*💥🗓*आज का पञ्चाङ्ग*🗓💥*
*🎈दिनांक 31 अक्टूबर 2026*
*🎈वार- शनिवार*
*🎈मास - कार्तिक मास*
*🎈पक्ष - कृष्ण पक्ष*
*🎈विक्रम संवत् - 2083*
*🎈संवत्सर पराभव*
*🎈संवत्सर (उत्तर)- रौद्र*
*🎈अयन - दक्षिणायन*
*🎈ऋतु - शरद*
*🎈तिथि- षष्ठी - 04:57 पी एम तक तत्पश्चात सप्तमी*
*🎈नक्षत्र- आर्द्रा - 07:11.06 ए एम तक तत्पश्चात पुनर्वसु - 05:39 ए एम, नवम्बर 01 तक तत्पश्चात् पुष्य*
*🎈करण- वणिज - 04:57 पी एम तक तत्पश्चात् विष्टि, बव*
*🎈योग- सिद्ध - 05:31 पी एम तक तत्पश्चात् साध्य*
*🎈राहुकाल- 09:32 ए एम से 10:55 पी एम(नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*हर जगह का अलग होगा
(राहुकाल वह समय होता है जिसमे किसी भी नये अथवा शुभ कार्य प्रारम्भ करने से बचना चाहिए।)*
*🎈सूर्योदय- 06:45.33 पी एम*
*🎈 सूर्यास्त- 05:51:32पी एम*
*🎈चंद्र राशि-मिथुनtill 11.59.44 तक तत्पश्चात् कर्क*
*🎈सूर्य राशि- तुला*
*(सूर्योदय एवं सूर्यास्त ,नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*
*🎈दिशा शूल- पूर्व दिशा में*
(किसी भी विशेष कार्य हेतु दिशा शूल वाली दिशा में जाने से बचना चाहिए, यद्यपि यदि उसी दिन जाकर उसी दिन लौटना हैं, अथवा व्यवसाय के दृष्टिकोण से प्रतिदिन जाना ही पड़ता है तो प्रभाव कम हो जाएगा, फिर इस पर विचार करने की आवश्यकता नही है, यदि किसी कारण वश दिशा शूल में जाना ही पड़े तो सूर्योदय से पूर्व निकलना श्रेयस्कर होता है, अन्यथा एक दिन पूर्व प्रस्थान रखकर भी निकला जा सकता हैं।)*
*🎈ब्रह्ममुहूर्त - 05:02 ए एम से 05:53 ए एम*
*🎈अभिजित मुहूर्त:11:56 ए एम से 12:41 पी एम*
*🎈अमृत काल- 03:24 ए एम, नवम्बर 01 से 04:54 ए एम, नवम्बर 01*
*🎈 निशिता मुहूर्त -11:53 पी एम से 12:45 ए एम, अक्टूबर 31*
*🎈 त्रिपुष्कर योग 04:57 पी एम से 05:39 ए एम, नवम्बर 01*
*🎈 रवि योग 07:12 ए एम से 05:39 ए एम, नवम्बर 01*
*🎈भद्रा- 04:57 पी एम से 03:51 ए एम, नवम्बर 01*
*🎈विशेष:- व्रतपर्व विवरण- 🏵️ ☀️
☀️☀️31 अक्टूबर 2026 षष्ठी व्रत 🏓🏓
🏵️चतुर्भुज नाथ की जय हो "🙏 🛟
🏓🏓31 अक्टूबर 2026 को देवगुरु बृहस्पति दोपहर करीब 12:03 बजे अपनी उच्च राशि कर्क से निकलकर सिंह राशि में प्रवेश करेंगे। इस प्रमुख गोचर (गुरु का राशि परिवर्तन) ।
💢.ब्रह्म वैवर्त पुराण (ब्रह्म खंड: 27.29-34) के अनुसार, षष्ठी तिथि (6वीं तिथि) को नीम का भक्षण (नीम की पत्तियां, फल खाना या नीम की दातुन का उपयोग करना) पूरी तरह से वर्जित है।↘️
👉 जय माँ आदिशक्ति सच्चियाय 🪔
🛟 नागौर, राजस्थान, (भारत)
मानक सूर्योदय के अनुसार।*🛟
*🛟चोघडिया, दिन का🛟*
🛟चोघडिया, रात्🛟*
‼️💥 सभी 12 राशियों का संक्षिप्त राशिफल इस प्रकार है:💫💥
