*🗓*आज का पञ्चाङ्ग*🗓*
*🎈दिनांक 11 जून 2026*
*🎈 वार- गुरुवार*
*🎈 मास - अधिक ज्येष्ठ मास*
*🎈 पक्ष - शुक्ल पक्ष*
*🎈 विक्रम संवत् - 2083*
*🎈 संवत्सर पराभव*
*🎈संवत्सर (उत्तर)- रौद्र*
*🎈 अयन - उत्तरायण*
*🎈 ऋतु - शिशिर*
*🎈तिथि - एकादशी 22:35:39*
*तत्पश्चात्*द्वादशी*
*🎈 नक्षत्र - रेवती 08:15:32* तत्पश्चात् अश्विनी 06:27:40तत्पश्चात्
*🎈 नक्षत्र भरणी 28:04:32*तत्पश्चात*
*🎈योग - शोभन 24:59:01* तक तत्पश्चात् अतिगंड*
*🎈करण - बव 11:51:42* तक तत्पश्चात् बालव*
*🎈राहुकाल -02:18pm से 04:02pm (नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*हर जगह का अलग होगा
(राहुकाल वह समय होता है जिसमे किसी भी नये अथवा शुभ कार्य प्रारम्भ करने से बचना चाहिए।)
*🎈चन्द्र राशि- मीन * till 08:15:32*
*🎈चन्द्र राशि - मेष from 08:15:32*
*🎈सूर्य राशि- वृषभ *
*🎈 सूर्योदय - 05:41:13*
*🎈 सूर्यास्त - 19:28:17*
*(सूर्योदय एवं सूर्यास्त ,नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*
*🎈दिशा शूल- दक्षिण दिशा में*
( किसी भी विशेष कार्य हेतु दिशा शूल वाली दिशा में जाने से बचना चाहिए, यद्यपि यदि उसी दिन जाकर उसी दिन लौटना हैं, अथवा व्यवसाय के दृष्टिकोण से प्रतिदिन जाना ही पड़ता है तो प्रभाव कम हो जाएगा, फिर इस पर विचार करने की आवश्यकता नही है, यदि किसी कारण वश दिशा शूल में जाना ही पड़े तो सूर्योदय से पूर्व निकलना श्रेयस्कर होता है, अन्यथा एक दिन पूर्व प्रस्थान रखकर भी निकला जा सकता हैं।)
*🎈ब्रह्ममुहूर्त - 04:19 ए एम से 04:59 ए एम*
*🎈अभिजित मुहूर्त- 12:07 पी एम से 01:02 पी एम *
*🎈 निशिता मुहूर्त - 12:14 ए एम, जून 12 से 12:55 ए एम, जून 12*
*🎈 सर्वार्थ सिद्धि योग- पूरे दिन*
*🎈 पंचम पञ्चक - पूरे दिन*
*🎈 व्रत एवं पर्व विवरण. ब्रह्म वैवर्त पुराण (विशेषकर ब्रह्म खंड अध्याय 27) के अनुसार, द्वादशी तिथि के दिन भूलकर भी नारियल का फल (या नारियल से बनी चीजें) नहीं खाना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि इस दिन नारियल का सेवन करने से बुद्धि का नाश होता है और विवेक कमज़ोर पड़ता है।
*🎈विशेष - धर्म शास्त्रों और पुराणों (विशेषकर ब्रह्म वैवर्त पुराण) के अनुसार, तिल का तेल: अष्टमी, द्वादशी, अमावस्या, पूर्णिमा, संक्रांति, रविवार या किसी भी व्रत के दिन तिल के तेल का सेवन करने और शरीर पर लगाने की सख्त मनाही होती है।
*🎈विशेष:- अधिक जेष्ठ मास महात्म्य *
👉 जय माँ आदिशक्ति सच्चियाय 🪔
🎉विक्रम सम्वत 2083 का मन्त्री मण्डल🛟
💥राजा गुरु👑 - शासन व्यवस्था के स्वामी 💢सेनाधिपति चन्द्र⚔️ - रक्षा मन्त्री एवं सेनानायक
💢मन्त्री मंगल⚜️ - नीतियों एवं प्रशासन के 💢स्वामी धान्याधिपति बुध🌻 - रबी की फसलों के स्वामी
💢सस्याधिपति गुरु🌾 - खरीफ की फसलों के स्वामी
🛟मेघाधिपति चन्द्र🌧 - मेघ एवं वर्षा के स्वामी
💢धनाधिपति गुरु💰 - धन एवं कोष के स्वामी नीरसाधिपति
