्पश्चात रोहणी*
*🎈योग    - वृद्धि - 12:09:46 पी एम तक तत्पश्चात्  ध्रुव*व्याघात* 
*🎈करण- गर - 16:36:21 पी एम तक तत्पश्चात् वाणिज*
*🎈राहुकाल 11:01 ए एम से 12:41 पी एम (नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*हर जगह का अलग होगा
(राहुकाल वह समय होता है जिसमे किसी भी नये अथवा शुभ कार्य प्रारम्भ करने से बचना चाहिए।)*
*🎈 सूर्योदय-06:03.17 ए एम*
*🎈 सूर्यास्त-07:18:09 पी एम*
*🎈चंद्र राशि- वृषभ*
*🎈 सूर्य राशि- कर्क*
*(सूर्योदय एवं सूर्यास्त ,नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*
*🎈दिशा शूल- पश्चिम दिशा में*
( किसी भी विशेष कार्य हेतु दिशा शूल वाली दिशा में जाने से बचना चाहिए, यद्यपि यदि उसी दिन जाकर उसी दिन लौटना हैं, अथवा व्यवसाय के दृष्टिकोण से प्रतिदिन जाना ही पड़ता है तो प्रभाव कम हो जाएगा, फिर इस पर विचार करने की आवश्यकता नही है, यदि  किसी कारण वश दिशा शूल में जाना ही पड़े तो सूर्योदय से पूर्व निकलना  श्रेयस्कर होता है, अन्यथा एक  दिन पूर्व प्रस्थान रखकर भी निकला जा सकता हैं।)*
*🎈ब्रह्ममुहूर्त - 04:36 ए एम से 05:19 ए एम*
*🎈अभिजित मुहूर्त: 12:14 पी एम से 01:07 पी एम*
*🎈 निशिता मुहूर्त - 12:20 ए एम, अगस्त 08 से 01:02 ए एम, अगस्त 08*
 *🎈अमृत काल    -04:28 पी एम से 05:58 पी एम*
 *🎈व्रत पर्व विवरण - नवमी तिथि के दिन लौकी खाना पूरी तरह वर्जित है। धार्मिक शास्त्रों में इस दिन लौकी का सेवन करना गोमांस (गाय के मांस) खाने के समान पापकर्म और त्याज्य बताया गया है।
ब्रह्मवैवर्त पुराण (ब्रह्म खंड: 27.29-34)
*🎈विशेष:- 07 अगस्त 2026, शुक्रवार का दिन वृद्धि योग और सूर्य-शनि के नवपंचम योग के प्रभाव से सभी 12 राशियों के लिए नई उपलब्धियां, आर्थिक लाभ और मिले-जुले परिणाम लेकर आया है। सिंह और तुला राशि वालों को विशेष धन लाभ होगा, जबकि अन्य राशियों को धैर्य और संयम से काम लेना होगा।

🛟07 अगस्त 2026, शुक्रवार का दिन वृद्धि योग और सूर्य-शनि के प्रभाव के कारण सभी 12 राशियों के लिए करियर, धन और परिवार के मामले में मिला-जुला और महत्वपूर्ण रहने वाला है। कुछ राशियों को धन लाभ होगा तो कुछ को सावधानी रखनी होगी।🛟
 

          💥सावन महात्म्य☀️
 👉 जय माँ आदिशक्ति सच्चियाय 🪔 
🎉*विक्रम सम्वत 2083 का मन्त्री मण्डल*
💥राजा    गुरु👑 - शासन व्यवस्था के स्वामी    
💢सेनाधिपति    चन्द्र⚔️ -
🏵️ रक्षा मन्त्री एवं सेनानायक
💢मन्त्री    मंगल⚜️ - नीतियों एवं प्रशासन के स्वामी    धान्याधिपति    बुध🌻 - रबी की फसलों के स्वामी
💢सस्याधिपति    गुरु🌾 - खरीफ की फसलों के स्वामी    
🛟मेघाधिपति    चन्द्र🌧 - मेघ एवं वर्षा के स्वामी
💢धनाधिपति    गुरु💰 - धन एवं कोष के स्वामी    नीरसाधिपति    
💢गुरु🪙 - धातु, खनिज आदि के स्वामी
🛟रसाधिपति    शनि🍯 - रस एवं द्रव पदार्थों के स्वामी    फलाधिपति    
चन्द्र🍎 - फल-पुष्पादि के स्वामी
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     🛟 नागौर, राजस्थान, (भारत)    
         मानक सूर्योदय के अनुसार।*🛟
 

