*💥🗓*आज का पञ्चाङ्ग*🗓💥*
*🎈दिनांक 28 अक्टूबर 2026*
*🎈वार- बुधवार*
*🎈मास - आश्विन मास*
*🎈पक्ष - कृष्ण पक्ष*
*🎈विक्रम संवत् - 2083*
*🎈संवत्सर पराभव*
*🎈संवत्सर (उत्तर)- रौद्र*
*🎈अयन - दक्षिणायन*
*🎈ऋतु - शरद*
*🎈तिथि-तृतीया - 01:06 ए एम, अक्टूबर 29 तक तत्पश्चात चतुर्थी*
*🎈नक्षत्र- कृत्तिका - 01:26 पी एम तक तत्पश्चात रोहिणी*
*🎈करण- वणिज - 02:36 पी एम तक तत्पश्चात् विष्टि, बव*
*🎈योग- व्यतीपात - 07:18 ए एम तक तत्पश्चात् वरियान परिध*
*🎈राहुकाल- 12:19 पी एम से 01:43 पी एम (नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*हर जगह का अलग होगा
(राहुकाल वह समय होता है जिसमे किसी भी नये अथवा शुभ कार्य प्रारम्भ करने से बचना चाहिए।)*
*🎈सूर्योदय- 06:43.35 ए एम*
*🎈सूर्यास्त- 05:53.41 पी एम*
*🎈चंद्र राशि- वृषभ*
*🎈सूर्य राशि- तुला*
*(सूर्योदय एवं सूर्यास्त ,नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*
*🎈दिशा शूल- उत्तर दिशा में*
(किसी भी विशेष कार्य हेतु दिशा शूल वाली दिशा में जाने से बचना चाहिए, यद्यपि यदि उसी दिन जाकर उसी दिन लौटना हैं, अथवा व्यवसाय के दृष्टिकोण से प्रतिदिन जाना ही पड़ता है तो प्रभाव कम हो जाएगा, फिर इस पर विचार करने की आवश्यकता नही है, यदि किसी कारण वश दिशा शूल में जाना ही पड़े तो सूर्योदय से पूर्व निकलना श्रेयस्कर होता है, अन्यथा एक दिन पूर्व प्रस्थान रखकर भी निकला जा सकता हैं।)*
*🎈ब्रह्ममुहूर्त - 05:00 ए एम से 05:51 ए एम*
*🎈अभिजित मुहूर्त: कोई नहीं*
*🎈अमृत काल- 11:15 ए एम से 12:42 पी एम*
*🎈 निशिता मुहूर्त -11:53 पी एम से 12:45 ए एम, अक्टूबर 29*
*🎈 रवि योग- कोई नहीं*
*🎈सर्वार्थ सिद्धि योग- पूरे दिन*
*🎈विशेष:- व्रतपर्व विवरण- 🏵️ ☀️
☀️☀️28 अक्टूबर 2026 व्रत 🏓🏓
👁️"विष्णु भगवान की जय हो "🙏 🌹
🏓🏓28 अक्टूबर 2026 (बुधवार) को चंद्रमा का गोचर वृषभ राशि में होगा और शुक्र-बुध की युति से लक्ष्मी नारायण योग तथा गौरी योग का शुभ संयोग बन रहा है।
💢.ब्रह्मवैवर्त पुराण (ब्रह्म खंड: 27.29-34) के अनुसार, तृतीया तिथि को परवल खाना वर्जित माना गया है।
👉 जय माँ आदिशक्ति सच्चियाय 🪔
🛟 नागौर, राजस्थान, (भारत)
मानक सूर्योदय के अनुसार।*🛟
*🛟चोघडिया, दिन का🛟*
🛟चोघडिया, रात्🛟*
‼️💥 सभी 12 राशियों का संक्षिप्त राशिफल इस प्रकार है:💫💥
🛟• मेष (Aries): दिन मिला-जुला रहेगा। दिन के पूर्वार्ध में जरूरी काम पूरे करने की कोशिश करें, पुराने आर्थिक मामलों में राहत मिल सकती है।
🛟• वृषभ (Taurus): चंद्रमा उच्च के होकर गौरी योग बना रहे हैं। सर्वार्थ सिद्धि योग और पदोन्नति या नए अवसरों के प्रबल संकेत हैं, हालांकि काम में थोड़ी व्यस्तता रहेगी।
