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पञ्चाङ्ग 4 नवंबर 2026

 
 *आज का पञ्चाङ्ग*

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 *🎈दिनांक  04 नवंबर 2026*
*🎈वार-   बुधवार *
*🎈मास - आश्विन मास*
*🎈पक्ष -  कृष्ण पक्ष*
*🎈विक्रम संवत् - 2083*
 

*🎈संवत्सर (उत्तर)-    रौद्र*
*🎈अयन - दक्षिणायन*
*🎈ऋतु - शरद*
*🎈तिथि- दशमी - 11:03 ए एम तक तत्पश्चात एकादशी* 
*🎈नक्षत्र- पूर्वाफाल्गुनी - 03:30 ए एम, नवम्बर 05 तक तत्पश्चात उत्तरा फाल्गुनी*
*🎈करण-    विष्टि - 11:03 ए एम तक तत्पश्चात् बव,बालव*
*🎈योग-    ब्रह्म - 08:01 ए एम तक तत्पश्चात् इंद्र, वैद्युति*
*🎈राहुकाल- 12:18 पी एम से 01:41 पी एम(नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*हर जगह का अलग होगा
(राहुकाल वह समय होता है जिसमे किसी भी नये अथवा शुभ कार्य प्रारम्भ करने से बचना चाहिए।)* 

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*🎈सूर्योदय- 06:47 पी एम*
*🎈 सूर्यास्त- 05:50पी एम*
*🎈चंद्र राशि-सिंह*
*🎈सूर्य राशि- तुला*
*(सूर्योदय एवं सूर्यास्त ,नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*
*🎈दिशा शूल- उत्तर दिशा में*
(किसी भी विशेष कार्य हेतु दिशा शूल वाली दिशा में जाने से बचना चाहिए, यद्यपि यदि उसी दिन जाकर उसी दिन लौटना हैं, अथवा व्यवसाय के दृष्टिकोण से प्रतिदिन जाना ही पड़ता है तो प्रभाव कम हो जाएगा, फिर इस पर विचार करने की आवश्यकता नही है, यदि  किसी कारण वश दिशा शूल में जाना ही पड़े तो सूर्योदय से पूर्व निकलना  श्रेयस्कर होता है, अन्यथा एक  दिन पूर्व प्रस्थान रखकर भी निकला जा सकता हैं।)*
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*🎈ब्रह्ममुहूर्त - 05:03 ए एम से 05:55 ए एम*
*🎈अभिजित मुहूर्त: कोई नहीं*
*🎈अमृत काल-    09:05 पी एम से 10:41 पी एम*
*🎈 निशिता मुहूर्त -11:53 पी एम से 12:45 ए एम, नवम्बर 05*
*🎈विशेष:- व्रतपर्व विवरण-  🏵️ 
☀️🏵️ दीपावली पूजन मुहूर्त🏵️
💢 पंच दिवसीय दीपोत्सव की हार्दिक शुभकामनाएं💕
🚩*दीपावली मुहूर्त वि. सं. 2083*(सन् 2026)
💥 दिनांक 8 नवंबर 2026 रविवार (कार्तिक कृष्ण पक्ष चतुर्दशी) को प्रदोष व्यापिनि अमावस्या में दीपावली का महालक्ष्मी पूजन उत्सव है। इस दिन गादी स्थापना, स्याही भरने, कलम-दवात संवारने व प्रतिष्ठानों में पूजन हेतू श्रेष्ठ समय चंचल वेला में प्रातः 08.13 बजे से 09.35 बजे तक, लाभ अमृत वेला में प्रातः 09.35 बजे से दोपहर 12.19 बजे तक, अभिजीत वेला में दोपहर 11.57 बजे से 12.40 बजे तक तथा शुभ वेला में दोपहर 01.40 बजे से 03.02 बजे तक है।
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👉*दिन में पूजन मुहूर्त -* श्री पूजन हेतु दिन में श्रेष्ठ समय वृश्चिक स्थिर लग्न प्रातः 07.33 बजे से 09.51 बजे तक तथा कुंभ लग्न में दोपहर 01.39 बजे से 03.07 बजे तक है के श्रेष्ठ मुहूर्त है।
👉*श्री महालक्ष्मी पूजन मुहूर्त -* श्री पूजन हेतु श्रेष्ठ समय सायं गोधूलि प्रदोष वेला सायं 05.46 बजे से रात्रि 08.22 बजे तक, वृषभ लग्न सायं 06.10 बजे से रात्रि 08.07 बजे तक, मिथुन लग्न रात्रि 08.07 से 10.21 बजे, निशिथकाल मध्यरात्रि 11.53 से 12.45 बजे, शुभ-अमृत चौघड़िया सायं 05.46 बजे से रात्रि 09.03 बजे तक सिंह लग्न रात्रि 12.40 बजे से 02.56 बजे तक श्रेष्ठ मुहूर्त है।
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🌹*श्री रोकड़ मिलान -* दिनांक 10 नवंबर 2026 मंगलवार (कार्तिक शुक्ल पक्ष प्रतिपदा) को रोकड़ मिलान का श्रेष्ठ समय चंचल वेला प्रातः 09.36 बजे से प्रातः 10.57 बजे तक तथा लाभ अमृत वेला प्रातः 10:57 बजे से दोपहर 01.40 बजे तक है।
(उपरोक्त मुहूर्त स्थानीय नागौर नगर उदयकाल मुहूर्त पर आधारित है।)
 🏓🏓
🏵️चतुर्भुज नाथ की जय हो "🙏 🛟

