Type Here to Get Search Results !

आज का पञ्चाङ्ग

 *🗓*आज का पञ्चाङ्ग*🗓*

*🗓*आज का पञ्चाङ्ग*🗓*
*🎈दिनांक  09 जून 2026*
*🎈 वार-मंगलवार*
*🎈 मास - अधिक ज्येष्ठ मास*
*🎈 पक्ष - शुक्ल पक्ष*
*🎈 विक्रम संवत् - 2083*
*🎈 संवत्सर    पराभव*
*🎈संवत्सर (उत्तर)-    रौद्र*
*🎈 अयन - उत्तरायण*
*🎈 ऋतु - शिशिर*
*🎈तिथि    -    नवमी    26:34:16*
*तत्पश्चात्*दशमी*
*🎈 नक्षत्र -  पूर्वभाद्रपदा    09:38:39* तत्पश्चात्  उत्तरभाद्रपदा*
*🎈योग    -     प्रीति    08:17:28* तक तत्पश्चात्  आयुष्मान*
*🎈करण    - तैतुल    15:04:47* तक तत्पश्चात् गर*
*🎈राहुकाल -04:01pm  से 05:44pm (नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*हर जगह का अलग होगा
(राहुकाल वह समय होता है जिसमे किसी भी नये अथवा शुभ कार्य प्रारम्भ करने से बचना चाहिए।)
*🎈चन्द्र राशि-      मीन    *
*🎈सूर्य राशि-       वृषभ    *
*🎈 सूर्योदय -   05:41:17*
*🎈 सूर्यास्त -        19:27:36* 
*(सूर्योदय एवं सूर्यास्त ,नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*
*🎈दिशा शूल- उत्तर दिशा में*
( किसी भी विशेष कार्य हेतु दिशा शूल वाली दिशा में जाने से बचना चाहिए, यद्यपि यदि उसी दिन जाकर उसी दिन लौटना हैं, अथवा व्यवसाय के दृष्टिकोण से प्रतिदिन जाना ही पड़ता है तो प्रभाव कम हो जाएगा, फिर इस पर विचार करने की आवश्यकता नही है, यदि  किसी कारण वश दिशा शूल में जाना ही पड़े तो सूर्योदय से पूर्व निकलना  श्रेयस्कर होता है, अन्यथा एक  दिन पूर्व प्रस्थान रखकर भी निकला जा सकता हैं।)
*🎈ब्रह्ममुहूर्त - 04:18 ए एम से 04:59 ए एम*
*🎈अभिजित मुहूर्त- 12:07 पी एम से 01:02 पी एम*
*🎈 निशिता मुहूर्त - 12:14 ए एम, जून 10 से 12:55 ए एम, जून 10*
*🎈 अमृत काल-        04:37 ए एम, जून 10 से 06:12 ए एम, जून 10*
*🎈 सर्वार्थ सिद्धि योग-    09:39 ए एम से 05:40 ए एम, जून 10*
*🎈 तृतीय पञ्चक    - पूरे दिन*
 *🎈 व्रत एवं पर्व विवरण-ब्रह्म वैवर्त पुराण (विशेषकर ब्रह्म खंड अध्याय 27) के अनुसार, नवमी तिथि के दिन भूलकर भी नवमी तिथि के दिन भूलकर भी लौकी (घीया) का सेवन नहीं करना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि इस दिन नारियल का सेवन करने से बुद्धि का नाश होता है और विवेक कमज़ोर पड़ता है।
*🎈विशेष - धर्म शास्त्रों और पुराणों (विशेषकर ⁠ब्रह्म वैवर्त पुराण) के अनुसार, तिल का तेल: नवमी, नवरात्रि नवमी: यदि नवमी गुरुवार को पड़ रही हो, तो इस दिन दूध और केले का सेवन करने से भी परहेज करना चाहिए।
*🎈विशेष:- अधिक जेष्ठ मास महात्म्य *
 👉 जय माँ आदिशक्ति सच्चियाय 🪔 
🎉विक्रम सम्वत 2083 का मन्त्री मण्डल🛟
💥राजा    गुरु👑 - शासन व्यवस्था के स्वामी    💢सेनाधिपति    चन्द्र⚔️ - रक्षा मन्त्री एवं सेनानायक
💢मन्त्री    मंगल⚜️ - नीतियों एवं प्रशासन के 💢स्वामी    धान्याधिपति    बुध🌻 - रबी की फसलों के स्वामी
💢सस्याधिपति    गुरु🌾 - खरीफ की फसलों के स्वामी    
🛟मेघाधिपति    चन्द्र🌧 - मेघ एवं वर्षा के स्वामी
💢धनाधिपति    गुरु💰 - धन एवं कोष के स्वामी    नीरसाधिपति    
💢गुरु🪙 - धातु, खनिज आदि के स्वामी
🛟रसाधिपति    शनि🍯 - रस एवं द्रव पदार्थों के स्वामी    फलाधिपति    
चन्द्र🍎 - फल-पुष्पादि के स्वामी
      
