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पञ्चाङ्ग - 12 फरवरी 2026

 *🗓*आज का पञ्चाङ्ग*🗓*

jyotis


*🎈दिनांक - 12 फरवरी 2026*
*🎈 दिन-  गुरुवार*
*🎈 विक्रम संवत् - 2082*
*🎈 अयन - दक्षिणायण*
*🎈 ऋतु - शरद*
*🎈 मास - फाल्गुन मास*
*🎈 पक्ष - कृष्ण पक्ष*
*🎈तिथि-   दशमी    12:21:38*। तक तत्पश्चात्  एकादशी*
*🎈 नक्षत्र -    ज्येष्ठा    13:41:25* तक तत्पश्चात्             मूल👇
*🎈 योग    -     हर्शण    27:04:47* तक तत्पश्चात्     मूल*
*🎈करण    -     विष्टि भद्र    12:21:38* तक तत्पश्चात्  बव*
*🎈राहुकाल -02:13 पी एम से 03:36 पी एम(नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*हर जगह का अलग होगा
(राहुकाल वह समय होता है जिसमे किसी भी नये अथवा शुभ कार्य प्रारम्भ करने से बचना चाहिए।)*
*🎈चन्द्र राशि-     वृश्चिक*till 13:41:25
*🎈चन्द्र राशि    -   धनु    from 13:41:25
*🎈सूर्य राशि-       मकर    till 28:07:04*
*🎈सूर्य राशि-      कुम्भ    from 28:07:04*

*🎈 सूर्योदय-07:15:28am*
*🎈सूर्यास्त -        18:23:20*  pm* 
*(सूर्योदय एवं सूर्यास्त ,नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*

*🎈दिशा शूल- दक्षिण दिशा में*
( किसी भी विशेष कार्य हेतु दिशा शूल वाली दिशा में जाने से बचना चाहिए, यद्यपि यदि उसी दिन जाकर उसी दिन लौटना हैं, अथवा व्यवसाय के दृष्टिकोण से प्रतिदिन जाना ही पड़ता है तो प्रभाव कम हो जाएगा, फिर इस पर विचार करने की आवश्यकता नही है, यदि  किसी कारण वश दिशा शूल में जाना ही पड़े तो सूर्योदय से पूर्व निकलना  श्रेयस्कर होता है, अन्यथा एक  दिन पूर्व प्रस्थान रखकर भी निकला जा सकता हैं।)
*🎈ब्रह्ममुहूर्त - 05:32 ए एम से 06:23 ए एम(नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*
*🎈अभिजित मुहूर्त-12:27pm to 1:12pm*
*🎈 निशिता मुहूर्त - 12:23 ए एम, फरवरी 13 से 01:15 ए एम, फरवरी 13*

 *🎈 व्रत एवं पर्व- ...दशमी*
*🎈विशेष फाल्गुन मास महात्म्य *
 🙏 जय माँ आदिशक्ति सच्चियाय 🙏
kundli



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    *🛟चोघडिया, दिन का🛟*
   नागौर, राजस्थान, (भारत)    
   मानक सूर्योदय के अनुसार।*
day

🛟

    
        *🛟चोघडिया, रात्🛟*
night

*🛟 
 


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     🚩*श्रीगणेशाय नमोनित्यं*🚩
    🚩*☀जय मां सच्चियाय* 🚩 
  #🌕 👉 👉🦚❤️💐 🌼🪔🌷❤️💐🌼🪔❤️💐👉 ✍️ ★√*🛡️🌹

