*💥🗓*आज का पञ्चाङ्ग*🗓💥*
*🎈दिनांक 24 अगस्त 2026*
*🎈 वार- सावन सोमवार*
*🎈 मास -सावन मास*
*🎈 पक्ष - कृष्णा पक्ष*
*🎈 विक्रम संवत् - 2083*
*🎈 संवत्सर पराभव*
*🎈संवत्सर (उत्तर)- रौद्र*
*🎈 अयन - उत्तरायण*
*🎈 ऋतु - रितु वर्षा*
*🎈तिथि -एकादशी व्रत -28:18:08 ए एम अगस्त 24 तक तत्पश्चात द्वादशी*
*🎈 नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा -20:27:18पी एम तत्पश्चात उत्तराषाढ़ा*
*🎈योग प्रीति- 07.03.51- पूर्ण रात्रि तक तत्पश्चात् आयुष्मान*
*🎈करण- बव - 17:21:47 पी एम तक तत्पश्चात्, बालव, कौलव*
*🎈राहुकाल- 07:4 ए एम से 09:24 ए एम तक (नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*हर जगह का अलग होगा
(राहुकाल वह समय होता है जिसमे किसी भी नये अथवा शुभ कार्य प्रारम्भ करने से बचना चाहिए।)*
*🎈सूर्योदय-06:11:12 ए एम ए एम*
*🎈सूर्यास्त-07:03:53 पी एम*
*🎈चंद्र राशि-धनु*-03:06 ए एम, अगस्त 25 तक तत्पश्चात मकर*
*🎈सूर्य राशि- सिंह*
*(सूर्योदय एवं सूर्यास्त ,नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*
*🎈दिशा शूल- पूर्व दिशा में*
(किसी भी विशेष कार्य हेतु दिशा शूल वाली दिशा में जाने से बचना चाहिए, यद्यपि यदि उसी दिन जाकर उसी दिन लौटना हैं, अथवा व्यवसाय के दृष्टिकोण से प्रतिदिन जाना ही पड़ता है तो प्रभाव कम हो जाएगा, फिर इस पर विचार करने की आवश्यकता नही है, यदि किसी कारण वश दिशा शूल में जाना ही पड़े तो सूर्योदय से पूर्व निकलना श्रेयस्कर होता है, अन्यथा एक दिन पूर्व प्रस्थान रखकर भी निकला जा सकता हैं।)*
*🎈ब्रह्ममुहूर्त - 04:42 ए एम से 05:26 ए एम*
*🎈अभिजित मुहूर्त: 12:11 पी एम से 01:03 पी एम*
*🎈अमृत काल - 03:07 पी एम से 04:54 पी एम
*🎈 निशिता मुहूर्त - 12:15 ए एम, अगस्त 25 से 01:00 ए एम, अगस्त 25*
*🎈विशेष:- व्रतपर्व विवरण- ब्रह्म वैवर्त पुराण (ब्रह्म खंड 27.29-34) के अनुसार, एकादशी तिथि के दिन सेम की फली (शिम्बी) खाना वर्जित है। इसके अलावा धार्मिक शास्त्रों के नियमों के अनुसार एकादशी पर सभी प्रकार के अन्न (चावल, गेहूं आदि) और फली-दलहन का सेवन करना पूरी तरह निषिद्ध माना गया है।
🛟24 अगस्त 2026 को सावन का चौथा सोमवार है। ग्रहों की स्थिति के अनुसार आज का दिन सभी 12 राशियों के लिए करियर, धन, सेहत और रिश्तों के मामले में मिला-जुला और प्रगतिशील रहने की संभावना है।
💥सावन महात्म्य☀️
👉 जय माँ आदिशक्ति सच्चियाय 🪔
🛟 नागौर, राजस्थान, (भारत)
मानक सूर्योदय के अनुसार।*🛟
*🛟चोघडिया, दिन का🛟*
🛟चोघडिया, रात्🛟*
★√*★√*★√*★√*★√*★
🚩*श्रीगणेशाय नमोनित्यं*🚩
🚩*☀जय मां सच्चियाय* 🚩
💢आज का राशिफल💢
🛟सभी 12 राशियों का संक्षिप्त राशिफल‼️
💥 मेष: कार्यक्षेत्र में आत्मविश्वास बढ़ेगा। अटके हुए काम गति पकड़ेंगे। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। गुस्से पर काबू रखें।
