*💥🗓*आज का पञ्चाङ्ग*🗓💥*
*🎈दिनांक 08 नवंबर 2026*
*🎈वार- रविवार*
*🎈मास - कार्तिक मास*
*🎈पक्ष - कृष्ण पक्ष*
*🎈विक्रम संवत् - 2083*
*🎈संवत्सर पराभव*
*🎈संवत्सर (उत्तर)- रौद्र*
*🎈अयन - दक्षिणायन*
*🎈ऋतु - शरद*
*🎈तिथि- चतुर्दशी - 11:27 ए एम तक तत्पश्चात अमावस्या*
*🎈नक्षत्र- स्वाति - पूर्ण रात्रि तक तत्पश्चात स्वाति*
*🎈करण-शकुनि - 11:27 ए एम तक तत्पश्चात्,चतुष्पद,नाग*
*🎈योग- आयुष्मान् - 03:03 ए एम, नवम्बर 09 तक तत्पश्चात् सौभाग्य *
*🎈राहुकाल- 04:25 पी एम से 05:47 पी एम(नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*हर जगह का अलग होगा
(राहुकाल वह समय होता है जिसमे किसी भी नये अथवा शुभ कार्य प्रारम्भ करने से बचना चाहिए।)*
*🎈सूर्योदय- 06:50. ए एम*
*🎈सूर्यास्त- 05:47 पी एम*
*🎈चंद्र राशि-तूुला*
*🎈सूर्य राशि- तुला*
*(सूर्योदय एवं सूर्यास्त ,नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*
*🎈दिशा शूल- पश्चिम दिशा में*
(किसी भी विशेष कार्य हेतु दिशा शूल वाली दिशा में जाने से बचना चाहिए, यद्यपि यदि उसी दिन जाकर उसी दिन लौटना हैं, अथवा व्यवसाय के दृष्टिकोण से प्रतिदिन जाना ही पड़ता है तो प्रभाव कम हो जाएगा, फिर इस पर विचार करने की आवश्यकता नही है, यदि किसी कारण वश दिशा शूल में जाना ही पड़े तो सूर्योदय से पूर्व निकलना श्रेयस्कर होता है, अन्यथा एक दिन पूर्व प्रस्थान रखकर भी निकला जा सकता हैं।)*
*🎈ब्रह्ममुहूर्त - 05:06 ए एम से 05:58 ए एम*
*🎈अभिजित मुहूर्त: 11:57 ए एम से 12:41 पी एम*
*🎈अमृत काल- 10:02 पी एम से 11:44 पी एम*
*🎈निशिता मुहूर्त -11:53 पी एम से 12:45 ए एम, नवम्बर 09*
*🎈विजय मुहूर्त 02:08 पी एम से 02:52 पी एम
🎯*विशेष:- व्रतपर्व विवरण- 🏵️
☀️🏵️ दीपावली पूजन मुहूर्त🏵️
💢 पंच दिवसीय दीपोत्सव की हार्दिक शुभकामनाएं💕
🚩*दीपावली मुहूर्त वि. सं. 2083*(सन् 2026)
💥 दिनांक 8 नवंबर 2026 रविवार (कार्तिक कृष्ण पक्ष चतुर्दशी) को प्रदोष व्यापिनि अमावस्या में दीपावली का महालक्ष्मी पूजन उत्सव है। इस दिन गादी स्थापना, स्याही भरने, कलम-दवात संवारने व प्रतिष्ठानों में पूजन हेतू श्रेष्ठ समय चंचल वेला में प्रातः 08.13 बजे से 09.35 बजे तक, लाभ अमृत वेला में प्रातः 09.35 बजे से दोपहर 12.19 बजे तक, अभिजीत वेला में दोपहर 11.57 बजे से 12.40 बजे तक तथा शुभ वेला में दोपहर 01.40 बजे से 03.02 बजे तक है।
👉*दिन में पूजन मुहूर्त -* श्री पूजन हेतु दिन में श्रेष्ठ समय वृश्चिक स्थिर लग्न प्रातः 07.33 बजे से 09.51 बजे तक तथा कुंभ लग्न में दोपहर 01.39 बजे से 03.07 बजे तक है के श्रेष्ठ मुहूर्त है।
