*💥🗓*आज का पञ्चाङ्ग*🗓💥*
*🎈दिनांक 19 अगस्त 2026*
*🎈 वार- बुधवार*
*🎈 मास -सावन मास*
*🎈 पक्ष - कृष्णा पक्ष*
*🎈 विक्रम संवत् - 2083*
*🎈 संवत्सर पराभव*
*🎈संवत्सर (उत्तर)- रौद्र*
*🎈 अयन - उत्तरायण*
*🎈 ऋतु - रितु वर्षा*
*🎈तिथि -सप्तमी -19:18:52 पी एम तक तत्पश्चात अष्टमी*
*🎈 नक्षत्र स्वाती -06: 45:52शाम तत्पश्चात विशाखा*
*🎈योग - ब्रह्म-27:42:46 ए एम, अगस्त 20 तक तत्पश्चात् इंद्र *
*🎈करण- गर - 06:30:07 पी एम तकतत्पश्चात् वाणिज*
*🎈राहुकाल- 12:39 पी एम से 02:16 पी एम तक (नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*हर जगह का अलग होगा
(राहुकाल वह समय होता है जिसमे किसी भी नये अथवा शुभ कार्य प्रारम्भ करने से बचना चाहिए।)*
*🎈सूर्योदय-06:08 ए एम ए एम*
*🎈सूर्यास्त-07:10:00 पी एम*
*🎈चंद्र राशि-तुला - 02:30 ए एम, अगस्त 20 तक
*🎈चंद्र राशि- वृश्चिक*
*🎈सूर्य राशि- सिंह*
*(सूर्योदय एवं सूर्यास्त ,नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*
*🎈दिशा शूल- उत्तर दिशा में*
( किसी भी विशेष कार्य हेतु दिशा शूल वाली दिशा में जाने से बचना चाहिए, यद्यपि यदि उसी दिन जाकर उसी दिन लौटना हैं, अथवा व्यवसाय के दृष्टिकोण से प्रतिदिन जाना ही पड़ता है तो प्रभाव कम हो जाएगा, फिर इस पर विचार करने की आवश्यकता नही है, यदि किसी कारण वश दिशा शूल में जाना ही पड़े तो सूर्योदय से पूर्व निकलना श्रेयस्कर होता है, अन्यथा एक दिन पूर्व प्रस्थान रखकर भी निकला जा सकता हैं।)*
*🎈ब्रह्ममुहूर्त - 04:40 ए एम से 05:24 ए एम*
*🎈अभिजित मुहूर्त: कोई नहीं*
*🎈 निशिता मुहूर्त - 12:17 ए एम, अगस्त 20 से 01:01 ए एम, अगस्त 20*
*🎈अमृत काल -11:28 पी एम से 01:13 ए एम, अगस्त 20*
*🎈रवि योग- 06:08 ए एम से 06:46 ए एम*
*🎈विशेष:- व्रतपर्व विवरण- ब्रह्मवैवर्त पुराण (ब्रह्म खंड: 27.29-34) के अनुसार, षष्ठी तिथि के दिन नीम के पत्ते, नीम के फल खाना या नीम की दातुन से मुँह साफ करना वर्जित (निषिद्ध) माना गया है। धार्मिक मान्यता है कि इस तिथि पर नीम का सेवन करने से नीच योनियों की प्राप्ति होती है।
🛟19 अगस्त 2026 को देवगुरु बृहस्पति का नक्षत्र परिवर्तन (आश्लेषा नक्षत्र में प्रवेश) हो रहा है, जिससे सप्तमी तिथि और स्वाति नक्षत्र के प्रभाव के बीच सभी 12 राशियों के लिए करियर, धन और परिवार के मोर्चे पर मिला-जुला दिन रहने के संकेत हैं।
💥सावन महात्म्य☀️
👉 जय माँ आदिशक्ति सच्चियाय 🪔
🛟 नागौर, राजस्थान, (भारत)
मानक सूर्योदय के अनुसार।*🛟
*🛟चोघडिया, दिन का🛟*
![]() |
🛟चोघडिया, रात्🛟*
★√*★√*★√*★√*★√*★
🚩*श्रीगणेशाय नमोनित्यं*🚩
🚩*☀जय मां सच्चियाय* 🚩
💢आज का राशिफल💢
🛟सभी 12 राशियों का संक्षिप्त राशिफल‼️
💥 मेष: आत्मविश्वास बढ़ेगा। अटके हुए कार्यों में प्रगति होगी। जल्दबाजी में बड़े फैसले लेने से बचें।
