*💥🗓*आज का पञ्चाङ्ग*🗓💥*
*🎈दिनांक 06 सितंबर 2026*
*🎈 वार- रविवार*
*🎈 मास - भाद्रपद मास*
*🎈 पक्ष - कृष्ण पक्ष*
*🎈 विक्रम संवत् - 2083*
*🎈 संवत्सर पराभव*
*🎈संवत्सर (उत्तर)- रौद्र*
*🎈 अयन - उत्तरायण*
*🎈 ऋतु - रितु वर्षा*
*🎈तिथि दशमी - 07:29 पी एम तक तत्पश्चात एकादशी*
*🎈 नक्षत्र- आर्द्रा - 07:52 पी एम तक तत्पश्चात पुनर्वसु*
*🎈योग - सिद्धि - 09:45 ए एम तक
तत्पश्चात् व्यतीपात*
*🎈करण-वणिज - 08:41 ए एम तक
तत्पश्चात् बव, बालव*
*🎈राहुकाल- 05:16 पी एम से 06:50 पी एम (नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*हर जगह का अलग होगा
(राहुकाल वह समय होता है जिसमे किसी भी नये अथवा शुभ कार्य प्रारम्भ करने से बचना चाहिए।)*
*🎈सूर्योदय-06:16 ए एम*
*🎈सूर्यास्त-06:50. पी एम*
*🎈चंद्र राशि- मिथुन*
*🎈सूर्य राशि- सिंह*
*(सूर्योदय एवं सूर्यास्त ,नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*
*🎈दिशा शूल- पश्चिम दिशा में*
(किसी भी विशेष कार्य हेतु दिशा शूल वाली दिशा में जाने से बचना चाहिए, यद्यपि यदि उसी दिन जाकर उसी दिन लौटना हैं, अथवा व्यवसाय के दृष्टिकोण से प्रतिदिन जाना ही पड़ता है तो प्रभाव कम हो जाएगा, फिर इस पर विचार करने की आवश्यकता नही है, यदि किसी कारण वश दिशा शूल में जाना ही पड़े तो सूर्योदय से पूर्व निकलना श्रेयस्कर होता है, अन्यथा एक दिन पूर्व प्रस्थान रखकर भी निकला जा सकता हैं।)*
*🎈ब्रह्ममुहूर्त - 04:45 ए एम से 05:31 ए एम*
*🎈अभिजित मुहूर्त: 12:08 पी एम से 12:58 पी एम*
*🎈अमृत काल - 01:17 पी एम से 02:46 पी एम*
*🎈 निशिता मुहूर्त -12:11 ए एम, सितम्बर 06 से 12:57 ए एम, सितम्बर 06*
*🎈अमृत काल 10:33 ए एम से 12:03 पी एम*
*🎈विशेष:- व्रतपर्व विवरण-
🌹गोगा नवमी 2026 कब है? जानिए तिथि, समय और पूजा का महत्व 🐍🙏
गोगा नवमी 2026 का पावन पर्व 5 सितंबर 2026, शनिवार को मनाया जाएगा। यह पर्व नाग देवता और वीर गोगाजी महाराज की पूजा-अर्चना के लिए विशेष माना जाता है। इस दिन श्रद्धालु श्रद्धा और भक्ति से गोगाजी महाराज का स्मरण करते हैं तथा परिवार की सुख-शांति और समृद्धि की कामना करते हैं। गोगा नवमी के अवसर पर नाग देवता की पूजा, दीप प्रज्वलन और भोग अर्पित करने की परंपरा है। मान्यता है कि सच्चे मन से की गई प्रार्थना और भक्ति से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा आती है।
🌹 जय गोगाजी महाराज 🙏
🛟6 सितंबर 2026 (रविवार) का दिन के अनुसार सभी 12 राशियों के लिए भावनात्मक स्पष्टता, करियर के नए अवसरों और आर्थिक जागरूकता का मिलाजुला दिन रहेगा, जिसमें चंद्रमा का मिथुन राशि में गोचर मुख्य भूमिका निभाएगा।
👉 जय माँ आदिशक्ति सच्चियाय 🪔
🛟 नागौर, राजस्थान, (भारत)
मानक सूर्योदय के अनुसार।*🛟
*🛟चोघडिया, दिन का🛟*
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🛟चोघडिया, रात्🛟*
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🚩*श्रीगणेशाय नमोनित्यं*🚩
🚩*☀जय मां सच्चियाय* 🚩
‼️💢आज का राशिफल💢‼️
🛟सभी 12 राशियों का संक्षिप्त राशिफल‼️
💥 मेष राशि: सामाजिक जीवन अनुकूल रहेगा। भाइयों और पड़ोसियों का सहयोग मिलेगा। बातचीत में तेजी बनी रहेगी।
💥वृष राशि: आर्थिक मामलों में सावधानी बरतें। पुरानी बचत को सुरक्षित रखने का प्रयास करें। अचानक बदलाव के लिए तैयार रहें।
💥मिथुन राशि: मन में नए विचार और कार्य में फुर्ती रहेगी। परिवार के साथ मनोरंजक समय बीतेगा। जीवनसाथी का भरपूर सहयोग मिलेगा।
💥कर्क राशि: गुरु की स्थिति से आर्थिक राहत और उम्मीद मिलेगी। दफ्तर में सहयोगियों का साथ मिलेगा। दूसरों की भावनाओं के तनाव से दूर रहें।
💥सिंह राशि: परिवार के साथ सुखद पल बिताएंगे। कोई अच्छी खबर मिल सकती है। काम में अपनी मजबूत राय स्पष्ट रखें।
