*💥🗓*आज का पञ्चाङ्ग*🗓💥*
*🎈दिनांक 02 नवंबर 2026*
*🎈वार- सोमवार*
*🎈मास - कार्तिक मास*
*🎈पक्ष - कृष्ण पक्ष*
*🎈विक्रम संवत् - 2083*
*🎈संवत्सर पराभव*
*🎈संवत्सर (उत्तर)- रौद्र*
*🎈अयन - दक्षिणायन*
*🎈ऋतु - शरद*
*🎈तिथि- अष्टमी - 01:10 पी एम तक तत्पश्चात नवमी*
*🎈नक्षत्र- अश्लेशा - 03:46 ए एम, नवम्बर 03 तक तत्पश्चात मघा*
*🎈करण- कौलव - 01:10 पी एम तक तत्पश्चात् तैतिल, गर*
*🎈योग- शुभ - 12:07 पी एम तक तत्पश्चात् शुक्ल*
*🎈राहुकाल- 08:09 ए एम से 09:32 ए एम (नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*हर जगह का अलग होगा
(राहुकाल वह समय होता है जिसमे किसी भी नये अथवा शुभ कार्य प्रारम्भ करने से बचना चाहिए।)*
*🎈सूर्योदय- 06:46 पी एम*
*🎈 सूर्यास्त- 05:51पी एम*
*🎈चंद्र राशि-कर्क - 03:46 ए एम, नवम्बर 03 तक तत्पश्चात सिंह*
*🎈सूर्य राशि- तुला*
*(सूर्योदय एवं सूर्यास्त ,नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*
*🎈दिशा शूल- पूर्व दिशा में*
(किसी भी विशेष कार्य हेतु दिशा शूल वाली दिशा में जाने से बचना चाहिए, यद्यपि यदि उसी दिन जाकर उसी दिन लौटना हैं, अथवा व्यवसाय के दृष्टिकोण से प्रतिदिन जाना ही पड़ता है तो प्रभाव कम हो जाएगा, फिर इस पर विचार करने की आवश्यकता नही है, यदि किसी कारण वश दिशा शूल में जाना ही पड़े तो सूर्योदय से पूर्व निकलना श्रेयस्कर होता है, अन्यथा एक दिन पूर्व प्रस्थान रखकर भी निकला जा सकता हैं।)*
*🎈ब्रह्ममुहूर्त - 05:02 ए एम से 05:54 ए एम*
*🎈अभिजित मुहूर्त:11:56 ए एम से 12:41 पी एम*
*🎈अमृत काल- 02:13 ए एम, नवम्बर 03 से 03:46 ए एम, नवम्बर 03*
*🎈 निशिता मुहूर्त -11:53 पी एम से 12:45 ए एम, नवम्बर 03*
*🎈विशेष:- व्रतपर्व विवरण- 🏵️ ☀️
☀️☀️ 02 नवंबर 2026 सप्तमी व्रत 🏓🏓
🏵️चतुर्भुज नाथ की जय हो "🙏 🛟
🏓🏓2 नवंबर 2026 (सोमवार) को चंद्रमा का गोचर कर्क राशि से सिंह राशि की ओर रहेगा, और पंचांग के अनुसार लक्ष्मी योग, बुधादित्य योग व शुभ योग का प्रभाव रहेगा।
💢.ब्रह्मवैवर्त पुराण (ब्रह्म खंड: 27.29-34) के अनुसार, अष्टमी तिथि के दिन नारियल का फल खाना वर्जित (निषिद्ध) माना गया हैl ↘️
👉 जय माँ आदिशक्ति सच्चियाय 🪔
🛟 नागौर, राजस्थान, (भारत)
मानक सूर्योदय के अनुसार।*🛟
*🛟चोघडिया, दिन का🛟*
🛟चोघडिया, रात्🛟*
‼️💥 सभी 12 राशियों का संक्षिप्त राशिफल इस प्रकार है:💫💥
🛟 • मेष (Aries): धन लाभ के योग हैं, लेकिन शांत रहकर सोच-समझकर फैसले लें। कार्यक्षेत्र में जल्दबाजी और विवादों से बचें।
🛟• वृषभ (Taurus): पर्सनल समस्याओं को ठीक करें, जिससे ऑफिस के काम में सुधार होगा। बैंक लोन पास होने या आर्थिक मजबूती के योग हैं।
🛟• मिथुन (Gemini): आर्थिक मामलों में सोच-समझकर फैसले लें। नए निवेश से पहले सावधानी बरतें और मानसिक तनाव से बचें।