🏓🏓4 नवंबर 2026 (बुधवार) को कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की दशमी/एकादशी तिथि और पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र के साथ-साथ ब्रह्म और एन्द्र योग का संयोग बन रहा है। इस दिन चंद्रमा सिंह राशि से कन्या राशि में गोचर करेंगे।
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💢.ब्रह्मवैवर्त पुराण (ब्रह्म खंड: 27.29-34) के अनुसार दशमी तिथि को कलम्बी (एक प्रकार का साग) खाना वर्जित या निषिद्ध बताया गया है। ↘️

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 👉 जय माँ आदिशक्ति सच्चियाय 🪔 
     🛟 नागौर, राजस्थान, (भारत)    
         मानक सूर्योदय के अनुसार।*🛟
       *🛟चोघडिया, दिन का🛟*
day



          🛟चोघडिया, रात्🛟*
night



‼️💥 सभी 12 राशियों का संक्षिप्त राशिफल इस प्रकार है:💫💥
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pawan

dharniya



🛟 • मेष (Aries): अटका हुआ पुराना पैसा वापस मिल सकता है। सहकर्मियों से तारीफ मिलेगी और पारिवारिक जीवन में खुशियां रहेंगी। निवेश से फिलहाल बचें।
🛟• वृषभ (Taurus): छोटे कार्यों को स्मार्ट तरीके से मैनेज करें। कार्यक्षेत्र में मन मुताबिक सफलता मिलने के योग हैं। खर्चों की जांच करें और बचत पर ध्यान दें।
🛟• मिथुन (Gemini): बातचीत और संवाद की स्किल्स से कमाई के नए अवसर मिलेंगे। पुरानी समस्याओं का निदान मिलेगा और परिवार में भाई-बहनों का सहयोग रहेगा।
🛟• कर्क (Cancer): रोचक मौके और उपयोगी फीडबैक प्राप्त होंगे। बातચીत के जरिए नए रास्ते खुलेंगे। बोलने के साथ-साथ दूसरों को सुनना भी फायदेमंद रहेगा।
🛟• सिंह (Leo): अटका हुआ धन प्राप्त होगा और निवेश से लाभ मिलेगा। परिवार के साथ अच्छा समय बीतेगा। बड़े फैसले अपनों की सलाह से लें।
🛟• कन्या (Virgo): प्रेम संबंधों में इजहार करने के लिए दिन अच्छा है। व्यापारी किसी बड़ी डील को फाइनल कर सकते हैं। टीमवर्क और रचनात्मक क्षमता का लाभ मिलेगा।
🛟• तुला (Libra): भाग्य का पूरा सहयोग मिलेगा। व्यापार और करियर में अधिकारियों व मित्रों से प्रोत्साहन प्राप्त होगा। आर्थिक मामलों में समझदारी बरतें।
