*🗓*आज का पञ्चाङ्ग*🗓*
*🎈दिनांक - 25 जनवरी 2026*
*🎈 दिन- रविवार*
*🎈 विक्रम संवत् - 2082*
*🎈 अयन - दक्षिणायण*
*🎈 ऋतु - शरद*
*🎈 मास - माघ मास*
*🎈 पक्ष - शुक्ल पक्ष*
*🎈तिथि- सप्तमी 23:09:36* तक तत्पश्चात अष्टमी*
*🎈 नक्षत्र - रेवती 13:34:45 तक तत्पश्चात् अश्वनी*
*🎈 योग - सिद्ध 11:44:41*pm तक तत्पश्चात् साध्य*
*🎈करण - गर 11:57:23 तक तत्पश्चात् वणिज*
*🎈राहुकाल -हर जगह का अलग है- 04:49:pm to 06:10 pm तक (नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*
(राहुकाल वह समय होता है जिसमे किसी भी नये अथवा शुभ कार्य प्रारम्भ करने से बचना चाहिए।)
*🎈चन्द्र राशि - मीन *till 13:34:45
*🎈चन्द्र राशि- मेष from 13:34:45*
*🎈सूर्य राशि- मकर *
*🎈 सूर्योदय-07:25:23am*
*🎈सूर्यास्त - 18:09:41pm*
*(सूर्योदय एवं सूर्यास्त ,नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*
*🎈दिशा शूल- पश्चिम दिशा में*
( किसी भी विशेष कार्य हेतु दिशा शूल वाली दिशा में जाने से बचना चाहिए, यद्यपि यदि उसी दिन जाकर उसी दिन लौटना हैं, अथवा व्यवसाय के दृष्टिकोण से प्रतिदिन जाना ही पड़ता है तो प्रभाव कम हो जाएगा, फिर इस पर विचार करने की आवश्यकता नही है, यदि किसी कारण वश दिशा शूल में जाना ही पड़े तो सूर्योदय से पूर्व निकलना श्रेयस्कर होता है, अन्यथा एक दिन पूर्व प्रस्थान रखकर भी निकला जा सकता हैं।)
*🎈ब्रह्ममुहूर्त - 05:38 ए एम से 06:31 ए एम*(नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*
*🎈अभिजित मुहूर्त- 12:26 पी एम से 01:09 पी एम*
*🎈 निशिता मुहूर्त - 12:21 ए एम, जनवरी 26 से 01:14 ए एम, जनवरी 26*
*🎈 सर्वार्थ सिद्धि योग -01:35 पी एम से 07:24 ए एम, जनवरी 26*
*🎈 भद्रा योग- 11:10 पी एम से 07:24 ए एम, जनवरी 26*
*🎈रवि योग- 11:15 ए एम से 12:49 पी एम*
*🎈 पंचक (५) 7:25am से 1:35 pm तकअशुभ*
*🎈 व्रत एवं पर्व- ....सूर्य सप्तमी व्रत*
*🎈विशेष माघ मास महात्म्य *
माघ मास प्रयागराज में कल्पवास चल रहा है*
🌺 माघ गुप्त नवरात्रि 2026 🌺
(दस महाविद्याओं की उपासना)
🔸 19 जनवरी – माँ काली
🔸 20 जनवरी – माँ तारा
🔸 21 जनवरी – माँ त्रिपुरसुंदरी (षोडशी)
🔸 22 जनवरी – माँ भुवनेश्वरी
🔸 23 जनवरी – माँ भैरवी
🔸 24 जनवरी – माँ छिन्नमस्ता
🔸👉 25 जनवरी – माँ धूमावती
🔸 26 जनवरी – माँ बगलामुखी
🔸 27 जनवरी – माँ मातंगी
🔸 28 जनवरी – माँ कमलात्मिका
✨ गुप्त नवरात्रि में साधना, मंत्र-जप और तप का विशेष महत्व होता है।
🙏 जय माँ आदिशक्ति
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*🛟चोघडिया, दिन🛟*
नागौर, राजस्थान, (भारत)
मानक सूर्योदय के अनुसार।
*🛟चोघडिया, रात्🛟*
🚩*श्रीगणेशाय नमोनित्यं*🚩
🚩*☀जय मां सच्चियाय* 🚩
🌷 ✍️💥गुप्त नवरात्रि माघ💥
#🌕 👉 👉🦚❤️💐 🌼🪔🌷❤️💐🌼🪔❤️💐👉 ✍️ ★√*🛡️🌹