👉*श्री महालक्ष्मी पूजन मुहूर्त -* श्री पूजन हेतु श्रेष्ठ समय सायं गोधूलि प्रदोष वेला सायं 05.46 बजे से रात्रि 08.22 बजे तक, वृषभ लग्न सायं 06.10 बजे से रात्रि 08.07 बजे तक, मिथुन लग्न रात्रि 08.07 से 10.21 बजे, निशिथकाल मध्यरात्रि 11.53 से 12.45 बजे, शुभ-अमृत चौघड़िया सायं 05.46 बजे से रात्रि 09.03 बजे तक सिंह लग्न रात्रि 12.40 बजे से 02.56 बजे तक श्रेष्ठ मुहूर्त है।
🌹*श्री रोकड़ मिलान -* दिनांक 10 नवंबर 2026 मंगलवार (कार्तिक शुक्ल पक्ष प्रतिपदा) को रोकड़ मिलान का श्रेष्ठ समय चंचल वेला प्रातः 09.36 बजे से प्रातः 10.57 बजे तक तथा लाभ अमृत वेला प्रातः 10:57 बजे से दोपहर 01.40 बजे तक है।
(उपरोक्त मुहूर्त स्थानीय नागौर नगर उदयकाल मुहूर्त पर आधारित है।)
🏓🏓
🏵️चतुर्भुज नाथ की जय हो "🙏 🛟
🏓🏓8 नवंबर 2026 (रविवार, दीपावली) का दिन सभी 12 राशियों के लिए बेहद खास रहने वाला है। आज तुला राशि में चंद्रमा और मंगल का केंद्र योग 'धन लक्ष्मी योग' का निर्माण कर रहा है, जिससे कई राशियों पर मां लक्ष्मी की विशेष कृपा बरसेगीl
💢.ब्रह्मवैवर्त पुराण के अनुसार, अमावस्या के दिन निम्नलिखित चीजों का सेवन या कार्य वर्जित (निषिद्ध) माने गए हैं:
तिल का तेल: अमावस्या, पूर्णिमा, संक्रांति, चतुर्दशी और अष्टमी तिथि के दिन तिल के तेल का सेवन करना और शरीर पर लगाना वर्जित है। [1]
दूसरे का अन्न: अमावस्या और पूर्णिमा के दिन दूसरों के घर का अन्न (भोजन) ग्रहण करना मना है, इससे पुण्य का नाश होता है। ↘️
👉 जय माँ आदिशक्ति सच्चियाय 🪔
🛟 नागौर, राजस्थान, (भारत) के
मानक सूर्योदय के अनुसार।*🛟
*🛟चोघडिया, दिन का🛟*
🛟चोघडिया, रात् का🛟*
‼️💥 सभी 12 राशियों का संक्षिप्त राशिफल इस प्रकार है:➡️💥
🏵️ • मेष: लक्ष्य प्राप्ति का दिन। मेहनत का अच्छा फल मिलेगा और आप भावनात्मक रूप से मजबूत महसूस करेंगे। हालांकि, खर्चों पर नियंत्रण रखें।
🏵️वृषभ: मिश्रित फलदायी। पुराने दोस्तों या रिश्तेदारों से मुलाकात हो सकती है। स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें और बिना वजह की यात्रा से बचें।
🏵️मिथुन: सकारात्मक बदलाव। आज कुछ नया करने की इच्छा प्रबल होगी। मां लक्ष्मी की कृपा से आर्थिक पक्ष मजबूत रहेगा।
🏵️कर्क: खुशखबरी और तरक्की। दिन की शुरुआत किसी शुभ समाचार से होगी। कार्यक्षेत्र में प्रमोशन या बड़ी सफलता के योग हैं। उधारी देने से बचें।
🏵️सिंह: रुका धन वापस मिलेगा। नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को सफलता मिल सकती है। कार्यस्थल पर थोड़ा धैर्य से काम लें।
🏵️कन्या: आर्थिक लाभ। धन लाभ के नए अवसर मिलेंगे। हालांकि, काम की भागदौड़ के कारण सेहत में थोड़े उतार-चढ़ाव आ सकते हैं, ध्यान रखें।
🏵️तुला: चिंताओं से राहत। किसी पुराने मित्र की मदद से मानसिक तनाव कम होगा। दफ्तर में नई और बड़ी जिम्मेदारियां मिल सकती हैं।
🏵️वृश्चिक: सफलता का दिन। योजनाबद्ध तरीके से किए गए काम पूरे होंगे। वित्तीय मामलों में बजट का ध्यान रखें, कुछ छिपे हुए खर्चे सामने आ सकते हैं।
