*🗓*आज का पञ्चाङ्ग*🗓*
*🎈दिनांक 20 जून 2026*
*🎈 वार- शनिवार*
*🎈 मास - ज्येष्ठ मास*
*🎈 पक्ष - शुक्ल पक्ष*
*🎈 विक्रम संवत् - 2083*
*🎈 संवत्सर पराभव*
*🎈संवत्सर (उत्तर)- रौद्र*
*🎈 अयन - उत्तरायण*
*🎈 ऋतु - शिशिर*
*🎈तिथि - षष्ठी 15:46:07*
*तत्पश्चात सप्तमी*
*🎈 नक्षत्र - मघा 09:24:55 तक* तत्पश्चात् पूर्वाफाल्गुनि*
*🎈योग - वज्र 12:47:23* तक तत्पश्चात् सिद्वि *
*🎈करण- तैतुल 15:46:07* तक तत्पश्चात् तैतुल 15:46:07*
*🎈राहुकाल -09:09am से 10:53 pm (नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*हर जगह का अलग होगा
(राहुकाल वह समय होता है जिसमे किसी भी नये अथवा शुभ कार्य प्रारम्भ करने से बचना चाहिए।)
*🎈चन्द्र राशि- सिंह *
*🎈सूर्य राशि- मिथुन*
*🎈 सूर्योदय - 05:42:13
*🎈 सूर्यास्त - 19:31:02*
*(सूर्योदय एवं सूर्यास्त ,नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*
*🎈दिशा शूल- पूर्व दिशा में*
( किसी भी विशेष कार्य हेतु दिशा शूल वाली दिशा में जाने से बचना चाहिए, यद्यपि यदि उसी दिन जाकर उसी दिन लौटना हैं, अथवा व्यवसाय के दृष्टिकोण से प्रतिदिन जाना ही पड़ता है तो प्रभाव कम हो जाएगा, फिर इस पर विचार करने की आवश्यकता नही है, यदि किसी कारण वश दिशा शूल में जाना ही पड़े तो सूर्योदय से पूर्व निकलना श्रेयस्कर होता है, अन्यथा एक दिन पूर्व प्रस्थान रखकर भी निकला जा सकता हैं।)
*🎈ब्रह्ममुहूर्त - 04:20 ए एम से 05:00 ए एम*
*🎈अभिजित मुहूर्त- 12:09 पी एम से 01:04 पी एम*
*🎈 निशिता मुहूर्त - 12:16 ए एम, जून 21 से 12:57 ए एम, जून 21*
*🎈 अमृत काल- 07:06 ए एम से 08:39 ए एम*
*🎈 रवि योग -05:41 ए एम से 09:25 ए एम*
*🎈 व्रत एवं पर्व विवरण. ब्रह्मवैवर्त पुराण के अनुसार पंचमी तिथि का विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व है, जिसके तहत इस तिथि के लिए कुछ नियम और वर्जनाएं बताई गई हैं।1. आहार से संबंधित नियम (बेल का सेवन)क्या न करें: पुराण के अनुसार, पंचमी तिथि को बेल का फल (Bael fruit) नहीं खाना चाहिए।क्या मान्यता है: इस दिन बेल खाने से व्यक्ति को कलंक लगता है।
*🎈विशेष - पंचमी व्रत विधान
*🎈विशेष:- जेष्ठ मास महात्म्य *
👉 जय माँ आदिशक्ति सच्चियाय 🪔
🎉विक्रम सम्वत 2083 का मन्त्री मण्डल🛟
💥राजा गुरु👑 - शासन व्यवस्था के स्वामी 💢सेनाधिपति चन्द्र⚔️ - रक्षा मन्त्री एवं सेनानायक
💢मन्त्री मंगल⚜️ - नीतियों एवं प्रशासन के 💢स्वामी धान्याधिपति बुध🌻 - रबी की फसलों के स्वामी
💢सस्याधिपति गुरु🌾 - खरीफ की फसलों के स्वामी
🛟मेघाधिपति चन्द्र🌧 - मेघ एवं वर्षा के स्वामी
💢धनाधिपति गुरु💰 - धन एवं कोष के स्वामी नीरसाधिपति
💢गुरु🪙 - धातु, खनिज आदि के स्वामी
🛟रसाधिपति शनि🍯 - रस एवं द्रव पदार्थों के स्वामी फलाधिपति
चन्द्र🍎 - फल-पुष्पादि के स्वामी
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🛟 नागौर, राजस्थान, (भारत)
मानक सूर्योदय के अनुसार।*🛟
*🛟चोघडिया, दिन का🛟*
🛟चोघडिया, रात्🛟*
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🚩*श्रीगणेशाय नमोनित्यं*🚩