🏵️ • मेष (Aries): इस राशि के जातकों के लिए गुरु का पंचम भाव में गोचर शुभ रहेगा। संतान पक्ष से सुख, शिक्षा में प्रगति और अचानक धनलाभ के योग बनेंगे।
🛟• वृषभ (Taurus): भूमि, भवन और वाहन से जुड़े मामलों में लाभ हो सकता है। पारिवारिक जीवन में सुख-शांति बनी रहेगी, लेकिन माता के स्वास्थ्य का ध्यान रखें।
🛟• मिथुन (Gemini): पराक्रम और आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। भाई-बहनों का सहयोग मिलेगा और छोटी दूरी की लाभदायक यात्राएं हो सकती हैं।
🛟• कर्क (Cancer): गुरु आपकी राशि से दूसरे (धन भाव) में गोचर करेंगे। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, अटका हुआ धन प्राप्त होगा और परिवार में शुभ कार्य होंगे।
🛟• सिंह (Leo): गुरु इसी राशि में प्रवेश कर रहे हैं। नेतृत्व क्षमता बढ़ेगी, मान-सम्मान में वृद्धि होगी और करियर में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं।
🛟• कन्या (Virgo): खर्चों में थोड़ी बढ़ोतरी हो सकती है। विदेश यात्रा या दूर-स्थानीय कार्यों से लाभ के योग बनेंगे। स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें।
🛟• तुला (Libra): आय के नए स्रोत बनेंगे। दोस्तों और बड़े भाइयों का पूरा सहयोग मिलेगा। लंबे समय से रुके हुए कार्य पूरे होंगे।
🛟• वृश्चइक (Scorpio): करियर और व्यापार में उन्नति के अवसर मिलेंगे। कार्यक्षेत्र में उच्चाधिकारियों से संबंध सुधरेंगे और पद-प्रतिष्ठा बढ़ सकती है।
🛟• धनु (Sagittarius): भाग्य का पूरा साथ मिलेगा। धार्मिक और आध्यात्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। उच्च शिक्षा और लंबी यात्रा के लिए समय उत्तम है।
🛟• मकर (Capricorn): आकस्मिक धनलाभ या पैतृक संपत्ति से जुड़े मामलों में फायदा हो सकता है। स्वास्थ्य के प्रति थोड़ी सावधानी बरतने की जरूरत है।
🛟• कुंभ (Aquarius): सप्तम भाव में गुरु का गोचर दाMपत्य जीवन में मधुरता लाएगा और साझेदारी के व्यापार में बड़ा लाभ दिलाएगा।
🛟• मीन (Pisces): शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी। पुराने कर्ज या स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से राहत मिलने की संभावना है। काम में निरंतरता बनाए रखें।
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🚩*श्रीगणेशाय नमोनित्यं*🚩
🚩*☀जय मां सच्चियाय* 🚩
➡️ 💕🛟प्रात: विशेष🕉️🌺
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💢वह भविष्यवाणी, जिसे पढ़कर रोंगटे खड़े हो जाएंगे: ब्रिटेन के भाग्य में लिखा त्रिविध महासंकट (एक वैचारिक मत और ज्योतिष आधार पर आशंका)‼️
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‼️॥ श्री गणेशाय नमः ‼️
💞ब्रिटेन की जन्मपत्रिका —1 जनवरी 1801, निशीथ काल, लंदन!
