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पञ्चाङ्ग 16 जुलाई 2026

 *💥🗓*आज का पञ्चाङ्ग*🗓💥*

jyotis


*🎈दिनांक 16 जुलाई 2026*
*🎈 वार-  गुरुवार*
*🎈 मास - आषाढ़ मास*
*🎈 पक्ष -  शुक्ल पक्ष*
*🎈 विक्रम संवत् - 2083*
*🎈 संवत्सर    पराभव*
*🎈संवत्सर (उत्तर)-    रौद्र*
*🎈 अयन - उत्तरायण*
*🎈 ऋतु - रितु वर्षा*
*🎈तिथि    -     द्वितीया- 08:52:21*am तक *तत्पश्चात तृतीया*
*🎈 नक्षत्र - आश्लेषा 19:51:21 am तक*तत्पश्चात मघा*
*🎈योग    -     सिद्धि 25:21:16* तक, तत्पश्चात् व्यतिपात*
*🎈करण-     कौलव  22:35:30*
 तक,तत्पश्चात्  तैतुल*
*🎈राहुकाल -02:23 pm  से 04:06pm (नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*हर जगह का अलग होगा
(राहुकाल वह समय होता है जिसमे किसी भी नये अथवा शुभ कार्य प्रारम्भ करने से बचना चाहिए।)*
*🎈 सूर्योदय-05:51:54*
*🎈 सूर्यास्त-19:30:13*
*🎈➡️चंद्र राशि -कर्क till 19:51:21
                                           from
*🎈➡️चन्द्र राशि- सिंह 19:51:21till
*🎈➡️ सूर्य राशि-    till मिथुन*   
            23:37:26 from
*🎈  सूर्य राशि- मिथुन 23:37:26 
        from 
*🎈 सूर्य राशि- कर्क। 23:37:26
*(सूर्योदय एवं सूर्यास्त ,नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*
*🎈दिशा शूल- दक्षिण दिशा में*
( किसी भी विशेष कार्य हेतु दिशा शूल वाली दिशा में जाने से बचना चाहिए, यद्यपि यदि उसी दिन जाकर उसी दिन लौटना हैं, अथवा व्यवसाय के दृष्टिकोण से प्रतिदिन जाना ही पड़ता है तो प्रभाव कम हो जाएगा, फिर इस पर विचार करने की आवश्यकता नही है, यदि  किसी कारण वश दिशा शूल में जाना ही पड़े तो सूर्योदय से पूर्व निकलना  श्रेयस्कर होता है, अन्यथा एक  दिन पूर्व प्रस्थान रखकर भी निकला जा सकता हैं।)*
*🎈ब्रह्ममुहूर्त - 04:28 ए एम से 05:09 ए एम*
*🎈अभिजित मुहूर्त*12:14 पी एम से 01:08 पी एम*
*🎈 अमृत काल-    06:23 पी एम से 07:52 पी एम*
*🎈 निशिता मुहूर्त - 12:21 ए एम, जुलाई 16 से 01:02 ए एम, जुलाई 16*
*🎈रवि योग    07:52 पी एम से 05:51 ए एम, जुलाई 17*
 *🎈व्रत पर्व विवरण - विशेष -द्वितीया तिथि को लौकी खाना वर्जित माना गया है।  एकादशी व्रत 11 जुलाई 2026 को (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: 27.29-34)*
*🎈विशेष:-  *आषाढ़ मास द्वितीय तिथि को हिंदू धर्म शास्त्रों और ब्रह्मवैवर्त पुराण के अनुसार, द्वितीया तिथि के दिन विशेष रूप से बैंगन, कटेहरी और कटहल का सेवन वर्जित माना गया है*

 💥 गुप्त द्वितीय नवरात्र महात्म्य*☀️
*🏓16जुलाई 2026 के पंचांग के अनुसार गुरुवार का दिन आषाढ़ शुक्ल पक्ष की  तिथि है, जिसमें ग्रहों की चाल के प्रभाव से विशेषकर कर्क, सिंह, धनु और राशि के जातकों को धन लाभ और कार्यक्षेत्र में नए अवसर मिलेंगे। वहीं, अन्य राशियों के लिए मिला-जुला दिन रहने की संभावना है।
 👉 जय माँ आदिशक्ति सच्चियाय 🪔 

