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आज का पञ्चाङ्ग

*🗓*आज का पञ्चाङ्ग*🗓*
jyotis

*🎈दिनांक 04 जुलाई 2026*
*🎈 वार- शनिवार*
*🎈 मास -  आषाढ़ मास*
*🎈 पक्ष -  कृष्ण पक्ष*
*🎈 विक्रम संवत् - 2083*

*🎈 संवत्सर    पराभव*

*🎈संवत्सर (उत्तर)-    रौद्र*
*🎈 अयन - उत्तरायण*
*🎈 ऋतु - शिशिर*
*🎈तिथि    -     चतुर्थी    12:39:17 pm 
*तत्पश्चात  चतुर्थी*
*🎈 नक्षत्र -         धनिष्ठा    13:42:49* तक* तत्पश्चात् घनिष्ठा*
*🎈योग    -     प्रीति    17:00:28* तक  , तत्पश्चात् प्रीति*
*🎈करण-        बालव    12:39:17* तक,
 तत्पश्चात् कौलव*
*🎈राहुकाल -09:13am   से 10:56am (नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*हर जगह का अलग होगा
(राहुकाल वह समय होता है जिसमे किसी भी नये अथवा शुभ कार्य प्रारम्भ करने से बचना चाहिए।)*
*🎈चन्द्र राशि    -  कुम्भ    *
*🎈सूर्य राशि-       मिथुन*
*🎈 सूर्योदय -   05:46:27*
*🎈 सूर्यास्त -        19:32:22* 
*(सूर्योदय एवं सूर्यास्त ,नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*

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*🎈दिशा शूल- पूर्व दिशा में*
( किसी भी विशेष कार्य हेतु दिशा शूल वाली दिशा में जाने से बचना चाहिए, यद्यपि यदि उसी दिन जाकर उसी दिन लौटना हैं, अथवा व्यवसाय के दृष्टिकोण से प्रतिदिन जाना ही पड़ता है तो प्रभाव कम हो जाएगा, फिर इस पर विचार करने की आवश्यकता नही है, यदि  किसी कारण वश दिशा शूल में जाना ही पड़े तो सूर्योदय से पूर्व निकलना  श्रेयस्कर होता है, अन्यथा एक  दिन पूर्व प्रस्थान रखकर भी निकला जा सकता हैं।)*
*🎈ब्रह्ममुहूर्त - 04:24 ए एम से 05:04 ए एम*
*🎈अभिजित मुहूर्त*- 12:12 पी एम से 01:07 पी एम*
*🎈 निशिता मुहूर्त - 12:19 ए एम, जुलाई 05 से 01:00 ए एम, जुलाई 05*

*🎈व्रत पर्व विवरण - चतुर्थी व्रत*
कृष्णपिङ्गल संकष्टी चतुर्थी, सर्वार्थसिद्धि योग (सुबह 05:45 से सुबह 11:46 तक)*
*🎈 विशेष - चतुर्थी को मूली खाने से धन का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: 27.29-34)*
*🎈विशेष:-  आषाढ़ मास महात्म्य *
 👉 जय माँ आदिशक्ति सच्चियाय 🪔 
🎉विक्रम सम्वत 2083 का मन्त्री मण्डल🛟
💥राजा    गुरु👑 - शासन व्यवस्था के स्वामी    💢सेनाधिपति    चन्द्र⚔️ - रक्षा मन्त्री एवं सेनानायक
💢मन्त्री    मंगल⚜️ - नीतियों एवं प्रशासन के 💢स्वामी    धान्याधिपति    बुध🌻 - रबी की फसलों के स्वामी
💢सस्याधिपति    गुरु🌾 - खरीफ की फसलों के स्वामी    
🛟मेघाधिपति    चन्द्र🌧 - मेघ एवं वर्षा के स्वामी
💢धनाधिपति    गुरु💰 - धन एवं कोष के स्वामी    नीरसाधिपति    
💢गुरु🪙 - धातु, खनिज आदि के स्वामी
🛟रसाधिपति    शनि🍯 - रस एवं द्रव पदार्थों के स्वामी    फलाधिपति    
चन्द्र🍎 - फल-पुष्पादि के स्वामी
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        🛟 नागौर, राजस्थान, (भारत)    
         मानक सूर्योदय के अनुसार।*🛟
         *🛟चोघडिया, दिन का🛟*
day




