Type Here to Get Search Results !

पञ्चाङ्ग - 20-01-2026

 *🗓*आज का पञ्चाङ्ग*🗓*

jyotis


*🎈दिनांक - 20 जनवरी 2026*
*🎈 दिन-  मंगलवार*
*🎈 विक्रम संवत् - 2082*
*🎈 अयन - दक्षिणायण*
*🎈 ऋतु - शरद*
*🎈 मास - माघ मास*
*🎈 पक्ष - शुक्ल पक्ष*
*🎈तिथि-    द्वितीया    26:41:58** तक तत्पश्चात तृतीया*
*🎈 नक्षत्र -     श्रवण    13:05:54* तक तत्पश्चात्             धनिष्ठा    *
*🎈 योग    - सिद्वि    19:59:56*pm तक तत्पश्चात्      व्यतिपत*     
*🎈करण    -         बालव    14:30:45 pm तक तत्पश्चात्     बव*
*🎈राहुकाल -हर जगह का अलग है- 03:26:pm to 04:46 pm तक (नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*
(राहुकाल वह समय होता है जिसमे किसी भी नये अथवा शुभ कार्य प्रारम्भ करने से बचना चाहिए।)
*🎈 चन्द्र राशि-     मकर    *till 25:34:30*
*🎈 चन्द्र राशि    - कुम्भ    from 25:34:30
*🎈सूर्य राशि-     मकर    *
*🎈 सूर्योदय-07:26:43am*
*🎈सूर्यास्त -        18:05:39pm* 
*(सूर्योदय एवं सूर्यास्त ,नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*
*🎈दिशा शूल- उत्तर दिशा में*
( किसी भी विशेष कार्य हेतु दिशा शूल वाली दिशा में जाने से बचना चाहिए, यद्यपि यदि उसी दिन जाकर उसी दिन लौटना हैं, अथवा व्यवसाय के दृष्टिकोण से प्रतिदिन जाना ही पड़ता है तो प्रभाव कम हो जाएगा, फिर इस पर विचार करने की आवश्यकता नही है, यदि  किसी कारण वश दिशा शूल में जाना ही पड़े तो सूर्योदय से पूर्व निकलना  श्रेयस्कर होता है, अन्यथा एक  दिन पूर्व प्रस्थान रखकर भी निकला जा सकता हैं।)

*🎈ब्रह्ममुहूर्त - 05:39 ए एम से 06:32 ए एम*(नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*
*🎈अभिजित मुहूर्त- 12:25 पी एम से 01:08 पी एम*
*🎈 निशिता मुहूर्त - 12:19 ए एम, जनवरी 21 से 01:13 ए एम, जनवरी 21*
*🎈    अमृत काल -    03:12 ए एम, जनवरी 21 से 04:51 ए एम, जनवरी 21*
 *🎈द्विपुष्कर योग-    01:06 पी एम से 02:42 ए एम, जनवरी 21*
*🎈 व्रत एवं पर्व- .... द्वितीया. व्रत*
*🎈विशेष माघ मास महात्म्य *
माघ मास प्रयागराज में कल्पवास चल रहा है* 
🌺 माघ गुप्त नवरात्रि 2026 🌺
(दस महाविद्याओं की उपासना)
🔸 19 जनवरी – माँ काली
🔸 20 जनवरी – माँ तारा
🔸 21 जनवरी – माँ त्रिपुरसुंदरी (षोडशी)
🔸 22 जनवरी – माँ भुवनेश्वरी
🔸 23 जनवरी – माँ भैरवी
🔸 24 जनवरी – माँ छिन्नमस्ता
🔸 25 जनवरी – माँ धूमावती
🔸 26 जनवरी – माँ बगलामुखी
🔸 27 जनवरी – माँ मातंगी
🔸 28 जनवरी – माँ कमलात्मिका
✨ गुप्त नवरात्रि में साधना, मंत्र-जप और तप का विशेष महत्व होता है।
🙏 जय माँ आदिशक्ति
kundli


🪴🪴🪴🪴🪴🪴🪴🪴🪴 
  
    *🛟चोघडिया, दिन🛟*
   नागौर, राजस्थान, (भारत)    
   मानक सूर्योदय के अनुसार।
day




    
        *🛟चोघडिया, रात्🛟*
night


  
 

     🚩*श्रीगणेशाय नमोनित्यं*🚩
    🚩*☀जय मां सच्चियाय* 🚩
🌷 ✍️💥गुप्त नवरात्रि माघ💥 
  #🌕 👉 👉🦚❤️💐 🌼🪔🌷❤️💐🌼🪔❤️💐👉 ✍️ ★√*🛡️🌹