☀️वृषभ: सुख-सौभाग्य और प्रगति का योग है। महत्वपूर्ण कार्य समय पर पूरे होंगे। धन लाभ के संकेत हैं। परिवार का साथ मिलेगा।
💥मिथुन: बड़े निर्णय लेने के लिए समय अनुकूल है। आर्थिक लाभ और नए अवसर मिलेंगे। कामकाज में तेजी आएगी।
💥कर्क: परिवार का सहयोग मिलेगा। मानसिक तनाव कम होगा। धन संबंधी मामलों में सुधार देखने को मिलेगा।
💥सिंह: करियर और धन के लिहाज से दिन अच्छा रहेगा। कार्य व्यापार में वृद्धि होगी। पुराने भ्रम या मन की अशांति दूर होगी।
💥कन्या: धैर्य और सावधानी से आगे बढ़ने की जरूरत है। रिश्तों के मामलों में थोड़ा संभलकर चलें। सेहत पर ध्यान दें।
💥तुला: मेहनत का पूरा फल मिलेगा। नौकरीपेशा लोगों को तरक्की या नए अवसर मिल सकते हैं। आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी।
💥वृश्चिक: किसी भी कार्य में जल्दबाजी न करें। गुप्त शत्रुओं से सावधान रहें। कामकाज में सामान्य परिणाम मिलेंगे।
💥धनु: बातचीत में नरमी बरतें। वैचारिक मतभेद से बचें। सेहत और खान-पान का विशेष ध्यान रखें। परिवार के साथ समय बीतेगा।
☀️मकर: खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी है। काम की व्यस्तता रहेगी। बेवजह की भागदौड़ से बचने का प्रयास करें।
💥कुंभ: मित्रों और प्रियजनों से सहयोग मिलेगा। रिश्तों में संवाद बेहतर होगा। आर्थिक मामलों में लाभ मिल सकता है।
💥मीन: रिश्तों में समझदारी से काम लें। धैर्य बनाए रखें। निवेश या बड़े वित्तीय फैसलों में सावधानी बरतें।
➡️ 💕🛟प्रात: विशेष🕉️🌺
#🌕 👉 👉🦚❤️💐 🌼🪔🏓🎊
🌺🌷🏓।। आज बात करते हैं ☀️
💕🙏 #ॐउमामहेश्वराभ्यां नमः 🙏
🗓️ 🐍 #🌸 #🪔 🌿
‼️पुत्रदा एकादशी व्रत करने से
सुयोग्य संतान की होगी प्राप्ति💥
👁️पुत्रदा एकादशी व्रत का विशेष महत्व बताया गया है। इस दिन व्रत रखने और नारायण की पूजा-अर्चना करने से सुयोग्य संतान की प्राप्ति होती है। पुत्रदा एकादशी के दिन कथा का भी पाठ या श्रवण जरूर करें।
🌺पुत्रदा एकादशी व्रत कथा🌺
➡️साल की दो एकादशियों को पुत्रदा एकादशी के नाम से जाना जाता है। पौष और श्रावण शुक्ल पक्ष की एकादशियों को पुत्रदा एकादशी कहते हैं। सावन पुत्रदा एकादशी का व्रत 24 अगस्त 2026 को रखा जाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पुत्रदा एकादशी का व्रत करने से संतान सुख की प्राप्ति होती है। जिन दंपतियों की कई संतान नहीं वो पुत्रदा एकादशी का व्रत जरूर रखें। इसके अलावा जो व्यक्ति ऐश्वर्य, संतति, स्वर्ग, मोक्ष, सब कुछ पाना चाहता है उसे भी यह व्रत करना चाहिए। पुत्रदा एकादशी व्रत की पूजा कथा के बिना अधूरी मानी जाती है। तो अगर आप एकादशी का व्रत रखने जा रहे हैं तो पुत्रदा एकादशी की इस कथा का पाठ अवश्य करें।
👉पुत्रदा एकादशी व्रत की कथा
