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पञ्चाङ्ग 24 सितंबर 2026

 *💥🗓*आज का पञ्चाङ्ग*🗓💥*

JYOTISH



*🎈दिनांक 24 सितंबर 2026*
*🎈वार-  गुरुवार*
*🎈मास - भाद्रपद मास*
*🎈पक्ष -  शुक्ल पक्ष*
*🎈विक्रम संवत् - 2083*
*🎈संवत्सर     पराभव*
*🎈संवत्सर (उत्तर)-    रौद्र*
*🎈अयन - दक्षिणायन*
*🎈ऋतु - शरद*
*🎈तिथि-    त्रयोदशी - 23:17.52 पी एम तक तत्पश्चात चतुर्दशी* 
*🎈नक्षत्र- धनिष्ठा - 10:35 ए एम तक तत्पश्चात शतभिषा*
*🎈करण    - कौलव - 11:09 ए एम तक तत्पश्चात् तैतिल, गर*
*🎈योग-    धृति - 03:55 पी एम तक तत्पश्चात्*शूल*
*🎈राहुकाल- 01:58 पी एम से 03:28 पी एम(नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*हर जगह का अलग होगा
(राहुकाल वह समय होता है जिसमे किसी भी नये अथवा शुभ कार्य प्रारम्भ करने से बचना चाहिए।)*
*🎈सूर्योदय-06:24.00 एy एम*
*🎈सूर्यास्त-06:30. पी एम*
*🎈चंद्र राशि- कुम्भ* 
*🎈सूर्य राशि- कन्या*
*(सूर्योदय एवं सूर्यास्त ,नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*
*🎈दिशा शूल- दक्षिण दिशा में*
(किसी भी विशेष कार्य हेतु दिशा शूल वाली दिशा में जाने से बचना चाहिए, यद्यपि यदि उसी दिन जाकर उसी दिन लौटना हैं, अथवा व्यवसाय के दृष्टिकोण से प्रतिदिन जाना ही पड़ता है तो प्रभाव कम हो जाएगा, फिर इस पर विचार करने की आवश्यकता नही है, यदि  किसी कारण वश दिशा शूल में जाना ही पड़े तो सूर्योदय से पूर्व निकलना  श्रेयस्कर होता है, अन्यथा एक  दिन पूर्व प्रस्थान रखकर भी निकला जा सकता हैं।)*
*🎈ब्रह्ममुहूर्त - 04:49 ए एम से 05:37 ए एम*
*🎈अभिजित मुहूर्त: 12:03 पी एम से 12:51 पी एम*
*🎈अमृत काल - 03:56 ए एम, सितम्बर 25 से 05:35 ए एम, सितम्बर 25*
*🎈 निशिता मुहूर्त 12:03 ए एम, सितम्बर 25 से 12:51 ए एम, सितम्बर 25*
*🎈 रवि योग    10:35 ए एम से 06:25 ए एम, सितम्बर 25*

*🎈विशेष:- व्रतपर्व विवरण-  🏵️ चतुर्दशी व्रत
🛟ब्रह्मवैवर्त पुराण (ब्रह्म खंड: 27.29-34) के अनुसार, त्रयोदशी तिथि के दिन बैंगन नहीं खाना चाहिए। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन बैंगन खाने से पुत्र का नाश (वंश या संतान को हानि) होता है।

💥24 सितंबर 2026 (गुरुवार) को चंद्रमा कुंभ राशि में संचरण करेंगे, जिससे सभी 12 राशियों के लिए दिन मिला-जुला और महत्वपूर्ण रहने की संभावना है।

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‼️💢आज का राशिफल💢‼️

🛟सभी 12 राशियों का संक्षिप्त राशिफल‼️

♈ मेष (Aries): योजना के मुताबिक काम न होने पर भी दिन उत्पादक रहेगा। बदलावों को स्वीकार करें और धैर्य रखें।