🏵️धनु: स्थिरता और लाभ। पुराने निवेशों या साइड प्रोजेक्ट्स से धन लाभ होगा। नया काम या निवेश शुरू करने के लिए दिन अच्छा है।
🏵️मकर: सावधानी बरतें। लेन-देन के मामलों में सतर्क रहने की जरूरत है। ऑफिस में काम का बोझ और नई जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं।
🏵️कुंभ: यात्रा और प्रतिस्पर्धा। किसी यात्रा की योजना बन सकती है। विरोधियों या किसी विवादित स्थिति में खुद को शांत रखें और धैर्य से काम लें।
🏵️मीन: पारिवारिक सुख। संतान पक्ष से कोई अच्छी खबर मिल सकती है। परिवार के साथ सुकून भरा समय बीतेगा और कानूनी मामलों में सफलता मिल सकती है।
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🚩*श्रीगणेशाय नमोनित्यं*🚩
🚩*☀जय मां सच्चियाय* 🚩
➡️ 💕🛟प्रात: विशेष🕉️🌺
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।। माता महालक्ष्मी दिव्य मंत्र संग्रह ।।
साबर मंत्र और तांत्रिक मंत्र, माता महालक्ष्मी के 111 दुर्लभ मंत्र संग्रह , शाबर एवं तांत्रिक और शास्त्रोक्त मंत्र संकलन
01. दारिद्यनाशक धनवृद्बि महालक्ष्मी कृपामंत्र
ॐ लक्ष्मी माता जगतजननी, तेरा रूप है बहुत सुहायै,
कमल फूल पर बैठी मईया, धन दौलत में करें सहाये,
जिससे रूष्ट होये तू मईया, उसके काम बनने के नाये,
होम रचाऊं मईया तेरा, मेरे काम समारो आये,
जितने दारिद्रय है मईया मुझ पर, सारे दारिद्रय देयो हटाये
शब्द सांचा पिंड खांचा फले मंत्र ईश्वरो वांचा
सत्यनाम आदेश गुरु को,
विधी-----दीपावली या होली की रात में इस मंत्र की सात माला (7 माला) जप करना है एवं एक माला हवन से करें हवन सामग्री में घीऔर शक्कर मिलाकर आहुति दे, दीपावली पर दरिद्रता नाशक यह सर्वश्रेष्ठ प्रयोग है, फिर नित्य 21 बार या एक माला जपे इससे साधक के जीवन में किसी प्रकार से आर्थिक समस्या नहीं रहती
02.
ॐ प्रजलीत मां कमला देवी ,
सरव काज पूरन करो मां ,
मैं अस तमारे प्रजलीत हो जगदम्बिके,
03.. कनकवती महालक्ष्मी शाबर मंत्र
ॐ नमो आदेश गुरु को।
कनकवती लक्ष्मी माई, हाथ सुवर्ण का कलश उठाई।
द्वार हमारे आय विराजी, रिद्धि-सिद्धि भंडार भराई।
नित्य बसे धन, नित्य बसे धान्य, जो माँगे सो पावे मान।
दुहाई राजा जनक की, दुहाई माता सीता की,
दुहाई गुरु गोरखनाथ की।
मेरी भक्ति, गुरु की शक्ति, फुरो मन्त्र ईश्वरो वाचा।
04..ॐ नमो आदेश गुरु को।
उत्तर दिशा से आई महालक्ष्मी, संग लाई धन-कुबेर भण्डारी।
अष्ट सिद्धि नवनिधि संग डोले, सोने-चाँदी के घट भर खोले।
रिद्धि आवे, सिद्धि आवे, मेरे घर में स्थिर लक्ष्मी समावे।
जो न भरे भण्डार, तो नृसिंह देव की दुहाई, गुरु गोरखनाथ की आन।
मेरी भक्ति, गुरु की शक्ति, फुरो मन्त्र ईश्वरो वाचा।
05.ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं महालक्ष्मी, धनदा, धन-धान्य-समृद्धि दात्री,