 *🛟चोघडिया, दिन का🛟*

day


      


           🛟चोघडिया, रात्🛟*
night


 
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     🚩*श्रीगणेशाय नमोनित्यं*🚩
    🚩*☀जय मां सच्चियाय* 🚩 
    
         💢आज का राशिफल💢

🛟सभी 12 राशियों का संक्षिप्त राशिफल‼️

💢मेष: मेष राशि: नई उपलब्धियां मिलेंगी। अटके हुए काम पूरे होंगे। बातचीत में सुधार होगा।

💢वृषभ राशि: कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारियां मिलेंगी। धैर्य रखने से सफलता मिलेगी। पैसों के मामले में ध्यान दें।

💢मिथुन राशि: आर्थिक लाभ के योग हैं। आय के नए स्रोत मिलेंगे। ऊर्जा और जिज्ञासा बढ़ेगी।

💢कर्क राशि: भाग्य का साथ मिलेगा। व्यापार में प्रगति होगी। कोई भी बड़ा फैसला सोच-समझकर लें।

💢सिंह राशि: मित्रों का सहयोग मिलेगा। योजनाएं सफल होंगी। बंपर धन लाभ का योग है।

💢कन्या राशि: मेहनत का पूरा फल मिलेगा। पदोन्नति या नई जिम्मेदारी मिल सकती है।

💢तुला राशि: बाधाएं दूर होंगी। समाज में मान-प्रतिष्ठा बढ़ेगी। बड़ा आर्थिक लाभ हो सकता है।

💢वृश्चिक राशि: जिम्मेदारियां बढ़ेंगी। व्यापार में लाभ और नए संपर्क बनेंगे। सेहत अच्छी रहेगी।

💢धनु राशि: किस्मत मेहरबान रहेगी। नए हुनर सीखेंगे। प्रेम संबंधों में खुशियां आएंगी।

💢मकर राशि: जोखिम भरे कामों से बचें। यात्रा सफल रहेगी। अपने काम पर ध्यान दें।

💢कुंभ राशि: दफ्तर में नई जिम्मेदारियां मिलेंगी। खर्चों पर नियंत्रण रखें। सेहत में सुधार होगा।

💢मीन राशि: कार्यस्थल पर सफलता मिलेगी। आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी। तनाव से राहत मिलेगी।
    ➡️ 💕🛟प्रात: विशेष🕉️🌺
#🌕 👉 👉🦚❤️💐 🌼🪔🏓🎊
   🌺🌷🏓।। आज बात करते हैं ☀️☀️#🎉ॐ श्री गुरुभ्यो नमः 🙏

💕नमस्ते दोस्तों,

🏓👁️#कैंसर #ज्योतिषीय#दृष्टि...

‼️#वर्तमान समय में #कैंसर सर्वाधिक भयप्रद #बीमारी के रुप में चर्चित है  वैज्ञानिकों की लाख चेष्टा के बावजूद अभी तक इसका समुचित #उपचार ढूढ़ा नहीं जा सका है थोड़े-बहुत जो भी उपचार हैं, वो बहुत ही अर्थ साध्य हैं और पूरे तौर पर सुनिश्चित भी नहीं हैं समुचित उपचार का अभाव ही रोग को अधिक भयावह बना दिया है #रोग का निश्चय हो जाना, मृत्यु घोषित हो जाने जैसा है सबसे बड़ी बात ये होती है कि प्रायः घोषणा ही तब होती है, जब रोग चौथे स्तर में पहुँच चुका होता है फलतः उपचार के लिए समुचित समय भी नहीं मिल पाता ...

