*💥🗓*आज का पञ्चाङ्ग*🗓💥*
*🎈दिनांक 05 सितंबर 2026*
*🎈 वार- शनिवार*
*🎈 मास - भाद्रपद मास*
*🎈 पक्ष - कृष्ण पक्ष*
*🎈 विक्रम संवत् - 2083*
*🎈 संवत्सर पराभव*
*🎈संवत्सर (उत्तर)- रौद्र*
*🎈 अयन - उत्तरायण*
*🎈 ऋतु - रितु वर्षा*
*🎈तिथि नवमी - 21:53.05 ए एम, सितम्बर 05 तक तत्पश्चात दशमी*
*🎈 नक्षत्र- मृगशीर्ष - 21:29.52 पी एम तक तत्पश्चात आर्द्रा*
*🎈योग - वज्र - 12:45.56 पी एम तक
तत्पश्चात् सिद्धि*
*🎈करण-तैतिल - 11:03.50 am
तक
तत्पश्चात् कोलव, तैतिल*
*🎈राहुकाल- 09:25 ए एम से 10:59 am (नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*हर जगह का अलग होगा
(राहुकाल वह समय होता है जिसमे किसी भी नये अथवा शुभ कार्य प्रारम्भ करने से बचना चाहिए।)*
*🎈सूर्योदय-06:17.06 ए एम*
*🎈सूर्यास्त-06:50.03 पी एम*
*🎈चंद्र राशि- वृषभ*till 10.17.25
मिथुन from 10.17.25 तक
*🎈सूर्य राशि- सिंह*
*(सूर्योदय एवं सूर्यास्त ,नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*
*🎈दिशा शूल- पश्चिम दिशा में*
(किसी भी विशेष कार्य हेतु दिशा शूल वाली दिशा में जाने से बचना चाहिए, यद्यपि यदि उसी दिन जाकर उसी दिन लौटना हैं, अथवा व्यवसाय के दृष्टिकोण से प्रतिदिन जाना ही पड़ता है तो प्रभाव कम हो जाएगा, फिर इस पर विचार करने की आवश्यकता नही है, यदि किसी कारण वश दिशा शूल में जाना ही पड़े तो सूर्योदय से पूर्व निकलना श्रेयस्कर होता है, अन्यथा एक दिन पूर्व प्रस्थान रखकर भी निकला जा सकता हैं।)*
*🎈ब्रह्ममुहूर्त - 04:45 ए एम से 05:30 ए एम*
*🎈अभिजित मुहूर्त: 12:18 पी एम से 12:59 पी एम*
*🎈अमृत काल - 01:17 पी एम से 02:46 पी एम*
*🎈 निशिता मुहूर्त -12:11 ए एम, सितम्बर 06 से 12:57 ए एम, सितम्बर 06*
*🎈विशेष:- व्रतपर्व विवरण-
🌹गोगा नवमी 2026 कब है? जानिए तिथि, समय और पूजा का महत्व 🐍🙏
गोगा नवमी 2026 का पावन पर्व 5 सितंबर 2026, शनिवार को मनाया जाएगा। यह पर्व नाग देवता और वीर गोगाजी महाराज की पूजा-अर्चना के लिए विशेष माना जाता है। इस दिन श्रद्धालु श्रद्धा और भक्ति से गोगाजी महाराज का स्मरण करते हैं तथा परिवार की सुख-शांति और समृद्धि की कामना करते हैं। गोगा नवमी के अवसर पर नाग देवता की पूजा, दीप प्रज्वलन और भोग अर्पित करने की परंपरा है। मान्यता है कि सच्चे मन से की गई प्रार्थना और भक्ति से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा आती है।
🌹 जय गोगाजी महाराज 🙏
🛟आप के दैनिक विवरण के अनुसार, 04 सितंबर 2026, शुक्रवार का दिन सभी 12 राशियों के लिए मिला-जुला और खास रहने वाला है। इस दिन जन्माष्टमी और शुभ योगों का प्रभाव भी, जैसा कि में बताया गया है, कई राशियों के लिए लाभदायक है।
👉 जय माँ आदिशक्ति सच्चियाय 🪔
🛟 नागौर, राजस्थान, (भारत)
मानक सूर्योदय के अनुसार।*🛟
*🛟चोघडिया, दिन का🛟*
🛟चोघडिया, रात्🛟*
★√*★√*★√*★√*★√*★
🚩*श्रीगणेशाय नमोनित्यं*🚩
🚩*☀जय मां सच्चियाय* 🚩
‼️💢आज का राशिफल💢‼️
🛟सभी 12 राशियों का संक्षिप्त राशिफल‼️
💥 मेष: आत्मविश्वास उच्च रहेगा। अटके हुए कार्यों को गति मिलेगी। खर्चों पर नियंत्रण रखें।
🌺वृषभ: परिवार में खुशियां आएंगी। आर्थिक संतुलन बना रहेगा। यात्रा के योग हैं।
🌺मिथुन: आय में वृद्धि होगी। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। कामकाज में तेजी बनी रहेगी।
🌺कर्क: करियर के लिहाज से समय उत्तम है। नए कार्यों की शुरुआत सोच-समझकर करें।
🌺सिंह: मान-सम्मान में वृद्धि होगी। नेटवर्किंग और संवाद से लाभ मिलेगा।
🌺कन्या: करियर में आगे बढ़ने के नए अवसर मिलेंगे। यात्रा सुखद रहेगी।
🌺तुला: पारिवारिक जीवन में मधुरता रहेगी। कार्यक्षेत्र में सहयोग मिलेगा।
🌺वृश्चिक: दिन मेहनत भरा रहेगा। धैर्य से काम लें। आर्थिक मामलों में सतर्कता बरतें।
🌺धनु: भाग्य का साथ मिलेगा। आय के नए स्रोत उभरेंगे। यात्रा में सावधानी बरतें।
🌺मकर: कार्यक्षेत्र में जिम्मेदारी बढ़ सकती है। मित्रों का सहयोग प्राप्त होगा।
🌺कुंभ: सामाजिक दायरा बढ़ेगा। जीवनसाथी का सहयोग लाभकारी साबित होगा।
🌺मीन: घर-परिवार पर ध्यान केंद्रित रहेगा। मानसिक शांति बनाए रखने का प्रयास करें।
💕🙏 #ॐउमामहेश्वराभ्यां नमः 🙏
➡️ 💕🛟प्रात: विशेष🕉️🌺
#🌕 👉 👉🦚❤️💐 🌼🪔🏓🎊
🌺🌷🏓।। आज बात करते हैं ☀️
🌹|| ✨ 🌹// 🕉️ ✨ 🌺 क्या आप जानते हैं कि क्रोधित होकर बलराम जी ने पूरे हस्तिनापुर को यमुना में डुबाने की चेतावनी दे दी थी?