सर्व बाधा निवारिणी, मम गृहे आगच्छ आगच्छ, धनं देहि देहि, स्वाहा॥
विधी--क्रम संख्या 2 से 5 तक के सभी मंत्रों की एक समान विधि निम्नलिखित हैं :
दीपावली या होली की रात में 11 माला जप करें और एक माला हवन से करें या किसी शुभ मुहूर्त में 21 दिन नित्य पांच माला जप करें और अंतिम दिन एक माला हवन करें और एक कन्या को भोजन कराएं। इससे परिवार में अन्न धन की कमी नहीं रहती।
06..ॐ कामरूप कामाख्या देवी, जहां बसै लक्ष्मी महारानी आवै घर में जमकर बैठे, सिद्ध होय मेरा काज सुधारे, जो चाहूं हो होय , ओम ह्रीं ह्रीं ह्रीं फट् ।।
इसे नित्य 11/21 बार जपे पहले होली या दीपावली की रात में जप लें108 या नवरात्र में नौ दिन नित्य 21 बार जपें। इसके जाप से धान्य की वृद्धि होती है सुख समृद्धि आती है।
07...ॐ विष्णु प्रिया लक्ष्मी , शिवप्रिया सती से प्रकट हुई कामाक्षा भगवती, आदिशक्ति युगल मूर्ति अपार ,
दोनो की प्रीती अमर जाने संसार, दुहाई कामाक्षा की
आय बढा व्यय घटा दया कर माई, ओम नमः विष्णु प्रियायै ओम नमः शिव प्रियायै ओम नमः कामाक्षायै ह्मीं ह्मीं श्रीं श्रींं फट् स्वाहा।।
इस मंत्र का भी होली या दीपावली की रात १०८ बार जपे
फिर नित्य 21 बार या एक माला करें
इससे घर और व्यापार में लाभ होता है बरकत रहती है
08..ॐ नमो भगवती पदमा श्रीं ॐ ह्री पूरब दक्षिण,
उत्तर पश्चिम, धन द्रव्य आवै सर्वजन वश्यं कुरु कुरु नमः
इस मंत्र का १०८ बार जप करें तो धनागमन होता है।
व्यापार में वृद्धि होती है।
09.. ॐ शुक्ले महाशुक्ले कमलदल निवासे श्रीमहालक्ष्मी नमो नमः लक्ष्मी माई सत् की सवाई आओ चेतो करो भलाई न करो तो सात समुद्र की दुहाई,,ऋद्बि सिद्बि न करै तो , नौ नाथ चौरासी सिद्धों की दुहाई
10....ॐ नमो महादेवी महाशुक्ला , कमलदल निवासी,
लक्ष्मी माई सत्य की सवाई, अचानक धन लेकर आओ माई
करो भलाई, और न करो तो, सात समुद्र की दुहाई
ऋद्धि सिद्धि नहीं लाओगी तो नवनाथ चौरासी सिद्धों की दुहाई
इन दोनों मंत्रो का नित्य ५१ या १०८ बार जपे इससे सुख समृद्बि आती है। दीपावली होली की रातअथवा ग्रहणकाल में 108 बार जपें।
11....ॐ नमो भगवती समंदर की बेटी , विष्णु की रानी, आओ आओ लक्ष्मी महारानी, हम मानुष तुम भगवती,
हमें भी बनाओं कुबेरपति , जो न बनाओ धनपति तो कुबेर की नव निधियों की आन, सात समंदर की दुहाई,
दुहाई दुहाई श्रीनाथ भगवान की
यह भी अद्भुत मंत्र है नित्य 21 या ५१ बार जपे
माता लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है होली या दीपावली की रात ,१०८ बार जप करें।
12..ॐ नमो ह्रीं श्रींं क्लीं क्लीं लक्ष्मी मम गृहे चिन्ता दूर करोति नमः/स्वाहा।
13. ॐ ह्रीं श्रीं लक्ष्मी मम गृहे धनं पूरय पूरय चिन्ता दूरय दूरय नमः।
14..ॐ नमो ह्रीं श्रीं क्लीं श्रीं क्लीं श्रीं लक्ष्मी गणेशाय मम गृहे चिन्ता दूर करोति नमः/स्वाहा।