🛟• कर्क (Cancer): प्रेम जीवन में सुखद पल मिलेंगे। कार्यस्थल पर सीनियर्स के गुस्से से बचने के लिए संभलकर काम करें।
🛟• सिंह (Leo): गुरु और केतु की युति सिंह राशि में है। मान-सम्मान बढ़ेगा, लेकिन खर्चों पर नियंत्रण रखने और स्वास्थ्य का ध्यान रखने की सलाह है।
🛟• कन्या (Virgo): पुरानी उलझनें दूर होंगी। पदोन्नति, वेतन वृद्धि या पुराने निवेश से बड़ा लाभ मिलने के योग हैं।
🛟• तुला (Libra): कार्यक्षेत्र में आपके प्रयासों को सफलता मिलेगी। नए प्रोजेक्ट्स और आर्थिक मामलों में लाभ मिल सकता है।
🛟• वृश्चिक (Scorpio): यात्रा की योजना बन सकती है। किसी भी तरह की अड़चन या विवाद को शांति से सुलझाने का प्रयास करें।
🛟• धनु (Sagittarius): व्यक्तित्व में प्रभाव दिखेगा और मित्रों से मिलकर खुशी होगी। हालांकि, मानसिक शांति और सेहत पर ध्यान दें।
🛟• मकर (Capricorn): व्यापार में बड़ा मुनाफा मिलने के योग हैं। परिवार में आपके कार्यों और प्रयासों की सराहना होगी।
🛟• कुंभ (Aquarius): सामाजिक मेल-जोल और रिश्तों में सकारात्मक ऊर्जा रहेगी। शारीरिक ऊर्जा अच्छी बनी रहेगी।
🛟• मीन (Pisces): कार्यक्षेत्र में अचानक लाभ के मौके मिल सकते हैं। शिक्षा और नए प्रयासों में सफलता मिलने की संभावना है।
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🚩*श्रीगणेशाय नमोनित्यं*🚩
🚩*☀जय मां सच्चियाय* 🚩
➡️ 💕🛟प्रात: विशेष🕉️🌺
#🌕 👉 👉🦚❤️💐 🌼🪔🏓🎊
🌹|| ✨ 🌹// 🕉️ ✨ 🌺 🦚 🌼
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हिंदू परंपरा में देवी षष्ठी को बच्चों की रक्षक देवी माना जाता है और बिल्ली को उनका वाहन कहा जाता है। देवी षष्ठी की पूजा विशेष रूप से नवजात बच्चों की रक्षा और उनके सुख-समृद्ध जीवन के लिए की जाती है।
पुराणों के अनुसार देवी षष्ठी प्रकृति के छठे अंश से उत्पन्न देवी हैं, इसलिए उनका नाम “षष्ठी” पड़ा।
कुछ ग्रंथों में उन्हें
कार्तिकेय की पत्नी देवसेना का रूप भी माना गया है।
पुराणों में एक प्रसिद्ध कथा राजा प्रियव्रत से जुड़ी है।
राजा प्रियव्रत धर्मात्मा और प्रतापी राजा थे, लेकिन उन्हें संतान नहीं थी। बहुत समय बाद उन्होंने पुत्र प्राप्ति के लिए यज्ञ कराया। यज्ञ के प्रभाव से उनकी पत्नी को पुत्र हुआ, लेकिन दुर्भाग्य से बच्चा जन्म लेते ही मृत हो गया।
राजा अपने मृत पुत्र को गोद में लेकर श्मशान पहुँचे और अत्यंत दुखी होकर विलाप करने लगे। तभी आकाश से एक दिव्य रथ उतरा और उसमें से देवी षष्ठी प्रकट हुईं।
देवी ने कहा:
“मैं बच्चों की रक्षक देवी हूँ। जो मेरी पूजा करता है उसे संतान सुख और बालकों की रक्षा का आशीर्वाद मिलता है।”
राजा ने देवी की स्तुति की और उनसे कृपा माँगी। देवी प्रसन्न हुईं और उस मृत बालक को पुनः जीवित कर दिया।
