Type Here to Get Search Results !

पञ्चाङ्ग 17 अगस्त 2026

 *💥🗓*आज का पञ्चाङ्ग*🗓💥*

jyotis


*🎈दिनांक  17 अगस्त 2026*
*🎈 वार- सोमवार*
*🎈 मास -सावन मास*
*🎈 पक्ष -  कृष्णा पक्ष*
*🎈 विक्रम संवत् - 2083*
*🎈 संवत्सर     पराभव*
*🎈संवत्सर (उत्तर)-    रौद्र*
*🎈 अयन - उत्तरायण*
*🎈 ऋतु - रितु वर्षा*
*🎈तिथि    -नाग    पंचमी- 05:00 पी एम तक    तत्पश्चात षष्ठी*
*🎈 नक्षत्र चित्रा - 04:58 ए एम, अगस्त 18 तक तत्पश्चात स्वाती*
*🎈योग    - शुभ - 03:29 ए एम, अगस्त 18 तक तत्पश्चात् शुक्ल *
*🎈करण- बालव - 05:00 पी एम तक तत्पश्चात् कोलव*
*🎈राहुकाल- 07:46 पी एम से 09:24 पी एम(नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*हर जगह का अलग होगा
(राहुकाल वह समय होता है जिसमे किसी भी नये अथवा शुभ कार्य प्रारम्भ करने से बचना चाहिए।)*
*🎈सूर्योदय-06:08:13 एम ए एम*
*🎈सूर्यास्त-07:09:32 पी एम*
*🎈चंद्र राशि-कन्या -till 04:18:37 पी एम तक तत्पश्चात् तुला*
*🎈सूर्य राशि- कर्क*till07:56:39
 *🎈सूर्य राशि- सिंह*from07:56:39
*(सूर्योदय एवं सूर्यास्त ,नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*
*🎈दिशा शूल- पूर्व दिशा में*
( किसी भी विशेष कार्य हेतु दिशा शूल वाली दिशा में जाने से बचना चाहिए, यद्यपि यदि उसी दिन जाकर उसी दिन लौटना हैं, अथवा व्यवसाय के दृष्टिकोण से प्रतिदिन जाना ही पड़ता है तो प्रभाव कम हो जाएगा, फिर इस पर विचार करने की आवश्यकता नही है, यदि  किसी कारण वश दिशा शूल में जाना ही पड़े तो सूर्योदय से पूर्व निकलना  श्रेयस्कर होता है, अन्यथा एक  दिन पूर्व प्रस्थान रखकर भी निकला जा सकता हैं।)*
*🎈ब्रह्ममुहूर्त - 04:40 ए एम से 05:23 ए एम*
*🎈अभिजित मुहूर्त: 12:13 पी एम से 01:05 पी एम*
*🎈 निशिता मुहूर्त - 12:17 ए एम, अगस्त 18 से 01:01 ए एम, अगस्त 18*
*🎈अमृत काल -10:16 पी एम से 11:57 पी एम*
*🎈रवि योग    -06:07 ए एम से 08:04 ए एम*

 *🎈विशेष:- व्रतपर्व विवरण-   ब्रह्म वैवर्त पुराण (ब्रह्म खंड: 27.29-34) के अनुसार, (ब्रह्म खंड: 27.29-34) के अनुसार, नाग पंचमी के दिन तामसिक भोजन जैसे मांस, मदिरा, प्याज और लहसुन का सेवन नहीं करना चाहिए। इसके अलावा धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन लोहे के तवे पर बनी रोटी या कटी हुई सब्जियों का प्रयोग भी वर्जित माना जाता है।
🛟17 अगस्त 2026 को सूर्य सिंह राशि में प्रवेश कर रहे हैं, जिससे सभी 12 राशियों के आत्मविश्वास और कार्यक्षेत्र में विशेष बदलाव आएंगे। 
kundli



          💥सावन महात्म्य☀️
 👉 जय माँ आदिशक्ति सच्चियाय 🪔 
     🛟 नागौर, राजस्थान, (भारत)    
         मानक सूर्योदय के अनुसार।*🛟
       *🛟चोघडिया, दिन का🛟*
day



