*🗓*आज का पञ्चाङ्ग*🗓*
*🎈दिनांक 29 अप्रैल 2026*
*🎈 वार- बुधवार *
*🎈 मास - वैशाख मास*
*🎈 पक्ष - शुक्ल पक्ष*
*🎈 विक्रम संवत् - 2083*
*🎈 संवत्सर पराभव*
*🎈संवत्सर (उत्तर)- रौद्र*
*🎈 अयन - दक्षिणायण*
*🎈 ऋतु - शिशिर*
*🎈तिथि -त्रयोदशी 19:50:56*तत्पश्चात्* चतुर्दशी*
*🎈 नक्षत्र - हस्त 24:15:22*
तक तत्पश्चात् चित्रा *
*🎈योग - हर्शण 20:50:24* तक तत्पश्चात् वज्र*
*🎈करण - कौलव 07:18:15 तक तत्पश्चात् तैतुल*
*🎈राहुकाल - 12:33pm से 02:11 pm (नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*हर जगह का अलग होगा
(राहुकाल वह समय होता है जिसमे किसी भी नये अथवा शुभ कार्य प्रारम्भ करने से बचना चाहिए।)
*🎈चन्द्र राशि- कन्या *
*🎈सूर्य राशि - *मेष*
*🎈 सूर्योदय - 06:00:17*
*🎈 सूर्यास्त - 19:05:12*
*(सूर्योदय एवं सूर्यास्त ,नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*
*🎈दिशा शूल- उत्तर दिशा में*
( किसी भी विशेष कार्य हेतु दिशा शूल वाली दिशा में जाने से बचना चाहिए, यद्यपि यदि उसी दिन जाकर उसी दिन लौटना हैं, अथवा व्यवसाय के दृष्टिकोण से प्रतिदिन जाना ही पड़ता है तो प्रभाव कम हो जाएगा, फिर इस पर विचार करने की आवश्यकता नही है, यदि किसी कारण वश दिशा शूल में जाना ही पड़े तो सूर्योदय से पूर्व निकलना श्रेयस्कर होता है, अन्यथा एक दिन पूर्व प्रस्थान रखकर भी निकला जा सकता हैं।)
*🎈ब्रह्ममुहूर्त - 04:31 ए एम से 05:15 ए एम*
*🎈अभिजित मुहूर्त- कोई नहीं*
*🎈 निशिता मुहूर्त - 12:11 ए एम, अप्रैल 30 से 12:54 ए एम, अप्रैल 30*
*🎈सर्वार्थ सिद्धि योग -05:58 ए एम से 12:16 ए एम, अप्रैल 30*
*🎈रवि योग- 12:16 ए एम, अप्रैल 30 से 05:57 ए एम, अप्रैल 30*
*🎈 व्रत एवं पर्व विवरण- प्रदोष व्रत आज होगा (मासिक व्रत )
*🎈विशेष - विशेष - त्रयोदशी के पवित्र अवसर पर सात्विकता बनाए रखने के लिए मांसाहार, शराब, प्याज, लहसुन और अन्य तामसिक भोजन का सेवन न करें। इस दिन शुद्धता का विशेष महत्व है, इसलिए घर में बना सादा और शुद्ध भोजन ही करें। इसके साथ ही, अंधेरे में न रहने और क्रोध/कलह से बचने की भी सलाह दी जाती है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: 27.29-34)*
*🎈विशेष:- वैशाख मास महात्म्य *
👉 जय माँ आदिशक्ति सच्चियाय 🪔
🎉विक्रम सम्वत 2083 का मन्त्री मण्डल🛟
💥राजा गुरु👑 - शासन व्यवस्था के स्वामी 💥सेनाधिपति चन्द्र⚔️ - रक्षा मन्त्री एवं सेनानायक
💥मन्त्री मंगल⚜️ - नीतियों एवं प्रशासन के स्वामी धान्याधिपति बुध🌻 - रबी की फसलों के स्वामी
💥सस्याधिपति गुरु🌾 - खरीफ की फसलों के स्वामी मेघाधिपति चन्द्र🌧 - मेघ एवं वर्षा के स्वामी
💥धनाधिपति गुरु💰 - धन एवं कोष के स्वामी नीरसाधिपति गुरु🪙 - धातु, खनिज आदि के स्वामी
💥रसाधिपति शनि🍯 - रस एवं द्रव पदार्थों के स्वामी फलाधिपति चन्द्र🍎 - फल-पुष्पादि के स्वामी
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🛟 नागौर, राजस्थान, (भारत)
मानक सूर्योदय के अनुसार।*🛟
*🛟चोघडिया, दिन का🛟*
🛟चोघडिया, रात्🛟*
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🚩*श्रीगणेशाय नमोनित्यं*🚩
🚩*☀जय मां सच्चियाय* 🚩
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💕🛟प्रात: विशेष🕉️🌺
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🔱यदि अपनी जन्मकुंडली अनुसार इन सब साधनाओं को कर लिया जाए तो व्यक्ति के जीवन में तत्काल परिवर्तन दिखने लगता हैं
नक्षत्र के स्वयं की साधना
लग्नेश की साधना
पंचमेश की साधना
भाग्येश की साधना
योगकारक ग्रह की साधना
दशा स्वयं की साधना
यदि केवल एक एक दिन की भी साधना कर ली जाए तब भी बहुत प्रभाव पड़ता हैं व्यक्ति का मन शरीर आभामंडल किस्मत सब में बदलाव दिखने लगता हैं थकावट नकारात्मक ऊर्जा डिप्रेशन शरीर का दर्द तक गायब हो जाता हैं