🏵️वृषभ (Taurus): बदलती परिस्थितियां शुरुआत में असहज कर सकती हैं, लेकिन पुरानी अवांछित आदतों को तोड़ने में मदद मिलेंगी। टीम वर्क से लाभ होगा।

🏵️मिथुन (Gemini): अप्रत्याशित जानकारी मिलने से आपके सोचने का नजरिया बदल सकता है। मामलों को अपने आप सुलझने दें।

🏵️कर्क (Cancer): अनिश्चितता के साथ तालमेल बिठाना होगा। कड़ी मेहनत के दम पर करियर में अच्छे बदलाव और सकारात्मक समाचार मिल सकते हैं।

🏵️सिंह (Leo): अपने काम करने के तरीके में समय के अनुसार बदलाव लाना सीखें। कोई नई और मददगार दोस्ती जीवन में जुड़ सकती है।

🏵️कन्या (Virgo): हर चीज पहले से तय चाहने की आपकी आदत को थोड़ी चुनौती मिल सकती है। प्राथमिकताओं को व्यवस्थित करें।

🏵️तुला (Libra): यह दिन व्यस्त और चुनौतीपूर्ण रहेगा, लेकिन आपका शांत स्वभाव तनाव को कम करेगा और आपको सहयोग दिलाएगा।

🏵️वृश्चिक (Scorpio): आज आप कुछ रहस्यमयी या गुप्त स्वभाव के रह सकते हैं। नेतृत्व क्षमता उभरकर सामने आएगी।

🏵️धनु (Sagittarius): कार्यक्षेत्र में प्रगति के अवसर मिलेंगे। परिवार और मित्रों के साथ समय बिताने से मन प्रसन्न रहेगा।

🏵️मकर (Capricorn): आर्थिक मामलों में संभलकर चलें। काम की अधिकता हो सकती है, इसलिए सेहत का विशेष ध्यान रखें।

🏵️कुंभ (Aquarius): चंद्रमा आपकी ही राशि में हैं। सूझबूझ से किया गया योजनाबद्ध काम आपको वित्तीय लाभ दिलाएगा।

🏵️मीन (Pisces): भावुकता पर नियंत्रण रखें। किसी पुराने विवाद का शांतिपूर्ण समाधान निकल सकता है।

💕🙏 #ॐउमामहेश्वराभ्यां नमः 🙏
  ➡️ 💕🛟प्रात: विशेष🕉️🌺
#🌕 👉 👉🦚❤️💐 🌼🪔🏓🎊
   🌺🌷🏓।। आज बात करते हैं ☀️
🌹|| ✨ 🌹// 🕉️ ✨ 🌺 🦚 🌼 

🕉️ 🌸*🌙 🐘 🙏🐚🪔 🌿 🌺🪷
🏛️ 🪷श्री वामन जयंती विशेष🪷
💢भगवान विष्णु के दशावतारों में वामन अवतार को पाँचवाँ अवतार माना जाता है। इस अवतार में भगवान विष्णु ने एक तेजस्वी, छोटे कद वाले ब्राह्मण बालक अर्थात् वामन का रूप धारण किया था। यह अवतार केवल राजा बलि से तीन पग भूमि मांगने की कथा नहीं, बल्कि धर्म, वचन, दान, भक्ति और अहंकार के त्याग का अद्भुत संदेश देता है।

🛟वामन भगवान का जन्म

पौराणिक मान्यता के अनुसार भगवान विष्णु ने महर्षि कश्यप और माता अदिति के पुत्र के रूप में वामन रूप में प्रकट होकर देवताओं की सहायता की। वामन जयंती भाद्रपद शुक्ल द्वादशी को मनाई जाती है।

💥वामन भगवान का स्वरूप एक तेजस्वी ब्राह्मण बालक का था। उनके हाथों में छत्र और कमंडल शोभित थे तथा वे तपस्वी ब्रह्मचारी के रूप में राजा बलि की यज्ञशाला में पहुंचे।

💥वामन अवतार क्यों हुआ?