‼️#आधुनिक चिकित्सा विज्ञान के लिए भले ही कैंसर एक नयी बीमारी हो, किन्तु भारतीय विज्ञान- आयुर्वेद और ज्योतिषशास्त्र के लिए बिलकुल नया नहीं है । आयुर्वेद में कर्कटार्बुद नाम से  विशद वर्णन है इस व्याधि का और समुचित चिकित्सा भी सुझायी गयी है । इसी भाँति #ज्योतिष में भी इसकी पर्याप्त चर्चा है ।  किन्तु हमारा दुर्भाग्य है कि हमें अपने शास्त्रों पर भरोसा नहीं है । इसे पढ़ने, जानने, अनुसंधान करने में उतनी अभिरुचि नहीं है, जितना पाश्चात्य पद्धतियों में अभिरुचि और भरोसा है। ये भी सोलह आने सच है कि हमारे शास्त्रीय विज्ञान को वर्बरता पूर्वक म्लेच्छों द्वारा नष्ट-भ्रष्ट किया गया है । खेद की बात है कि आज वही काम, पहले से भी कहीं बढ़-चढ़कर स्वदेशियों द्वारा जारी है । 

🛟सर्वविदित है कि #ज्योतिषशास्त्र पूर्वानुमान और सुनिश्चय का शास्त्र है । इसका सहारा लेकर यदि विचार करें तो समय से बहुत पहले ही  स्थिति ज्ञात हो जा सकती है और तदनुरुप समुचित उपचार भी कर सकते हैं आज इसी आलोक में अर्बुदकर्कट / कर्कटार्बुद पर विचार करते हैं ......

🛟 #कैंसर नाम की एक राशि होती है, जिसे भारतीय ज्योतिष में #कर्कराशि कहते हैं #मेषादि राशिक्रम में इसका स्थान चौथा है । इसके स्वामी चन्द्रमा हैं । स्वभाव से यह चर राशि है । कालपुरुष के हृदय का प्रतिनिधित्व करती है ये राशि, फलतः जातक के हृदय से इसका विशेष सम्बन्ध माना जाता है  लग्नादि क्रम से चतुर्थ भाव को कर्क का प्रतिनिधित्व मिला है । अतः भले ही किसी जातक का जन्मलग्न कोई भी हो, उसके चतुर्थ भाव का विचार कर्करोग (कैंसर) विचार के सम्बन्ध में अवश्य करना चाहिए । साथ ही ये भी देखना चाहिए कि कर्कराशि जातक की कुण्डली में किस भाव में पड़ी हुयी, यानी कि जातक का जन्मलग्न क्या है.......
   
👁️ #जन्मांकचक्र के चतुर्थ भाव में राहु की अवस्थिति हो, अथवा कर्कराशि पर आरुढ़ होकर राहु किसी भी भाव में विराज रहा हो तो कर्करोग होने की सर्वाधिक आशंका जतायी जा सकती है । साथ ही ये भी देखना चाहिए कि चतुर्थ भाव और इसका भावेश किसी न किसी तरह यदि राहु से प्रभावित – दृष्ट वा पीड़ित हो तो #कर्करोग की आशंका जतायी जा सकती है । राहु की पूर्ण दृष्टिभोग के सम्बन्ध में अन्यान्य ग्रहों से किंचित भिन्न मत पर ध्यान देना चाहिए........