🚩*☀जय मां सच्चियाय* 🚩
#🌕 👉 👉🦚❤️💐 🌼🪔🏓🎊
💕🛟प्रात: विशेष🕉️🌺
👣🕉️ 🌹🌹 🌹🌹।। 🔶🔶🌹🌹 🌹
➡️ *।। ॐ श्री गणेशाय नमः ।।
🌺🌷🏓.#👉*यदि किसी व्यक्ति को कोई ऐसे रोग हो जो उपचार के बाद भी ठीक नही हो रहे हो,या ऐसे रोग जो समझ ही नही आ रहे हो उनलोगो के लिये ये पोस्ट बहुत महत्वपूर्ण होगी,
कृपया ध्यान से पढ़े......👇🏼👇🏼
#आरेक्षिते_यदि_विलग्न_गृहेअरीनाथे।
#माने$थवासततनुगे कृत्माभिचारम ।
#लग्नाधिपेन_सहिते_वनिजे_विलग्ने ।
#केन्द्रेअथवा_रिपुगतौ_तनुगे_तथा_स्यात ।।
♦️लग्न को मंगल देखता हो,षष्ठम का स्वामी 1,7,10,में हो तो होने बाले रोग
तन्त्र ,मन्त्र, या अभिचार , टोने टोटके,द्वारा होते हैं।
लग्नेश व मंगल साथ केन्द्र या लग्न में हो साथ ही षष्ठम का स्वामी केन्द्र या लग्न मे हो तो भी तान्त्रिक क्रिया द्वारा ही रोग होते हैं।।
#निर्जरदर्शनेन_जनितं_रोगं_सुखस्थानगे ।
#माने_लग्नगते_अथवामरगुरौ_केन्द्रे_समन्दात्मजे।
#मंदेस्ते_चर_लग्नगे_यदि_शुभे_पापेक्षिते_शीतगौ ।
#भूतप्रेतपिशाच_दर्शनवशादरोगं_समेति_ध्रुवम ।।
♦️बृहस्पति 1, 4 ,10 में हो गुलिक केन्द्र में हो जन्म लग्न चर राशि हो लग्न में शुभ ग्रह हो सप्तम में शनि हो चन्द्र्मा पर ग्रह की दृष्टि हो तो👇🏼👇🏼
👽उक्त योगों में भूत,प्रेत पिशाच👽
या शत्रुओं द्वारा अभिचार तन्त्र क्रिया से रोग होते हैं,,,
#चरे_विलग्ने_रिपुनाथदृष्टे ।
#कुजे_च_लाभे_स्थिरगे_च_धर्मे ।
#द्वंदेअस्तराशौ_प्रवदेन्नराणा_रोगं_रिपुणां_कृतमाभिचारम
♦️1लग्न को षष्ठमेश देखता हो चर लग्न हो तथा एकादश में मंगल हो
♦️स्थिर लग्न को षष्ठमेश देखे,एवं साथ ही नवम में मंगल हो
♦️द्विस्वभाव राशि लग्न में हो साथ ही लग्न पर षष्ठम के स्वामी की दृष्टि हो एवं मंगल यदि सप्तम में हो तो शत्रु द्वारा किये गये तन्त्र,मन्त्रोंके प्रयोग से असाध्य एवं गम्भीर रोग होते हैं,,,
#विशेष–यदि किसी भी व्यक्ति के साथ ईस प्रकार की समस्या हो जिनका अनेको बार उपाय या उपचार करवाने के बाद भी रोग या समस्या नही जाती हो तो,
आपको चाहिये किसी योग्य ज्योतिष के पास जाकर जन्म कुंडली में उपरोक्त योग की का परिक्षण करवायें।।
🙇#जयश्रीसीताराम🙇
🛟17 जून से 19 जून के बीच कर्क राशि (जहाँ गुरु उच्च के हैं और चंद्र स्वराशि में हैं) में गुरु, चंद्र और शुक्र की युति से अत्यंत शुभ गजकेसरी और गजलक्ष्मी राजयोग बन रहे है 🛟।
यह दुर्लभ संयोग सभी 12 राशियों के लिए धन, ज्ञान और भौतिक सुखों में वृद्धि लायेगा।
इन तीन दिनों के गोचर का आपकी राशि पर क्या प्रभाव पड़ेगा,
जाने यहां।
🛟मेष राशि (Aries)सुख-सुविधाओं में वृद्धि होगी। माता का सहयोग मिलेगा, प्रॉपर्टी या वाहन से जुड़े लाभ के योग हैं। पारिवारिक माहौल खुशहाल रहेगा।
🛟2. वृषभ राशि (Taurus)पराक्रम और साहस में वृद्धि होगी। कार्यक्षेत्र में आपकी तारीफ होगी। छोटे भाई-बहनों का सहयोग मिलेगा और यात्रा के योग बन सकते हैं।
🛟3. मिथुन राशि (Gemini)आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। रुका हुआ धन वापस मिल सकता है। वाणी में मधुरता रहेगी, जिससे कार्यक्षेत्र और परिवार में मान-सम्मान बढ़ेगा।