🎉*विक्रम सम्वत 2083 का मन्त्री मण्डल*
💥राजा    गुरु👑 - शासन व्यवस्था के स्वामी    
💢सेनाधिपति    चन्द्र⚔️ -
🏵️ रक्षा मन्त्री एवं सेनानायक
💢मन्त्री    मंगल⚜️ - नीतियों एवं प्रशासन के स्वामी    धान्याधिपति    बुध🌻 - रबी की फसलों के स्वामी
💢सस्याधिपति    गुरु🌾 - खरीफ की फसलों के स्वामी    
🛟मेघाधिपति    चन्द्र🌧 - मेघ एवं वर्षा के स्वामी
💢धनाधिपति    गुरु💰 - धन एवं कोष के स्वामी    नीरसाधिपति    
💢गुरु🪙 - धातु, खनिज आदि के स्वामी
🛟रसाधिपति    शनि🍯 - रस एवं द्रव पदार्थों के स्वामी    फलाधिपति    
चन्द्र🍎 - फल-पुष्पादि के स्वामी
kundli


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        🛟 नागौर, राजस्थान, (भारत)    
         मानक सूर्योदय के अनुसार।*🛟
         *🛟चोघडिया, दिन का🛟*
day




           🛟चोघडिया, रात्🛟*
night


 
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        💢आज का राशिफल💢

💢मेष:  आज का दिन आपके लिए अनुकूल रहेगा । करियर में युवाओं को कोई बड़ी उपलब्धि मिल सकती है । पारिवारिक समस्याएं सुलझेंगी और आत्मविश्वास में वृद्धि होगी ।

💢2. वृषभ: धन और आर्थिक मामलों में प्रगति होगी । घर-परिवार में सुख-शांति का वातावरण रहेगा । माता के आशीर्वाद से अटके हुए कार्य पूर्ण होंगे ।

💢3. मिथुन: साहस और उत्साह का संचार होगा । भाई-बहनों के सहयोग से किसी रुके हुए काम में सफलता मिलेगी । कार्यक्षेत्र में मान-सम्मान बढ़ेगा।

💢4. कर्क: आज परिवार के साथ मधुर समय बिताने का मौका मिलेगा । धन की स्थिति मजबूत होगी । आत्मविश्वास में वृद्धि से अटके हुए व्यावसायिक प्रयास सफल होंगे ।

💢5. सिंह: आज चंद्रमा आपकी ही राशि में गोचर कर रहा है । स्वास्थ्य बहुत अच्छा रहेगा । आर्थिक लाभ के नए विचार मन में आएंगे । अपने गुस्से पर थोड़ा नियंत्रण रखें।

💢6. कन्या: शिक्षा और प्रतियोगिता के क्षेत्र में सफलता मिलेगी । संतान के दायित्व की पूर्ति होगी । आर्थिक निवेश में सोच-समझकर निर्णय लें।

💢7. तुला: कार्यक्षेत्र में व्यावसायिक प्रयास सफल होंगे । शासन-सत्ता या अधिकारियों का सहयोग प्राप्त होगा । रचनात्मक कार्यों में रुचि बढ़ेगी।

💢8. वृश्चिक: अचानक धन लाभ या उपहार मिलने के योग हैं । सम्मान में वृद्धि होगी । लंबी यात्राओं से बचें, स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें ।9. धनु: व्यवसाय के नजरिए से दिन शानदार है । यात्रा से लाभ हो सकता है । खानपान के प्रति सतर्क रहने की आवश्यकता है ।

💢10. मकर: दांपत्य जीवन में मधुरता बढ़ेगी । व्यावसायिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी । नया व्यापार शुरू करने के लिए दिन अच्छा है।
💢11. कुंभ: विरोधी शांत होंगे । कोई अच्छी खबर सुनने को मिल सकती है । आर्थिक मामलों में किसी भी प्रकार का जोखिम उठाने से बचें ।12. 

💢12.मीन: समाज में मान-सम्मान और पद-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी । लंबे समय से रुके हुए कार्य संपन्न होने से प्रभाव बढ़ेगा ।

    🚩*श्रीगणेशाय नमोनित्यं*🚩
    🚩*☀जय मां सच्चियाय* 🚩 
  #🌕 👉 👉🦚❤️💐 🌼🪔🏓🎊
         💕🛟प्रात: विशेष🕉️🌺

👣🕉️ 🌹🌹 🌹🌹।। 🔶🔶🌹🌹 🌹
       ➡️ *।। ॐ श्री गणेशाय नमः ।।
    🌺🌷🏓।। आज बात करते हैं आपसेप्रश्न: 💥दुर्गा कवच का पाठ अगर अपने परिवार के लिए करना हो, तो उसकी क्या विधि होगी?
💥 कृपया बताइएगा। क्योंकि पढ़ते समय बहुत जगह पर "मेरी रक्षा करो" आता है, तो वहाँ क्या बोलकर पाठ करें, जिसके लिए कर रहे हैं उसका नाम लेकर पाठ करें? कृपया बताइएगा।