दैत्यराज महाबली अत्यंत पराक्रमी और महान दानी राजा थे। अपने सामर्थ्य और तप के प्रभाव से उन्होंने तीनों लोकों पर अधिकार स्थापित कर लिया था। देवताओं का स्वर्गलोक भी उनके अधिकार में चला गया था।

🤙महाबली अपना प्रभाव और बढ़ाने के लिए महान यज्ञ कर रहे थे। देवताओं ने भगवान विष्णु से सहायता की प्रार्थना की। तब भगवान विष्णु ने वामन रूप धारण किया और राजा बलि की यज्ञशाला में पहुंचे।

💥इस अवतार के माध्यम से भगवान ने देवताओं को उनका अधिकार वापस दिलाया और साथ ही यह संदेश दिया कि सामर्थ्य और संपत्ति के साथ विनम्रता तथा धर्म का होना भी आवश्यक है।

🏵️राजा बलि से तीन पग भूमि

राजा बलि यज्ञ के दौरान ब्राह्मणों और याचकों को दान दे रहे थे। वामन भगवान उनके सामने पहुंचे और उन्होंने केवल तीन पग भूमि दान में मांगी।

इतनी छोटी मांग सुनकर राजा बलि ने इसे सहज ही स्वीकार कर लिया।

💥लेकिन उनके गुरु शुक्राचार्य ने पहचान लिया कि यह कोई साधारण ब्राह्मण बालक नहीं, बल्कि स्वयं भगवान विष्णु हैं। उन्होंने राजा बलि को सावधान किया और दान देने से रोकने का प्रयास किया।

💥फिर भी राजा बलि ने अपना वचन निभाने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि एक बार वचन देने के बाद पीछे हटना उनके लिए उचित नहीं होगा।

🎉वामन का विराट रूप

दान का वचन मिलते ही भगवान वामन ने अपना विराट त्रिविक्रम रूप धारण कर लिया।

☀️उनका पहला पग पृथ्वी लोक को और दूसरा पग स्वर्ग तथा आकाश सहित समस्त लोकों को नाप गया। अब तीसरा पग रखने के लिए कोई स्थान शेष नहीं बचा।

🛟तब राजा बलि ने अपनी प्रतिज्ञा पूरी करने के लिए अपना सिर भगवान के चरणों में रख दिया और कहा कि हे प्रभु, तीसरा पग मेरे मस्तक पर रखिए।

💥🤙भगवान ने उनके सिर पर अपना चरण रखकर उनका अहंकार समाप्त किया और उन्हें अपनी शरण में स्वीकार किया।

🏵️राजा बलि को सुतल लोक

राजा बलि की दानशीलता, सत्यनिष्ठा और वचनबद्धता से भगवान विष्णु अत्यंत प्रसन्न हुए। उन्होंने बलि को सुतल लोक का अधिपति बनाया।

🏵️पौराणिक परंपरा में यह भी वर्णित है कि भगवान स्वयं सुतल लोक में राजा बलि के द्वारपाल के रूप में रहने लगे। इस प्रकार बलि को भगवान का सान्निध्य प्राप्त हुआ।

🏵️यह कथा बताती है कि भगवान के सामने अपना सर्वस्व समर्पित करने वाला भक्त अंततः भगवान की कृपा का पात्र बनता है।

🏵️वामन अवतार का सबसे बड़ा संदेश

वामन अवतार हमें सिखाता है कि मनुष्य कितना भी शक्तिशाली, धनवान और सामर्थ्यवान क्यों न हो, उसे अहंकार नहीं करना चाहिए।

🏵️राजा बलि की महानता केवल उनके दान में नहीं थी, बल्कि वचन निभाने और भगवान के चरणों में अपना अहंकार समर्पित करने में थी।