ये सबसे आसान और सबसे प्रभावी साधना हैं आप लोगों ने देखा होगा कि जो लोग ज़्यादा पूजा पाठ नहीं करते हैं केवल रत्न रुद्राक्ष धारण करते हैं और ग्रहों के टोटके करते हैं उनके जीवन में सब बढ़िया चल रहा होता हैं और ज़्यादातर काम कैसे न कैसे बन जाता हैं अब यदि इन टोटकों को साधना के रूप में और ग्रहों को देवता के रूप में पूजा जाए तब सोचो कितना जबरदस्त प्रभाव पड़ेगा और यदि इस साधना को भगवान श्रीविष्णु के माध्यम से किया जाए उनके द्वारा ग्रहों की पीड़ा दोष को नष्ट करके उन्हें अपने अनुकूल बना लिया जाए तब तो कहना ही क्या ये रातों रात किस्मत बदलने वाली साधना हैं।
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# 🚩॥ विप्रैः कृतं हनुमत्स्तोत्रम् ॥🚩
**स्कन्दपुराण | ब्रह्मखण्ड | धर्मारण्यखण्ड (अध्याय ३७)**
### 🌸 **स्तोत्र रत्न** 🌸
**नमः श्रीरामभक्ताय अक्षविध्वंसनाय च ।**
**नमो रक्षःपुरीदाहकारिणे वज्रधारिणे ॥ ३॥**
> **अर्थ:** श्री राम के परम भक्त और रावण पुत्र अक्षकुमार का वध करने वाले आपको नमस्कार है। राक्षसों की लंकापुरी को भस्म करने वाले और वज्र के समान शरीर धारण करने वाले आपको नमन है।
>
**जानकीहृदयत्राणकारिणे करुणात्मने ।**
**सीताविरहतप्तस्य श्रीरामस्य प्रियाय च ॥ ४॥**
> **अर्थ:** माता जानकी के हृदय को संबल देने वाले, करुणा के सागर और माता सीता के वियोग में तपते हुए श्री राम के अति प्रिय हनुमान जी को प्रणाम है।
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**नमोऽस्तु ते महावीर रक्षास्मान्मज्जतः क्षितौ ।**
**नमो ब्राह्मणदेवाय वायुपुत्राय ते नमः ॥ ५॥**
> **अर्थ:** हे महावीर! इस संसार रूपी सागर में डूबते हुए हम सबकी रक्षा करें। ब्राह्मणों के हितैषी और पवनपुत्र हनुमान जी को बारम्बार नमस्कार है।
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**नमोऽस्तु रामभक्ताय गोब्राह्मणहिताय च ।**
**नमोऽस्तु रुद्ररूपाय कृष्णवक्त्राय ते नमः ॥ ६॥**
> **अर्थ:** श्री राम भक्त, गौ और ब्राह्मणों का कल्याण करने वाले, भगवान रुद्र के स्वरूप और वानर मुख वाले आपको नमन है।
>
**अञ्जनीसूनवे नित्यं सर्वव्याधिहराय च ।**
**नागयज्ञोपवीताय प्रबलाय नमोऽस्तु ते ॥ ७॥**
> **अर्थ:** माता अंजनी के पुत्र, समस्त रोगों और व्याधियों को हरने वाले, सर्प का यज्ञोपवीत धारण करने वाले अत्यंत बलवान हनुमान जी को नमस्कार है।
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**स्वयं समुद्रतीर्णाय सेतुबन्धनकारिणे ॥ ८॥**
> **अर्थ:** स्वयं समुद्र को लांघने वाले और श्री राम हेतु समुद्र पर सेतु निर्माण करने वाले महाबली को कोटि-कोटि प्रणाम।
>
### ॥ इति विप्रैः कृतं हनुमत्स्तोत्रं सम्पूर्णम.. 🏠
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🌿ॐ नमो नारायणाय
🙏हर हर महादेव🌿
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🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹। 💥“ज्ञान ही सच्ची संपत्ति है।
बाकी सब क्षणभंगुर है।”💥
🌼 ।। जय श्री कृष्ण ।।🌼
💥।। शुभम् भवतु।।💥
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🔱🇪🇬जय श्री महाकाल सरकार 🔱🇪🇬 मोर मुकुट बंशीवाले सेठ की जय हो 🪷*
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*♥️~यह पंचांग नागौर (राजस्थान) सूर्योदय के अनुसार है।*
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‼️अस्वीकरण(Disclaimer)पंचांग, धर्म, ज्योतिष, त्यौहार की जानकारी शास्त्रों से ली गई है।*
🙏हमारा उद्देश्य मात्र आपको केवल जानकारी देना है। इस संदर्भ में हम किसी प्रकार का कोई दावा नहीं करते हैं।*
💥*राशि रत्न,वास्तु आदि विषयों पर प्रकाशित सामग्री केवल आपकी जानकारी के लिए हैं अतः संबंधित कोई भी कार्य या प्रयोग करने से पहले किसी अच्छी जानकारी वाले ज्योतिषी से संपर्क करे।
*♥️ रमल ज्योतिर्विद आचार्य दिनेश "प्रेमजी", नागौर (राज,)*
*।।आपका आज का दिन शुभ मंगलमय हो।।*
🕉️📿🔥🌞🚩🔱ॐ 🇪🇬🔱🔥🔱