💕यथा—सुत मदन नवान्ते पूर्ण दृष्टिं तमस्य , युगल दशम गेहे चार्द्ध दृष्टिं वदन्ति । 
सहज रिपु पश्यन् पाददृष्टिं मुनीन्द्राः, निज भुवनमुपेतो लोचनांधः प्रदिष्टः ।। 

☀️#पंचम, सप्तम, नवम - पूर्ण दृष्टि, द्वितीय और दशम- अर्द्ध दृष्टि, तृतीय और षष्ठम पाद दृष्टि तथा स्वगृह (कन्या राशि पर) राहु लोचनांध होते हैं .........

☀️#चतुर्थ भावपति का नीचस्थ वा शत्रुक्षेत्रस्थ होने पर भी कर्करोग की स्थिति हो सकती है । इन स्थितियों के अतिरिक्त चन्द्रमा, शनि, मंगल, सूर्य आदि का भी गम्भीरता से विचार अवश्य कर लेना चाहिए। क्यों कि उक्त ग्रहों की स्थिति, युति, दृष्टि आदि का सीधा प्रभाव पड़ता है रोग की स्थिति, मात्रा और अंग वा प्रकार पर । जैसे मंगल की विकृति से ब्लडकैंसर का खतरा हो सकता है । बुध की विकृति से #ग्रन्थियों का बाहुल्य रहेगा इत्यादि.........

‼️#मुख्यतः लोग #षष्ठम भाव से #रोग का विचार करते हैं, किन्तु इसके अतिरिक्त प्रथम, अष्टम व द्वादश भाव का भी गहन विचार करना चाहिए । साथ ही द्वितीय एवं सप्तम भाव को मारकेशत्व प्रधान होने के कारण इनपर भी विचार अवश्य करना चाहिए । रोग की #साध्यासाध्यता की जानकारी हेतु सूर्य के बलाबल का ध्यान देना आवश्यक है । प्रभावी (जिम्मेवार) ग्रह (रोगकारक) की महादशा, अन्तर्दशादि के समय रोग की उग्रता समझनी चाहिए #मारकेशों के बलाबल से साध्यासाध्यता की पहचान की जा सकती है.........

       🙇 #जयश्रीसीताराम 🙇

 💕*"तद् यद् रुदितात् समभवन् तस्माद् रुद्राः"*💥
               🌹🌹🌹🌹
✨*नव ग्रहणां अधीनस्थ जीवनम्*✨

         *🛟॥ श्री हरिः ॐ*॥☀️
🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏     
 
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 *💥“*ज्ञान ही सच्ची संपत्ति है।*
          *बाकी सब क्षणभंगुर* है।”💥
       🌼 ।। जय श्री कृष्ण ।।🌼
       💥।। शुभम् भवतु।।💥
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🔱🇪🇬*जय श्री महाकाल सरकार *🔱🇪🇬 *मोर मुकुट बंशीवाले  सेठ की जय हो 🪷*▬▬▬▬▬▬▬ஜ۩۞۩ஜ
*♥️~*यह पंचांग नागौर (राजस्थान) सूर्योदय के अनुसार है।*
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‼️*अस्वीकरण(Disclaimer)पंचांग, धर्म, ज्योतिष, त्यौहार की जानकारी शास्त्रों से ली गई है।*
🙏*हमारा उद्देश्य मात्र आपको  केवल जानकारी देना है। इस संदर्भ में हम किसी प्रकार का कोई दावा नहीं करते हैं।*
💥*राशि रत्न,वास्तु आदि विषयों पर प्रकाशित सामग्री केवल आपकी जानकारी के लिए हैं अतः संबंधित कोई भी कार्य या प्रयोग करने से पहले किसी अच्छी जानकारी वाले ज्योतिषी से संपर्क करे*।
*💥यदि आप अपनी कुण्डली विश्लेषण चाहते हैं तो जन्म दिनांक, स्थान, समय  बताएं!!🌟*
*♥️ रमल ज्योतिर्विद आचार्य दिनेश "प्रेमजी", नागौर (राज,)* 
*।।आपका आज का दिन शुभ मंगलमय हो।।* 
🕉️📿🔥🌞🚩🔱ॐ 💥🙏💘☀️
vipul

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