💢गुरु🪙 - धातु, खनिज आदि के स्वामी
🛟रसाधिपति शनि🍯 - रस एवं द्रव पदार्थों के स्वामी फलाधिपति
चन्द्र🍎 - फल-पुष्पादि के स्वामी
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🛟 नागौर, राजस्थान, (भारत)
मानक सूर्योदय के अनुसार।*🛟
*🛟चोघडिया, दिन का🛟*
🛟चोघडिया, रात्🛟*
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🚩*श्रीगणेशाय नमोनित्यं*🚩
🚩*☀जय मां सच्चियाय* 🚩
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💕🛟प्रात: विशेष🕉️🌺
👣🕉️ 🌹🌹 🌹🌹।। 🔶🔶🌹🌹 🌹
🌺🌷 *।। सरकारी नौकरी के ज्योतिषीय योग, शास्त्रीय संकेत और सिद्ध उपाय ।।* 🌷
➡️ *।। ॐ श्री गणेशाय नमः ।।
🏓हजारों लोग तैयारी करते हैं, लेकिन सरकारी नौकरी कुछ लोगों को ही क्यों मिलती है?
🛟क्या आपकी कुंडली में भी छिपा है सरकारी नौकरी का राजयोग?
पूरा लेख पढ़ें और जानें आपकी कुंडली क्या संकेत देती है।
🛟आज के समय में लाखों युवा सरकारी नौकरी का सपना देखते हैं।
कोई UPSC, SSC, बैंक, रेलवे, पुलिस या राज्य सेवा की तैयारी कर रहा है तो कोई वर्षों से प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रयासरत है।
🛟ऐसे में एक प्रश्न अक्सर पूछा जाता है—क्या मेरी कुंडली में सरकारी नौकरी का योग है?
वैदिक ज्योतिष के अनुसार सरकारी सेवा केवल मेहनत का परिणाम नहीं होती, बल्कि जन्मकुंडली में मौजूद विशेष ग्रहयोग, दशा-अंतर्दशा और कर्मफल भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
🛟।। सरकारी नौकरी के प्रमुख भाव ।।🛟
दशम भाव कर्म, पद, प्रतिष्ठा और सरकारी अधिकार का भाव माना जाता है।
षष्ठ भाव सेवा, नौकरी, प्रतियोगिता और संघर्ष में विजय का प्रतिनिधित्व करता है।
🛟एकादश भाव लाभ, आय और इच्छापूर्ति का कारक है।
लग्न भाव व्यक्ति के आत्मबल, व्यक्तित्व और प्रयास को दर्शाता है।
यदि इन भावों का आपसी संबंध शुभ ग्रहों से बनता है तो सरकारी सेवा के प्रबल योग निर्मित होते हैं।
🛟।। सूर्य का बलवान होना ।।🛟
सूर्य सरकार, प्रशासन, अधिकार और नेतृत्व का कारक ग्रह है।
यदि सूर्य दशम भाव में स्थित हो, अपनी स्वराशि सिंह में हो, उच्च राशि मेष में हो या लग्नेश के साथ शुभ संबंध बना रहा हो तो व्यक्ति को प्रशासनिक सेवाओं, राजकीय विभागों और उच्च सरकारी पदों की प्राप्ति हो सकती है।
🛟।। मंगल का प्रभाव ।।🛟
मंगल साहस, पराक्रम, सेना, पुलिस और सुरक्षा सेवाओं का ग्रह है।
यदि मंगल दशम या षष्ठ भाव में बलवान स्थिति में हो तो पुलिस, सेना, अर्धसैनिक बल, सुरक्षा विभाग तथा प्रशासनिक क्षेत्र में सफलता मिलती है।
🛟।। गुरु और शनि का शुभ संबंध ।।🛟
जब गुरु और शनि सकारात्मक संबंध बनाते हैं तो व्यक्ति को शिक्षा विभाग, न्याय विभाग, राजस्व विभाग, लेखा विभाग तथा प्रशासनिक क्षेत्रों में उच्च पद प्राप्त हो सकते हैं।
गुरु सम्मान देता है और शनि स्थायित्व प्रदान करता है।