🎉उत्तर:

👌देखिए, आपने जो प्रश्न पूछा है, वह बहुत ही व्यावहारिक है और हर उस साधक के मन में उठता है जो अपनी साधना का लाभ अपने पूरे परिवार को देना चाहता है। दुर्गा कवच एक अत्यंत शक्तिशाली और दिव्य रक्षा कवच है। और हाँ, आप इसका पाठ अपने पूरे परिवार की रक्षा और कल्याण के लिए कर सकते हैं। इसके लिए एक विशेष संकल्प और विधि है, जिसे अपनाकर आप यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि पाठ का फल आपके परिवार के हर सदस्य तक पहुँचे।

💥1. सबसे पहले, सामूहिक संकल्प लें

☀️पाठ शुरू करने से पहले, अपने सामने माँ दुर्गा का चित्र या प्रतिमा स्थापित करें। दीपक और धूप जलाएँ। फिर अपने दाहिने हाथ में जल, अक्षत और पुष्प लेकर संकल्प लें। संकल्प में यह स्पष्ट रूप से बोलें: "हे माँ दुर्गे, मैं अमुक (अपना नाम), अपनी पत्नी अमुक (पत्नी का नाम), अपने पुत्र अमुक (बेटे का नाम), अपनी पुत्री अमुक (बेटी का नाम), तथा अपने समस्त परिवार की शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक रक्षा, सुख-शांति और कल्याण के लिए इस दुर्गा कवच का पाठ कर रहा हूँ। हे माँ, आप हम सबकी रक्षा करें।" यह संकल्प बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह पाठ की ऊर्जा को एक विशेष दिशा प्रदान करता है।

💥• पाठ से पहले माँ दुर्गा के सामने दीपक और धूप जलाएँ।
💥• हाथ में जल, अक्षत और पुष्प लेकर स्पष्ट रूप से परिवार के प्रत्येक सदस्य का नाम लेकर संकल्प करें।
💥• संकल्प में सभी की रक्षा, सुख-शांति और कल्याण की प्रार्थना करें।

🏵️2. "मेरी रक्षा करो" के स्थान पर क्या बोलें

💥पाठ के दौरान, जहाँ भी "मेरी रक्षा करो", "मेरे शरीर की रक्षा करो", या ऐसा कोई भी व्यक्तिगत शब्द आए, आपको उसे बदलने की आवश्यकता नहीं है। आपने अपने संकल्प में पहले ही यह स्पष्ट कर दिया है कि यह पाठ किन-किन के लिए किया जा रहा है। आप जैसे श्लोक हैं, वैसे ही पढ़ें। आपका संकल्प ही उस पाठ की ऊर्जा को आपके परिवार तक पहुँचाने के लिए पर्याप्त है। माँ दुर्गा अंतर्यामी हैं, वे आपके संकल्प और भाव को भली-भाँति जानती हैं।

💥• श्लोकों के शब्दों को बदलने की आवश्यकता नहीं है।
💥• आपका संकल्प ही पाठ की ऊर्जा को पूरे परिवार तक पहुँचा देता है।

🏵️3. पाठ की सरल और पूर्ण विधि🏵️

सबसे पहले स्वच्छ होकर, लाल या पीले आसन पर बैठें। अपने सामने माँ दुर्गा का चित्र स्थापित करें। दीपक और धूप जलाएँ। फिर जल, अक्षत और पुष्प लेकर ऊपर बताए अनुसार संकल्प करें। संकल्प के बाद, उस जल और अक्षत को अपने सामने रख दें। फिर पूर्ण श्रद्धा और एकाग्रता से दुर्गा कवच का पाठ करें। पाठ समाप्ति के बाद, अपने संकल्प के जल को स्वयं और परिवार के सभी सदस्यों पर छिड़कें और अक्षत को सबके माथे पर लगाएँ। अंत में माँ दुर्गा की आरती करें और प्रार्थना करें कि आपका पाठ स्वीकार हो।

💥• लाल या पीले आसन पर बैठकर, दीप-धूप के साथ पाठ करें।
💥• संकल्प करें, फिर पाठ करें।
💥• पाठ के बाद संकल्प का जल सब पर छिड़कें और अक्षत सबके माथे पर लगाएँ।

🏵️4. नियमितता और विश्वास बनाए रखें

दुर्गा कवच का पाठ एक बार करने से भी लाभ होता है, लेकिन यदि आप इसे नियमित रूप से करें, तो यह आपके परिवार के चारों ओर एक अभेद्य सुरक्षा चक्र बना देता है। नवरात्रि के दिनों में, या प्रत्येक मंगलवार और शुक्रवार को यह पाठ अवश्य करें। पूर्ण विश्वास रखें कि माँ की कृपा से आपके परिवार पर कोई आँच नहीं आ सकती।