          🛟चोघडिया, रात्🛟*
night


 
★√*★√*★√*★√*★√*★
     🚩*श्रीगणेशाय नमोनित्यं*🚩
    🚩*☀जय मां सच्चियाय* 🚩 
    
         💢आज का राशिफल💢

🛟सभी 12 राशियों का संक्षिप्त राशिफल‼️
☀️ मेष: : दिन अनुकूल और प्रोडक्टिव रहेगा। दफ्तर में बातचीत बेहतरीन होगी और बचत पर ध्यान रहेगा।

 🌺वृषभ: कारोबार में उम्मीद से अधिक लाभ मिलेगा। बॉस का सहयोग मिलेगा, पर खर्च भी बढ़ सकते हैं।

☀️मिथुन: लंबे समय से अटके जरूरी काम पूरे होंगे। बुद्धिमानी से आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा।कर्क: बिजनेस में बेहतरीन धन लाभ और नए संपर्क बनेंगे। सेहत को लेकर बाहर के खाने से बचें।

☀️सिंह: सूर्य के गोचर से आत्मविश्वास और चमक बढ़ेगी। किसी अनजान व्यक्ति की सलाह बड़ा मोड़ ला सकती है।
💥कन्या: कार्यक्षेत्र में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेंगे। फालतू खर्चों पर रोक लगानी होगी।
💥तुला: दिन थोड़ा उतार-चढ़ाव भरा हो सकता है। संतान पक्ष से कोई अच्छी खबर मिल सकती है।
💥वृश्चिक: नया निवेश करने से पहले पूरी जांच-पड़ताल अवश्य करें। लंबे समय के लक्ष्यों की समीक्षा करें।
💥धनु: रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। सीखने की प्रक्रिया से तरक्की के रास्ते खुलेंगे।
💥मकर: ट्रांसफर या प्रमोशन से जुड़ी अच्छी खबर मिल सकती है। अधिकारियों की सराहना मिलेगी।
💥कुंभ: टूर एंड ट्रेवल्स या टेक्सटाइल सेक्टर से जुड़े लोगों को बड़ा मुनाफा होगा। गुस्से पर काबू रखें।

💥मीन: आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी। राजनेताओं या उच्च पद के लोगों को नई जिम्मेदारी मिल सकती है।
     ➡️ 💕🛟प्रात: विशेष🕉️🌺
#🌕 👉 👉🦚❤️💐 🌼🪔🏓🎊
   🌺🌷🏓।। आज बात करते हैं ☀️

💕🙏 #ॐउमामहेश्वराभ्यां नमः 🙏

🗓️ 🐍 #शिवलिंग:- #पूजन एवं #प्रतिबंध........
======================
#यद्येको_अपि_पातितः_बिन्दुना_विषपति_शशिभूषण #अन्गोपेतः_पपात_सुरसरी_गरल_मदन_नीलकंठं_सद्यो #जातः_जीव_कलिभाव_मुक्त..........

विश्वेश्वर संहिता के तृतीय उपसर्ग में यह उल्लेख आया है कि यदि भजंग भूषण भगवान #शिव अपने #वासुकी भूषण से रहित हो अर्थात उनके शरीर के किसी अंग में #सर्प न लिपटे हो, तों यह आवश्यक नहीं है कि उनका #अभिषेक ही किया जाय या उन्हें #दूध आदि से पूजित किया जाय सीधे पत्र-पुष्प आदि से पूजा क़ी जा सकती है.....

किन्तु यदि भव भय हारी भगवान भोले नाथ अपने अंगो में #सर्प लपेटे हो, तों न पूजा करें, अच्छा, किन्तु बिना #जल या #दूध के पूजा न करें अर्थात यदि #शिवलिंग के चारो तरफ या शिव लिंग नाग मूर्ति से लिपटा हो तों बिना जल या दूध-दही के पूजा नहीं करना चाहिए............

#वासुकी अवतरण में तों यहाँ तक लिखा है कि ऐसा #शिवलिंग जिसके साथ #सर्प लिपटे हो तों बिना जल या दूध-दही के पास भी नहीं जाना चाहिए..........

#नौपदिष्टम, नाप्यतिष्ठम, नैचोपवेषम खलु दर्शनाय. 
#लिंगम ससारंगमावेष्टितम यत नीराज्जलम हीननवनीतं वा.

