*🗓*आज का पञ्चाङ्ग*🗓*
*🎈दिनांक 28 जून 2026*
*🎈 वार- रविवार*
*🎈 मास - ज्येष्ठ मास*
*🎈 पक्ष - शुक्ल पक्ष*
*🎈 विक्रम संवत् - 2083*
*🎈 संवत्सर पराभव*
*🎈संवत्सर (उत्तर)- रौद्र*
*🎈 अयन - उत्तरायण*
*🎈 ऋतु - शिशिर*
*🎈तिथि - चतुर्दशी 27:05:45*
*तत्पश्चात वट पूर्णिमा*
*🎈 नक्षत्र - ज्येष्ठा 25:07:49 तक* तत्पश्चात् मूल*
*🎈योग - शुभ 13:28:29* तक तत्पश्चात् शुक्ल*
*🎈करण- गर 13:54:22* तक तत्पश्चात् वणिज*
*🎈राहुकाल -09:11am से 10:55 pm (नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*हर जगह का अलग होगा
(राहुकाल वह समय होता है जिसमे किसी भी नये अथवा शुभ कार्य प्रारम्भ करने से बचना चाहिए।)*
*🎈चन्द्र राशि - वृश्चिक till 25:07:49*
*🎈चन्द्र राशि- धनु from 25:07:49*
*🎈सूर्य राशि- मिथुन*
*🎈 सूर्योदय - 05:44:14*
*🎈 सूर्यास्त - 19:32:17*
*(सूर्योदय एवं सूर्यास्त ,नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*
*🎈दिशा शूल- पश्चिम दिशा में*
( किसी भी विशेष कार्य हेतु दिशा शूल वाली दिशा में जाने से बचना चाहिए, यद्यपि यदि उसी दिन जाकर उसी दिन लौटना हैं, अथवा व्यवसाय के दृष्टिकोण से प्रतिदिन जाना ही पड़ता है तो प्रभाव कम हो जाएगा, फिर इस पर विचार करने की आवश्यकता नही है, यदि किसी कारण वश दिशा शूल में जाना ही पड़े तो सूर्योदय से पूर्व निकलना श्रेयस्कर होता है, अन्यथा एक दिन पूर्व प्रस्थान रखकर भी निकला जा सकता हैं।)*
*🎈ब्रह्ममुहूर्त - 04:22 ए एम से 05:02 ए एम*
*🎈अभिजित मुहूर्त* 12:11 पी एम से 01:06 पी एम*
*🎈 निशिता मुहूर्त - 12:18 ए एम, जून 29 से 12:59 ए एम, जून 29*
*🎈 अमृत काल - 10:31 ए एम से 12:19 पी एम*
*🎈रवि योग -03:15 पी एम से 05:03 पी एम *
*🎈 सर्वार्थ सिद्धि योग 01:08 ए एम, जून 29 से 05:43 ए एम, जून 29*
*🎈 व्रत एवं पर्व विवरण. ब्रह्मवैवर्त पुराण (ब्रह्म खंड) के अनुसार, चतुर्दशी तिथि के दिन बैंगन (Brinjal) खाना पूर्णतः वर्जित है. शास्त्रों में इस तिथि को बैंगन का सेवन करने का निषेध बताया गया है।
*🎈विशेष - चतुर्दशी व्रत*
*🎈विशेष:- जेष्ठ मास महात्म्य *
👉 जय माँ आदिशक्ति सच्चियाय 🪔
🎉विक्रम सम्वत 2083 का मन्त्री मण्डल🛟
💥राजा गुरु👑 - शासन व्यवस्था के स्वामी 💢सेनाधिपति चन्द्र⚔️ - रक्षा मन्त्री एवं सेनानायक
💢मन्त्री मंगल⚜️ - नीतियों एवं प्रशासन के 💢स्वामी धान्याधिपति बुध🌻 - रबी की फसलों के स्वामी
💢सस्याधिपति गुरु🌾 - खरीफ की फसलों के स्वामी
🛟मेघाधिपति चन्द्र🌧 - मेघ एवं वर्षा के स्वामी
💢धनाधिपति गुरु💰 - धन एवं कोष के स्वामी नीरसाधिपति
💢गुरु🪙 - धातु, खनिज आदि के स्वामी
🛟रसाधिपति शनि🍯 - रस एवं द्रव पदार्थों के स्वामी फलाधिपति
चन्द्र🍎 - फल-पुष्पादि के स्वामी
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🛟 नागौर, राजस्थान, (भारत)
मानक सूर्योदय के अनुसार।*🛟
*🛟चोघडिया, दिन का🛟*
🛟चोघडिया, रात्🛟*
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🚩*श्रीगणेशाय नमोनित्यं*🚩
