*💥🗓*आज का पञ्चाङ्ग*🗓💥*
*🎈दिनांक 10 जुलाई 2026*
*🎈 वार- शुक्रवार*
*🎈 मास - आषाढ़ मास*
*🎈 पक्ष - कृष्ण पक्ष*
*🎈 विक्रम संवत् - 2083*
*🎈 संवत्सर पराभव*
*🎈संवत्सर (उत्तर)- रौद्र*
*🎈 अयन - उत्तरायण*
*🎈 ऋतु - शिशिर*
*🎈तिथि - दशमी - 10:15:47 am तक
*तत्पश्चात एकादशी*
*🎈 नक्षत्र - भरणी - 01:15 pm तक* तत्पश्चात् कृत्तिका*
*🎈योग - धृति - 07:15* तक, तत्पश्चात् शूल*
*🎈करण- विष्टि - 08:16 * तक,
तत्पश्चात् बव *बालव*
*🎈राहुकाल -10:58am से 12:40pm (नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*हर जगह का अलग होगा
(राहुकाल वह समय होता है जिसमे किसी भी नये अथवा शुभ कार्य प्रारम्भ करने से बचना चाहिए।)*
*🎈चन्द्र राशि - मेष* till -18:43:59*
*🎈चन्द्र राशि-वृषभ - 18:43:59*
*🎈सूर्य राशि- मिथुन*
*🎈 सूर्योदय - 05:49:03*
*🎈 सूर्यास्त - 19:31:43*
*(सूर्योदय एवं सूर्यास्त ,नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*
*🎈दिशा शूल- पश्चिम दिशा में*
( किसी भी विशेष कार्य हेतु दिशा शूल वाली दिशा में जाने से बचना चाहिए, यद्यपि यदि उसी दिन जाकर उसी दिन लौटना हैं, अथवा व्यवसाय के दृष्टिकोण से प्रतिदिन जाना ही पड़ता है तो प्रभाव कम हो जाएगा, फिर इस पर विचार करने की आवश्यकता नही है, यदि किसी कारण वश दिशा शूल में जाना ही पड़े तो सूर्योदय से पूर्व निकलना श्रेयस्कर होता है, अन्यथा एक दिन पूर्व प्रस्थान रखकर भी निकला जा सकता हैं।)*
*🎈ब्रह्ममुहूर्त - 04:26 ए एम से 05:07 ए एम*
*🎈अभिजित मुहूर्त*- 12:13 पी एम से 01:08 पी एम*
*🎈 अमृत काल- 08:03 ए एम से 09:35 ए एम*
*🎈 निशिता मुहूर्त - 12:20 ए एम, जुलाई 11 से 01:01 ए एम, जुलाई 11*
*🎈व्रत पर्व विवरण - विशेष - दशमी तिथि को लौकी खाना वर्जित माना गया है। एकादशी व्रत 11 जुलाई 2026 को (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: 27.29-34)*
*🎈विशेष:- *आषाढ़ मास महात्म्य*
*🏓8 जुलाई 2026 के पंचांग के अनुसार बुधवार का दिन आषाढ़ कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि है, जिसमें ग्रहों की चाल के प्रभाव से विशेषकर मेष, वृषभ और सिंह राशि के जातकों को धन लाभ और कार्यक्षेत्र में नए अवसर मिलेंगे। वहीं, अन्य राशियों के लिए मिला-जुला दिन रहने की संभावना है।
👉 जय माँ आदिशक्ति सच्चियाय 🪔
🎉विक्रम सम्वत 2083 का मन्त्री मण्डल🛟
💥राजा गुरु👑 - शासन व्यवस्था के स्वामी 💢सेनाधिपति चन्द्र⚔️ - रक्षा मन्त्री एवं सेनानायक
💢मन्त्री मंगल⚜️ - नीतियों एवं प्रशासन के 💢स्वामी धान्याधिपति बुध🌻 - रबी की फसलों के स्वामी
💢सस्याधिपति गुरु🌾 - खरीफ की फसलों के स्वामी
🛟मेघाधिपति चन्द्र🌧 - मेघ एवं वर्षा के स्वामी
💢धनाधिपति गुरु💰 - धन एवं कोष के स्वामी नीरसाधिपति
💢गुरु🪙 - धातु, खनिज आदि के स्वामी
🛟रसाधिपति शनि🍯 - रस एवं द्रव पदार्थों के स्वामी फलाधिपति
चन्द्र🍎 - फल-पुष्पादि के स्वामी
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🛟 नागौर, राजस्थान, (भारत)