🌿✨  #*🕉️ शिवजी के अनन्य भक्त: भृंगी और उनके तीन पैरों का रहस्य 🕉️ एक अद्भुत कथा!
पोस्ट:
🕉️ शिवगण भृंगी की कथा 🕉️
महादेव के गणों में एक हैं भृंगी। एक महान शिवभक्त के रूप में भृंगी का नाम अमर है। कहते हैं जहाँ शिव होंगे वहाँ गणेश, नंदी, वीरभद्र के साथ भृंगी का वास स्वयं ही होगा।
पर क्या आपने कभी सोचा है कि भृंगी के तीन पैर क्यों हैं? इसके पीछे एक बहुत ही रोचक और ज्ञानवर्धक कथा है।
भृंगी का हठ:
भृंगी महादेव के परम भक्त थे, लेकिन वे माता पार्वती और शिवजी में भेद करते थे। उनकी बुद्धि यह स्वीकार नहीं कर पाती थी कि शिव और शक्ति एक ही हैं।
एक बार भृंगी कैलाश पर शिवजी की परिक्रमा करने पहुँचे। शिवजी समाधि में थे और माता पार्वती उनके वाम अंग में विराजमान थीं। भृंगी ने हठ किया कि वे केवल शिवजी की परिक्रमा करेंगे, इसलिए माता पार्वती हट जाएँ।
माता के समझाने पर भी जब भृंगी नहीं माने, तो उन्होंने सर्प का रूप धारण कर शिवजी और माता के बीच से निकलने का प्रयास किया।
अर्द्धनारीश्वर स्वरूप और श्राप:
भक्त की यह धृष्टता देखकर, शिवजी ने तत्काल 'अर्द्धनारीश्वर' स्वरूप धारण कर लिया। अब तो भृंगी का हठ और बढ़ गया। उन्होंने चूहे का रूप धरकर प्रभु के इस स्वरूप को कुतरकर अलग करने की कोशिश की।
यह देखकर माता पार्वती का धैर्य टूट गया। उन्होंने श्राप दिया: "यदि तुझे मातृशक्ति का सम्मान नहीं है, तो अभी तेरे शरीर से तेरी माता का अंश (रक्त और मांस) अलग हो जाएगा।"
भक्त को मिला ज्ञान और तीसरा पैर:
श्राप के कारण भृंगी का शरीर केवल हड्डियों का ढांचा रह गया। असहनीय पीड़ा में उन्हें ज्ञान हुआ कि शिव और शक्ति एक ही हैं। उन्होंने माता से क्षमा माँगी।
माता ने पीड़ा तो हर ली, पर भृंगी ने श्राप वापस लेने से मना कर दिया। उन्होंने कहा कि मेरा यह स्वरूप संसार के लिए एक उदाहरण रहेगा कि शिव-शक्ति में भेद नहीं करना चाहिए।
प्रसन्न होकर, महादेव ने उन्हें चलने-फिरने के लिए 'तीसरा पैर' प्रदान किया और अपने गणों में प्रमुख स्थान दिया।
✅ सीख:
यह कथा हमें सिखाती है कि शिव और शक्ति, पुरुष और प्रकृति, एक दूसरे के पूरक हैं। उनमें भेद करना अज्ञानता है।
🙏 जय महाकाल! जय माता पार्वती! 🙏



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.     💥“ज्ञान ही सच्ची संपत्ति है।
      बाकी सब क्षणभंगुर है।”💥
     🌼 ।। जय श्री कृष्ण ।।🌼
       💥।। शुभम् भवतु।।💥

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🔱🇪🇬जय श्री महाकाल सरकार 🔱🇪🇬 मोर मुकुट बंशीवाले  सेठ की जय हो 🪷*
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*♥️~यह पंचांग नागौर (राजस्थान) सूर्योदय के अनुसार है।*
*अस्वीकरण(Disclaimer)पंचांग, धर्म, ज्योतिष, त्यौहार की जानकारी शास्त्रों से ली गई है।*
*हमारा उद्देश्य मात्र आपको  केवल जानकारी देना है। इस संदर्भ में हम किसी प्रकार का कोई दावा नहीं करते हैं।*
*राशि रत्न,वास्तु आदि विषयों पर प्रकाशित सामग्री केवल आपकी जानकारी के लिए हैं अतः संबंधित कोई भी कार्य या प्रयोग करने से पहले किसी संबद्ध वि12:19 ए एम, जनवरी 19 से 01:12 ए एम, जनवरी 19शेषज्ञ से परामर्श अवश्य लेवें...*
*♥️ रमल ज्योतिर्विद आचार्य दिनेश "प्रेमजी", नागौर (राज,)* 
*।।आपका आज का दिन शुभ मंगलमय हो।।* 
🕉️📿🔥🌞🚩🔱ॐ  🇪🇬🔱🔥🔱
vipul

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