           🛟चोघडिया, रात्🛟*
night


 
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     🚩*श्रीगणेशाय नमोनित्यं*🚩
    🚩*☀जय मां सच्चियाय* 🚩 
  #🌕 👉 👉🦚❤️💐 🌼🪔🏓🎊
         💕🛟प्रात: विशेष🕉️🌺

👣🕉️ 🌹🌹 🌹🌹।। 🔶🔶🌹🌹 🌹
       ➡️ *।। ॐ श्री गणेशाय नमः ।।
    🌺🌷🏓।। अंक शास्त्र पर विचार🎉

🛟अंक ज्योतिष (Numerology) एक अत्यंत प्राचीन और गूढ़ विज्ञान है, जो अंकों के कंपन (Vibrations) और मानव जीवन पर उनके प्रभाव का अध्ययन करता है। भारतीय और पश्चिमी दोनों ही परंपराओं में अंकों को केवल गणना का साधन नहीं, बल्कि ब्रह्मांडीय ऊर्जा का संवाहक माना गया है।

🛟अंक शास्त्र पर गहराई से विचार करने के लिए इसे निम्नलिखित मुख्य बिंदुओं के अंतर्गत समझा जा सकता है:

🛟1. मुख्य अंक और उनका महत्व
अंक शास्त्र में मुख्य रूप से तीन प्रकार के अंकों का विश्लेषण सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है:

🛟मूलांक (Radix/Psychic Number): यह आपकी जन्म तिथि (Date of Birth) के अंकों का योग होता है। उदाहरण के लिए, यदि किसी का जन्म 15 तारीख को हुआ है, तो उसका मूलांक 1+5=6 होगा। मूलांक व्यक्ति के स्वभाव, आंतरिक इच्छाओं, खूबियों और कमियों को दर्शाता है।

🛟भाग्यांक (Destiny/Life Path Number): यह आपकी पूरी जन्म तिथि (तिथि + माह + वर्ष) का कुल योग होता है। यह व्यक्ति के जीवन के उद्देश्य, भविष्य की दिशा और भाग्य को प्रकट करता है।

🛟नामांक (Name Number): यह व्यक्ति के नाम के अक्षरों को दिए गए अंकों के योग से निकलता है। नामांक का संतुलन जीवन में सफलता और सामंजस्य लाने में बड़ी भूमिका निभाता है।
🛟 2. ग्रहों से संबंध (Planetary Connectivity)
अंक शास्त्र का ज्योतिष (Astrology) से सीधा और गहरा संबंध है। 1 से 9 तक के प्रत्येक अंक का प्रतिनिधित्व एक विशिष्ट ग्रह करता है:

🛟अंक    प्रतिनिधित्व करने वाला ग्रह    मुख्य गुण / स्वभाव
1    सूर्य (Sun)    नेतृत्व, नेतृत्व क्षमता, स्वाभिमान, नई शुरुआत
2    चंद्र (Moon)    संवेदनशीलता, रचनात्मकता, मानसिक शांति, सहकारिता
3    गुरु (Jupiter)    ज्ञान, विस्तार, महत्वाकांक्षा, शिक्षा, बुद्धिमत्ता
4    राहु (Rahu)    अचानक बदलाव, तकनीकी सोच, संघर्ष, लीक से हटकर सोचना
5    बुध (Mercury)    व्यापार, संचार (Communication), चपलता, संतुलन
6    शुक्र (Venus)    विलासिता, सौंदर्य, प्रेम, पारिवारिक जीवन, कला
7    केतु (Ketu)    आध्यात्मिकता, अनुसंधान (Research), एकांत, गूढ़ रहस्य
8    शनि (Saturn)    कर्म, न्याय, कड़ा परिश्रम, वित्तीय प्रबंधन, विलंब
9    मंगल (Mars)ऊर्जा, साहस, पराक्रम, थोड़ा आक्रामक स्वभाव
 3. व्यावहारिक जीवन में अंकों का अनुप्रयोग
अंक शास्त्र केवल भविष्य जानने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह दैनिक जीवन को सुगम और सफल बनाने का एक व्यावहारिक टूल (Tool) है:

🛟मोबाइल नंबर चयन: वर्तमान युग में मोबाइल नंबर हमारे आभासी अस्तित्व का हिस्सा है। इसके अंकों का कुल योग और उसमें अंकों की पुनरावृत्ति (Repetition) व्यक्ति के व्यापार और सामाजिक जीवन को प्रभावित करती है।

🛟हस्ताक्षर और नाम सुधार (Name Correction): यदि नामांक, मूलांक या भाग्यांक के साथ शत्रुता रखता है, तो नाम की स्पेलिंग में थोड़ा बदलाव करके उसे मित्र अंक पर लाया जाता है, जिससे अवरोध दूर होते हैं।

🛟महत्वपूर्ण तिथियों का चयन: नए व्यापार की शुरुआत, गृह प्रवेश या विवाह जैसे शुभ कार्यों के लिए अनुकूल अंकों वाली तिथियों का चयन करना सफलता की संभावना को बढ़ाता है।
 4. दार्शनिक और आध्यात्मिक दृष्टिकोण
"अंक ब्रह्मांड की भाषा हैं।"

🛟वैदिक दृष्टिकोण से देखें तो अंक शास्त्र (अंक विद्या) हमारे संचित कर्मों और ऊर्जा के पैटर्न को डिकोड करने की एक चाबी है। यह हमें यह समझने में मदद करता है कि कब हमें ऊर्जा का सही सहयोग मिलेगा और कब हमें अधिक धैर्य और परिश्रम (जैसे अंक 8 या 4 के प्रभाव में) की आवश्यकता होगी।

🛟यह विज्ञान हमें खुद को बेहतर तरीके से जानने, अपनी अंतर्निहित क्षमताओं को पहचानने और जीवन के उतार-चढ़ाव के प्रति एक संतुलित दृष्टिकोण विकसित करने की प्रेरणा देता है।
💕"तद् यद् रुदितात् समभवन् तस्माद् रुद्राः "
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" नव ग्रहणां अधीनस्थ जीवनम् "

         🛟॥ श्री हरिः ॐ ॥☀️

    
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🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹।      💥“ज्ञान ही सच्ची संपत्ति है।
      बाकी सब क्षणभंगुर है।”💥
     🌼 ।। जय श्री कृष्ण ।।🌼
       💥।। शुभम् भवतु।।💥
♨️  ⚜️ 🕉🌞  🌞🕉 ⚜🚩*♥️~💕

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🔱🇪🇬जय श्री महाकाल सरकार 🔱🇪🇬 मोर मुकुट बंशीवाले  सेठ की जय हो 🪷*
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*♥️~यह पंचांग नागौर (राजस्थान) सूर्योदय के अनुसार है।*
*♥️~अपने घर, ऑफिस, और फैक्ट्री वास्तु के साथ सफल बनाये। जन्मकुंडली, प्रश्नन कुंडली, अंककुंडली, रत्न, जड़, एवं रुद्राक्ष आदि के लिये सम्पर्क करे।*
‼️अस्वीकरण(Disclaimer)पंचांग, धर्म, ज्योतिष, त्यौहार की जानकारी शास्त्रों से ली गई है।*
🙏हमारा उद्देश्य मात्र आपको  केवल जानकारी देना है। इस संदर्भ में हम किसी प्रकार का कोई दावा नहीं करते हैं।*
💥*राशि रत्न,वास्तु आदि विषयों पर प्रकाशित सामग्री केवल आपकी जानकारी के लिए हैं अतः संबंधित कोई भी कार्य या प्रयोग करने से पहले किसी अच्छी जानकारी वाले ज्योतिषी से संपर्क करे।
*♥️ रमल ज्योतिर्विद आचार्य दिनेश "प्रेमजी", नागौर (राज,)* 
*।।आपका आज का दिन शुभ मंगलमय हो।।* 

🕉️📿🔥🌞🚩🔱ॐ  🇪🇬🔱🔥🔱🌿 
vipul

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