पौराणिक कथा के अनुसार, एक समय की बात है जब भद्रावती नगर में एक सुकेतु नाम का एक राजा राज्य करता था। उनकी पत्नी का नाम शैव्या था। वह राजा धर्म को बहुत मानने वाले और प्रजापालक थे। लेकिन इतना सब कुछ होने के बाबजूद भी उनकी कोई संतान नहीं थी। राजा को इस बात की चिंता सदैव सताती थी कि आगे उसके वंश का नाम कैसे चलेगा। इस कारण राजा सुकेतु यह सोच कर बहुत दुःखी रहते थे। एक दिन उन्होंने अपने आश्रम में कुछ ऋषि-मुनियों को देखा, जो वहां भजन कीर्तन करते हुए आ पहुंचे थे। राजा क्योंकि धर्मनिष्ठ थे और उनकी संतों में आस्था थी। इस कारण वह उनके पास गए और उन्हें प्रणाम किया। उन तेजस्वी और विद्वान ऋषियों ने राजा को देखते ही उसके दुःखी होने का अंदाजा लगा लिया था।
🛟राजा जब उनके पास पहुंचे तो उनसे अपनी सारी समस्या बताई। मुनियों ने राजा से कहा कि आप पौष माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी को पुत्रदा एकादशी का व्रत रखिएगा। इस दिन व्रत रखने से आपको संतान सुख की प्राप्ति होगी। राजा ने मुनियों की बात मानी और पौष माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी को पुत्रदा एकादशी का व्रत रखा। व्रत के बाद राजा सुकेतु ने भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना की और उन्होंने पुत्र प्राप्ति का वरदान मांगा। भगवान विष्णु ने राजा की प्रार्थना स्वीकार कर ली और कुछ समय बाद राजा की पत्नी के गर्भ से एक पुत्र हुआ। राजा बहुत खुश हुआ और उसने पुत्रदा एकादशी व्रत के महत्व को लोगों को बताया।
🛟पुत्रदा एकादशी 2026 शुभ मुहूर्त
एकादशी तिथि प्रारम्भ - अगस्त 23, 2026 को 02:00 ए एम बजे
एकादशी तिथि समाप्त - अगस्त 24, 2026 को 04:18 ए एम बजे
💕ब्रह्म मुहूर्त- 04:42 ए एम से 05:26 ए एम
💕प्रातः सन्ध्या- 05:04 ए एम से 06:10 ए एम
💕अभिजित मुहूर्त- 12:11 पी एम से 01:03 पी एम
💕विजय मुहूर्त- 02:46 पी एम से 03:38 पी एम
💕श्रावण पुत्रदा एकादशी व्रत करने से संतान सुख की होगी प्राप्ति,
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💕*"तद् यद् रुदितात् समभवन् तस्माद् रुद्राः"*💥
✨*नव ग्रहणां अधीनस्थ जीवनम्*✨
*🛟॥ श्री हरिः ॐ*॥☀️
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*💥“*ज्ञान ही सच्ची संपत्ति है।*
*बाकी सब क्षणभंगुर* है।”💥
🌼 ।। जय श्री कृष्ण ।।🌼
💥।। शुभम् भवतु।।💥
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💥*राशि रत्न,वास्तु आदि विषयों पर प्रकाशित सामग्री केवल आपकी जानकारी के लिए हैं अतः संबंधित कोई भी कार्य या प्रयोग करने से पहले किसी अच्छी जानकारी वाले ज्योतिषी से संपर्क करे*।
*💥यदि आप अपनी कुण्डली विश्लेषण चाहते हैं तो जन्म दिनांक, स्थान, समय बताएं!!🌟*
*♥️ रमल ज्योतिर्विद आचार्य दिनेश "प्रेमजी", नागौर (राज,)*
*।।आपका आज का दिन शुभ मंगलमय हो।।*
🕉️📿🔥🌞🚩🔱ॐ 💥🙏💘☀️




