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पञ्चाङ्ग 10 सितंबर 2026

 *💥🗓*आज का पञ्चाङ्ग*🗓💥*
*🎈दिनांक  10 सितंबर 2026*
*🎈वार-  गुरुवार*
*🎈मास - भाद्रपद मास*
*🎈पक्ष -  कृष्ण पक्ष*
*🎈विक्रम संवत् - 2083*
*🎈संवत्सर     पराभव*
*🎈संवत्सर (उत्तर)-    रौद्र*
*🎈अयन - उत्तरायण*
*🎈ऋतु - रितु वर्षा*
*🎈तिथि-    चतुर्दशी -  10:33 ए एम तक तत्पश्चात अमावस्या* 


*🎈नक्षत्र- मघा - 02:04 पी एम तक तत्पश्चात पूर्वा फाल्गुनी*
*🎈योग    - सिद्ध - 07:17 पी एम तक तत्पश्चात् साध्य*
*🎈करण-शकुनि - 10:33 ए एम तक
 तत्पश्चात् चतुश्वाद, नाग*
*🎈राहुकाल- 02:05 पी एम से 03:39 पी एम(नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*हर जगह का अलग होगा
(राहुकाल वह समय होता है जिसमे किसी भी नये अथवा शुभ कार्य प्रारम्भ करने से बचना चाहिए।)*
*🎈सूर्योदय-06:18 ए एम*
*🎈सूर्यास्त-06:46 पी एम*
*🎈चंद्र राशि- सिंह*
*🎈सूर्य राशि- सिंह*
*(सूर्योदय एवं सूर्यास्त ,नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*
*🎈दिशा शूल- दक्षिण दिशा में*
(किसी भी विशेष कार्य हेतु दिशा शूल वाली दिशा में जाने से बचना चाहिए, यद्यपि यदि उसी दिन जाकर उसी दिन लौटना हैं, अथवा व्यवसाय के दृष्टिकोण से प्रतिदिन जाना ही पड़ता है तो प्रभाव कम हो जाएगा, फिर इस पर विचार करने की आवश्यकता नही है, यदि  किसी कारण वश दिशा शूल में जाना ही पड़े तो सूर्योदय से पूर्व निकलना  श्रेयस्कर होता है, अन्यथा एक  दिन पूर्व प्रस्थान रखकर भी निकला जा सकता हैं।)*
*🎈ब्रह्ममुहूर्त - 04:46 ए एम से 05:32 ए एम*
*🎈अभिजित मुहूर्त: 12:07 पी एम से 12:57 पी एम*
*🎈अमृत काल - 01:43 पी एम से 03:14 पी एम*
*🎈 निशिता मुहूर्त -12:09 ए एम, सितम्बर 11 से 12:55 ए एम, सितम्बर 11*
*🎈अमृत काल    11:47 ए एम से 01:18 पी एम*

*🎈विशेष:- व्रतपर्व विवरण-   भाद्रपद शुक्ल पक्ष गणेश चतुर्थी व्रत मध्याह्न व्यापिनी चतुर्थी को ग्रहण किया जाता है ,14 सितंबर को चंद्रोदय प्रातः 9:06 पर है अतः इसी दिन चतुर्थी व्रत भी होगा क्योंकि इसी दिन चतुर्थी मध्याह्नव्यापिनी है।
➡️इस दिन चंद्र दर्शन निषेध है।

🌹ब्रह्मवैवर्त पुराण के ब्रह्म खंड (27.29-34) के अनुसार, द्वितीया तिथि के दिन बृहती (छोटा बैंगन, वनभाँटा या कटेहरी) खाना वर्जित माना गया है। इस नियम का पालन करने से व्यक्ति शास्त्रों में बताए जाने वाले दोषों से बचता है।
🛟10 सितंबर 2026 को बुध का तुला राशि और शुक्र का वृश्चिक राशि में प्रवेश तथा कन्या राशि में नया चंद्रमा जैसे बड़े गोचर हो रहे हैं, जिससे सभी 12 राशियों के लिए संवाद, रिश्तों और कार्यक्षमता में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिलेंगे। इस विशेष खगोलीय स्थिति का सभी राशियों पर मिला-जुला प्रभाव रहेगा।
 👉 जय माँ आदिशक्ति सच्चियाय 🪔 
     🛟 नागौर, राजस्थान, (भारत)    
         मानक सूर्योदय के अनुसार।*🛟
       *🛟चोघडिया, दिन का🛟*

          🛟चोघडिया, रात्🛟*
 
★√*★√*★√*★√*★√*★
     🚩*श्रीगणेशाय नमोनित्यं*🚩
    🚩*☀जय मां सच्चियाय* 🚩 
 
   ‼️💢आज का राशिफल💢‼️

🛟सभी 12 राशियों का संक्षिप्त राशिफल‼️

💥 मेष राशि: आत्मविश्वास और कार्यक्षमता में वृद्धि होगी। वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलेगा, लेकिन जल्दबाजी में बड़े फैसले लेने से बचें।

