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पञ्चाङ्ग 01अक्टूबर 2026

 *💥🗓*आज का पञ्चाङ्ग*🗓💥*

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*🎈दिनांक 01अक्टूबर 2026*
*🎈वार-  गुरुवार*
*🎈मास - आश्विन मास*
*🎈पक्ष -  कृष्ण पक्ष*
*🎈विक्रम संवत् - 2083*
*🎈संवत्सर     पराभव*
*🎈संवत्सर (उत्तर)-    रौद्र*
*🎈अयन - दक्षिणायन*
*🎈ऋतु - शरद*
*🎈तिथि-पंचमी-12:34.37 पी एम तक तत्पश्चात षष्ठी* 
*🎈नक्षत्र- रोहिणी - 04:27 ए एम, अक्टूबर 02 तक तत्पश्चात, मृगशिरा*
*🎈करण    - तैतिल - 12:35 पी एम तक तत्पश्चात्,गर,वाणिज*
*🎈योग-    सिद्धि - 09:18 पी एम तकतत्पश्चात् व्यतिपात*
*🎈राहुकाल- 01:54 पी एम से 03:23 पी एम (नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*हर जगह का अलग होगा
(राहुकाल वह समय होता है जिसमे किसी भी नये अथवा शुभ कार्य प्रारम्भ करने से बचना चाहिए।)*
*🎈सूर्योदय- 06:28.41 ए एम*
*🎈सूर्यास्त- 06:20:23 पी एम*
*🎈चंद्र राशि- वृष*
*🎈सूर्य राशि- कन्या*
*(सूर्योदय एवं सूर्यास्त ,नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*
*🎈दिशा शूल- दक्षिण दिशा में*
(किसी भी विशेष कार्य हेतु दिशा शूल वाली दिशा में जाने से बचना चाहिए, यद्यपि यदि उसी दिन जाकर उसी दिन लौटना हैं, अथवा व्यवसाय के दृष्टिकोण से प्रतिदिन जाना ही पड़ता है तो प्रभाव कम हो जाएगा, फिर इस पर विचार करने की आवश्यकता नही है, यदि  किसी कारण वश दिशा शूल में जाना ही पड़े तो सूर्योदय से पूर्व निकलना  श्रेयस्कर होता है, अन्यथा एक  दिन पूर्व प्रस्थान रखकर भी निकला जा सकता हैं।)*
*🎈ब्रह्ममुहूर्त - 04:51 ए एम से 05:39 ए एम*
*🎈अभिजित मुहूर्त: 12:01 पी एम से 12:48 पी एम*
*🎈अमृत काल    -01:28 ए एम, अक्टूबर 02 से 02:57 ए एम, अक्टूबर 02*
*🎈 निशिता मुहूर्त -12:01 ए एम, अक्टूबर 02 से 12:49 ए एम, अक्टूबर 02*
*🎈रवि योग-    04:27 ए एम, अक्टूबर 02 से 06:28 ए एम, अक्टूबर 02*
*🎈विशेष:- व्रतपर्व विवरण-  🏵️ ☀️☀️☀️01 अक्टूबर 2026: पंचमी श्राद्ध सुबह 10:15 तक है।🏓🏓🏓
👁️"विष्णु भगवान की जय हो "🙏 🌹

🛟ब्रह्मवैवर्त पुराण (ब्रह्म खंड: 27.29-34) के अनुसार, पंचमी तिथि के दिन बेल (बेलफल) खाना वर्जित (निषिद्ध) है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस तिथि को बेल खाने से मनुष्य पर कलंक लगता है।

💥1 अक्टूबर 2026 (गुरुवार) का दिन सभी 12 राशियों के लिए मिला-जुला और नया उत्साह लेकर आया है।
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👉 जय माँ आदिशक्ति सच्चियाय 🪔 
     🛟 नागौर, राजस्थान, (भारत)    
         मानक सूर्योदय के अनुसार।*🛟
       *🛟चोघडिया, दिन का🛟*
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          🛟चोघडिया, रात्🛟*
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★√*★√*★√*★√*★√*★
     🚩*श्रीगणेशाय नमोनित्यं*🚩
    🚩*☀जय मां सच्चियाय* 🚩 
   
