*"लोक अदालत का डंडा: 10 दिन में ठीक हों बासनी रोड की लाइटें, नाले की सफाई भी जरूरी"*
मेड़ता/नागौर 07 जून 2026// स्थाई लोक अदालत मेड़ता ने जनहित से जुड़े एक महत्वपूर्ण प्रकरण का सुनवाई उपरांत निस्तारण किया है। मामला नगरपरिषद नागौर से जुड़ा है, जिसमें बासनी रोड़ नागौर निवासी रामकुंवार चौधरी ने स्थाई लोक अदालत में प्रकरण दर्ज करवाकर बताया कि नगरपरिषद नागौर को अवगत कराए जाने के बावजूद नगरपरिषद द्वारा बासनी रोड़ चौराहे से शीतला माता मंदिर तक की स्ट्रीट लाइटों को ना तो दुरूस्त करवाया जा रहा है और ना ही नई लगाई जा रही है। इसी के साथ दूसरा मामला बासनी चौराहे से मारवाड़ हॉस्पिटल तक बने नाले का उठाया जिसमें बताया कि नाले की नियमित सफाई नहीं होने गंदगी फैलती है।
*न्याय आपके द्वार में प्रकरण* राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के न्याय आपके द्वार अभियान के तहत मामला आने से इस मामले के लिए न्याय रक्षक अधिवक्ता की नियुक्ति की गई। नगरपरिषद को नोटिस भेजे गए लेकिन पर्याप्त तामिल होने के बावजूद नगरपरिषद की ओर से कोई उपस्थित नहीं हुआ, ऐसी स्थिति में अदालत ने उनकी गैर हाजरी दर्ज करते हुए उनके विरुद्ध निर्णय पारित किया। अदालत में प्रार्थी रामकुंवार चौधरी की ओर से न्याय रक्षक अधिवक्ता चन्द्र प्रकाश सोनी ने पैरवी की। *दस दिन में करें समस्या का निस्तारण* सुनवाई के बाद स्थाई लोक अदालत के अध्यक्ष सुशील कुमार शर्मा, सदस्य विमलेश व्यास व बलवीर खुड़खुड़िया ने निर्णय देते हुए विपक्षी नगरपरिषद को आदेश दिया कि नगरपरिषद इस आदेश की प्राप्ति के दस दिन के अंदर बासनी चौराहे से शीतला माता मंदिर तक की स्ट्रीट लाइटों को दुरूस्त करवाएं अथवा नई लाइटें लगवाएं। इसके साथ यह भी आदेश दिया कि नगरपरिषद बासनी चौराहे से मारवाड़ हॉस्पिटल तक के नाले की नियमित साफ सफाई करवाया जाना सुनिश्चित करें। *अवमानना भी हो सकती* न्याय रक्षक अधिवक्ता चन्द्र प्रकाश सोनी ने बताया कि इस प्रकरण में नगरपरिषद गैर हाजिर रही है। आदेश के अनुसार हम इस आदेश की प्रमाणित प्रति प्राप्त कर दस्ती नगरपरिषद, नागौर को देंगे और दस्ती प्राप्ति के दस दिन में नगरपरिषद को इस आदेश की पालना करनी होगी। यदि नगरपरिषद निर्धारित अवधि में अदालत के आदेश की पालना करने में विफल रहती है तो प्रार्थी, नगरपरिषद के विरुद्ध अवमानना की कार्रवाई करने को स्वतंत्र है। *स्थायी लोक अदालत बेहतरीन मंच-खुड़खुड़िया* सदस्य बलवीर खुड़खुड़िया ने बताया कि नागौर जिले में जन उपयोगी सेवाओं से जुड़ी शिकायतों/समस्याओं/परिवादों के निस्तारण के लिए स्थायी लोक अदालत, मेड़ता बेहतरीन न्यायिक मंच है, जहां वायु, सडक या जल द्वारा यात्रियों या माल के परिवहन, डाक, टेलीग्राफ या टेलीफोन, बिजली, रोशनी या पानी आपूर्ति, लोक स्वच्छता या स्वास्थ्य रक्षा, अस्पताल या डिस्पेंसरी,
बीमा सेवा, बैंक और वित्तीय संस्था, आवासीय, लिक्वीफाइड पेट्रोलियम गैस, शैक्षिक या शैक्षणिक तथा आवास व भू सम्पदा सेवाओं से सम्बन्धित शिकायतें/समस्याएं/परिवाद दर्ज करवाए जा सकते हैं तथा अदालत से इनका कानून/नियमों के अनुसार त्वरित निस्तारण करवाया जा सकता है।