💥वृषभ राशि: कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, परंतु खान-पान का विशेष ध्यान रखें।

💥मिथुन राशि: यूरेनस के वक्री होने से विचारों और योजनाओं की समीक्षा करने का अवसर मिलेगा। बातचीत में नरमी बरतें।

💥कर्क राशि: पारिवारिक जीवन में सामंजस्य बना रहेगा। आर्थिक मामलों में थोड़ी सावधानी बरतने की आवश्यकता है।

💥सिंह राशि: सूर्य और केतु की स्थिति के कारण आत्ममंथन का समय है। कामकाज में गुप्त शत्रुओं से सतर्क रहें।

💥कन्या राशि: नया चंद्रमा आपकी कार्यप्रणाली, सेहत और दिनचर्या में सकारात्मक सुधार लेकर आएगा। ऊर्जावान महसूस करेंगे।

💥तुला राशि: बुध का आपकी राशि में प्रवेश रिश्तों में मिठास और स्पष्ट संवाद को बढ़ावा देगा। मान-सम्मान बढ़ेगा।

💥वृश्चिक राशि: शुक्र के प्रवेश से भावनाओं में तीव्रता और रिश्तों में गहराई आएगी। प्रेम जीवन के लिए दिन अनुकूल है।

💥धनु राशि: पुराने प्रयासों के सार्थक परिणाम सामने आ सकते हैं। दोस्तों और सहकर्मियों का पूरा सहयोग मिलेगा।

💥मकर राशि: करियर और कारोबार में प्रगति के योग हैं। आर्थिक स्थिति में सुधार होगा और पुराने निवेश लाभ देंगे।

💥कुंभ राशि: मानसिक तनाव कम होगा। काम के साथ-साथ खुद को विश्राम देने के लिए भी समय निकालें।

💥मीन राशि: रिश्तों में निष्पक्ष बातचीत और समझदारी से काम लें। सेहत के प्रति लापरवाही न बरतें
💕🙏 #ॐउमामहेश्वराभ्यां नमः 🙏
  ➡️ 💕🛟प्रात: विशेष🕉️🌺
#🌕 👉 👉🦚❤️💐 🌼🪔🏓🎊
   🌺🌷🏓।। आज बात करते हैं ☀️