kundli



  
      🛟 नागौर, राजस्थान, (भारत)    
         मानक सूर्योदय के अनुसार।*🛟
         *🛟चोघडिया, दिन का🛟*
day




           🛟चोघडिया, रात्🛟*
night


 
★√*★√*★√*★√*★√*★√*★√*

     🚩*श्रीगणेशाय नमोनित्यं*🚩
    🚩*☀जय मां सच्चियाय* 🚩 
  #🌕 👉 👉🦚❤️💐 🌼🪔🏓🎊
         💕🛟प्रात: विशेष🕉️🌺

👣🕉️ 🌹🌹 🌹🌹।। 🔶🔶🌹🌹 🌹
🛟जिनका आज जन्मदिन है उनको हार्दिक शुभकामनाएं बधाई और शुभ आशीष🛟
🛟आपका जन्मदिन: 9 जून
अंक ज्योतिष का सबसे आखरी मूलांक है नौ। आपके जन्मदिन की संख्या भी नौ है। यह मूलांक भूमि पुत्र मंगल के अधिकार में रहता है। आप बेहद साहसी हैं। आपके स्वभाव में एक विशेष प्रकार की तीव्रता पाई जाती है। आप सही मायनो में उत्साह और साहस के प्रतीक हैं। मंगल ग्रहों में सेनापति माना जाता है। अत: आप में स्वाभाविक रूप से नेतृत्त्व की क्षमता पाई जाती है। लेकिन आपको बुद्धिमान नहीं माना जा सकता। मंगल के मूलांक वाले चालाक और चंचल भी होते हैं। आपको लड़ाई-झगड़ों में भी विशेष आनंद आता है। आपको विचित्र साहसिक व्यक्ति कहा जा सकता है।
 
🛟आपके लिए खास 
शुभ दिनांक: 9, 18, 27
शुभ अंक: 1, 2, 5, 9, 27, 72
शुभ वर्ष: 2027, 2036, 2045
ईष्टदेव: हनुमान जी, मां दुर्गा।
शुभ रंग: लाल, केसरिया, पीला
  
    🌺#॥ जय माँ कामाख्या ॥💘

धन करोड़ों का हो, व्यापार लाखों गुना बढ़ जाए, लेकिन यदि घर में भाई-भाई, सास-बहू, पिता-पुत्र के बीच निरंतर कलह और अशांति बनी रहे तो सारा वैभव फीका पड़ जाता है।

आज एक अत्यंत सरल किंतु अचूक उपाय बता रहा हूँ। इसकी सरलता देखकर इसे साधारण समझने की भूल न करें।

भगवान विष्णु का ऐसा चित्र घर में स्थापित करें जिसमें वे क्षीरसागर में शेषनाग पर शयन करते हुए ध्यानमग्न दिखाई दें। चित्र को ऐसे स्थान पर लगाएँ जहाँ परिवार के सदस्यों की दृष्टि बार-बार पड़ती रहे। प्रतिदिन श्रद्धापूर्वक दीप-धूप दिखाकर भगवान का स्मरण करें।

भगवान विष्णु पालन, संतुलन और शांति के अधिष्ठाता हैं। उनके इस स्वरूप की उपासना से घर की उग्र ऊर्जा शांत होने लगती है, मनों में सौम्यता आती है और पारिवारिक कलह धीरे-धीरे समाप्त होने लगती है।

विश्वास रखिए, श्रद्धा के साथ किया गया यह उपाय कुछ ही दिनों में अपना प्रभाव दिखाना प्रारंभ कर देता है।

🛟॥ हरिः ॐ ॥☀️

☀️श्री रक्तवर्णा हरिताम्बिका त्रिमुखी मातेश्वरी।☀️

🛟यह देवी शक्ति, समृद्धि, रक्षा और तांत्रिक सिद्धियों का संयुक्त स्वरूप मानी जा सकती हैं। हरे वर्ण का अर्थ है प्रकृति, उन्नति, धन, सौभाग्य और जीवनशक्ति। लाल बकरा वीरता, बलिदान, साहस और संकट-विनाश का प्रतीक है। त्रिमुखी स्वरूप भूत, वर्तमान और भविष्य पर देवी के नियंत्रण का संकेत देता है।