🛟• वृश्चिक (Scorpio): दिन स्पीड और ऊर्जा से भरा रहेगा। सबसे महत्वपूर्ण काम को पहले निपटाएं। दोस्तों की सलाह उपयोगी साबित होगी।
🛟• धनु (Sagittarius): संतान पक्ष से कोई शुभ समाचार मिल सकता है। छात्रों व युवाओं को पढ़ाई से जुड़ी नौकरी के योग हैं। खर्चों पर नियंत्रण रखें।
🛟• मकर (Capricorn): पुराने मित्र से मुलाकात हो सकती है। सेहत और वाहन चलाने में थोड़ी सावधानी बरतें। जीवनसाथी से किसी बात पर मतभेद संभव है।
🛟• कुंभ (Aquarius): प्रॉपर्टी से जुड़ी महत्वपूर्ण डील फाइनल हो सकती है। धन आगमन के नए साधन मिल सकते हैं। परिवार में उत्साह का माहौल रहेगा।
🛟• मीन (Pisces): नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। कार्यक्षेत्र में आ रही पुरानी परेशानियों का आसान हल निकलेगा। स्वास्थ्य और खान-पान का ध्यान रखें।
    ★√*★√*★√*★√*★√*★
     🚩*श्रीगणेशाय नमोनित्यं*🚩
    🚩*☀जय मां सच्चियाय* 🚩 
   
  ➡️ 💕🛟प्रात: विशेष🕉️🌺
#🌕 👉 👉🦚❤️💐 🌼🪔🏓🎊
🌹|| ✨ 🌹// 🕉️ ✨ 🌺 🦚 🌼 
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💥।। ॐ नमो भगवते वासुदेवाय ।।💥

✨।। भगवान धन्वंतरि का सर्वरोगहर अच्युत-अनंत-गोविंद नाम जप ।।

💕शास्त्रीय मंत्र, संकल्प, विनियोग, ध्यान एवं जप-विधि‼️
सम्पूर्ण मानव जाति के आरोग्य, कल्याण और भगवान श्रीहरि विष्णु की कृपा की प्रार्थना के लिए भगवान धन्वंतरि द्वारा उपदिष्ट अच्युत, अनंत और गोविंद नामों का स्मरण अत्यंत श्रद्धापूर्वक किया जाता है।

💥आरोग्य प्रार्थना मंत्र

अच्युतानन्त गोविन्द नामोच्चारणभेषजात्।
 नश्यन्ति सकलारोगाः सत्यं सत्यं वदाम्यहम्॥

भावार्थ: भगवान अच्युत, अनंत और गोविंद के पवित्र नामों का उच्चारण औषधि के समान कल्याणकारी माना गया है।

 यह श्लोक भगवान के नाम-स्मरण के माध्यम से रोगों से मुक्ति और आरोग्य की प्रार्थना करता है।

💥1. संकल्प विधि

जप आरंभ करने से पहले भगवान श्रीहरि विष्णु का स्मरण करके तीन बार कहें:=

ॐ विष्णवे नमः। ॐ विष्णवे नमः। ॐ विष्णवे नमः।

इसके बाद अपने सामर्थ्य और उद्देश्य के अनुसार आरोग्य की प्रार्थना करें।
 पारंपरिक विस्तृत अनुष्ठान में साधक अपने नाम, जप के उद्देश्य, जप करने वाले व्यक्ति तथा निर्धारित जप-संख्या का उल्लेख करता है।

