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ज्योतिर्विद आचार्य दिनेश प्रेमजी हरिद्वार में सम्मानित, विश्व युद्ध की संभावना पर रखा ज्योतिषीय पक्ष

*NAGAUR के ज्योतिर्विद आचार्य दिनेश प्रेमजी हरिद्वार में सम्मानित, विश्व युद्ध की संभावना पर रखा ज्योतिषीय पक्ष*
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*नागौर / हरिद्वार, 26 अक्टूबर।*

जगद्गुरु परमार्थिक न्यास कनखल, हरिद्वार (उत्तराखंड) द्वारा एक दिवसीय ज्योतिष सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों, विभिन्न देशों के बढ़ते तनाव और सामरिक प्रतिस्पर्धा के बीच विश्व शांति पर ज्योतिषीय दृष्टि से गहन मंथन किया गया।

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कार्यक्रम की अध्यक्षता *जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी श्री राजराजेश्वराश्रम महाराज* ने की। देश के सुविख्यात ज्योतिषियों ने इसमें भाग लेकर अपने-अपने विचार प्रकट किए।

सम्मेलन में *नागौर के प्रसिद्ध रमल ज्योतिर्विद आचार्य दिनेश प्रेमजी* को भी विशेष निमंत्रण देकर आमंत्रित किया गया। उन्हें शाल, प्रशस्ति पत्र एवं आदि गुरु शंकराचार्य का स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
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*2029 से 2032 के मध्य विश्व युद्ध जैसी स्थिति का ज्योतिषीय संकेत - आचार्य दिनेश प्रेमजी*

आचार्य दिनेश प्रेमजी ने अपने उद्बोधन में कहा कि ज्योतिष शास्त्र में विश्व स्तरीय घटनाओं को ग्रहों की स्थिति, राशियों में गोचर, ग्रहों के युद्ध, नक्षत्र परिवर्तन और प्रमुख देशों की कुंडलियों का अध्ययन करके देखा जाता है। इससे अनुमान लगाया जा सकता है कि वैश्विक शांति या युद्ध की आशंका कब बन सकती है।

उन्होंने बताया कि *2029 से 2032 के मध्य का समय विशेष चिंताजनक है, जब शनि-राहु की युति तुला राशि में होगी।* तुला राशि न्याय और संतुलन की प्रतीक है, ऐसे में यह युति साझेदारी और वैश्विक संतुलन पर प्रहार करती है, जिससे युद्ध या विश्व युद्ध जैसी स्थिति उत्पन्न होने का संकट माना जा सकता है।

हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल ग्रहों की स्थिति के आधार पर विश्व युद्ध की निश्चित भविष्यवाणी नहीं की जा सकती। ज्योतिषीय संकेतों को संभावनाओं और पारंपरिक मान्यताओं के संदर्भ में ही देखना उचित है।

*देशभर के दिग्गज ज्योतिषी रहे मौजूद*

सम्मेलन में पंडित लेखराज शर्मा, श्री अनिल वत्स, श्री पवन सिन्हा, जी.डी. वशिष्ठ, श्री के. दुबे (कानपुर), श्री रमेश सेमवाल, श्री रमेश द्विवेदी (जोधपुर), श्री भेरू प्रकाश, डॉ. कुमार गणेश, श्रीमती योशिता विनय पांडेय, रामेश्वर प्रसाद, मदनलाल अग्रवाल (गाजियाबाद) सहित कई विद्वानों ने भाग लिया।

उल्लेखनीय है कि आचार्य दिनेश प्रेमजी देश के कई ज्योतिषीय कार्यक्रमों में पहले भी सम्मानित हो चुके हैं, लेकिन इस बार विश्व शांति और विश्व युद्ध की संभावना जैसे गंभीर विषय पर उनके विचारों को विशेष महत्व दिया गया।

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