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आज का पञ्चाङ्ग

 *🗓*आज का पञ्चाङ्ग*🗓*

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*🎈दिनांक 01 जुलाई 2026*
*🎈 वार- बुधवार*
*🎈 मास -  आषाढ़ मास*
*🎈 पक्ष -  कृष्ण पक्ष*
*🎈 विक्रम संवत् - 2083*
*🎈 संवत्सर    पराभव*
*🎈संवत्सर (उत्तर)-    रौद्र*
*🎈 अयन - उत्तरायण*
*🎈 ऋतु - शिशिर*
*🎈तिथि    -     प्रतिपदा- 07:37:32 am 
*तत्पश्चात  द्वितीया*
*🎈 नक्षत्र -         पूर्वाषाढा    06:50:24* तक* तत्पश्चात्      उत्तराषाढा*
*🎈योग    -         ऐन्द्र    16:03:20* तक तत्पश्चात् वैधृति*
*🎈करण-        कौलव    07:37:32* तक तत्पश्चात् तैतुल*
*🎈राहुकाल -12:39pm  से 02:22 pm (नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*हर जगह का अलग होगा
(राहुकाल वह समय होता है जिसमे किसी भी नये अथवा शुभ कार्य प्रारम्भ करने से बचना चाहिए।)*
*🎈चन्द्र राशि-      धनु*till 13:30:40
*🎈चन्द्र राशि    -   मकर    from 13:30:40*
*🎈सूर्य राशि-       मिथुन*
*🎈 सूर्योदय -   05:45:19*
*🎈 सूर्यास्त -        19:32:25* 
*(सूर्योदय एवं सूर्यास्त ,नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*
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*🎈दिशा शूल- उत्तर दिशा में*
( किसी भी विशेष कार्य हेतु दिशा शूल वाली दिशा में जाने से बचना चाहिए, यद्यपि यदि उसी दिन जाकर उसी दिन लौटना हैं, अथवा व्यवसाय के दृष्टिकोण से प्रतिदिन जाना ही पड़ता है तो प्रभाव कम हो जाएगा, फिर इस पर विचार करने की आवश्यकता नही है, यदि  किसी कारण वश दिशा शूल में जाना ही पड़े तो सूर्योदय से पूर्व निकलना  श्रेयस्कर होता है, अन्यथा एक  दिन पूर्व प्रस्थान रखकर भी निकला जा सकता हैं।)*
*🎈ब्रह्ममुहूर्त - 04:23 ए एम से 05:03 ए एम*
*🎈अभिजित मुहूर्त*- कोई नहीं*
*🎈 निशिता मुहूर्त - 12:19 ए एम, जुलाई 02 से 12:59 ए एम, जुलाई 02*
*🎈 अमृत काल -    02:21 ए एम, जुलाई 02 से 04:08 ए एम, जुलाई 02*
*🎈व्रत पर्व विवरण - विद्यालाभ योग (सुबह 06:52 से रात्रि 11:45 तक)*
*🎈 विशेष - द्वितीया को बृहती (छोटा बैंगन या कटेहरी) खाना निषिद्ध है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड


*🎈विशेष:-  आषाढ़ मास महात्म्य *
 👉 जय माँ आदिशक्ति सच्चियाय 🪔 
🎉विक्रम सम्वत 2083 का मन्त्री मण्डल🛟
💥राजा    गुरु👑 - शासन व्यवस्था के स्वामी    💢सेनाधिपति    चन्द्र⚔️ - रक्षा मन्त्री एवं सेनानायक
💢मन्त्री    मंगल⚜️ - नीतियों एवं प्रशासन के 💢स्वामी    धान्याधिपति    बुध🌻 - रबी की फसलों के स्वामी
💢सस्याधिपति    गुरु🌾 - खरीफ की फसलों के स्वामी    
🛟मेघाधिपति    चन्द्र🌧 - मेघ एवं वर्षा के स्वामी
💢धनाधिपति    गुरु💰 - धन एवं कोष के स्वामी    नीरसाधिपति    
💢गुरु🪙 - धातु, खनिज आदि के स्वामी
🛟रसाधिपति    शनि🍯 - रस एवं द्रव पदार्थों के स्वामी    फलाधिपति    
चन्द्र🍎 - फल-पुष्पादि के स्वामी
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        🛟 नागौर, राजस्थान, (भारत)    
         मानक सूर्योदय के अनुसार।*🛟
         *🛟चोघडिया, दिन का🛟*
day




           🛟चोघडिया, रात्🛟*
night


 
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     🚩*श्रीगणेशाय नमोनित्यं*🚩
    🚩*☀जय मां सच्चियाय* 🚩 
  #🌕 👉 👉🦚❤️💐 🌼🪔🏓🎊
         💕🛟प्रात: विशेष🕉️🌺

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       ➡️ *।। ॐ श्री गणेशाय नमः ।।
    🌺🌷🏓।।  जय श्री राम  ।।