यह तीनों मंत्र का जप धन समृद्धि दायक है
15....ॐ सागरसुता, नारायण की प्यारी
चन्द्र भ्राता की सौगंध हाजिर हो,।
इक्कीस तक नित्य 21 माला जप करें और अंतिम दिन एक माला हवन से करें। रोहिणी नक्षत्र से या दीपावली की रात से शुरू करें। इससे धन-धान्यादि की वृद्धि सुख समृद्धि प्राप्त होती है
16..ॐ राम राम रटा करूं चीनी मेरा नाम
सर्व नगरी वश में करूं मोहूं सारा गांव
राजा को बकरी करूं नगरी करूं बिलाई
नीचा को ऊंचा करूं सिद्ब गोरखनाथ की दुहाई
यह दरिद्रता नाशक मंत्र हैं नित्य जप से धनागमन होता है
17.अक्षय धन प्राप्ति मंत्र
~लक्ष्मी प्रार्थना~
हे मां लक्ष्मी शरण हम तुम्हारी,
, पूरन करो अब माता कामना हमारी,
धन की अधिष्ठात्री जीवन सुख दात्री, ,
सुनो सुनो अम्बे सद्गुरु की पुकार,
शंभू की पुकार ,, मां कामाख्या की पुकार,
तुम्हें विष्णु की आन् अब मत करो मान
आस लगाकर ध्यान लगाकर हम देते हैं दीपदान
मंत्र
ॐ नमः विष्णु प्रियायै ॐ नमः कामाक्षायै , ह्रीं ह्रीं ह्रीं क्रीं क्रीं क्रीं श्रीं श्रींं श्रीं फट स्वाहा।
१०८ आटे के दिये बना लें एक एक बार मंत्र पढ़कर दीप प्रज्वलित करें कुल १०८ बार पढे, दीपावली की पूजा के समय फिर नित्य कम से कम 21 बार मंत्र जपे शरद पूर्णिमा, दीपावली, कार्तिक पूर्णिमा, अक्षय तृतीया,ग्रहण काल पुष्य नक्षत्र में यह प्रयोग कर सकते हैं
18...,कमला शाबर मंत्र
ॐ सतनाम आदेश गुरु को, आदेश ॐ गुरु जी,
ओम अयोनि शंकर ओंकार रूप
कमला देवी सती पार्वती का रूप
हाथ में सोने का कलश, मुख में अभयमुद्रा
श्वेत वर्ण सेवा पूजा करें नारद इन्द्र,
देवी देवता ने किया जय ओंकार,
कमला देवी पूजैं केशर पान सुपारी फतरी तिल गूग्गल
सहस्त्रो कमल का किया हवन !
कहें गोरख मन्त्र जपो जाप ऋद्वि सिद्धि की पहचान
गंगा गौरजा पार्वती जान ,
जिसकी तीन लोक में भया मान,
कमला देवी के चरण कमलों को आदेश
इतना कमला जाप संपूर्ण भया,
श्रीनाथ जी गुरु जी को आदेश आदेश
माता कमला लक्ष्मी की कृपा प्राप्त करने और सिद्भि के लिए बताया गया है।
ॐ नमः अन्नपूर्णा धान्यलक्ष्मी ,
‼️‼️जय श्री हरि‼️‼️
🌺‼️जय श्री कृष्णा! 🦚🚩 🌺🙏
🧨🚩⛳💥❤️🕉️🌴🍀🎈🌀🌿
💕*"तद् यद् रुदितात् समभवन् तस्माद् रुद्राः"*💥
✨*नव ग्रहणां अधीनस्थ जीवनम्*✨
*🛟॥ श्री हरिः ॐ*॥☀️
🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏
🌹🌹 🌹🌹 🌹🌹 🌹🌹 🌹🌹
*💥“*ज्ञान ही सच्ची संपत्ति है।*
*बाकी सब क्षणभंगुर* है।”💥
🌼 ।। जय श्री कृष्ण ।।🌼
💥।। शुभम् भवतु।।💥
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*♥️~*यह पंचांग नागौर (राजस्थान) सूर्योदय के अनुसार है।*
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*♥️ रमल ज्योतिर्विद आचार्य दिनेश "प्रेमजी", नागौर (राज,)*
*।।आपका आज का दिन शुभ मंगलमय हो।।*
🕉️📿🔥🌞🚩🔱ॐ 💥🙏💘☀️






