💥वृषभ: विचारों को खुलकर और आत्मविश्वास के साथ साझा करें। संतुलन बनाए रखने से उत्साह बना रहेगा।
💥मिथुन: बातचीत और नेटवर्किंग के लिए बेहतरीन दिन है। संकेतों और संदेशों पर ध्यान दें।
💥कर्क: रचनात्मक कार्यों और सीखने के नए अवसर मिलेंगे। सकारात्मक दृष्टिकोण से लाभ होगा।
💥सिंह: कल्पना शक्ति और कार्यक्षमता चमकेगी। विचारों के आदान-प्रदान से रिश्ते मजबूत होंगे।
💥कन्या: कार्यस्थल पर नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। पैसों के लेन-देन में सावधानी बरतें।
💥तुला: नए अनुभवों के प्रति उत्साह रहेगा। आर्थिक फैसले स्पष्ट और फायदेमंद साबित होंगे।
💥वृश्चिक: दफ्तर में योग्यता साबित करने के मौके मिलेंगे। आर्थिक सफलता के योग हैं।
💥धनु: स्पष्ट बातचीत से लाभ होगा। ज्ञान और विस्तार से जुड़े कार्यों में रुचि बढ़ेगी।
💥मकर: व्यस्त दिनचर्या के बावजूद आगे बढ़ने के अच्छे मौके हाथ लगेंगे। मेहनत रंग लाएगी।
💥कुंभ: आधिकारिक चुनौतियों का सामना आसानी से कर लेंगे। मानसिक शांति बनी रहेगी।
💥मीन: रोमांटिक पलों का आनंद लेंगे। आर्थिक मामलों में दिन अनुकूल रहेगा।
➡️ 💕🛟प्रात: विशेष🕉️🌺
#🌕 👉 👉🦚❤️💐 🌼🪔🏓🎊
🌺🌷🏓।। आज बात करते हैं ☀️
💕🙏 #ॐउमामहेश्वराभ्यां नमः 🙏
🗓️ 🐍 #🌸 #ज्योतिष से #कैरियर का विश्लेषण.........💖
-#जीविकोपार्जन के लिए हम कौन सा कार्य करेंगे?
-#नौकरी या व्यवसाय?.............
#प्राइवेट या सरकारी नौकरी?................
#कौन सा व्यापार फलीभूत होगा?......
#ज्योतिषशास्त्र के अनुसार लग्न प्रधान होता है।
लेकिन कौन सा लग्न?
#जन्मलग्न, #चंद्रलग्न या #सूर्यलग्न?
अनेंक विद्वानों का व्यवहारिक मत है कि जन्मलग्नभाव और चंद्रलग्नभाव में से जो भाव अधिक बलवान हो, उस लग्न के
१-दशम भाव से,
२-इस भाव के स्वामि ग्रह (दशमेश) से
३-दसमेश के नवांश पति ग्रह के प्रभाव से और
४-दसमभाव में स्थित ग्रह के "स्वभाव और कारकता" के आधार पर कर्म क्षेत्र का निर्धारण किया जा सकता है।
#जैमिनी पद्धति के अनुसार आत्मकारक ग्रह और अमात्य कारक ग्रह के बल "स्वभाव और कारकता" के आधार पर कैरियर का निर्धारण करता है.............
#अष्टक वर्ग विधि के अनुसार: दशम भाव में यदि सबसे अधिक अंक है तो व्यक्ति स्वरोजगार (व्यवसाय) चुनता है। अन्यथा सेवा व्यवसाय करता है............
#जन्मकुंडली में चार त्रिकोण की कल्पना भी की गई है।
#धर्मत्रिकोण: भाव 1,5,9.
#अर्थत्रिकोण: भाव 2,6,10
#कामत्रिकोण: भाव 3,7,11 और
#मोक्षत्रिकोण: भाव 4,8,12.
उपरोक्त चार त्रिकोण में से...........
#अर्थत्रिकोण भाव- 2, 6,10 और
( #काम (कामना) त्रिकोण भाव- 3,7,11 पर दसमेश, और दशमेश के नवांशपति के सम्बन्धयोगों के आधार पर व्यक्ति के दीर्घकालिक "धन और जीविकोपार्जन" से सम्बन्धित फलित निर्णय होता है.........