💞कुंडली सिर्फ कागज का टुकड़ा नहीं होती। वह काल का दर्पण होती है। और जब कोई उस दर्पण में ध्यान से देखता है, तो उसे वह दिखाई देता है जो अभी घटा नहीं — पर घटने वाला है।
↘️आज मैं उस दर्पण में देख रहा हूं। और जो दिख रहा है,उसे आपके सामने लिख रहा हूं।
👉दर्पण में पहली छवि: आकाश से गिरता अंधकार
↘️मैं देख रहा हूं... मीन राशि में शनि। जल के घर में काल का देवता।
🏓शास्त्रों में एक श्लोक है।
‼️"मीने शनैश्चरे प्राप्ते, समुद्रः क्षुभ्यते तदा।
वायवः प्रचंडा वांति, तमसा छाद्यते मही॥"‼️
👉अर्थात — जब शनि मीन में आता है, तो समुद्र क्षुब्ध होता है, प्रचंड वायु बहती है, और पृथ्वी अंधकार से ढक जाती है।
👉मैं देख रहा हूं आंधियां जो घरों की छतें उड़ा देंगी। अंधेरा जो दिनों तक नहीं छंटेगा। जल जो सीमाएं तोड़ देगा। यह प्रकृति का क्रोध है — और यह अभी शुरू हुआ है। जो बीत गया, वह केवल पूर्वाभास था। असली तांडव अभी शेष है।
👉दर्पण में दूसरी छवि: वह शत्रु, जिसका कोई चेहरा नहीं
🏓अब दर्पण में राहु उभर रहा है। बिना शरीर का ग्रह। केवल छाया।
👉मैं देख रहा हूं एक अजीब युद्ध... जहां कोई सेना नहीं, कोई रणभूमि नहीं, कोई जयघोष नहीं। फिर भी घरों के दीये बुझ रहे हैं। ताले अपने आप खुल रहे हैं। खजाने खाली हो रहे हैं। और कोई नहीं जानता — यह किसने किया?
‼️प्राचीन ग्रंथ "राहु-तंत्र" में लिखा है:
‼️"अदृश्यो दृश्यते शत्रुः, छायामाश्रित्य वर्तते।‼️
यदा राहुर्बली स्यात्, तदा युद्धं तमोमयम्॥"
अर्थात — शत्रु अदृश्य होकर भी दिखाई देगा, छाया का आश्रय लेकर विचरेगा। जब राहु बली हो, तो युद्ध अंधकारमय होता है।
💞मैं कह रहा हूं: ब्रिटेन पर वह वार होगा, जिसके बाद लोग पूछेंगे — "यह हुआ कैसे?" और किसी के पास उत्तर नहीं होगा। क्योंकि वार करने वाला छाया था।
🛟दर्पण में तीसरी छवि: सड़कों पर उतरता जनसैलाब
💢अब सबसे भयानक छवि उभर रही है। शनि प्रजा के घर में बैठा है। और दूर क्षितिज पर मंगल लाल आंखों से उसे घूर रहा है। दोनों के बीच की दूरी घट रही है... घट रही है...
💝मुझे एक प्राचीन ताड़पत्र की पंक्तियां याद आ रही हैं
💞"शनौ प्रजागृहे मंदे, भौमेन सहिते तदा।
उत्तिष्ठति प्रजा क्रुद्धा, दहते राजमंदिरम्॥"
अर्थात — जब शनि प्रजा के घर में मंद हो और मंगल का साथ पाए, तो क्रुद्ध प्रजा उठ खड़ी होती है और राजमंदिर को जला देती है।
👉मैं देख रहा हूं: सड़कों पर भीड़। हाथों में मशालें। आंखों में वह अग्नि, जो वर्षों के अपमान से जन्मी है। राजप्रासादों के द्वार हिल रहे हैं। जो आज सिंहासन पर बैठे हैं, उनके माथे पर पसीना है — क्योंकि उन्हें भी सपनों में यह भीड़ दिखने लगी है।
🏓तीनों छवियों का संगम: वह समय जो आ रहा है
➡️ध्यान से देखिए 💥
➡️पहली छवि (आकाश का क्रोध) — द्वार खुल चुका है।
➡️दूसरी छवि (छाया का युद्ध) — युद्ध छिड़ चुका है।
