*मलेशिया में बजेगा राजस्थान का डंका: ढेहरी की बेटी सुमन भांबू शतरंज की बिसात पर करेगी भारत का प्रतिनिधित्व*
*ढेहरी / तरनाऊ।* नागौर जिले के जायल तहसील के छोटे से गांव ढेहरी ने आज एक बड़ा सपना देखा है। एशिया-पैसिफिक डेफ मल्टी-स्पोर्ट चैंपियनशिप-2026 का भव्य आयोजन 3 से 10 अक्टूबर तक मलेशिया के पेनांग शहर में हो रहा है। इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भारत की ओर से शतरंज में राजस्थान के नागौर जिले के ढेहरी गांव की बधिर प्रतिभा *सुमन भांबू* देश का तिरंगा लेकर उतर रही हैं।
यह सिर्फ एक खिलाड़ी का चयन नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश के लिए गौरव का क्षण है। एशिया-पैसिफिक के कई देशों के खिलाड़ियों के बीच सुमन अपनी चालों से भारत का परचम लहराएंगी।
यह सिर्फ एक खिलाड़ी का चयन नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश के लिए गौरव का क्षण है। एशिया-पैसिफिक के कई देशों के खिलाड़ियों के बीच सुमन अपनी चालों से भारत का परचम लहराएंगी।
*साधारण किसान परिवार की असाधारण बेटी*
सुमन की कहानी संघर्ष और हौसले की मिसाल है। जानकारी देते हुए नर्सिंग अधिकारी हनुमान राम भांबू ने बताया कि सुमन के पिता *प्रभुराम भांबू* ढेहरी के एक बेहद साधारण किसान परिवार से आते हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति सामान्य है, खेती-बाड़ी से ही घर चलता है।
विपरीत परिस्थितियों, संसाधनों की कमी और ग्रामीण परिवेश की चुनौतियों के बावजूद पिता प्रभुराम भांबू ने कभी अपनी बेटी के सपनों से समझौता नहीं किया। उन्होंने सुमन को पढ़ाया-लिखाया, उसकी बधिरता को उसकी कमजोरी नहीं बल्कि ताकत बनाया और उसे शतरंज जैसे बौद्धिक खेल में आगे बढ़ने के लिए हमेशा प्रोत्साहित किया। आज उसी त्याग और मेहनत का परिणाम है कि साधारण परिवार की बेटी अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंच गई है।
*गांव में जश्न का माहौल*
सुमन के अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चयन की खबर आते ही पूरे ढेहरी गांव और नागौर क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई है। ग्रामीणों में गर्व और उत्साह है कि उनके गांव की बेटी लाखों बाधाओं को पार कर मलेशिया में भारत का प्रतिनिधित्व कर रही है।
परिवार, ग्राम पंचायत, जनप्रतिनिधियों और क्षेत्रवासियों ने सुमन को ढेरों शुभकामनाएं दी हैं और उसके उज्ज्वल भविष्य, स्वस्थ प्रतियोगिता और पदक जीतकर लौटने की कामना की है। सुमन की यह उपलब्धि क्षेत्र की अन्य बेटियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन गई है


