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पञ्चाङ्ग 5 मई 2026

 *🗓*आज का पञ्चाङ्ग*🗓*

jyotis


*🎈दिनांक 5 मई 2026*
*🎈 वार-  मंगलवार *
*🎈 मास -  ज्येष्ठ मास*
*🎈 पक्ष - कृष्ण पक्ष*
*🎈 विक्रम संवत् - 2083*
*🎈 संवत्सर    पराभव*
*🎈संवत्सर (उत्तर)-    रौद्र*
*🎈 अयन - दक्षिणायण*
*🎈 ऋतु - शिशिर*
*🎈तिथि    -    चतुर्थी    अहोरात्र तत्पश्चात्*चतुर्थी    07:50:46 पंचमी*
*🎈 नक्षत्र - ज्येष्ठा    12:53:54*
 तक  तत्पश्चात्     मूल* 
*🎈योग    -         शिव    24:15:35* तक तत्पश्चात्     सिद्ध*
*🎈करण    -         बव    18:37:14 तक तत्पश्चात् बालव*
*🎈राहुकाल -03:51pm से 05:30 pm (नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*हर जगह का अलग होगा
(राहुकाल वह समय होता है जिसमे किसी भी नये अथवा शुभ कार्य प्रारम्भ करने से बचना चाहिए।)
*🎈चन्द्र राशि-     वृश्चिक    till 12:53:54
*🎈चन्द्र राशि-    धनु*
*🎈सूर्य राशि     - *मेष*
*🎈 सूर्योदय -   05:54:42*
*🎈 सूर्यास्त -        19:09:06* 
*(सूर्योदय एवं सूर्यास्त ,नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*
*🎈दिशा शूल- उत्तर दिशा में*
( किसी भी विशेष कार्य हेतु दिशा शूल वाली दिशा में जाने से बचना चाहिए, यद्यपि यदि उसी दिन जाकर उसी दिन लौटना हैं, अथवा व्यवसाय के दृष्टिकोण से प्रतिदिन जाना ही पड़ता है तो प्रभाव कम हो जाएगा, फिर इस पर विचार करने की आवश्यकता नही है, यदि  किसी कारण वश दिशा शूल में जाना ही पड़े तो सूर्योदय से पूर्व निकलना  श्रेयस्कर होता है, अन्यथा एक  दिन पूर्व प्रस्थान रखकर भी निकला जा सकता हैं।)
*🎈ब्रह्ममुहूर्त - 04:28 ए एम से 05:11 ए एम*
*🎈अभिजित मुहूर्त-  12:05 पी एम से 12:59 पी एम*
*🎈 निशिता मुहूर्त - 12:10 ए एम, मई 06 से 12:53 ए एम, मई 06*

 *🎈 व्रत एवं पर्व विवरण चतुर्थी व्रत आज होगा (मासिक व्रत )
*🎈विशेष - विशेष - चतुर्थी के पवित्र अवसर पर सात्विकता बनाए रखने के लिए मांसाहार, शराब, प्याज, लहसुन और अन्य तामसिक भोजन का सेवन न करें। इस दिन शुद्धता का विशेष महत्व है, इसलिए घर में बना सादा और शुद्ध भोजन ही करें। इसके साथ ही, अंधेरे में न रहने और क्रोध/कलह से बचने की भी सलाह दी जाती है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: 27.29-34)*
*🎈विशेष:- जेष्ठ मास महात्म्य *
 👉 जय माँ आदिशक्ति सच्चियाय 🪔 
🎉विक्रम सम्वत 2083 का मन्त्री मण्डल🛟
💥राजा    गुरु👑 - शासन व्यवस्था के स्वामी    💥सेनाधिपति    चन्द्र⚔️ - रक्षा मन्त्री एवं सेनानायक
💥मन्त्री    मंगल⚜️ - नीतियों एवं प्रशासन के स्वामी    धान्याधिपति    बुध🌻 - रबी की फसलों के स्वामी
💥सस्याधिपति    गुरु🌾 - खरीफ की फसलों के स्वामी    मेघाधिपति    चन्द्र🌧 - मेघ एवं वर्षा के स्वामी
💥धनाधिपति    गुरु💰 - धन एवं कोष के स्वामी    नीरसाधिपति    गुरु🪙 - धातु, खनिज आदि के स्वामी
💥रसाधिपति    शनि🍯 - रस एवं द्रव पदार्थों के स्वामी    फलाधिपति    चन्द्र🍎 - फल-पुष्पादि के स्वामी
kundli