मानक सूर्योदय के अनुसार।*🛟
*🛟चोघडिया, दिन का🛟*
🛟चोघडिया, रात्🛟*
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💢आज का राशिफल💢
💢मेष: दिन आत्मविश्वास से भरा रहेगा。 करियर में आपकी बातों का प्रभाव बढ़ेगा。 आर्थिक मामलों में राहत मिलेगी और परिवार के साथ समय अच्छा बीतेगा。
💢वृषभ: रोमांस से जुड़ी दिक्कतें दूर हो सकती हैं。 कार्यक्षेत्र में अपनी प्रोडक्टिविटी और गति पर विशेष ध्यान दें。
💢मिथुन: दिन शांत और स्थिर रहेगा, जो अटके हुए कार्यों को आसानी से पूरा करने में मदद करेगा。
💢कर्क: पारिवारिक सुख मिलेगा, लेकिन अपने पार्टनर की भावनाओं को ठेस पहुँचने से बचाएं。
💢सिंह: आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, लेकिन भविष्य के लिए कुछ पैसे बचाने का प्रयास करें。
💢कन्या: छोटे-छोटे निर्णय आपके जीवन में शांति लाएंगे。तुला: पूरे दिन आराम करने और अपने तनाव को कम करने पर ध्यान दें。
💢वृश्चिक: दिन में कोई सुखद सरप्राइज मिल सकता है, इसलिए सकारात्मक रहें。
💢धनु: दिन हल्का और मिलनसार बीतेगा。 प्रियजनों के साथ यादगार पल बिताने का मौका मिलेगा。
💢मकर: आज कार्यों में व्यस्तता रह सकती है。 बड़ों के आशीर्वाद से नए विचारों को करियर में लागू करने का उत्तम समय है。
💢कुंभ: आपके क्रिएटिव विचारों से कोई नई सफलता मिल सकती है。
💢मीन: फुर्ती और जिज्ञासा से भरे रहेंगे。 अटके हुए पैसों की वसूली के लिए छोटी यात्रा हो सकती है。
🚩*श्रीगणेशाय नमोनित्यं*🚩
🚩*☀जय मां सच्चियाय* 🚩
#🌕 👉 👉🦚❤️💐 🌼🪔🏓🎊
💕🛟प्रात: विशेष🕉️🌺
👣🕉️ 🌹🌹 🌹🌹।। 🔶🔶🌹🌹 🌹
➡️ *।। ॐ श्री गणेशाय नमः ।।
🌺🌷🏓।। आज बात करते हैं आपसे
☀️ "“ योगिनी एकादशी कब है? 10 जुलाई या 11 जुलाई? 🤔 गलत दिन व्रत किया तो फल नहीं मिलेगा! शास्त्रों का सही नियम जान लो
💥योगिनी एकादशी 2026 💥
🤙10 जुलाई या 11 जुलाई?🙏
🛟🛟🛟॥ एकादशी तिथि ॥🛟🛟🛟
10 जुलाई सुबह 8:16 बजे से प्रारंभ होकर
11 जुलाई सुबह 5:22 बजे तक रहेगी।
📖 शास्त्रों के अनुसार दशमी युक्त एकादशी दोषपूर्ण मानी गई है।
‼️ॐ असली कन्फ्यूजन दूर करो ॐ‼️
1. 10 जुलाई को व्रत क्यों नहीं? ❌
👌10 जुलाई को सूर्योदय के समय एकादशी तिथि नहीं होगी, इसलिए इस दिन दशमी युक्त एकादशी रहेगी।
👌शास्त्र नियम: "दशमी विद्धा एकादशी" त्याज्य है। यानी जिस दिन सूर्योदय दशमी में हो और बाद में एकादशी लगे, उस दिन व्रत नहीं रखते। ये दोषपूर्ण है, फल नहीं मिलता।
2. 💯11 जुलाई ही क्यों करें? ✅
11 जुलाई को द्वादशी युक्त एकादशी होगी, जिसे व्रत के लिए अधिक फलदायी माना गया है।
शास्त्र नियम: "उदया तिथि" ग्राह्य है। 11 जुलाई को सूर्योदय एकादशी में होगा। वैष्णव और स्मार्त दोनों के लिए 11 जुलाई ही मान्य है।
॥ व्रत पारण ॥
12 जुलाई 2026 (रविवार)
सुबह 5:32 बजे से 10:12 बजे तक।
ॐ योगिनी एकादशी का महत्व ॐ
आषाढ़ कृष्ण पक्ष की ये एकादशी 88 हजार ब्राह्मणों को भोजन कराने जितना पुण्य देती है।
कथा: राजा कुबेर का माली हेममाली कोढ़ी हो गया था। मार्कंडेय ऋषि ने योगिनी एकादशी व्रत बताया। व्रत करते ही वो ठीक हो गया और स्वर्ग गया।