    ‼️💢आज का राशिफल💢‼️

🏓🏓सभी 12 राशियों का संक्षिप्त राशिफल💕
☀️• मेष (Aries): दिन शानदार रहेगा। नौकरीपेशा लोगों की योजनाएं कामयाब होंगी, लेकिन लेन-देन और बड़े निवेश में सावधानी बरतें।

☀️• वृषभ (Taurus): गुस्से पर काबू रखें। परिवार के किसी सदस्य की आर्थिक मदद करनी पड़ सकती है। अध्ययन और गहराई से सोचने में रुचि बढ़ेगी।

☀️• मिथुन (Gemini): काम के सिलसिले में यात्रा हो सकती है। यदि काम का दबाव ज्यादा लगे, तो थोड़ा विश्राम करें। आर्थिक तरक्की के योग हैं।

☀️• कर्क (Cancer): दिन ऊर्जा से भरपूर रहेगा। अटका हुआ काम पूरा होगा और आय में सुधार देखने को मिलेगा।

☀️• सिंह (Leo): दिन बहुत खास और व्यस्त रहने वाला है। सिद्धि योग के प्रभाव से नए प्रोजेक्ट और व्यापार में लाभ के योग हैं।

☀️• कन्या (Virgo): आप ऊर्जावान और प्रेरित महसूस करेंगे। हालांकि, अपने स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता है।

☀️• तुला (Libra): दिन शुभ रहेगा। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और कोर्ट-कचहरी के मामलों में सफलता मिल सकती है।

☀️• वृश्चिक (Scorpio): वाहन चलाते समय सावधानी बरतें। कार्यालय में आपकी मेहनत और प्रयासों की सराहना होगी।

☀️• धनु (Sagittarius): आत्मविश्वास से भरे रहेंगे। प्रेम जीवन में अपने साथी को पर्याप्त समय दें, रिश्ते में अपनापन बढ़ेगा।

☀️• मकर (Capricorn): दिन अत्यंत लाभकारी रहेगा। सरकारी कॉन्ट्रैक्ट मिलने के योग हैं और अटका हुआ धन वापस मिल सकता है।

☀️• कुंभ (Aquarius): दिन फायदेमंद साबित होगा। करियर में उच्च अधिकारियों और बॉस का पूरा सहयोग मिलेगा।

☀️• मीन (Pisces): आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। संपत्ति के सौदों से बड़ा मुनाफा और लाभ मिलने के प्रबल योग हैं।
💕🙏 #ॐउमामहेश्वराभ्यां नमः 🙏
  