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⏳ सूर्य सप्तमी (जिसे रथ सप्तमी या अचला सप्तमी भी कहते हैं) माघ शुक्ल पक्ष की सप्तमी को मनाई जाती है, जिसे भगवान सूर्य का जन्मदिवस माना जाता है। इस दिन सूर्यदेव ने अपने सात घोड़ों वाले रथ पर सवार होकर जगत को प्रकाशित किया था। यह पर्व स्वास्थ्य, आरोग्य और सुख-समृद्धि की प्राप्ति के लिए अत्यंत शुभ है, जिसमें स्नान और दान का विशेष महत्व है।
🌹सूर्य सप्तमी का धार्मिक एवं वैज्ञानिक महत्व:
सूर्य देव का आविर्भाव: शास्त्रों के अनुसार, माघ महीने की सप्तमी तिथि को सूर्य देव ने पहली बार अपने रथ पर सवार होकर पूरे विश्व को रोशन करना शुरू किया था, इसलिए इसे सूर्य जयंती भी कहते हैं।
आरोग्य और लंबी आयु: सूर्य सप्तमी को 'आरोग्य सप्तमी' के रूप में भी जाना जाता है, क्योंकि इस दिन की पूजा से असाध्य रोगों (विशेषकर चर्म रोग) से मुक्ति मिलती है और व्यक्ति को आरोग्य व लंबी आयु की प्राप्ति होती है।
पापों का नाश: इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करने से जन्म-जन्मांतर के पापों का नाश होता है।
शक्ति और ऊर्जा का संचय: सूर्य प्रत्यक्ष देवता हैं, जो ऊर्जा, तेज और जीवन के स्रोत हैं। उनकी पूजा से आत्मबल, मान-सम्मान और सफलता में वृद्धि होती है।
🌹 कृषि उत्सव: सूर्य के उत्तरायण (उत्तर की ओर) संक्रमण का प्रतीक होने के कारण, यह किसानों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण दिन है।
🌹पूजा विधि और अनुष्ठान:
स्नान और अर्घ्य: सूर्योदय से पूर्व उठकर पवित्र नदी या घर में ही जल में गंगाजल मिलाकर स्नान करना चाहिए। इसके बाद तांबे के पात्र में जल, लाल चंदन, गुड़ और लाल फूल डालकर सूर्य देव को अर्घ्य दिया जाता है।
🌹मंत्र जाप: इस दौरान 'ॐ घृणि सूर्याय नमः' या 'ॐ ह्रीं ह्रीं सूर्याय सहस्रकिरणराय मनोवांछित फलम् देहि देहि स्वाहा' मंत्रों का जाप करना फलदायी है।
दान: इस दिन दान (गुड़, तिल, तांबे के पात्र, लाल वस्त्र) करने से दरिद्रता दूर होती है।
💥आदित्य हृदय स्तोत्र: पूजा के अंत में आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करना विशेष रूप से लाभकारी माना जाता है।
यह दिन व्यक्तिगत स्वास्थ्य और आध्यात्मिक उन्नति दोनों के लिए बहुत उत्तम माना गया है।
🌿ज्योतिषीय और आयुर्वेदिक उपाय (Astrological Remedies)
🎂बेल (Bael) की जड़: सूर्य को मजबूत करने, मान-सम्मान, तरक्की और स्वास्थ्य (अपच, चक्कर, हृदय रोग) के लिए इसे गुलाबी धागे में बांधकर रविवार को धारण किया जाता है।
🎂आँवला (Amla): यह सूर्य का मुख्य वृक्ष माना जाता है; इसे लगाने से सूर्य की ऊर्जा बढ़ती है और यह स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी है।
🎂पीपल (Peepal) का पेड़: इस पर सूर्य, विष्णु और ब्रह्मा का वास माना जाता है; रविवार को इसकी जड़ में जल चढ़ाना शुभ होता है।
🎉अन्य सूर्य-प्रेमी पौधे (Other Sun-Loving Plants)