🚩*☀जय मां सच्चियाय* 🚩
#🌕 👉 👉🦚❤️💐 🌼🪔🏓🎊
💕🛟प्रात: विशेष🕉️🌺
👣🕉️ 🌹🌹 🌹🌹।। 🔶🔶🌹🌹 🌹
➡️ *।। ॐ श्री गणेशाय नमः ।।
🌺🌷🏓।। जय श्री राम ।।
॥ 🌹🌹🌹🌹🟡 कर्ज मुक्ति का शास्त्रसिद्ध प्रयोग (पीला कद्दू)
आज के समय में कर्ज केवल धन का नहीं होता,
यह मानसिक दबाव, भय और रुकावटों का भी कारण बन जाता है।
यदि लगातार प्रयास के बाद भी कर्ज उतर नहीं रहा,
तो यह संकेत हो सकता है कि बृहस्पति और बुध का संतुलन बाधित है।
📿 शास्त्रों में एक अत्यंत सरल लेकिन प्रभावशाली उपाय बताया गया है — पीले कद्दू का दान।
🔸 क्या करें (विधि):
✔️ महीने में एक बार
✔️ शुक्ल पक्ष का बुधवार
✔️ एक पूरी तरह पका हुआ पीला कद्दू लें
✔️ उसे अपने सिर से 7 बार Anti-clockwise (उल्टी दिशा में) उतारें
✔️ बिना पीछे देखे
➡️ किसी धर्म स्थान (मंदिर / गुरुद्वारा) में दान कर दें
⚠️ दान करते समय मन में केवल इतना संकल्प रखें:
“मेरा कर्ज रूपी भार आज उतर रहा है।”
🔹 शास्त्रीय तर्क:
🟡 पीला कद्दू बृहस्पति (गुरु) का प्रतीक माना जाता है
🟢 सिर से वारना = मानसिक और आर्थिक भार का स्थानांतरण
🟢 बुधवार = बुध ग्रह, जो आय, व्यापार और समाधान का कारक है
➡️ जब बृहस्पति का भार दान से हल्का होता है
➡️ तब बुध नए Income Sources और Opportunities खोलता है
🌼 लाभ:
✨ कर्ज का दबाव धीरे-धीरे कम होता है
✨ आय के नए रास्ते बनते हैं
✨ मानसिक बोझ और भय घटता है
✨ निर्णय शक्ति मजबूत होती है
📌 यह उपाय सरल है, अहंकार रहित है और दान प्रधान है
इसलिए इसका प्रभाव भी सात्विक और स्थायी होता है।
🔔 विशेष सावधानी:
❌ कद्दू को कभी काटें नहीं
❌ घर में पकाकर न रखें
❌ दान के बाद पीछे मुड़कर न देखें
🙏 श्रद्धा रखें, दिखावा नहीं
उपाय तभी फलित होता है जब
नियत शुद्ध और मन शांत हो।
" तद् यद् रुदितात् समभवन् तस्माद् रुद्राः । "
🌹🌹🌹🌹🌹🌹
" नव ग्रहणां अधीनस्थ जीवनम् "
🛟॥ श्री हरिः ॐ ॥☀️
🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏
🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹। 💥“ज्ञान ही सच्ची संपत्ति है।
बाकी सब क्षणभंगुर है।”💥
🌼 ।। जय श्री कृष्ण ।।🌼
💥।। शुभम् भवतु।।💥
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🔱🇪🇬जय श्री महाकाल सरकार 🔱🇪🇬 मोर मुकुट बंशीवाले सेठ की जय हो 🪷*
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*♥️~यह पंचांग नागौर (राजस्थान) सूर्योदय के अनुसार है।*
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🙏हमारा उद्देश्य मात्र आपको केवल जानकारी देना है। इस संदर्भ में हम किसी प्रकार का कोई दावा नहीं करते हैं।*
💥*राशि रत्न,वास्तु आदि विषयों पर प्रकाशित सामग्री केवल आपकी जानकारी के लिए हैं अतः संबंधित कोई भी कार्य या प्रयोग करने से पहले किसी अच्छी जानकारी वाले ज्योतिषी से संपर्क करे।
*♥️ रमल ज्योतिर्विद आचार्य दिनेश "प्रेमजी", नागौर (राज,)*
*।।आपका आज का दिन शुभ मंगलमय हो।।*
🕉️📿🔥🌞🚩🔱ॐ 🇪🇬🔱🔥🔱🌿