 ➡️ 💕🛟प्रात: विशेष🕉️🌺
🌺🌷🏓।। आज बात करते हैं अभी श्राद्ध पक्ष चल रहा है। ☀️

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🌿 🌿 पितृ पक्ष विशेष: महाभारत और निर्णय सिन्धु में बताए गए श्राद्ध के 21 बेहद महत्वपूर्ण नियम! 🌿
🕉️ 🌸*🌙 🐘 🙏🐚🪔 🌿 🌺🪷
श्राद्ध कैसे करें, क्या सामग्री इस्तेमाल करें और किन बातों का विशेष ध्यान रखें? महाभारत के 'अनुशासन पर्व' (अध्याय 88) और 'निर्णय सिन्धु' (द्वितीय परिच्छेद, पृष्ठ 388) में श्राद्ध से जुड़ी ये 21 अत्यंत महत्वपूर्ण बातें बताई गई हैं।
हर सनातन धर्मी को इन्हें जरूर जानना चाहिए: 👇
✨ श्राद्ध की सामग्री और उनका पुण्य फल
1️⃣ तृप्ति: तिल, चावल (व्रीहि), जौ, उड़द, जल और फल-मूल से श्राद्ध करने पर पितरों की तृप्ति एक महीने तक बनी रहती है।
2️⃣ अक्षय पुण्य: मनु जी के अनुसार, जिस श्राद्ध में तिल की मात्रा अधिक होती है, उसका फल अक्षय (कभी नष्ट न होने वाला) होता है।
3️⃣ गाय का दूध-दही: श्राद्ध में गाय के दूध का दही या घी मिश्रित खीर दान करने से पितर पूरे एक वर्ष तक तृप्त रहते हैं।
🌟 तीर्थ और तिथियों का महत्व
4️⃣ पितरों की आस: पितर यह आशा करते हैं कि उनके आत्मीय जन आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की मघा नक्षत्र और त्रयोदशी तिथि के योग में घी मिश्रित अन्न का दान करें।
5️⃣ गया तीर्थ: यदि अनेक पुत्रों में से एक भी पुत्र गया जी (गया तीर्थ, जहाँ अक्षय वट है) जाकर श्राद्ध करे, तो उसका फल अक्षय हो जाता है।
✨ विभिन्न नक्षत्रों में श्राद्ध करने का फल
6️⃣ कृत्तिका: रोग और चिंता से मुक्ति मिलती है।
7️⃣ रोहिणी, मृगशिरा व आर्द्रा: रोहिणी में श्राद्ध करने से पुत्र प्राप्ति, मृगशिरा में तेज की प्राप्ति होती है। (ध्यान रहे: आर्द्रा नक्षत्र में श्राद्ध या दान करने वाला क्रूर कर्मों वाला हो सकता है।)
8️⃣ अन्य नक्षत्रों के शुभ फल:
पुनर्वसु: धन की प्राप्ति।
पुष्य: पुष्टि व स्वास्थ्य।
अश्लेषा: धीर-वीर संतान।
मघा: कुटुम्ब में श्रेष्ठता।
पूर्वाफाल्गुनी/उत्तराफाल्गुनी: सौभाग्य और संतान सुख।
हस्त/चित्रा: अभीष्ट फल और रूपवान संतान।
स्वाति: व्यापार में सफलता।
विशाखा/अनुराधा: बहुपुत्र सुख और अगले जन्म में राजसत्ता।
ज्येष्ठा/मूल: समृद्धि, प्रभुत्व और निरोगी काया।
पूर्वाषाढ़ा/उत्तराषाढ़ा: उत्तम यश और शोक से मुक्ति।
🚫 श्राद्ध में ब्राह्मण भोजन: किन्हें न बुलाएं?
श्राद्ध का अन्न अत्यंत पवित्र होता है। इन लोगों को श्राद्ध का अन्न खिलाने से दान व्यर्थ हो जाता है:
9️⃣ सोम रस (नशीले पदार्थ) बेचने वाले को।
🔟 वैद्य (चिकित्सक) को कराया गया भोजन पितरों को पीब और रक्त के समान प्राप्त होता है।
1️⃣1️⃣ देव-मंदिर में पूजा कर जीविका चलाने वाले (देवलक) को।
1️⃣2️⃣ एक पति को त्याग कर दूसरा पति करने वाली स्त्री के पुत्र को।
1️⃣3️⃣ धर्महीन और चरित्रहीन ब्राह्मण को। (यह दान परलोक में नष्ट हो जाता है।)
1️⃣4️⃣ पंक्तिदूषक ब्राह्मण को। (जानबूझकर इन्हें खिलाने से पितर परलोक में विष्ठा खाते हैं।)
1️⃣5️⃣ उन मूर्ख ब्राह्मणों को जो अपांक्तेय हैं (जैसे जो बिना अधिकार शूद्रों को वेद पढ़ाते हैं)।
1️⃣6️⃣ काना (एक आँख वाला), नपुंसक या कोढ़ी व्यक्ति यदि पंक्ति में बैठा हो, तो वह दर्जनों लोगों का अन्न दूषित कर देता है।
2️⃣1️⃣ यदि कोई वैदिक व्रत का पालन कर रहा है और किसी के अनुरोध पर श्राद्ध का अन्न ग्रहण कर ले, तो उसका व्रत भंग हो जाता है।
⚠️ श्राद्ध कर्म के अन्य विशेष नियम
1️⃣7️⃣ आसुरी भोजन: सिर पर टोपी या पगड़ी रखकर, दक्षिण दिशा की ओर मुख करके, या जूते पहनकर भोजन करना 'आसुरी' माना जाता है।
1️⃣8️⃣ क्रोध वर्जित: जो श्राद्ध बिना तिल के किया जाए या जिसमें क्रोध किया जाए, उस हविष्य को पिशाच और राक्षस ग्रहण कर लेते हैं।
1️⃣9️⃣ गायत्री मंत्र: प्रत्येक पिंड दान करते समय 'गायत्री मंत्र' का उच्चारण अवश्य करना चाहिए।
2️⃣0️⃣ पवित्रता: रजोस्वला स्त्री या जिसके दोनों कान बहरे हों, उसे श्राद्ध के स्थान पर उपस्थित नहीं होना चाहिए।