यदि किसी अन्य व्यक्ति के लिए संकल्प किया जा रहा हो, तो उसका नाम स्पष्ट रूप से लेकर उसके आरोग्य एवं कल्याण की प्रार्थना करें।

💥2. गणेश पूजन एवं प्रारंभिक तैयारी

स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें।

पूजा-स्थान को स्वच्छ करके भगवान गणेश और भगवान विष्णु का स्मरण करें।

दीप प्रज्वलित करें तथा अपनी श्रद्धा के अनुसार पुष्प, तुलसीदल और जल अर्पित करें।

आरोग्य एवं कल्याण के लिए संकल्प लें।

यदि विस्तृत शास्त्रीय अनुष्ठान किसी आचार्य या ब्राह्मण से करवाना हो, तो संकल्प, न्यास और जप-संख्या की विधि उनसे समझ लें।

💥3. जप विनियोग

अस्य श्रीनामत्रयीमहामन्त्रस्य कश्यपात्रिभरद्वाजाऋषयः। श्रीमहाविष्णुर्देवता, अनुष्टुप् छन्दः। सांकल्पिकहेतुसिद्ध्यर्थे न्यासे विनियोगः॥

💢विनियोग का भावार्थ:= 

इस मंत्र के ऋषि कश्यप, अत्रि और भरद्वाज माने गए हैं। इसके देवता भगवान श्रीमहाविष्णु तथा छंद अनुष्टुप् है। संकल्पित उद्देश्य की सिद्धि के लिए इसका विनियोग किया जाता है।

💥4. करन्यास

अच्युताय अङ्गुष्ठाभ्यां नमः। 

अनन्ताय तर्जनीभ्यां नमः।

 गोविन्दाय मध्यमाभ्यां नमः। 

अच्युताय अनामिकाभ्यां नमः।

 अनन्ताय कनिष्ठिकाभ्यां नमः।

 गोविन्दाय करतलकरपृष्ठाभ्यां नमः॥

💥5. अंगन्यास

अच्युताय हृदयाय नमः। 

अनन्ताय शिरसे स्वाहा।

 गोविन्दाय शिखायै वषट्।

 अच्युताय कवचाय हुं।

 अनन्ताय नेत्राभ्यां वौषट्। 

गोविन्दाय अस्त्राय फट्॥

न्यास की विभिन्न पाठ-परंपराओं में मंत्रों के शब्दों और क्रम में अंतर मिल सकता है। 

विस्तृत अनुष्ठान में अपनी मान्य परंपरा के अनुसार ही पाठ करें।

💥6. ध्यान मंत्र

समस्तदुरितव्याधिसंघध्वंसपटीयसे।
 अच्युतानन्तगोविन्दनाम्ने धाम्ने नमो नमः॥

भावार्थ: समस्त कष्टों और व्याधियों के नाश की प्रार्थना के साथ भगवान अच्युत, अनंत और गोविंद को बारंबार प्रणाम है।

💥7. मुख्य जप मंत्र

ॐ अच्युताय नमः। ॐ अनन्ताय नमः। ॐ गोविन्दाय नमः॥
इस मंत्र का श्रद्धापूर्वक जप करें। 

चाहें तो अपनी परंपरा में प्रचलित संयुक्त नाम-मंत्र का भी जप कर सकते हैं।

💥8. जप-संख्या एवं अनुष्ठान

प्रस्तुत पारंपरिक विधान में कुल 1,18,000 जप का उल्लेख है।

 इतनी बड़ी संख्या का अनुष्ठान करने से पहले योग्य आचार्य से दैनिक जप-संख्या, अवधि, न्यास तथा अन्य नियमों की पुष्टि कर लें।

सामान्य भक्त अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार प्रतिदिन 108 बार अथवा सुविधानुसार मंत्र-जप कर सकते हैं।