इसके बाद देवी ने कहा कि हर महीने की षष्ठी तिथि पर और बच्चे के जन्म के छठे दिन उनकी पूजा करनी चाहिए। तभी से छठी की पूजा की परंपरा प्रारंभ हुई।
देवी षष्ठी के साथ बिल्ली का संबंध एक प्रसिद्ध लोककथा से जुड़ा है, जो विशेष रूप से पूर्वी भारत में बहुत प्रचलित है।
एक गाँव में एक स्त्री रहती थी जिसे चोरी-छिपे अच्छा भोजन खाने की आदत थी। जब भी घर में स्वादिष्ट भोजन बनता, वह थोड़ा-थोड़ा छिपाकर खा लेती।
लेकिन जब घर वालों को खाने की कमी दिखाई देती, तो वह झूठ बोल देती कि “यह सब बिल्ली खा गई।”
घर वाले उस बिल्ली को डाँटते और मारते थे।
वह बिल्ली वास्तव में देवी षष्ठी का वाहन थी। जब उसे बिना दोष के दंड मिला, तो उसने स्त्री को सबक सिखाने का निश्चय किया।
जब भी उस स्त्री को बच्चा होता, बिल्ली चुपके से बच्चे को उठा ले जाती और देवी षष्ठी के पास ले जाती। इस प्रकार उसके कई बच्चे जन्म लेते ही गायब हो गए।
दुखी होकर वह स्त्री एक दिन जंगल में रोने लगी। तभी एक वृद्धा के रूप में स्वयं देवी षष्ठी प्रकट हुईं और उससे पूछा कि क्या उसने कभी किसी निर्दोष पर झूठा आरोप लगाया है।
तब स्त्री को अपनी गलती का एहसास हुआ। उसने स्वीकार किया कि वह बिल्ली पर झूठा दोष लगाती थी। उसने देवी से क्षमा माँगी।
देवी षष्ठी ने उसे बिल्ली का सम्मान करने और उनकी पूजा करने का व्रत करने को कहा।
कथा के अनुसार देवी ने उसके सभी बच्चों को उसे वापस दे दिया।
इसी मान्यता के कारण हिंदू परंपरा में यह विश्वास है कि
बच्चे के जन्म के छठे दिन (छठी) देवी षष्ठी आती हैं
वे बच्चे के भाग्य का लेखन करती हैं
उस दिन माता विशेष व्रत और पूजा करती है
कई स्थानों पर बिल्ली को भी देवी का वाहन मानकर सम्मान दिया जाता है
देवी षष्ठी बच्चों की रक्षा और उनके कल्याण की देवी मानी जाती हैं। उनकी पूजा से संतान की रक्षा, स्वास्थ्य और दीर्घायु का आशीर्वाद मिलता है। बिल्ली को उनका वाहन मानने की परंपरा इसी लोककथा और श्रद्धा से जुड़ी हुई है।
🌺‼️जय श्री कृष्णा! 🦚🚩 🌺🙏
🧨🚩⛳💥❤️🕉️🌴🍀🎈🌀🌿
💕*"तद् यद् रुदितात् समभवन् तस्माद् रुद्राः"*💥
✨*नव ग्रहणां अधीनस्थ जीवनम्*✨
*🛟॥ श्री हरिः ॐ*॥☀️
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*💥“*ज्ञान ही सच्ची संपत्ति है।*
*बाकी सब क्षणभंगुर* है।”💥
🌼 ।। जय श्री कृष्ण ।।🌼
💥।। शुभम् भवतु।।💥
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🔱🇪🇬*जय श्री महाकाल सरकार *🔱🇪🇬 *मोर मुकुट बंशीवाले सेठ की जय हो 🪷*▬▬▬▬▬▬▬ஜ۩۞۩ஜ
*♥️~*यह पंचांग नागौर (राजस्थान) सूर्योदय के अनुसार है।*
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*♥️ रमल ज्योतिर्विद आचार्य दिनेश "प्रेमजी", नागौर (राज,)*
*।।आपका आज का दिन शुभ मंगलमय हो।।*
🕉️📿🔥🌞🚩🔱ॐ 💥🙏💘☀️