🙏 शास्त्रों के इन नियमों का पालन करें और अपने पितरों का आशीर्वाद प्राप्त करें।
🔄 इस महत्वपूर्ण जानकारी को अपने परिवार और सगे-संबंधियों के साथ अधिक से अधिक शेयर (Share) करें ताकि सभी को इसका लाभ मिल सके। ॐ शांति! 🌺 🌺


🌺‼️जय श्री कृष्णा! 🦚🚩 🌺🙏

🧨🚩⛳💥❤️🕉️🌴🍀🎈🌀🌿

 💕*"तद् यद् रुदितात् समभवन् तस्माद् रुद्राः"*💥
  ✨*नव ग्रहणां अधीनस्थ जीवनम्*✨
           *🛟॥ श्री हरिः ॐ*॥☀️
🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏     
 🌹🌹 🌹🌹 🌹🌹 🌹🌹 🌹🌹          

 *💥“*ज्ञान ही सच्ची संपत्ति है।*
          *बाकी सब क्षणभंगुर* है।”💥
       🌼 ।। जय श्री कृष्ण ।।🌼
       💥।। शुभम् भवतु।।💥
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🔱🇪🇬*जय श्री महाकाल सरकार *🔱🇪🇬 *मोर मुकुट बंशीवाले  सेठ की जय हो 🪷*▬▬▬▬▬▬▬ஜ۩۞۩ஜ
*♥️~*यह पंचांग नागौर (राजस्थान) सूर्योदय के अनुसार है।*
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‼️*अस्वीकरण(Disclaimer)पंचांग, धर्म, ज्योतिष, त्यौहार की जानकारी शास्त्रों से ली गई है।*
🙏*हमारा उद्देश्य मात्र आपको  केवल जानकारी देना है। इस संदर्भ में हम किसी प्रकार का कोई दावा नहीं करते हैं।*
💥*राशि रत्न,वास्तु आदि विषयों पर प्रकाशित सामग्री केवल आपकी जानकारी के लिए हैं अतः संबंधित कोई भी कार्य या प्रयोग करने से पहले किसी अच्छी जानकारी वाले ज्योतिषी से संपर्क करे*।
*💥यदि आप अपनी कुण्डली विश्लेषण चाहते हैं तो जन्म दिनांक, स्थान, समय  बताएं!!🌟*
*♥️ रमल ज्योतिर्विद आचार्य दिनेश "प्रेमजी", नागौर (राज,)* 
*।।आपका आज का दिन शुभ मंगलमय हो।।* 
🕉️📿🔥🌞🚩🔱ॐ 💥🙏💘☀️
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