🏵️भगवान वामन का छोटा-सा रूप जब विराट त्रिविक्रम बना, तब यह संदेश प्रकट हुआ कि ईश्वर की शक्ति को बाहरी आकार से नहीं मापा जा सकता।

🏵️🏵️विशेष वामन अष्टक🏵️🏵️

वामनं ब्रह्मरूपं च कश्यपस्यात्मजं हरिम्।
अदितेर्गर्भसम्भूतं प्रणमामि जनार्दनम्॥

छत्रदण्डधरं देवं कमण्डलुविभूषितम्।
ब्रह्मचारिस्वरूपं तं वन्दे वामनरूपिणम्॥

त्रिविक्रमस्वरूपेण त्रैलोक्यं येन मापितम्।
तं विष्णुं सर्वलोकानां प्रणमामि सनातनम्॥

बलिदानप्रियं देवं सत्यवाक्यपरायणम्।
बलिमस्तकसंस्थं तं वन्दे भक्तवत्सलम्॥

यस्य पादे मही सर्वा यस्य पादे दिवं गतम्।
यस्य पादे जगत्सर्वं तं वन्दे मधुसूदनम्॥

अहंकारविनाशाय धर्मसंस्थापनाय च।
अवतीर्णाय देवाय वामनाय नमो नमः॥

दीनानाथाय शान्ताय भक्तानां हितकारिणे।
श्रीवामनाय देवाय नमो विष्णुस्वरूपिणे॥

वामनं त्रिविक्रमं विष्णुं सर्वलोकैकपालकम्।
भक्त्या स्मरामि नित्यं तं प्रणमामि पुनः पुनः॥

🏵️🏵️विशेष प्रार्थना🏵️🏵️

हे श्री वामन देव, हमारे भीतर के अहंकार का नाश करें, सत्य और धर्म के मार्ग पर चलने की शक्ति प्रदान करें। राजा बलि की तरह वचन निभाने, दान करने और भगवान के चरणों में अपना अहंकार समर्पित करने की भावना प्रदान करें।

श्री वामन देव भगवान की जय।
श्रीहरि विष्णु भगवान की जय।
राजा महाबली की जय। 🙏🌺

🌺‼️जय श्री कृष्णा! 🦚🚩 🌺🙏

🧨🚩⛳💥❤️🕉️🌴🍀🎈🌀🌿

 💕*"तद् यद् रुदितात् समभवन् तस्माद् रुद्राः"*💥
  ✨*नव ग्रहणां अधीनस्थ जीवनम्*✨
           *🛟॥ श्री हरिः ॐ*॥☀️
🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏    *ज्ञान ही सच्ची संपत्ति है।*
          *बाकी सब क्षणभंगुर* है।*
       🌼 ।। जय श्री कृष्ण ।।🌼
 *जय श्री महाकाल सरकार *

 *मोर मुकुट बंशीवाले  सेठ की जय हो*

*▬▬▬▬▬▬▬ஜ۩۞۩ஜ
*♥️~*यह पंचांग नागौर (राजस्थान) सूर्योदय के अनुसार है।*
*अस्वीकरण(Disclaimer)पंचांग, धर्म, ज्योतिष, त्यौहार की जानकारी शास्त्रों से ली गई है।*
🙏*हमारा उद्देश्य मात्र आपको  केवल जानकारी देना है। इस संदर्भ में हम किसी प्रकार का कोई दावा नहीं करते हैं।*
💥*राशि रत्न,वास्तु आदि विषयों पर प्रकाशित सामग्री केवल आपकी जानकारी के लिए हैं अतः संबंधित कोई भी कार्य या प्रयोग करने से पहले किसी अच्छी जानकारी वाले ज्योतिषी से संपर्क करे*।
*♥️ रमल ज्योतिर्विद आचार्य दिनेश "प्रेमजी", नागौर (राज,)* 
*।।आपका आज का दिन शुभ मंगलमय हो।।* 
🕉️📿🔥🌞🚩🔱ॐ 💥🙏💘☀️

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