➡️तीसरी छवि (प्रजा का क्षोभ) — चिंगारी सुलग चुकी है।
‼️ज्योतिष का अटल नियम है‼️
"एकं संकटं परीक्षायै, द्वे संकटे सूचनाय।
त्रीणि संकटानि युगपत्, तद् भवितव्यं न संशयः॥"
➡️एक संकट परीक्षा के लिए आता है। दो संकट सूचना देने आते हैं। पर जब तीनों संकट एक साथ आ जाएं — तो वह होकर रहता है, इसमें कोई संशय नहीं।
💥2026 के अंत और 2027 मध्य: वह वर्ष जब काल पलटेगा।💥
🛟जब शनि मीन से निकलकर मेष में प्रवेश करेगा, तो ब्रह्मांड की घड़ी में एक बड़ा कांटा घूमेगा। मेष अग्नि की राशि है। शनि का अग्नि में प्रवेश... यह वह क्षण होगा जब पुराना युग जलकर राख होगा।
➡️मैं देख रहा हूं: 2028 के बाद का ब्रिटेन... वह वैसा नहीं होगा जैसा आज है। न उसका शासन वैसा होगा।
👉अंधकार में एक दीपक
पर रुको। दर्पण में एक और छवि है — धुंधली, पर उज्ज्वल।
👉गुरु कर्क में है। जहां गुरु उच्च का होता है। गुरु... बृहस्पति... देवताओं के गुरु।
🛟शास्त्र कहते हैं: "गुरुर्दृष्टो नश्यति" — जिस पर गुरु की दृष्टि पड़ जाए, उसका नाश नहीं होता।
➡️मैंने दर्पण में जो देखा, वह लिख दिया।
➡️अब यह तुम पर है — इसे चेतावनी समझो या कल्पना।
↘️पर याद रखना: ग्रह कभी झूठ नहीं बोलते। वे केवल प्रतीक्षा करते हैं... कि मनुष्य कब सुनेगा।
💢आप क्या सोचते हैं कॉमेंट में जरूर लिखिए।
🌺‼️जय श्री कृष्णा! 🦚🚩 🌺🙏
🧨🚩⛳💥❤️🕉️🌴🍀🎈🌀🌿
💕*"तद् यद् रुदितात् समभवन् तस्माद् रुद्राः"*💥
✨*नव ग्रहणां अधीनस्थ जीवनम्*✨
*🛟॥ श्री हरिः ॐ*॥☀️
🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏
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*💥“*ज्ञान ही सच्ची संपत्ति है।*
*बाकी सब क्षणभंगुर* है।”💥
🌼 ।। जय श्री कृष्ण ।।🌼
💥।। शुभम् भवतु।।💥
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🔱🇪🇬*जय श्री महाकाल सरकार *🔱🇪🇬 *मोर मुकुट बंशीवाले सेठ की जय हो 🪷*▬▬▬▬▬▬▬ஜ۩۞۩ஜ
*♥️~*यह पंचांग नागौर (राजस्थान) सूर्योदय के अनुसार है।*
*♥️~*अपने घर, ऑफिस, और फैक्ट्री वास्तु के साथ सफल बनाये। जन्मकुंडली, प्रश्नन कुंडली, अंककुंडली, रत्न, जड़, एवं रुद्राक्ष आदि के लिये सम्पर्क करे।*
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🙏*हमारा उद्देश्य मात्र आपको केवल जानकारी देना है। इस संदर्भ में हम किसी प्रकार का कोई दावा नहीं करते हैं।*
💥*राशि रत्न, रुद्राक्ष, वास्तु आदि विषयों पर प्रकाशित सामग्री केवल आपकी जानकारी के लिए हैं अतः संबंधित कोई भी कार्य या प्रयोग करने से पहले किसी अच्छी जानकारी वाले ज्योतिषी से संपर्क करे उसके बाद उपयोग करे।
*💥यदि आप अपनी कुण्डली विश्लेषण चाहते हैं तो जन्म दिनांक, स्थान, समय बताएं!!🌟*
*♥️ रमल ज्योतिर्विद आचार्य दिनेश "प्रेमजी", नागौर (राज,)*
*।।आपका आज का दिन शुभ मंगलमय हो।।*
🕉️📿🔥🌞🚩🔱ॐ 💥🙏💘☀️