🛟4. कर्क राशि (Cancer)आपकी ही राशि में यह योग बनने से आपको सबसे अधिक लाभ मिलेगा। आत्मविश्वास बढ़ेगा, कार्यक्षेत्र में प्रमोशन या नया अवसर मिल सकता है। व्यक्तित्व में निखार आएगा।
🛟5. सिंह राशि (Leo)खर्चों में वृद्धि हो सकती है, लेकिन विदेश या दूर-स्थान से जुड़े कार्यों में सफलता मिलेगी। कोर्ट-कचहरी के मामलों में राहत मिलने की उम्मीद है।
🛟6. कन्या राशि (Virgo)आय के नए स्रोत खुलेंगे। समाज में प्रतिष्ठा बढ़ेगी और बड़े लोगों से संपर्क होगा। मनोकामनाएं पूरी होंगी और निवेश से लाभ होगा।
🛟7. तुला राशि (Libra)करियर के लिए यह समय शानदार है। नौकरीपेशा लोगों को पदोन्नति या नई जिम्मेदारी मिल सकती है। व्यापार में अच्छे लाभ की स्थिति बनेगी।
🛟8. वृश्चिक राशि (Scorpio)भाग्य का पूरा साथ मिलेगा। धर्म-कर्म के कार्यों में रुचि बढ़ेगी। उच्च शिक्षा के क्षेत्र से जुड़े छात्रों के लिए समय बहुत अनुकूल है।
🛟9. धनु राशि (Sagittarius)अचानक धन लाभ होने की प्रबल संभावना है। पैतृक संपत्ति से लाभ हो सकता है। सेहत का थोड़ा ध्यान रखने की आवश्यकता है।
🛟10. मकर राशि (Capricorn)वैवाहिक जीवन में मधुरता आएगी। साझेदारी (पार्टनरशिप) के व्यापार में बड़ा लाभ मिल सकता है। व्यापारिक यात्राएं सफल रहेंगी।
🛟11. Kumbha (Aquarius)कर्ज से मुक्ति मिल सकती है। शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी। नौकरी में सहकर्मियों का सहयोग मिलेगा। खानपान का विशेष ध्यान रखें।
🛟12. मीन राशि (Pisces)छात्रों के लिए समय बहुत शुभ है। संतान पक्ष से कोई अच्छी खबर मिल सकती है। प्रेम संबंधों में प्रगाढ़ता आएगी और रचनात्मक कार्यों से लाभ होगा।
जय श्री कृष्ण 🙏
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" नव ग्रहणां अधीनस्थ जीवनम् "
🛟॥ श्री हरिः ॐ ॥☀️
🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏
🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹। 💥“ज्ञान ही सच्ची संपत्ति है।
बाकी सब क्षणभंगुर है।”💥
🌼 ।। जय श्री कृष्ण ।।🌼
💥।। शुभम् भवतु।।💥
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🔱🇪🇬जय श्री महाकाल सरकार 🔱🇪🇬 मोर मुकुट बंशीवाले सेठ की जय हो 🪷*
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*♥️~यह पंचांग नागौर (राजस्थान) सूर्योदय के अनुसार है।*
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‼️अस्वीकरण(Disclaimer)पंचांग, धर्म, ज्योतिष, त्यौहार की जानकारी शास्त्रों से ली गई है।*
🙏हमारा उद्देश्य मात्र आपको केवल जानकारी देना है। इस संदर्भ में हम किसी प्रकार का कोई दावा नहीं करते हैं।*
💥*राशि रत्न,वास्तु आदि विषयों पर प्रकाशित सामग्री केवल आपकी जानकारी के लिए हैं अतः संबंधित कोई भी कार्य या प्रयोग करने से पहले किसी अच्छी जानकारी वाले ज्योतिषी से संपर्क करे।
*♥️ रमल ज्योतिर्विद आचार्य दिनेश "प्रेमजी", नागौर (राज,)*
*।।आपका आज का दिन शुभ मंगलमय हो।।*
🕉️📿🔥🌞🚩🔱ॐ 🇪🇬🔱🔥🔱🌿