 सामान्य जप और निर्धारित संकल्प वाला पूर्ण अनुष्ठान अलग-अलग हैं।

💥9. जप पूर्ण होने पर प्रार्थना

अच्युतानन्तगोविन्द नामोच्चारणभेषजात्। नश्यन्ति सकलारोगाः सत्यं सत्यं वदाम्यहम्॥

इसके बाद भगवान श्रीमहाविष्णु से अपने तथा समस्त प्राणियों के आरोग्य, सुख और कल्याण की प्रार्थना करें।

💥10. जप समर्पण

अनेन जपाख्येन कर्मणा श्रीमहाविष्णुः प्रीयतां। न मम।

 तत्सद् ब्रह्मार्पणमस्तु॥

भावार्थ: इस जप-कर्म से भगवान श्रीमहाविष्णु प्रसन्न हों।

 यह कर्म मेरे अहंकार या स्वार्थ के लिए नहीं, बल्कि भगवान को समर्पित है।

‼️विशेष निवेदन=

भगवान धन्वंतरि आयुर्वेद और आरोग्य के आराध्य देव माने जाते हैं।

 उनके मंत्रों का जप श्रद्धा, मानसिक शांति और आध्यात्मिक संबल के लिए किया जा सकता है।

 हालांकि, मंत्र-जप को किसी रोग का प्रमाणित चिकित्सकीय उपचार न मानें।

 रोग होने पर योग्य चिकित्सक से परामर्श और निर्धारित उपचार जारी रखें।

भगवान धन्वंतरि की कृपा से समस्त प्राणियों के जीवन में आरोग्य, शांति और मंगल का वास हो।

‼️ॐ नमो भगवते वासुदेवाय।‼️

‼️अच्युत, अनंत और गोविंद।

 भगवान श्रीहरि के इन पवित्र नामों का श्रद्धापूर्वक स्मरण करें।

 इस पोस्ट में जानिए आरोग्य मंत्र, संकल्प, विनियोग, न्यास, जप-विधि और जप समर्पण का पारंपरिक विधान। 

स्वयं पढ़ें और जरूरतमंदों तक भी पहुंचाएं।

‼️‼️जय श्री हरि‼️‼️
🌺‼️जय श्री कृष्णा! 🦚🚩 🌺🙏
🧨🚩⛳💥❤️🕉️🌴🍀🎈🌀🌿
💕*"तद् यद् रुदितात् समभवन् तस्माद् रुद्राः"*💥
  ✨*नव ग्रहणां अधीनस्थ जीवनम्*✨
           *🛟॥ श्री हरिः ॐ*॥☀️
🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏     
 🌹🌹 🌹🌹 🌹🌹 🌹🌹 🌹🌹          

 *💥“*ज्ञान ही सच्ची संपत्ति है।*
          *बाकी सब क्षणभंगुर* है।”💥
       🌼 ।। जय श्री कृष्ण ।।🌼
       💥।। शुभम् भवतु।।💥
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*♥️~*यह पंचांग नागौर (राजस्थान) सूर्योदय के अनुसार है।*
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‼️*अस्वीकरण(Disclaimer)पंचांग, धर्म, ज्योतिष, त्यौहार की जानकारी शास्त्रों से ली गई है।*
🙏*हमारा उद्देश्य मात्र आपको  केवल जानकारी देना है। इस संदर्भ में हम किसी प्रकार का कोई दावा नहीं करते हैं।*
💥*राशि रत्न, रुद्राक्ष, वास्तु आदि विषयों पर प्रकाशित सामग्री केवल आपकी जानकारी के लिए हैं अतः संबंधित कोई भी कार्य या प्रयोग करने से पहले किसी अच्छी जानकारी वाले ज्योतिषी से संपर्क करे उसके बाद उपयोग करे।
*💥यदि आप अपनी कुण्डली विश्लेषण चाहते हैं तो जन्म दिनांक, स्थान, समय  बताएं!!🌟*
*♥️ रमल ज्योतिर्विद आचार्य दिनेश "प्रेमजी", नागौर (राज,)* 
*।।आपका आज का दिन शुभ मंगलमय हो।।* 
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