Type Here to Get Search Results !

पञ्चाङ्ग 13 अप्रैल 2026

 *🗓*आज का पञ्चाङ्ग*🗓*

jyotis


*🎈दिनांक 13 अप्रैल 2026*
*🎈 वार-   सोमवार *
*🎈 विक्रम संवत् - 2083*
*🎈 अयन - दक्षिणायण*
*🎈 ऋतु - शिशिर*
*🎈 मास - वैशाख मास*
*🎈 पक्ष - कृष्ण पक्ष,*
*🎈तिथि-     एकादशी    25:08:07* तत्पश्चात्
    द्वादशी*
*🎈 नक्षत्र -             धनिष्ठा    16:02:38* तक तत्पश्चात्         शतभिष*
*🎈योग    -     शुभ    17:15:36*तक तत्पश्चात् शुक्ल*
*🎈करण    -     बव    13:18:14* तक तत्पश्चात्  बालव* होगा।
*🎈राहुकाल -07:50 am से 08:25am (नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*हर जगह का अलग होगा
(राहुकाल वह समय होता है जिसमे किसी भी नये अथवा शुभ कार्य प्रारम्भ करने से बचना चाहिए।)
*🎈चन्द्र राशि-     कुंभ*
*🎈सूर्य राशि - मीन*
*🎈 सूर्योदय -   06:14:25*
*🎈 सूर्यास्त -        18:57:08* 
*(सूर्योदय एवं सूर्यास्त ,नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*
*🎈दिशा शूल- पूर्व दिशा में*
( किसी भी विशेष कार्य हेतु दिशा शूल वाली दिशा में जाने से बचना चाहिए, यद्यपि यदि उसी दिन जाकर उसी दिन लौटना हैं, अथवा व्यवसाय के दृष्टिकोण से प्रतिदिन जाना ही पड़ता है तो प्रभाव कम हो जाएगा, फिर इस पर विचार करने की आवश्यकता नही है, यदि  किसी कारण वश दिशा शूल में जाना ही पड़े तो सूर्योदय से पूर्व निकलना  श्रेयस्कर होता है, अन्यथा एक  दिन पूर्व प्रस्थान रखकर भी निकला जा सकता हैं।)
*🎈ब्रह्ममुहूर्त - 04:43 ए एम से 05:28 ए एम*
*🎈अभिजित मुहूर्त-  12:10 पी एम से 01:01 पी एम*
*🎈 निशिता मुहूर्त - 12:13 ए एम, अप्रैल 14 से 12:58 ए एम, अप्रैल 14*
*🎈 व्रत एवं पर्व विवरण-  एकादशी व्रत आज होगा (मासिक व्रत )
*🎈विशेष - एकादशी को शिम्बी(सेम),  खाने या प्रयोग में लेने से
एकादशी को सेम की फली, से  नुकसान होगा (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
*🎈विशेष:- वैशाख मास महात्म्य *
 👉 जय माँ आदिशक्ति सच्चियाय 🪔 
🎉विक्रम सम्वत 2083 का मन्त्री मण्डल🛟
💥राजा    गुरु👑 - शासन व्यवस्था के स्वामी    💥सेनाधिपति    चन्द्र⚔️ - रक्षा मन्त्री एवं सेनानायक
💥मन्त्री    मंगल⚜️ - नीतियों एवं प्रशासन के स्वामी    धान्याधिपति    बुध🌻 - रबी की फसलों के स्वामी
💥सस्याधिपति    गुरु🌾 - खरीफ की फसलों के स्वामी    मेघाधिपति    चन्द्र🌧 - मेघ एवं वर्षा के स्वामी
💥धनाधिपति    गुरु💰 - धन एवं कोष के स्वामी    नीरसाधिपति    गुरु🪙 - धातु, खनिज आदि के स्वामी
💥रसाधिपति    शनि🍯 - रस एवं द्रव पदार्थों के स्वामी    फलाधिपति    चन्द्र🍎 - फल-पुष्पादि के स्वामी
kundli


      🪴🪴🪴🪴🪴🪴🪴🪴🪴 
  
      
        🛟 नागौर, राजस्थान, (भारत)    
         मानक सूर्योदय के अनुसार।*🛟
         *🛟चोघडिया, दिन का🛟*
day




       🛟चोघडिया, रात्🛟*
night


 
★√*★√*★√*★√*★√*★√*★√*

     🚩*श्रीगणेशाय नमोनित्यं*🚩
    🚩*☀जय मां सच्चियाय* 🚩 
  #🌕 👉 👉🦚❤️💐 🌼🪔🏓🎊
         💕🛟प्रात: विशेष🕉️🌺