       🕉 गुप्त नवरात्र  की साधना चमत्कारी होती है🕉 
*********************************
भारतीय धर्मशास्त्र में चार नवरात्र होता हैं। चैत्र नवरात्र(वासंतिक नवरात्र) ,  आश्विन नवरात्र (शरद नवरात्र ) , माघ मास का नवरात्र और आषाढ मास का नवरात्र। माघ मास एवं आषाढ मास के नवरात्र को गुप्त नवरात्र कहते हैं।  माघ मास का गुप्त नवरात्र   दिनांक 19/01/2026 से प्रारंभ कर दिनांक 27/01/2026 मंगलवार तक रहेगा।  नवरात्र में नौ दिनों तक उर्जा का प्रवाह होता है। दैवीय शक्तियां जागृत रहती हैं, अतः नवरात्र में पूजन, साधना, अनुष्ठान आदि से धार्मिक, आध्यात्मिक और वैज्ञानिक रूप से लाभ होता हैं। शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता ( Immunity power)  बढ़ जाती हैं । गुप्त नवरात्र में तंत्र साधनायें भी  सफल होती हैं। इसमें विवाह से संबंधित बाधा निवारण हेतु, कात्यायनी मंत्र का अनुष्ठान आदि भी  कर सकते हैं। 
 संतान की विद्या प्राप्ति में बाधा आ रही है तो 
  " विद्यावंतं यशस्ववन्तं लक्ष्मीवंतं जनं कुरु। 
रुपं देहि जयं देहि यशो देहि यशो देहि द्विषो जहि।।"
     उपरोक्त मंत्र से सम्पुट कर दुर्गा सप्तशती का पाठ करें। 
 बाधा मुक्त होकर धन -पुत्रादि  की प्राप्ति के लिए
 -" सर्वाबाधाविनिर्मुक्तो धन्यधान्यसुतान्वित:। 
 मनुष्यों मत्प्रसादेन भविष्यन्ति
  न संशयः।। " 

इस मंत्र से सम्पुट कर दुर्गा सप्तशती का पाठ करना चाहिए। 
  गुप्त नवरात्रि में गुप्त विधि से साधना की जाती है जिसका रहस्यमय और चमत्कारी प्रभाव दृष्टिगोचर होता  है। 
  विविध मनोकामनाओं की पूर्ति हेतु योग्य आचार्य की देखरेख में देवी की अराधना करने से धर्म,अर्थ, काम और मोक्ष की प्राप्ति होती हैं। 
 गुप्त नवरात्र में क्या करें---
🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹
* शरीर, मन और आत्मा को शुद्ध रखने का प्रयास करें। 
* स्नानादि से निवृत्त होकर स्वच्छ वस्त्रों को धारण करें। कलश स्थापना, गणेशादि देवताओं का पूजन कर दुर्गा सप्तशती का पाठ करने, या सिर्फ दीपक जला कर, दुर्गा चालीसा, गायत्री मंत्र, या लक्ष्मी, सरस्वती का मंत्र, नवार्ण मंत्र ( ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चै) का जप करना लाभप्रद रहेगा। 
* फलाहार, या शाकाहारी भोजन करना भी लाभप्रद रहेगा। इस समयावधि में मांसाहारी भोजन का  त्याग करें। संभव हो तो लहसुन, प्याज़ का त्याग करे। ब्रह्मचर्य व्रत का  पालन करते हुए सुबह शाम देवी की अराधना करें। कुंआरी कन्याओं का पूजन, भोजन या उपहार प्रदान करें। 
* नवरात्र में गुरु मंत्र के अलावा कोई भी मंत्र, स्तोत्र , पाठ और जप करने से सिद्धि की प्राप्ति होती हैं। 
       💥 जय माँ सच्चियाय 💥


〰〰🌼〰〰🌼〰〰🌼〰〰🌼〰
.     💥“ज्ञान ही सच्ची संपत्ति है।
      बाकी सब क्षणभंगुर है।”💥
     🌼 ।। जय श्री कृष्ण ।।🌼
       💥।। शुभम् भवतु।।💥

♨️  ⚜️ 🕉🌞  🌞🕉 ⚜🚩
अगर आपको हमारा पंचांग नियमित चाहिए तो आप मुझे फॉलो करे
https://whatsapp.com/channel/0029Va65aSaKrWR4DbSSCq0r
♨️  ⚜️ 🕉🌞  🌞🕉 ⚜🚩
🔱🇪🇬जय श्री महाकाल सरकार 🔱🇪🇬 मोर मुकुट बंशीवाले  सेठ की जय हो 🪷*
▬▬▬▬▬▬▬ஜ۩۞۩ஜ
*♥️~यह पंचांग नागौर (राजस्थान) सूर्योदय के अनुसार है।*
*अस्वीकरण(Disclaimer)पंचांग, धर्म, ज्योतिष, त्यौहार की जानकारी शास्त्रों से ली गई है।*
*हमारा उद्देश्य मात्र आपको  केवल जानकारी देना है। इस संदर्भ में हम किसी प्रकार का कोई दावा नहीं करते हैं।*
*राशि रत्न,वास्तु आदि विषयों पर प्रकाशित सामग्री केवल आपकी जानकारी के लिए हैं अतः संबंधित कोई भी कार्य या प्रयोग करने से पहले किसी संबद्ध वि12:19 ए एम, जनवरी 19 से 01:12 ए एम, जनवरी 19शेषज्ञ से परामर्श अवश्य लेवें...*
*♥️ रमल ज्योतिर्विद आचार्य दिनेश "प्रेमजी", नागौर (राज,)* 
*।।आपका आज का दिन शुभ मंगलमय हो।।* 
🕉️📿🔥🌞🚩🔱ॐ  🇪🇬🔱
vipul

Tags

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.

Below Post Ad