🛟।। दशमेश और लग्नेश का संबंध ।।🛟
यदि दशम भाव का स्वामी लग्न में हो या लग्नेश दशम भाव में स्थित हो तो व्यक्ति अपने परिश्रम और योग्यता के बल पर सरकारी नौकरी प्राप्त करता है। ऐसे जातकों को अक्सर स्वयं की क्षमता से सफलता मिलती है।
🛟।। सूर्य-गुरु का प्रभावशाली योग ।।🛟
दशम भाव में सूर्य और गुरु का शुभ संयोग व्यक्ति को उच्च पद, प्रतिष्ठा और सामाजिक सम्मान प्रदान कर सकता है।
ऐसे लोग विभागीय नेतृत्व और प्रशासनिक जिम्मेदारियों तक पहुँच सकते हैं।
🛟।। सरकारी नौकरी में बाधा देने वाले योग ।।🛟
यदि दशमेश छठे, आठवें या बारहवें भाव में पीड़ित अवस्था में हो तो नौकरी में अस्थिरता आ सकती है।
दशम भाव में राहु-शनि की अशुभ युति होने पर कार्यक्षेत्र में विवाद, मानसिक तनाव या प्रतिष्ठा संबंधी समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं।
यदि सूर्य अत्यधिक निर्बल हो और पाप प्रभाव में हो तो प्रशासनिक क्षेत्र में संघर्ष बढ़ सकता है।
🛟।। सरकारी नौकरी के लिए पारंपरिक ज्योतिषीय उपाय ।।🛟
प्रतिदिन प्रातः सूर्य को जल अर्पित करें।
आदित्य हृदय स्तोत्र का नियमित पाठ करें।
हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ करें।
बुधवार को गणेश जी की उपासना करें।
शनिवार को पीपल वृक्ष के नीचे दीपक जलाएँ।
गुरुवार को गुरु संबंधित दान और पूजा करें।
🛟।। महत्वपूर्ण सावधानी ।।🛟
ज्योतिष संभावनाएँ और प्रवृत्तियाँ बताता है, परिणाम नहीं।
किसी भी ग्रहयोग का वास्तविक फल तभी प्राप्त होता है जब व्यक्ति निरंतर अध्ययन, अनुशासन, परिश्रम और सही दिशा में प्रयास करता है।
महर्षि पराशर के सिद्धांत के अनुसार उचित ग्रहयोग, अनुकूल दशा और कर्म—इन तीनों के संयोग से ही राजकीय पद की प्राप्ति होती है।
इसलिए यदि आपकी कुंडली में सरकारी नौकरी के योग हैं तो उन्हें जागृत करने के लिए नियमित प्रयास, उचित मार्गदर्शन और सकारात्मक कर्म सबसे आवश्यक हैं।
🛟॥ श्री हरिः ॐ ॥☀️
🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏
🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹। 💥“ज्ञान ही सच्ची संपत्ति है।
बाकी सब क्षणभंगुर है।”💥
🌼 ।। जय श्री कृष्ण ।।🌼
💥।। शुभम् भवतु।।💥
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🔱🇪🇬जय श्री महाकाल सरकार 🔱🇪🇬 मोर मुकुट बंशीवाले सेठ की जय हो 🪷*
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*♥️~यह पंचांग नागौर (राजस्थान) सूर्योदय के अनुसार है।*
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💥*राशि रत्न,वास्तु आदि विषयों पर प्रकाशित सामग्री केवल आपकी जानकारी के लिए हैं अतः संबंधित कोई भी कार्य या प्रयोग करने से पहले किसी अच्छी जानकारी वाले ज्योतिषी से संपर्क करे।
*♥️ रमल ज्योतिर्विद आचार्य दिनेश "प्रेमजी", नागौर (राज,)*
*।।आपका आज का दिन शुभ मंगलमय हो।।*
🕉️📿🔥🌞🚩🔱ॐ 🇪🇬🔱🔥🔱🌿