👣🕉️ 🌹🌹 🌹🌹।। 🔶🔶
🌹🌹 श्री नीलाचल चामुंडा दंडिनी🌹🌹
जब नीलाचल धाम में भगवान जगन्नाथ का दिव्य राज्य प्रतिष्ठित हुआ, तब उस पवित्र भूमि की रक्षा हेतु एक और अदृश्य शक्ति प्रकट हुई—माता चामुंडा।
 यह वही उग्र देवी हैं जो श्मशान की अधिष्ठात्री और तांत्रिक साधनाओं की परम शक्ति मानी जाती हैं।
पुरी के श्रीक्षेत्र में जहाँ एक ओर करुणा और भक्ति का प्रवाह है, वहीं उसकी सीमाओं की रक्षा हेतु माता चामुंडा दंडिनी रूप में विराजमान हैं।
माता चामुंडा, भगवान शिव की उग्र शक्ति तथा माँ दुर्गा का भयंकरतम स्वरूप मानी जाती हैं। कालीवर्णा, अस्थिपंजर सदृश देह, गले में मुंडमाला, हाथों में त्रिशूल, खड्ग और कपाल धारण किए हुए—यह देवी मृत्यु और भय पर विजय का प्रतीक हैं। उनका वाहन श्वान या शव माना गया है, जो श्मशान तत्त्व और वैराग्य का संकेत देता है।
शास्त्रों में वर्णित है कि श्रीक्षेत्र की मर्यादा को भंग करने वाले दुष्ट, पिशाच और अदृश्य बाधाएँ माता चामुंडा के प्रकोप से नष्ट हो जाती हैं। वे केवल विनाश की देवी नहीं, अपितु धर्म की सीमा रेखा हैं—जो साधक को संरक्षण देती हैं और अधर्मी को दंड।
इसी कारण तांत्रिक परंपरा में उन्हें "श्मशान दंडिनी" कहा जाता है—जो सूक्ष्म जगत की प्रहरी बनकर धर्म की रक्षा करती हैं और साधकों को निर्भयता प्रदान करती हैं।

प्रार्थनाएं ही होती है जिसकी वजह से हर सुबह हम  सूर्योदय देख पाते हैं, और जिंदगी देती है हर रोज सवरने का मौका। किसी की प्रार्थना ही होती है कि हम जी पाते हैं फिर से एक नया दिन। प्रार्थना ही हमें हर दिन बेहतर से बेहतर बनाती है और ईश्वर का धन्यवाद कि वे सुन लेते है हमारी प्रार्थना और देते हैं हमें कुछ लोग भी 
जो करते है हमारे लिए प्रार्थना।।।
काशी से चली शक्ति जब पहुँची नीलाचल धाम।
चामुंडा रूप में प्रकट हुई, धारण कर विकराल नाम॥
मुंडमाला कंठ में शोभे, कर में त्रिशूल विशाल।
श्मशान वासिनी माँ बनी, दुष्टों की करती काल॥
श्वान वाहन, कपाल धरे, दृष्टि अग्नि समान।
मर्यादा की रेखा बनकर, करती धर्म विधान॥
जो कोई लांघे सीमा को, करे अधर्म का संग।
उग्र रूप धर माता देती, उसको कठोर दंड॥
पिशाच, दैत्य, बाधा सब, होते क्षण में नाश।
भय मिटे, संकट हटे, माँ से पाए त्राण विशेष॥
जय चामुंडा दंडिनी माँ, जय जगन्नाथ के धाम।
रक्षा कर भक्तों की तू, रखे धर्म का मान॥

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹।      💥“ज्ञान ही सच्ची संपत्ति है।
      बाकी सब क्षणभंगुर है।”💥
     🌼 ।। जय श्री कृष्ण ।।🌼
       💥।। शुभम् भवतु।।💥
♨️  ⚜️ 🕉🌞  🌞🕉 ⚜🚩*♥️~💕

💥अगर आपको हमारा पंचांग नियमित चाहिए तो आप मुझे इस चैनल को फॉलो करे
https://whatsapp.com/channel/0029Va65aSaKrWR
      ♨️  ⚜️ 🕉🌞  🌞🕉 ⚜🚩
🔱🇪🇬जय श्री महाकाल सरकार 🔱🇪🇬 मोर मुकुट बंशीवाले  सेठ की जय हो 🪷*
▬▬▬▬▬▬▬ஜ۩۞۩ஜ
*♥️~यह पंचांग नागौर (राजस्थान) सूर्योदय के अनुसार है।*
*♥️~अपने घर, ऑफिस, और फैक्ट्री वास्तु के साथ सफल बनाये। जन्मकुंडली, प्रश्नन कुंडली, अंककुंडली, रत्न, जड़, एवं रुद्राक्ष आदि के लिये सम्पर्क करे।*
‼️अस्वीकरण(Disclaimer)पंचांग, धर्म, ज्योतिष, त्यौहार की जानकारी शास्त्रों से ली गई है।*
🙏हमारा उद्देश्य मात्र आपको  केवल जानकारी देना है। इस संदर्भ में हम किसी प्रकार का कोई दावा नहीं करते हैं।*
💥*राशि रत्न,वास्तु आदि विषयों पर प्रकाशित सामग्री केवल आपकी जानकारी के लिए हैं अतः संबंधित कोई भी कार्य या प्रयोग करने से पहले किसी अच्छी जानकारी वाले ज्योतिषी से संपर्क करे।
*♥️ रमल ज्योतिर्विद आचार्य दिनेश "प्रेमजी", नागौर (राज,)* 
vipul


*।।आपका आज का दिन शुभ मंगलमय हो।।* 
🕉️📿🔥🌞🚩🔱ॐ  🇪🇬🔱🔥🔱

Tags

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.

Below Post Ad