#यदि दसमेश का सम्बन्ध भाव 2 या 3 या 11से बने तो व्यक्ति नौकरी करता है..........
#यदि दसमेश का सम्बन्ध भाव 3 या 6 या 11से बने तो व्यक्ति व्यवसायिक सेवाएं देता है........
#यदि दसमेश का सम्बन्ध भाव 2 या 7 या 11से बने तो व्यक्ति उत्तम व्यवसाय स्थापित करता है.........
#यदि दसमेश का सम्बन्ध भाव 3 या 7 या 11से बने तो व्यक्ति उत्तम व्यवसाय स्थापित करता है लेकिन कुछ कलंक लग जाता है.............
[ इस योग के प्रभाव से सत्यम कम्प्यूटर वाले श्री रामलिंग राजु, श्री अनिल अंबानी जी, हीरा व्यापारी श्री नीरव मोदी जैसे स्थापित लोग अर्श से फर्श पर आ गए थे।]
#राजकीय सेवा का #योग..........….
#दशमेश निर्बल न हो तथा लग्नभाव में या सुखभाव (4) में सूर्य या बृहस्पति हो तो सरकारी नौकरी का योग बन जाता है।
#दशमेश निर्बल न हो तथा लग्नभाव में या सुखभाव (4) में सूर्य और बृहस्पति दोनों हो तो उच्चस्तर की राजकीय पद का योग बन जाता है............
#जैमिनी ज्योतिष का एक अद्भुत योग: यदि कारकांश कुण्डली के लग्नभाव में सूर्य हो तो ऐसा व्यक्ति उच्चस्तर की राजकीय सेवा करता है..........
[ जैमिनी ज्योतिष के अनुसार आत्मकारक ग्रह नवमांश कुंडली में जिस राशि में स्थित हो वह राशि कारकांश कुण्डली का "लग्नभाव" मानी जाती है।]
#अपकीर्ति योग..........
#दशम स्थान में सूर्य-शनि के युति हो तो अपकीर्ति मिलती है।( -खे मन्दार्का विसत्कीर्ति)।
#दसमेश ग्रह शत्रु राशि पर स्थित हों अथवा दसमेश नवांश कुण्डली में उसकी नीच राशि पर हों, और उस पर किसी क्रूर/पापी/शत्रु ग्रह की दृष्टि हो तो जातक को सम्मानित पद पर उन्नति नही मिलती अथवा अपना पद खो देता है।
(खपे पाप सम्बन्धे sसत्कीर्ति)।।
🙇 #जयश्रीसीताराम 🙇 ❤️
➡️🙏🌺🏓🎉🏵️🛟💥☀️🏵️💯
💕*"तद् यद् रुदितात् समभवन् तस्माद् रुद्राः"*💥
✨*नव ग्रहणां अधीनस्थ जीवनम्*✨
*🛟॥ श्री हरिः ॐ*॥☀️
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*💥“*ज्ञान ही सच्ची संपत्ति है।*
*बाकी सब क्षणभंगुर* है।”💥
🌼 ।। जय श्री कृष्ण ।।🌼
💥।। शुभम् भवतु।।💥
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🔱🇪🇬*जय श्री महाकाल सरकार *🔱🇪🇬 *मोर मुकुट बंशीवाले सेठ की जय हो 🪷*▬▬▬▬▬▬▬ஜ۩۞۩ஜ
*♥️~*यह पंचांग नागौर (राजस्थान) सूर्योदय के अनुसार है।*
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💥*राशि रत्न,वास्तु आदि विषयों पर प्रकाशित सामग्री केवल आपकी जानकारी के लिए हैं अतः संबंधित कोई भी कार्य या प्रयोग करने से पहले किसी अच्छी जानकारी वाले ज्योतिषी से संपर्क करे*।
*💥यदि आप अपनी कुण्डली विश्लेषण चाहते हैं तो जन्म दिनांक, स्थान, समय बताएं!!🌟*
*♥️ रमल ज्योतिर्विद आचार्य दिनेश "प्रेमजी", नागौर (राज,)*
*।।आपका आज का दिन शुभ मंगलमय हो।।*
🕉️📿🔥🌞🚩🔱ॐ 💥🙏💘☀️




