*"मृत्यु के बाद भी जीवन: नागौर के अभय कुमार कांकरिया ने किया संपूर्ण देहदान"*
*"देहदान महादान: भामाशाह अभय कुमार कांकरिया ने अहमदाबाद में भरा संकल्प पत्र"*
*"मर कर भी अमर: नागौर के अभय कुमार कांकरिया ने मेडिकल छात्रों के लिए दान की देह"*
*"8-10 डॉक्टर बनाएगी एक देह: अभय कुमार कांकरिया का प्रेरणादायी देहदान"*
*"मिट्टी में मिलना नहीं, ज्ञान बनना है: नागौर के भामाशाह ने चुना देहदान का मार्ग"*
नागौर। महावीर इंटरनेशनल नागौर रोग निदान केंद्र के प्रमुख एवं भामाशाह अभय कुमार कांकरिया ने अपने संपूर्ण शरीर दान करने की घोषणा की है। उन्होंने कल अहमदाबाद में लिखित घोषणा पत्र भरा।
अभय कुमार कांकरिया ने कहा कि मृत्यु के बाद भी जीवन दिया जा सकता है और उसका सबसे सुंदर तरीका देहदान है। हमारी एक देह से 8 से 10 मेडिकल छात्र शरीर रचना सीखते हैं। कल वही डॉक्टर बनकर सैकड़ों जानें बचाएंगे। देहदान का मतलब है मरने के बाद भी किसी की धड़कन बन जाना।
उन्होंने कहा कि जब हम आंखें, त्वचा, अंग दान कर सकते हैं तो पूरी देह देकर शिक्षा और शोध को आगे क्यों न बढ़ाएं। देहदान से एमबीएस छात्रों को असली शरीर पर प्रैक्टिस मिलती है। किताब से ज्यादा शरीर सिखाता है। नई सर्जरी और रिसर्च में डॉक्टर नई तकनीक सीखते हैं।
अभय कुमार ने समाज से अपील की कि आइए संकल्प लें कि मिट्टी में मिलकर भी हम समाज और चिकित्सा विज्ञान के काम आएंगे। देहदान महादान है। मरकर भी अमर होना है तो देहदान करें।
इस पुण्य कार्य पर संस्था के आजीवन सदस्य सुरेश राठी प्रबंधक एमडीएच नागौर, अध्यक्ष विमलचंद नाहटा, पूर्व अध्यक्ष गौतमचंद कोठारी, नरेंद्र संखलेचा, राष्ट्रीय निदेशक मीडिया अनिल कुमार बांठिया, सचिव प्रीतम ललवानी छीमू, नरेंद्र कुमार जैन, महेश चोरड़िया, राजेश रावल, सुभाष कोठारी, राखी जैन एवं मीडिया प्रभारी शिवशंकर व्यास ने आभार व्यक्त किया।
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