💥• नियमित पाठ से परिवार के चारों ओर सुरक्षा चक्र बनता है।
💥• नवरात्रि, मंगलवार और शुक्रवार को विशेष रूप से करें।

💘निष्कर्ष: आप बिना किसी संशय के, संकल्प लेकर, पूरी श्रद्धा के साथ अपने पूरे परिवार के लिए दुर्गा कवच का पाठ कर सकते हैं। माँ दुर्गा आपकी भावना अवश्य स्वीकार करेंगी और आपके परिवार की सदा रक्षा करेंगी।

☀️ ♓ 🐍✨ इस वर्ष का #कामसिद्ध #श्रावण..........
इस वर्ष संवत 2083 का #श्रावण #कृष्ण 14 दिन का है। #त्रयोदशी तिथि का क्षय है। शिवा, लक्ष्मी और विजया का संयोग कृष्ण #नवमी #शुक्रवार, शुक्ल #चतुर्थी रविवार तथा शुक्ल #चतुर्दशी गुरुवार को है। 3 #अगस्त सोमवार को आश्लेषा नक्षत्र का सूर्य हो जायेगा..........
#अवशिष्ट अक्षत तथा गोकर्ण गाय के दूध के साथ #बिल्वपत्र निम्न मंत्र के साथ #शिवलिंग पर चढ़ावे........
ॐ श्रीश्च ते लक्ष्मीश्च पत्न्यावहोरात्रे पार्श्वे नक्षत्राणि रूपमश्विनौ व्यात्तमिष्णम्मिषाण मुम्म ईषाण सर्व लोकम्मिषाण शिवा श्री #संयुक्ता #विजया #सिद्धिदा ॐ.........
#शक्तिशाली सिद्धि देने वाला यह #अमोघ #अनुष्ठान है। 
यदि स्वयं से सम्भव न हो सके तो #अतिमुक्त संकल्प के साथ किसी अच्छे #ब्राह्मण से उपरोक्त तीनों दिन शाक्त सूत्र से करवा ले...........
                                   #शिव: त्व पंथानमस्तु...... 
💕"तद् यद् रुदितात् समभवन् तस्माद् रुद्राः "
🌹🌹🌹🌹🌹🌹
" नव ग्रहणां अधीनस्थ जीवनम् "

         🛟॥ श्री हरिः ॐ ॥☀️
🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏।     
   🌹🌹 🌹🌹 🌹🌹 🌹🌹 🌹🌹          

        💥“ज्ञान ही सच्ची संपत्ति है।
          बाकी सब क्षणभंगुर है।”💥
         🌼 ।। जय श्री कृष्ण ।।🌼
          💥।। शुभम् भवतु।।💥
♨️  ⚜️ 🕉🌞  🌞🕉 ⚜🚩*♥️~💕

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🔱🇪🇬जय श्री महाकाल सरकार 🔱🇪🇬 मोर मुकुट बंशीवाले  सेठ की जय हो 🪷*
▬▬▬▬▬▬▬ஜ۩۞۩ஜ
*♥️~*यह पंचांग नागौर (राजस्थान) सूर्योदय के अनुसार है।*
*♥️~*अपने घर, ऑफिस, और फैक्ट्री वास्तु के साथ सफल बनाये। जन्मकुंडली, प्रश्नन कुंडली, अंककुंडली, रत्न, जड़, एवं रुद्राक्ष आदि के लिये सम्पर्क करे।*
‼️*अस्वीकरण(Disclaimer)पंचांग, धर्म, ज्योतिष, त्यौहार की जानकारी शास्त्रों से ली गई है।*
🙏*हमारा उद्देश्य मात्र आपको  केवल जानकारी देना है। इस संदर्भ में हम किसी प्रकार का कोई दावा नहीं करते हैं।*
💥*राशि रत्न,वास्तु आदि विषयों पर प्रकाशित सामग्री केवल आपकी जानकारी के लिए हैं अतः संबंधित कोई भी कार्य या प्रयोग करने से पहले किसी अच्छी जानकारी वाले ज्योतिषी से संपर्क करे*।
*💥यदि आप अपनी कुण्डली विश्लेषण चाहते हैं तो जन्म दिनांक, स्थान, समय  बताएं!!🌟*
*♥️ रमल ज्योतिर्विद आचार्य दिनेश "प्रेमजी", नागौर (राज,)* 
*।।आपका आज का दिन शुभ मंगलमय हो।।* 
🕉️📿🔥🌞🚩🔱ॐ  🇪🇬🔱🔥🔱🌿
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