🛟श्री रक्तवर्णा हरिताम्बिका कवच।
ॐ अस्य श्रीहरिताम्बिका कवचस्य, महादेव ऋषिः, अनुष्टुप् छन्दः, श्री रक्तवर्णा हरिताम्बिका देवता, सर्वरक्षा सिद्ध्यर्थे जपे विनियोगः॥

🛟हरितवर्णा शिरः पातु, त्रिनेत्री ललाटकम्। सर्वसिद्धिप्रदा देवी नेत्रे मे सर्वदा अवतु॥
त्रिमुखी वदनं पातु, कर्णौ मे कालनाशिनी। कण्ठं पातु जगद्धात्री, भुजौ पातु शिवप्रिया॥
हृदयं पातु महाशक्तिः, नाभिं पातु सुरेश्वरी। 
कटिं मे रक्तवाहिनी, ऊरू पातु महेश्वरी॥
जानुनी विजयादेवी, जङ्घे पातु भयापहा। 
पादौ पातु जगन्माता, सर्वाङ्गं सर्वमङ्गला॥
पूर्वे मां पद्महस्ता च, पश्चिमे विश्वपालिनी।
 उत्तरे शूलधारिणी, दक्षिणे खड्गधारिणी॥
जले स्थले च गहने, शत्रुमध्ये विशेषतः।
 रक्ष रक्ष महादेवि, रक्तवर्णे नमोऽस्तु ते॥
ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं हरिताम्बिकायै नमः। ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं हरिताम्बिकायै नमः। ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं हरिताम्बिकायै नमः॥
मान्यता है कि इस कवच का श्रद्धापूर्वक पाठ करने से भय, नकारात्मक शक्तियों, शत्रु बाधाओं और मानसिक अशांति से रक्षा होती है तथा साधक में साहस, आत्मबल और देवी कृपा का संचार होता है। 
यह देवी साधक को जीवन में उन्नति, संरक्षण और आध्यात्मिक जागृति प्रदान करने वाली आदिशक्ति के रूप में ध्यान की जा सकती हैं।
    
🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏
🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹।      💥“ज्ञान ही सच्ची संपत्ति है।
      बाकी सब क्षणभंगुर है।”💥
     🌼 ।। जय श्री कृष्ण ।।🌼
       💥।। शुभम् भवतु।।💥
♨️  ⚜️ 🕉🌞  🌞🕉 ⚜🚩*♥️~💕

💥अगर आपको हमारा पंचांग नियमित चाहिए तो आप मुझे इस चैनल को फॉलो करे
https://whatsapp.com/channel/0029Va65aSaKrWR
      ♨️  ⚜️ 🕉🌞  🌞🕉 ⚜🚩
🔱🇪🇬जय श्री महाकाल सरकार 🔱🇪🇬 मोर मुकुट बंशीवाले  सेठ की जय हो 🪷*
▬▬▬▬▬▬▬ஜ۩۞۩ஜ
*♥️~यह पंचांग नागौर (राजस्थान) सूर्योदय के अनुसार है।*
*♥️~अपने घर, ऑफिस, और फैक्ट्री वास्तु के साथ सफल बनाये। जन्मकुंडली, प्रश्नन कुंडली, अंककुंडली, रत्न, जड़, एवं रुद्राक्ष आदि के लिये सम्पर्क करे।*
‼️अस्वीकरण(Disclaimer)पंचांग, धर्म, ज्योतिष, त्यौहार की जानकारी शास्त्रों से ली गई है।*
🙏हमारा उद्देश्य मात्र आपको  केवल जानकारी देना है। इस संदर्भ में हम किसी प्रकार का कोई दावा नहीं करते हैं।*
💥*राशि रत्न,वास्तु आदि विषयों पर प्रकाशित सामग्री केवल आपकी जानकारी के लिए हैं अतः संबंधित कोई भी कार्य या प्रयोग करने से पहले किसी अच्छी जानकारी वाले ज्योतिषी से संपर्क करे।
*♥️ रमल ज्योतिर्विद आचार्य दिनेश "प्रेमजी", नागौर (राज,)* 
*।।आपका आज का दिन शुभ मंगलमय हो।।* 
🕉️📿🔥🌞🚩🔱ॐ  🇪🇬🔱🔥🔱🌿*🎈
vipul



  
      
        

Tags

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.

Below Post Ad