💥सूरजमुखी (Sunflower): यह सीधे धूप में पनपता है और अपने सुनहरे फूलों के लिए जाना जाता है।
🛟गेंदा (Marigold): इसका पीला/नारंगी रंग सूर्य से मेल खाता है और यह सूर्य का प्रतिनिधित्व करता है।
🛟लाल गुलाब (Red Rose): यह भी सूर्य का प्रतिनिधि माना जाता है।
ज्योतिषीय और आयुर्वेदिक उपाय (Astrological Remedies)
बेल (Bael) की जड़: सूर्य को मजबूत करने, मान-सम्मान, तरक्की और स्वास्थ्य (अपच, चक्कर, हृदय रोग) के लिए इसे गुलाबी धागे में बांधकर रविवार को धारण किया जाता है।
🛟आँवला (Amla): यह सूर्य का मुख्य वृक्ष माना जाता है; इसे लगाने से सूर्य की ऊर्जा बढ़ती है और यह स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी है।
🛟पीपल (Peepal) का पेड़: इस पर सूर्य, विष्णु और ब्रह्मा का वास माना जाता है; रविवार को इसकी जड़ में जल चढ़ाना शुभ होता है।
🎉अन्य सूर्य-प्रेमी पौधे (Other Sun-Loving Plants)
💥सूरजमुखी (Sunflower): यह सीधे धूप में पनपता है और अपने सुनहरे फूलों के लिए जाना जाता है।
💥गेंदा (Marigold): इसका पीला/नारंगी रंग सूर्य से मेल खाता है और यह सूर्य का प्रतिनिधित्व करता है।
लाल गुलाब (Red Rose): यह भी सूर्य का प्रतिनिधि माना जाता है।
🌞 1️⃣ सूर्य-ऊर्जा से दिन की शुरुआत (केवल 5 मिनट)
सुबह उठते ही बच्चे को खुली धूप में खड़ा कराएँ।
तांबे के लोटे में जल भरकर सूर्य की ओर दिखवाएँ और केवल इतना बुलवाएँ —
“सूर्य नमस्कार” — 3 बार
📌 शास्त्रीय प्रभाव:
सूर्य आत्मबल, अनुशासन और दिनचर्या का कारक है।
✔️ चिड़चिड़ापन घटता है
✔️ आलस्य कम होता है
✔️ स्क्रीन-क्रेविंग धीरे-धीरे कम होने लगती है।
🙏(शास्त्रसम्मत | व्यवहारिक मार्गदर्शन)
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. 💥“ज्ञान ही सच्ची संपत्ति है।
बाकी सब क्षणभंगुर है।”💥
🌼 ।। जय श्री कृष्ण ।।🌼
💥।। शुभम् भवतु।।💥
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अगर आपको हमारा पंचांग नियमित चाहिए तो आप मुझे फॉलो करे
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🔱🇪🇬जय श्री महाकाल सरकार 🔱🇪🇬 मोर मुकुट बंशीवाले सेठ की जय हो 🪷*
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*♥️~यह पंचांग नागौर (राजस्थान) सूर्योदय के अनुसार है।*
*अस्वीकरण(Disclaimer)पंचांग, धर्म, ज्योतिष, त्यौहार की जानकारी शास्त्रों से ली गई है।*
*हमारा उद्देश्य मात्र आपको केवल जानकारी देना है। इस संदर्भ में हम किसी प्रकार का कोई दावा नहीं करते हैं।*
*राशि रत्न,वास्तु आदि विषयों पर प्रकाशित सामग्री केवल आपकी जानकारी के लिए हैं अतः संबंधित कोई भी कार्य या प्रयोग करने से पहले किसी संबद्ध वि12:19 ए एम, जनवरी 19 से 01:12 ए एम, जनवरी 19शेषज्ञ से परामर्श अवश्य लेवें...*
*♥️ रमल ज्योतिर्विद आचार्य दिनेश "प्रेमजी", नागौर (राज,)*
*।।आपका आज का दिन शुभ मंगलमय हो।।*
🕉️📿🔥🌞🚩🔱ॐ 🇪🇬🔱