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    नमस्कार मित्रों हमारे द्वारा प्रस्तुत वस्तु से संबंधित जानकारी यदि आपको अच्छी लगे तो इस ग्रुप को ज्वाइन कीजिए हमें फॉलो कीजिए लाइक शेयर और कमेंट जरुर कीजिए जिससे हमारा मनोबल बढ़ता रहे और हम आगे भी आपके लिए अच्छी और सच्ची जानकारी प्रस्तुत करते रहें धन्यवाद 
    मित्रों भवन निर्माण से पूर्व जल की समुचित व्यवस्था कर लेनी चाहिए क्योंकि भूमि चयन के बाद पहली आवश्यकता जल है निर्माण कार्य की गति सुचारू रह सके इसके लिए उत्तर_पूर्व या उत्तर भाग में जल की व्यवस्था करनी चाहिए भवन के उत्तर_पूर्व में गहरा तालाब गढ्डा कुआं या बहता दरिया हो तो उनके घर में समृद्धि एवं धन दौलत की वृद्धि होती है तथा उस स्थान पर रहने वाले व्यक्ति प्रसिद्ध सम्मानित प्रतिष्ठित और सभी के प्यार बन जाते हैं ऐसे व्यक्तियों का सम्मान राजा मंत्री एवं रसों द्वारा होता है घर में अतिथियों एवं मिलने वालों का तांता लगा रहता है घरों में बड़े-बड़े योगी तपस्वी साधारण वेश बदलकर अतिथि सत्कार प्राप्त करते हैं इस दिशा में नल ट्यूबवेल लगवाने अंडरग्राउंड टैंक बनवाना बड़ी दौलत को अपने जीवन में भोगने के लिए आकर्षित करता है गरीबी कर्ज  बीमारी धन संबंधी अनेक रुकावटें खत्म होती है और बिना किसी फिल्म के समस्याओं का समाधान होता है साथ ही प्रत्येक प्रकार के कर्ज मुकदमे आदि की समस्या का तुरंत समाधान हो जाता है थोड़ी सी मेहनत करने पर ज्यादा सफलता मिलती है यदि घर का उत्तर पूर्व का स्थान निचा खुला और पानी भरा हो तो उसे मकान में रहने वाले लोग बड़े-बड़े सुख भोगते हैं भवन के उत्तर और पूर्व दिशा में नल या टैंक हो तो लक्ष्मी प्रसन्न होकर सभी कुछ दे देती है अर्थात घर में मान सम्मान प्रतिष्ठा एवं सुखों की प्राप्ति होती है
१ ट्यूबवेल के लिए कौन सा स्थान उपयुक्त हो सकता है यहां प्रस्तुत चित्र में दिखाया गया है भूमिगत टंकी या बोरवेल का उत्तम स्थान मूल पूर्व मूल उत्तर या ईशान का 75% हिस्सा है 
२ हैंड पंप या कुआं ईशान कोण के उत्तर तरफ हो तो धन वृद्धि कारक होता है साथ ही इसमें रहने वालों को सामाजिक प्रतिष्ठा की प्राप्ति होती है बच्चों का मानसिक विकास अच्छा होता है व्यावसायिक विकास नए-नए अवसरों की प्राप्ति में मदद मिलती है घर में सुख शांति एवं समृद्धि के अवसरों में वृद्धि होती है
३ हैंड पंप या कुआं ईशान कोण के पूर्व की तरफ होने पर यश प्रतिष्ठा में वृद्धि होती है जीवन सुखमय तरीके से व्यक्तित्व होता है स्वास्थ्य निवास करने वाले का अच्छा होता है दूरस्थ प्रदेशों में मान सम्मान की प्राप्ति होती है साथ ही भवन में निवास करने वाले लोगों का आध्यात्मिक एवं धार्मिक दृष्टिकोण से प्रगति होते रहती है
४ कुआं हेड पंप पानी की टंकी जल संग्रह करके पूरी भाग में उत्तम रहता है घर में सुख संपत्ति में वृद्धि होती है स्वास्थ्य अच्छा रहता है धार्मिक दृष्टिकोण से लोगों का लगाओ धर्म के प्रति बना रहता है मान सम्मान एवं प्रतिष्ठा देश एवं विदेशों में मिलती है भवन में निवास करने वाले लोग प्रशासकीय पदों पर आसीन होते हैं 
५ कुआं हैंड पंप पानी की टंकी जल संग्रह घर के विशेष परिस्थितियों में कुछ उपाय करने के बाद पश्चिमी भाग में भी उत्तम रहता है घर में सुख संसाधनों की वृद्धि होती है 
६ कुआं हेडफोन पिया पानी की टंकी अगर अग्नि कोण में हो तो संतान को खतरा धन्य प्रतिष्ठा में नुकसान आदि की आशंका रहती है पानी और आज दो विपरीत तत्व है जो एक साथ होकर जीवन को पूर्णतया कला एवं परेशानियों से युक्त बना देते हैं इस क्षेत्र में जल स्रोत का होना कर्ज में वर्दी का कारक होता है स्त्रियां पुरुषों की अपेक्षा ज्यादा कष्ट में रहती है साथ ही दरिद्रता का आगमन होने लगता है 
७ कुआं हेड पंप या पानी की टंकी का दक्षिण दिशा में होना अशुभ होता है इससे भवन में निवास करने वाली स्त्रियों को विभिन्न प्रकार के शारीरिक कष्टों का सामना करना पड़ता है गृह स्वामी की पत्नी की मृत्यु असमय होती है साथ ही दुर्घटना आत्महत्या आदि की आशंका बनी रहती है
८ पानी का स्थान नैऋत्य दिशा में हो तो कृष्ण स्वामी एवं उनके परिजनों की औषधि बीमारियों के कारण आकस्मिक मृत्यु होती है झगड़े होते रहते हैं और हर कार्य में असफलता मिलती है इसके अतिरिक्त धन में कमी के साथ-साथ आत्महत्या दुर्घटना कलह आदि के कारण परिवार जनों में बिखराव की स्थिति बनी रहती है 
९ कुआं हेड पंप या  पानी की टंकी घर के यदि वायव्य दिशा में हो तो गृह स्वामी को शत्रु पीड़ा होती है एवं चोरी का भाव बना रहता है यदि ठीक वैवा को में हो तो गृह स्वामी की स्त्री की अकाल मृत्यु की शिकार होती है पेट से संबंधित विभिन्न प्रकार के समस्याओं से ग्रसित रहते हैं इसके अतिरिक्त घर में कलह एवं मानसिक तनाव की स्थिति बनी रहती है 
१० घर के मध्य भाग को नीचा या पानी की व्यवस्था नहीं रखनी चाहिए अन्यथा धन काम  कारोबार सब खत्म हो जाता है घर में गरीबी और कर्ज कब्जा जमा लेते हैं धोखा छल कपट खून खराबा मुकदमा आदि का सामना करना पड़ता है भगवान रूठ जाते हैं तथा सर्वनाश हो जाता है परिवार का नाश होता है कोई भी व्यक्ति उस स्थान पर देर  तक नहीं रह सकता जीवन अस्त-व्यस्त बना रहता है उक्त सारे नियम न केवल आवासीय मकान के लिए बल्कि व्यवसाय एवं रोजगार वाले मकान अस्पताल मंदिर आदि पर भी लागू होते हैं
    मित्रों पानी के स्रोतों के लिए इस पोस्ट में बहुत ही बारीकी से समझाया गया है यदि आपको यह जानकारी अच्छी लगे तो हमें फॉलो जरूर कीजिए 
मित्रों यदि आपको लगता है कि हमारे घर दुकान फैक्ट्री या ऑफिस में भी वास्तु दोष हो सकता है तो आप वहां का नक्शा हमारे व्हाट्सएप पर भेज कर मात्र ₹500 मैप रीडिंग चार्ज में संपूर्ण वास्तु की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं और साथ ही यदि कोई वास्तु दोष पाया जाता है तो बिना तोड़फोड़ 100% सफल अभिमंत्रित यंत्रों की रेमेडीज की जानकारी भी प्राप्त कर सकते हैं और अधिक जानकारी के लिए आप हमें मोबाइल या व्हाट्सएप पर संपर्क कर सकते हैं 