🌹|| ✨ 🌹// 🕉️ ✨ 🌺 🦚 🌼 1: क्या मनुष्य अपने भाग्य (Destiny) को बदल सकता है?
क्या होनी (Destiny) को टाला जा सकता है? 🚩✨
महाभारत युद्ध के बाद, अभिमन्यु के पौत्र राजा जनमेजय गद्दी पर बैठे। एक दिन वे महर्षि वेदव्यास जी के पास बैठे थे। बातों-बातों में जनमेजय ने अहंकार से कहा-
"मुनिवर! जहाँ आपके जैसे समर्थ ऋषि, स्वयं भगवान श्रीकृष्ण, भीष्म पितामह और गुरु द्रोणाचार्य जैसे महान लोग उपस्थित थे, फिर भी आप महाभारत के विनाशकारी युद्ध को रोक नहीं पाए? यदि मैं उस समय होता, तो अपने पुरुषार्थ से इस महाविनाश को अवश्य रोक लेता।"
अहंकार से भरे ये शब्द सुनकर भी व्यास जी शांत रहे और बोले- "पुत्र! अपने पूर्वजों की क्षमता पर शंका न करो। यह विधि का विधान था। यदि इसे टाला जा सकता, तो स्वयं श्रीकृष्ण इसे रोक लेते।"
लेकिन जनमेजय अपनी बात पर अड़े रहे। तब व्यास जी ने कहा- "तू भविष्य जानना चाहता है? तो सुन...
🐎 कुछ वर्ष बाद तू एक काले घोड़े पर बैठकर दक्षिण दिशा में समुद्र तट पर जाएगा।
👸 वहाँ तुझे एक सुंदर स्त्री मिलेगी, जिसे तू महलों में लाकर विवाह करेगा।
🔥 उसके कहने पर तू एक यज्ञ करेगा, जिसे तू युवा ब्राह्मणों से कराएगा।
⚔️ उस यज्ञ में रानी के कहने पर तू उन ब्राह्मणों को प्राणदंड देगा, जिससे तुझे ब्रह्म हत्या का पाप और कुष्ठ रोग (Leprosy) होगा... और वही तेरी मृत्यु का कारण बनेगा!"
व्यास जी ने कहा- "जा, अगर इस होनी को रोक सके, तो रोक ले।"
जनमेजय ने एहतियात के तौर पर शिकार पर जाना ही छोड़ दिया। परंतु जब होनी का समय आया, तो सब कुछ वैसे ही घटने लगा:
✔️ उसे अस्तबल में सिर्फ काला घोड़ा ही मिला।
✔️ घोड़ा अनियंत्रित होकर दक्षिण दिशा (समुद्र तट) की ओर ही भागा।
✔️ वहाँ उसे एक सुंदर स्त्री मिली, जिससे उसे प्रेम हो गया और उसने विवाह कर लिया।
✔️ रानी के कहने पर यज्ञ हुआ, युवा ब्राह्मणों का अपमान हुआ और राजा ने उन्हें दंड दे दिया।
परिणामस्वरूप, जनमेजय को भयंकर कुष्ठ रोग हो गया।
घबराकर वह तुरंत वेदव्यास जी के चरणों में गिरा। व्यास जी ने उसे अंतिम अवसर देते हुए कहा- "मैं तुझे महाभारत की कथा सुनाऊँगा। यदि तू इसे पूर्ण श्रद्धा और विश्वास से सुनेगा, तो तेरा रोग मिट जाएगा। लेकिन जहाँ तूने शंका की, वहीं कथा रुक जाएगी।"
जनमेजय श्रद्धा से कथा सुनने लगा और उसका रोग भी ठीक होने लगा। लेकिन जब व्यास जी ने बताया कि "भीम ने हाथियों को सूंड से पकड़कर अंतरिक्ष में उछाला था और वे आज भी अंतरिक्ष में तैर रहे हैं," तो जनमेजय अपना स्वभाव नहीं बदल पाया। वह बोल उठा- "यह कैसे संभव है? यह तो कोरी गप्प लगती है!"
बस! व्यास जी ने कथा रोक दी। उन्होंने अपने तपोबल से उन हाथियों को पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण में वापस लाकर दिखा दिया और कहा- "मैंने कहा था शंका मत करना, पर तू अपनी प्रवृत्ति नहीं बदल पाया।"
जितनी कथा राजा ने श्रद्धा से सुनी थी, उतना उसका शरीर ठीक हो गया, लेकिन एक छोटा सा हिस्सा रह गया... और अंततः वही उसकी मृत्यु का कारण बना।
🌟 सार (Moral of the Story):
हमारे जीवन का नाटक परमात्मा के द्वारा ही लिखा गया है। कर्म हमारे हाथ में है... लेकिन उसका फल विधि के हाथों में ही है।
श्रीमद्भगवद्गीता (11:33) में श्रीकृष्ण कहते हैं- "उठ खड़ा हो और यश प्राप्त कर। ये सब तो मेरे द्वारा पहले ही मारे जा चुके हैं, तू तो केवल निमित्त मात्र है।"
होनी को टाला नहीं जा सकता, लेकिन नेक कर्म, श्रद्धा और ईश्वर के नाम जाप से जीवन को संवारा अवश्य जा सकता है। 🙏
           जय श्री कृष्णा! 🦚🚩

             *🙏🌺  🌺🙏

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 💕*"तद् यद् रुदितात् समभवन् तस्माद् रुद्राः"*💥
  ✨*नव ग्रहणां अधीनस्थ जीवनम्*✨
           *🛟॥ श्री हरिः ॐ*॥☀️
🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏     
 🌹🌹 🌹🌹 🌹🌹 🌹🌹 🌹🌹          

 *💥“*ज्ञान ही सच्ची संपत्ति है।*
          *बाकी सब क्षणभंगुर* है।”💥
       🌼 ।। जय श्री कृष्ण ।।🌼
       💥।। शुभम् भवतु।।💥
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🔱🇪🇬*जय श्री महाकाल सरकार *🔱🇪🇬 *मोर मुकुट बंशीवाले  सेठ की जय हो 🪷*▬▬▬▬▬▬▬ஜ۩۞۩ஜ
*♥️~*यह पंचांग नागौर (राजस्थान) सूर्योदय के अनुसार है।*
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‼️*अस्वीकरण(Disclaimer)पंचांग, धर्म, ज्योतिष, त्यौहार की जानकारी शास्त्रों से ली गई है।*
🙏*हमारा उद्देश्य मात्र आपको  केवल जानकारी देना है। इस संदर्भ में हम किसी प्रकार का कोई दावा नहीं करते हैं।*
💥*राशि रत्न,वास्तु आदि विषयों पर प्रकाशित सामग्री केवल आपकी जानकारी के लिए हैं अतः संबंधित कोई भी कार्य या प्रयोग करने से पहले किसी अच्छी जानकारी वाले ज्योतिषी से संपर्क करे*।
*💥यदि आप अपनी कुण्डली विश्लेषण चाहते हैं तो जन्म दिनांक, स्थान, समय  बताएं!!🌟*
*♥️ रमल ज्योतिर्विद आचार्य दिनेश "प्रेमजी", नागौर (राज,)* 
*।।आपका आज का दिन शुभ मंगलमय हो।।* 
🕉️📿🔥🌞🚩🔱ॐ 💥🙏💘☀️

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