अतुलित बल के स्वामी: शेषावतार भगवान् बलराम जी 🪷✨
जब कंस के अत्याचार बढ़ गए और उसने देवकी-वसुदेव के छः पुत्रों को मार डाला, तब सातवें गर्भ में साक्षात शेषावतार भगवान बलराम पधारे। योगमाया ने उन्हें वहां से आकर्षित कर नंदबाबा के यहाँ रह रहीं माता रोहिणी के गर्भ में पहुँचा दिया। इसी कर्षण (आकर्षित करने) के कारण उनका नाम 'संकर्षण' पड़ा और बलवानों में सर्वश्रेष्ठ होने के कारण वे 'बलभद्र' कहलाए।
आइए जानते हैं दाऊ भैया (बलराम जी) के जीवन की कुछ अद्भुत लीलाएं:
👊 एक ही घूंसे में प्रलम्बासुर का अंत
श्रीकृष्ण और बलराम जी एक-दूसरे से अभिन्न थे। एक बार वृंदावन में खेलते समय 'प्रलम्बासुर' नाम का असुर ग्वाल-बाल का भेष धरकर आया। वह बलराम जी को अपनी पीठ पर बैठाकर आकाश-मार्ग से भागने लगा। साक्षात शेषनाग अवतार बलराम जी ने उसका कपट पहचान लिया और उसके सिर पर ऐसा वज्र के समान घूंसा मारा कि वह भयानक चीत्कार करता हुआ वहीं प्राणहीन होकर गिर पड़ा।
🌊 जब हस्तिनापुर को यमुना में डुबाने चले थे दाऊ!
श्रीकृष्ण के पुत्र साम्ब ने जब दुर्योधन की पुत्री लक्ष्मणा का हरण किया, तो कौरवों के छः महारथियों ने साम्ब को बंदी बना लिया। यह सुनकर बलराम जी अकेले ही हस्तिनापुर पहुँच गए। जब दुर्योधन नहीं माना, तो बलराम जी ने अपने हल से पूरे हस्तिनापुर को खींचकर यमुना में डुबाने का उपक्रम कर दिया, जिससे कौरवों का अहंकार टूट गया।
👑 सत्ययुग की कन्या से विवाह
बलराम जी का विवाह 'रेवती' जी से हुआ था। वे सत्ययुग की कन्या थीं और आकार में बलराम जी से काफी लंबी थीं। छोटे भाई कन्हैया को परिहास करते देख, बलराम जी ने अपने हल से रेवती जी को अपने अनुरूप (समान आकार का) कर लिया।
⚔️ गंभीर स्वभाव और अतुलित पराक्रम
बलराम जी बचपन से ही अत्यंत शांत और गंभीर थे।
कंस की मल्लशाला में जहाँ कृष्ण ने चाणूर को पछाड़ा, वहीं दाऊ ने मुष्टिक को एक प्रहार में स्वर्ग भेज दिया।
नैमिषारण्य में उन्होंने बल्वल नामक राक्षस का वध कर ऋषियों को भयमुक्त किया।
महाभारत युद्ध में उन्होंने तटस्थ (Neutral) रहना उचित समझा और वे तीर्थयात्रा पर चले गए।
✨ लीला का संवरण:
यदुवंश के उपसंहार के बाद, उन्होंने समुद्र तट पर आसन लगाकर अपनी लीला का संवरण किया। श्रीमद्भागवत की कथाएं बलराम जी के अतुलित शौर्य और उनके भ्रातृ-प्रेम की सुंदर साक्षी हैं।
जय दाऊ दयाल!
🙏 जय श्रीकृष्ण! 🦚
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💕*"तद् यद् रुदितात् समभवन् तस्माद् रुद्राः"*💥
✨*नव ग्रहणां अधीनस्थ जीवनम्*✨
*🛟॥ श्री हरिः ॐ*॥☀️
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*💥“*ज्ञान ही सच्ची संपत्ति है।*
*बाकी सब क्षणभंगुर* है।”💥
🌼 ।। जय श्री कृष्ण ।।🌼
💥।। शुभम् भवतु।।💥
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🔱🇪🇬*जय श्री महाकाल सरकार *🔱🇪🇬 *मोर मुकुट बंशीवाले सेठ की जय हो 🪷*▬▬▬▬▬▬▬ஜ۩۞۩ஜ
*♥️~*यह पंचांग नागौर (राजस्थान) सूर्योदय के अनुसार है।*
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*।।आपका आज का दिन शुभ मंगलमय हो।।*
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