" तद् यद् रुदितात् समभवन् तस्माद् रुद्राः । "
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" नव ग्रहणां अधीनस्थ जीवनम् "

         🛟॥ श्री हरिः ॐ ॥☀️

    
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🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹।      💥“ज्ञान ही सच्ची संपत्ति है।
      बाकी सब क्षणभंगुर है।”💥
     🌼 ।। जय श्री कृष्ण ।।🌼
       💥।। शुभम् भवतु।।💥
♨️  ⚜️ 🕉🌞  🌞🕉 ⚜🚩*♥️~💕

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🔱🇪🇬जय श्री महाकाल सरकार 🔱🇪🇬 मोर मुकुट बंशीवाले  सेठ की जय हो 🪷*
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*♥️~यह पंचांग नागौर (राजस्थान) सूर्योदय के अनुसार है।*
*♥️~अपने घर, ऑफिस, और फैक्ट्री वास्तु के साथ सफल बनाये। जन्मकुंडली, प्रश्नन कुंडली, अंककुंडली, रत्न, जड़, एवं रुद्राक्ष आदि के लिये सम्पर्क करे।*
‼️अस्वीकरण(Disclaimer)पंचांग, धर्म, ज्योतिष, त्यौहार की जानकारी शास्त्रों से ली गई है।*
🙏हमारा उद्देश्य मात्र आपको  केवल जानकारी देना है। इस संदर्भ में हम किसी प्रकार का कोई दावा नहीं करते हैं।*
💥*राशि रत्न,वास्तु आदि विषयों पर प्रकाशित सामग्री केवल आपकी जानकारी के लिए हैं अतः संबंधित कोई भी कार्य या प्रयोग करने से पहले किसी अच्छी जानकारी वाले ज्योतिषी से संपर्क करे।
*♥️ रमल ज्योतिर्विद आचार्य दिनेश "प्रेमजी", नागौर (राज,)* 
*।।आपका आज का दिन शुभ मंगलमय हो।।* 
🕉️📿🔥🌞🚩🔱ॐ  🇪🇬🔱🔥🔱🌿
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