इस व्रत के 5 बड़े लाभ:
कोढ़, चर्म रोग, पुराने रोग नाश: हेममाली की तरह शरीर शुद्ध
पाप मुक्ति: जाने-अनजाने के पाप, खासकर श्राप दोष खत्म
पितृ दोष शांति: पितरों को तृप्ति, घर में शांति
विष्णु लोक प्राप्ति: मृत्यु के बाद बैकुंठ धाम
सौंदर्य और स्वास्थ्य: योगिनी = सुंदर स्त्री। रूप, तेज बढ़ता है
व्रत विधि - 5 स्टेप:
दशमी को: 10 जुलाई शाम को सात्विक भोजन, ब्रह्मचर्य
एकादशी को: 11 जुलाई सुबह स्नान, "ॐ नमो भगवते वासुदेवाय" जाप, निर्जल या फलाहार
रात जागरण: विष्णु सहस्रनाम, भजन-कीर्तन - 100 गुना फल
दान: पीले वस्त्र, अन्न, फल, छाता, घड़ा दान करें
द्वादशी पारण: 12 जुलाई सुबह 5:32-10:12 के बीच अन्न से व्रत खोलें
सबसे जरूरी नियम: एकादशी को चावल, बैंगन, सेम, मसूर दाल भूलकर भी न खाएं। तुलसी दल तोड़ना भी मना है।
सबसे बड़ी बात: एकादशी "व्रतों की रानी" है। 1 योगिनी एकादशी = 88 हजार ब्राह्मण भोजन + 10 साल की तीर्थ यात्रा का फल।
11 जुलाई को व्रत रख रहे हो? कमेंट में "हाँ" लिखो 👇
"ॐ नमो नारायणाय" लिखकर भगवान विष्णु का आशीर्वाद लो 🙏
तिथि और मुहूर्त पंचांग के अनुसार दिए गए हैं। स्थानीय पंचांग में कुछ मिनट का अंतर हो सकता है। व्रत का निर्णय अपने कुल परंपरा - स्मार्त या वैष्णव - के अनुसार लें। किसी भी असमंजस में स्थानीय पंडित से सलाह लें। यह केवल सामान्य मार्गदर्शन है। 🙏🙏
💕"तद् यद् रुदितात् समभवन् तस्माद् रुद्राः "
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" नव ग्रहणां अधीनस्थ जीवनम् "
🛟॥ श्री हरिः ॐ ॥☀️
🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏।
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💥“ज्ञान ही सच्ची संपत्ति है।
बाकी सब क्षणभंगुर है।”💥
🌼 ।। जय श्री कृष्ण ।।🌼
💥।। शुभम् भवतु।।💥
♨️ ⚜️ 🕉🌞 🌞🕉 ⚜🚩*♥️~💕
💥*अगर आपको हमारा पंचांग नियमित चाहिए तो आप मुझे इस चैनल को फॉलो करे
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🔱🇪🇬जय श्री महाकाल सरकार 🔱🇪🇬 मोर मुकुट बंशीवाले सेठ की जय हो 🪷*
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*♥️~*यह पंचांग नागौर (राजस्थान) सूर्योदय के अनुसार है।*
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‼️*अस्वीकरण(Disclaimer)पंचांग, धर्म, ज्योतिष, त्यौहार की जानकारी शास्त्रों से ली गई है।*
🙏*हमारा उद्देश्य मात्र आपको केवल जानकारी देना है। इस संदर्भ में हम किसी प्रकार का कोई दावा नहीं करते हैं।*
💥*राशि रत्न,वास्तु आदि विषयों पर प्रकाशित सामग्री केवल आपकी जानकारी के लिए हैं अतः संबंधित कोई भी कार्य या प्रयोग करने से पहले किसी अच्छी जानकारी वाले ज्योतिषी से संपर्क करे*।
*💥यदि आप अपनी कुण्डली विश्लेषण चाहते हैं तो जन्म दिनांक, स्थान, समय बताएं!!🌟*
*♥️ रमल ज्योतिर्विद आचार्य दिनेश "प्रेमजी", नागौर (राज,)*
*।।आपका आज का दिन शुभ मंगलमय हो।।*
🕉️📿🔥🌞🚩🔱ॐ 🇪🇬🔱🔥🔱🌿