इसलिये #घर के पास में यदि #शिवलिंग क़ी स्थापना करनी हो तों बहुत सोच समझ कर करनी चाहिए बहुविध विचार करने के बाद ही उसे #सर्पावेष्टित रूप देना चाहिए वैसे विज्ञान के आधे अधूरे प्रयोग एवं परिणाम के आधार पर यही निष्कर्ष निकाला गया है कि #शिवलिंग क़ी पूजा सदा ही #जल आदि से करनी चाहिए चाहे वह #सर्प से लिपटा हो या नहीं ........

इसके पीछे विज्ञान इस शिवलिंग (पत्थर) को क्लोराईड, नाईटरोफ्लोराईड, एवं कार्बन मोनोआक्सायिड आदि उत्सर्जित करने वाला बताया है अतः इससे बचाव के लिये इस #शिवलिंग को पहले विकिरण मुक्त (नान रेडियोएक्टिव) बनाना आवश्यक है ताकि उग्र गति से रासायनिक क्रिया प्रतिक्रिया के परिणाम स्वरुप इससे उत्सर्जित होने वाली ज़हरीली गैसें शिथिल पड़ सकें............

 वैसे यदि #घर में शिव लिंग रखना हो तों या तों पारद शिवलिंग रखे या मदगंध का या नर्मेदश्वर इस पर सर्प नहीं रखा जाता अन्यथा इससे प्राप्त होने वाला अनिकूल परिणाम समाप्त हो जाता है.........

#अष्टधातु का भी शिवलिंग रखा जा सकता है किन्तु जिस अष्टगंध के शिवलिंग पर सूर्य क़ी रोशनी न पड़े वह अष्टगंध का शिवलिंग अतृप्त, सुषुप्त या विकृत हो जाता है. अतः शिव लिंग क़ी पूजा में इन बातो का सदा ख़याल रखें.........
crow



       🙇#जयश्रीसीताराम🙇

🐾 सनातन धर्म के अद्भुत रहस्य: कौआ, चींटी और कुत्ते से जुड़े अचूक शकुन-अपशकुन! 🐾
प्राचीन काल से ही हमारे ऋषि-मुनियों ने जीवों के व्यवहार और उनके सूक्ष्म प्रभावों का गहरा अध्ययन किया है। पुराणों में गाय माता के महत्व को तो हम सभी जानते हैं, लेकिन क्या आप कौआ, चींटी और कुत्ते से जुड़े इन विचित्र रहस्यों को जानते हैं? आइए जानते हैं क्या कहते हैं हमारे शास्त्र:
🦅 कौए का अद्भुत रहस्य: पितरों का प्रतीक
कौआ केवल एक पक्षी नहीं, बल्कि अतिथि आगमन का सूचक और पितरों का आश्रय स्थल माना जाता है।
अमृतपान का रहस्य: समुद्र मंथन के दौरान कौए ने भी अमृत चख लिया था। यही कारण है कि इसकी कभी स्वाभाविक मृत्यु (बुढ़ापे या बीमारी से) नहीं होती, इसकी मृत्यु केवल आकस्मिक होती है।
सामूहिक भोजन: कौआ कभी अकेले भोजन नहीं करता, वह हमेशा अपने साथियों के साथ मिलकर खाता है।
शकुन और अपशकुन:
शनिदेव की कृपा: शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए कौए को भोजन कराना अचूक उपाय है।
दिशाओं का संकेत: यदि कौआ घर की उत्तर दिशा में बोले तो लक्ष्मी कृपा, पूर्व में बोले तो शुभ समाचार, पश्चिम में बोले तो मेहमान का आगमन और दक्षिण में बोले तो अशुभ समाचार का संकेत होता है।
🐜 चींटियों का अनोखा संसार: एकता और परिश्रम
चींटियों को तुच्छ न समझें; ये खुद से 100 गुना अधिक वजन उठाने और बेहतरीन नगर-निर्माण करने में सक्षम हैं।
कर्ज से मुक्ति: चींटियों को नियमित रूप से शक्कर मिला हुआ आटा डालने से व्यक्ति हर प्रकार के कर्ज और बंधनों से मुक्त हो जाता है।
दुआओं का असर: हजारों चींटियों को रोज भोजन देने से वे आपके प्रति सकारात्मक भाव रखती हैं और उनकी दुआएं आपको बड़े से बड़े संकट से बचा सकती हैं।
शुभ संकेत: मुंह में अंडे दबाए लाल चींटियों को देखना परिवार में सुख-समृद्धि बढ़ने का प्रतीक माना जाता है।
🐕 कुत्ते से जुड़े रहस्य: काल भैरव का सेवक
हिन्दू धर्म में कुत्ते को यमराज का दूत और भगवान काल भैरव का परम सेवक माना गया है।
नकारात्मक शक्तियों से बचाव: कुत्ते में भविष्य की घटनाओं का पूर्वाभास करने और सूक्ष्म जगत (आत्माओं) को देखने की अद्भुत क्षमता होती है। कुत्ता पालने से बुरी आत्माएं घर के आसपास भी नहीं फटकतीं।
बीमारी ले लेता है अपने ऊपर: शास्त्रों के अनुसार, यदि परिवार में कोई गंभीर रोगी हो, तो कुत्ता उस बीमारी को अपने ऊपर ले लेने की क्षमता रखता है।
शकुन और अपशकुन:
कुत्ते का रोना या कराहना अशुभ माना जाता है, यह आस-पास नकारात्मक शक्तियों के होने का संकेत है।
संतान प्राप्ति में बाधा आ रही हो, तो काले कुत्ते को पालना या भोजन कराना अत्यंत शुभ माना जाता है।
✨ जीवों पर दया करें और सनातन धर्म के इन अद्भुत रहस्यों को अपने जीवन में अपनाएं! ✨