🛟• मिथुन (Gemini): आर्थिक मामलों में थोड़ी सावधानी बरतें। नए विषय या कार्यक्षेत्र में कुछ नया सीखने का अवसर मिल सकता है।
🛟• कर्क (Cancer): व्यापार और नौकरी में बड़े सौदे फाइनल हो सकते हैं। आर्थिक लाभ और आगे बढ़ने के बेहतरीन अवसर मिलेंगे।
🛟• सिंह (Leo): भाग्य का साथ मिलेगा और पुराने निवेश से फायदा होगा। काम का थोड़ा दबाव रह सकता है, इसलिए वाणी पर संयम रखें।
🛟• कन्या (Virgo): यात्रा की योजना बन सकती है। अकीर्तित कार्यों में किस्मत का साथ मिलेगा और मानसिक शांति बनी रहेगी।
🛟• तुला (Libra): मानसिक शांति में वृद्धि होगी। व्यावहारिक कदम उठाने से अटके हुए कार्य आगे बढ़ेंगे।
🛟• वृश्चिक (Scorpio): परिवार के सदस्यों के साथ समय बिताने से रिश्तों में मजबूती आएगी। दिन बेहद अनुकूल और शुभ रहने वाला है।
🛟• धनु (Sagittarius): भारी मुनाफा और व्यापारिक लाभ के योग हैं। सेहत अच्छी रहेगी और दिन भर ऊर्जा बनी रहेगी।
🛟• मकर (Capricorn): शिक्षा और पुरानी मेहनत का फल मिल सकता है। परिश्रम का सकारात्मक परिणाम दिखाई देगा।
🛟• कुंभ (Aquarius): अटका हुआ धन प्राप्त हो सकता है और मान-सम्मान बढ़ेगा। परिवार के किसी विशेष मुद्दे पर ध्यान देना होगा।
🛟• मीन (Pisces): कार्यक्षेत्र में आपके प्रयासों की सराहना होगी। मन प्रसन्न और दिन सुखद रहेगा।
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🚩*श्रीगणेशाय नमोनित्यं*🚩
🚩*☀जय मां सच्चियाय* 🚩
➡️ 💕🛟प्रात: विशेष🕉️🌺
#🌕 👉 👉🦚❤️💐 🌼🪔🏓🎊
🌹|| ✨ 🌹// 🕉️ ✨ 🌺 🦚 🌼
💢कार्तिक मास‼️
वर्ष 2026 में कार्तिक माह 27 अक्टूबर से शुरू होकर 24 नवंबर तक रहेगा ।
इस दौरान त्योहारों की तिथियां
⭐ 29 अक्टूबर को करवा चौथ
⭐ 1 नवंबर को अहोई अष्टमी
⭐ 5 नवंबर को रमा एकादशी
⭐ 6 नवंबर को धनतेरस
⭐ 7 नवंबर को नरक चतुर्दशी
⭐ 8 नवंबर को दीपावली व लक्ष्मी पूजन
⭐ 10 नवंबर को गोवर्धन पूजा
⭐ 11 नवंबर को भाई दूज
⭐ 15 नवंबर को छठ पूजा
⭐ 17 नवंबर को गोपाष्टमी
⭐ 18 नवंबर को अक्षय नवमी
⭐ 20 नवंबर को देवउठनी एकादशी
⭐21 नवंबर को तुलसी विवाह
⭐ 23 नवंबर को बैकुंठ चतुर्दशी
⭐ और 24 नवंबर को देव दीपावली व कार्तिक पूर्णिमा ।
🛟🪔 वीरवती की छलनी और करवा माता की सींक: जानिए करवा चौथ के व्रत में इस्तेमाल होने वाली हर चीज़ का गहरा अर्थ। 👇
🛟करवा चौथ दो शब्दों से मिलकर बना है— 'करवा' यानी मिट्टी का बर्तन और 'चौथ' यानी भगवान गणेश की प्रिय तिथि चतुर्थी। हम सभी करवा चौथ का व्रत पूरी श्रद्धा से करते हैं, लेकिन क्या आप पूजा में इस्तेमाल होने वाली छलनी, सींक, करवा और कलश का असली महत्व जानते हैं? आइए जानते हैं:
🛟🌺 कलश और थाली का महत्व
पूजा में कलश को सुख-समृद्धि और मंगल का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि कलश में सभी ग्रह-नक्षत्र, नदियां, सागर और तैंतीस कोटि देवी-देवता वास करते हैं। थाली में रखे दीप के नीचे जौ या गेहूं रखे जाते हैं, जो जीवन में शांति और खुशहाली लाते हैं।
🛟🪔 दीपक और छलनी का रहस्य
अग्नि को सूर्य का ही रूप माना जाता है। दीपक जलाकर हम अग्नि देव को अपनी पूजा का साक्षी बनाते हैं, जो नकारात्मकता दूर करते हैं। वहीं, छलनी का प्रयोग वीरवती की कथा से जुड़ा है। जब वीरवती के भाइयों ने पेड़ की आड़ में छलनी में दीप रखकर नकली चांद दिखाया था, तब से महिलाएं स्वयं छलनी से चांद और फिर पति को देखकर अपना व्रत खोलती हैं, ताकि उनके साथ कोई 'छल' न हो।
🛟🏺 'करवा' किसका प्रतीक है?
मिट्टी के बर्तन यानी 'करवा' को साक्षात भगवान गणेश का स्वरूप माना जाता है। यह जल तत्व का कारक है और करवा में लगी नली (टोंटी) को भगवान गणेश की सूंड का प्रतीक माना गया है।
🛟🌾 सींक का क्या काम है?
पूजा में सींक का होना सबसे अहम है, क्योंकि यह 'मां करवा' की शक्ति का प्रतीक है। कथा के अनुसार, जब करवा माता के पति को मगरमच्छ ने पकड़ लिया था, तब यमराज के पास पहुंचकर उन्होंने सात सींकों से चित्रगुप्त के खाते झाड़ने शुरू कर दिए थे, जिससे खाते उड़ने लगे। उनकी इसी शक्ति के आगे झुककर यमराज ने उनके पति को जीवनदान दिया था।
करवा चौथ सिर्फ एक व्रत नहीं, बल्कि पति-पत्नी के अटूट प्रेम और विश्वास का प्रतीक है।
🛟✨ आपको करवा चौथ से जुड़ी कौन सी कथा सबसे ज्यादा पसंद है? कमेंट्स में जरूर बताएं और इस जानकारी को अपनी सखियों के साथ शेयर करें! 👇
🌺‼️जय श्री कृष्णा! 🦚🚩 🌺🙏
🧨🚩⛳💥❤️🕉️🌴🍀🎈🌀🌿
💕*"तद् यद् रुदितात् समभवन् तस्माद् रुद्राः"*💥
✨*नव ग्रहणां अधीनस्थ जीवनम्*✨
*🛟॥ श्री हरिः ॐ*॥☀️
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*💥“*ज्ञान ही सच्ची संपत्ति है।*
*बाकी सब क्षणभंगुर* है।”💥
🌼 ।। जय श्री कृष्ण ।।🌼
💥।। शुभम् भवतु।।💥
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🔱🇪🇬*जय श्री महाकाल सरकार *🔱🇪🇬 *मोर मुकुट बंशीवाले सेठ की जय हो 🪷*▬▬▬▬▬▬▬ஜ۩۞۩ஜ
*♥️~*यह पंचांग नागौर (राजस्थान) सूर्योदय के अनुसार है।*
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*♥️ रमल ज्योतिर्विद आचार्य दिनेश "प्रेमजी", नागौर (राज,)*
*।।आपका आज का दिन शुभ मंगलमय हो।।*
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