💥कन्या राशि: पुराने खर्चों और लेन-देन की समीक्षा करें। पेंडिंग कार्यों का निपटारा होगा। कोई बड़ा सपना या रुका काम पूरा हो सकता है।
💥तुला राशि: शुक्र के प्रभाव से आर्थिक लेन-देन में संतुलन रहेगा। आपसी रिश्तों और संबंधों से लाभ के योग हैं।
💥वृश्चिक राशि: सांझा धन या पुराने बकायों पर ध्यान देना होगा। मन के डर को काबू में रखकर शांत दिमाग से काम लें।
💥धनु राशि: कमाई के नए रास्ते तलाशने का विचार बनेगा। टीम वर्क का पूरा साथ मिलेगा। मां लक्ष्मी की विशेष कृपा बनी रहेगी।
💥मकर राशि: नियमबद्ध तरीके से बचत पर ध्यान दें। कार्य में लगन और अनुशासन बनाए रखें। अनावश्यक जटिलताओं को हटाएं।
💥कुंभ राशि: निवेश करते समय पूरी सतर्कता बरतें। नई सोच के साथ आगे बढ़ें। दिनचर्या में सजग रहने की जरूरत है।
💥मीन राशि: अपनी आदतों में सुधार और एकाग्रता बनाए रखें। आंतरिक शांति और भावनात्मक संतुलन पर जोर रहेगा।
💕🙏 #ॐउमामहेश्वराभ्यां नमः 🙏
➡️ 💕🛟प्रात: विशेष🕉️🌺
#🌕 👉 👉🦚❤️💐 🌼🪔🏓🎊
🌺🌷🏓।। आज बात करते हैं ☀️
🌹|| ✨ 🌹// 🕉️ ✨ 🌺 🦚 माँ लक्ष्मी और दरिद्रता (अलक्ष्मी) की कथा: जानिए कहाँ होता है किसका वास! 🌸
समुद्र मंथन की कथा तो हम सब जानते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि मंथन के दौरान माता लक्ष्मी से पहले उनकी बड़ी बहन अलक्ष्मी (दरिद्रा) प्रकट हुई थीं?
📜 विवाह और पीपल वृक्ष का निवास:
शास्त्रों के अनुसार, दुःसह् मुनि के साथ विवाह के बाद जब दरिद्रा ने ऐसे स्थान ढूँढने शुरू किए जहाँ वेदमंत्र, यज्ञ और सत्कर्म न होते हों, तो अंत में भगवान विष्णु के आशीर्वाद से उन्हें पीपल के वृक्ष के नीचे निवास स्थान मिला। भगवान विष्णु ने कहा कि जो व्यक्ति शनिवार को पीपल की पूजा करेगा, उसके घर लक्ष्मी के साथ माता लक्ष्मी की कृपा भी बनी रहेगी।
✨ माता लक्ष्मी को क्या है पसंद? (निवास स्थान):
महाभारत और पुराणों के अनुसार, माँ लक्ष्मी वहीं निवास करती हैं—
जहाँ स्वच्छता, सदाचार, अतिथि सत्कार और बड़ों का सम्मान हो।
जहाँ भगवान श्रीहरि, श्रीकृष्ण, तुलसी और शालिग्राम की सेवा होती है।
जो लोग मेहनती, परोपकारी, सत्य बोलने वाले और जितेन्द्रिय होते हैं।
🚫 किन घरों को छोड़कर चली जाती हैं लक्ष्मी?
अकर्मण्य, नास्तिक, कृतघ्न (उपकार न मानने वाले), आलसी, कलह करने वाले और अतिथि को भूखा रखने वाले घरों से माँ लक्ष्मी रुष्ट होकर चली जाती हैं और वहाँ दरिद्रता का वास होता है।
"उद्योगिनं पुरुषसिंहमुपैति लक्ष्मीः"—अर्थात परिश्रम करने वाले, पुरुषार्थी व्यक्ति के पास ही माता लक्ष्मी स्वयं आती हैं। 🙏
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💕*"तद् यद् रुदितात् समभवन् तस्माद् रुद्राः"*💥
✨*नव ग्रहणां अधीनस्थ जीवनम्*✨
*🛟॥ श्री हरिः ॐ*॥☀️
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*💥“*ज्ञान ही सच्ची संपत्ति है।*
*बाकी सब क्षणभंगुर* है।”💥
🌼 ।। जय श्री कृष्ण ।।🌼
💥।। शुभम् भवतु।।💥
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🔱🇪🇬*जय श्री महाकाल सरकार *🔱🇪🇬 *मोर मुकुट बंशीवाले सेठ की जय हो 🪷*▬▬▬▬▬▬▬ஜ۩۞۩ஜ
*♥️~*यह पंचांग नागौर (राजस्थान) सूर्योदय के अनुसार है।*
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💥*राशि रत्न,वास्तु आदि विषयों पर प्रकाशित सामग्री केवल आपकी जानकारी के लिए हैं अतः संबंधित कोई भी कार्य या प्रयोग करने से पहले किसी अच्छी जानकारी वाले ज्योतिषी से संपर्क करे*।
*💥यदि आप अपनी कुण्डली विश्लेषण चाहते हैं तो जन्म दिनांक, स्थान, समय बताएं!!🌟*
*♥️ रमल ज्योतिर्विद आचार्य दिनेश "प्रेमजी", नागौर (राज,)*
*।।आपका आज का दिन शुभ मंगलमय हो।।*
🕉️📿🔥🌞🚩🔱ॐ 💥🙏💘☀️
