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        🛟 नागौर, राजस्थान, (भारत)    
         मानक सूर्योदय के अनुसार।*🛟
         *🛟चोघडिया, दिन का🛟*
day




           🛟चोघडिया, रात्🛟*
night


 
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     🚩*श्रीगणेशाय नमोनित्यं*🚩
    🚩*☀जय मां सच्चियाय* 🚩 
  #🌕 👉 👉🦚❤️💐 🌼🪔🏓🎊
         💕🛟प्रात: विशेष🕉️🌺

👣🕉️ 🌹🌹 🌹🌹।। 🔶🔶🌹🌹 🌹
  

🔱🌹ग्रहों की दृष्टि का #कारण....... 🌹 

 1- सूर्य और चंद्रमा राजा रानी है, बुध और शुक्र राज्य मंत्री हैं यह कामासक्त होते हैं अतः इनके दृष्टि सदैव सप्तम स्थान पर रहती है।
2- मंगल सेनापति होता है अतः राजा को सुख देने हेतु चतुर्थ स्थान पर, स्त्री को सुख देने हेतु सप्तम स्थान पर और मृत्यु के भय से बचाने हेतु अष्टम मृत्यु स्थान पर सदैव दृष्टि रखना यह सेनापति का कर्तव्य है ,इसी हेतु इस ग्रह की दृष्टि चतुर्थ ,सप्तम ,और अष्टम स्थान पर रहती है
3- गुरु विद्या,संसार सुख, और धर्म का दाता ग्रह कहलाता है अतः विद्या देना, सांसारिक सुख देना और धर्म की रक्षा करना गुरु का परम कर्तव्य है अतः इस ग्रह की दृष्टि पंचम स्थान, सप्तम स्थान और नवम स्थान अर्थात तंत्र विद्या सांसारिक और धर्म स्थान पर सदैव होती है।
4- शनि ,सेवक ग्रह कहलाता है, इस ग्रह की दृष्टि तीसरे पराक्रम भाव,सप्तम स्त्री और सांसारिक सुख और दशम राज्य की सेवा करना इसका प्रमुख कर्तव्य है अतः इनकी दृष्टि इन भावों पर सदा रहती है।
         🙇 #जयश्रीसीताराम 🙇
🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹।      💥“ज्ञान ही सच्ची संपत्ति है।
      बाकी सब क्षणभंगुर है।”💥
     🌼 ।। जय श्री कृष्ण ।।🌼
       💥।। शुभम् भवतु।।💥
♨️  ⚜️ 🕉🌞  🌞🕉 ⚜🚩*♥️~💕

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🔱🇪🇬जय श्री महाकाल सरकार 🔱🇪🇬 मोर मुकुट बंशीवाले  सेठ की जय हो 🪷*
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*♥️~यह पंचांग नागौर (राजस्थान) सूर्योदय के अनुसार है।*
*♥️~अपने घर, ऑफिस, और फैक्ट्री वास्तु के साथ सफल बनाये। जन्मकुंडली, प्रश्नन कुंडली, अंककुंडली, रत्न, जड़, एवं रुद्राक्ष आदि के लिये सम्पर्क करे।*
‼️अस्वीकरण(Disclaimer)पंचांग, धर्म, ज्योतिष, त्यौहार की जानकारी शास्त्रों से ली गई है।*
🙏हमारा उद्देश्य मात्र आपको  केवल जानकारी देना है। इस संदर्भ में हम किसी प्रकार का कोई दावा नहीं करते हैं।*
💥*राशि रत्न,वास्तु आदि विषयों पर प्रकाशित सामग्री केवल आपकी जानकारी के लिए हैं अतः संबंधित कोई भी कार्य या प्रयोग करने से पहले किसी अच्छी जानकारी वाले ज्योतिषी से संपर्क करे।
*♥️ रमल ज्योतिर्विद आचार्य दिनेश "प्रेमजी", नागौर (राज,)* 
*।।आपका आज का दिन शुभ मंगलमय हो।।* 
🕉️📿🔥🌞🚩🔱ॐ  🇪🇬🔱🔥🔱
vipul

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