➡️🙏🌺🏓🎉🏵️🛟💥☀️🏵️💯

 💕*"तद् यद् रुदितात् समभवन् तस्माद् रुद्राः"*💥
  ✨*नव ग्रहणां अधीनस्थ जीवनम्*✨
           *🛟॥ श्री हरिः ॐ*॥☀️
🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏     
 🌹🌹 🌹🌹 🌹🌹 🌹🌹 🌹🌹          

 *💥“*ज्ञान ही सच्ची संपत्ति है।*
          *बाकी सब क्षणभंगुर* है।”💥
       🌼 ।। जय श्री कृष्ण ।।🌼
       💥।। शुभम् भवतु।।💥
♨️  ⚜️ 🕉🌞  🌞🕉 ⚜🚩*♥️💕💥*अगर आपको हमारा पंचांग नियमित चाहिए तो आप मुझे इस चैनल को फॉलो करे*
*https://whatsapp.com/channel/0029Va65aSaKrWR*
      ♨️  ⚜️ 🕉🌞  🌞🕉 ⚜🚩
🔱🇪🇬*जय श्री महाकाल सरकार *🔱🇪🇬 *मोर मुकुट बंशीवाले  सेठ की जय हो 🪷*▬▬▬▬▬▬▬ஜ۩۞۩ஜ
*♥️~*यह पंचांग नागौर (राजस्थान) सूर्योदय के अनुसार है।*
*♥️~*अपने घर, ऑफिस, और फैक्ट्री वास्तु के साथ सफल बनाये। जन्मकुंडली, प्रश्नन कुंडली, अंककुंडली, रत्न, जड़, एवं रुद्राक्ष आदि के लिये सम्पर्क करे।*
‼️*अस्वीकरण(Disclaimer)पंचांग, धर्म, ज्योतिष, त्यौहार की जानकारी शास्त्रों से ली गई है।*
🙏*हमारा उद्देश्य मात्र आपको  केवल जानकारी देना है। इस संदर्भ में हम किसी प्रकार का कोई दावा नहीं करते हैं।*
💥*राशि रत्न,वास्तु आदि विषयों पर प्रकाशित सामग्री केवल आपकी जानकारी के लिए हैं अतः संबंधित कोई भी कार्य या प्रयोग करने से पहले किसी अच्छी जानकारी वाले ज्योतिषी से संपर्क करे*।
*💥यदि आप अपनी कुण्डली विश्लेषण चाहते हैं तो जन्म दिनांक, स्थान, समय  बताएं!!🌟*
*♥️ रमल ज्योतिर्विद आचार्य दिनेश "प्रेमजी", नागौर (राज,)* 
*।।आपका आज का दिन शुभ मंगलमय हो।।* 
🕉️📿🔥🌞🚩🔱ॐ 💥🙏💘☀️
vipul

Tags

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.

Below Post Ad