*💥🗓*आज का पञ्चाङ्ग*🗓💥*
*🎈दिनांक 13 जुलाई 2026*
*🎈 वार- सोमवार*
*🎈 मास - आषाढ़ मास*
*🎈 पक्ष - कृष्ण पक्ष*
*🎈 विक्रम संवत् - 2083*
*🎈 संवत्सर पराभव*
*🎈संवत्सर (उत्तर)- रौद्र*
*🎈 अयन - उत्तरायण*
*🎈 ऋतु - रितु वर्षा*
*🎈तिथि - चतुर्दशी-18:48:47* pm तक *तत्पश्चात अमावस्या*
*🎈 नक्षत्र - आर्द्रा- 26:50:33 am तक*तत्पश्चात्, पुनर्वसु*
*🎈योग - ध्रुव 15:59:20* तक, तत्पश्चात् व्याघात*
*🎈करण- वृष्टि भद्र 08:39:09 * तक,तत्पश्चात् शकुनी*
*🎈राहुकाल -07:33 am से 09:16am (नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*हर जगह का अलग होगा
(राहुकाल वह समय होता है जिसमे किसी भी नये अथवा शुभ कार्य प्रारम्भ करने से बचना चाहिए।)*
*🎈➡️चंद्र राशि - मिथुन*
*🎈➡️ सूर्य राशि- मिथुन*
*🎈 सूर्योदय - 05:50:26*
*🎈 सूर्यास्त - 19:31:04*
*(सूर्योदय एवं सूर्यास्त ,नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*
*🎈दिशा शूल- पूर्व दिशा में*
( किसी भी विशेष कार्य हेतु दिशा शूल वाली दिशा में जाने से बचना चाहिए, यद्यपि यदि उसी दिन जाकर उसी दिन लौटना हैं, अथवा व्यवसाय के दृष्टिकोण से प्रतिदिन जाना ही पड़ता है तो प्रभाव कम हो जाएगा, फिर इस पर विचार करने की आवश्यकता नही है, यदि किसी कारण वश दिशा शूल में जाना ही पड़े तो सूर्योदय से पूर्व निकलना श्रेयस्कर होता है, अन्यथा एक दिन पूर्व प्रस्थान रखकर भी निकला जा सकता हैं।)*
*🎈ब्रह्ममुहूर्त - 04:27 ए एम से 05:08 ए एम*
*🎈अभिजित मुहूर्त*- 12:13 पी एम से 01:08 पी एम*
*🎈 अमृत काल- 06:02 पी एम से 07:27 पी एम*
*🎈 निशिता मुहूर्त - 12:20 ए एम, जुलाई 14 से 01:02 ए एम, जुलाई 14*
*🎈व्रत पर्व विवरण - विशेष -चतुर्दशी तिथि को लौकी खाना वर्जित माना गया है। एकादशी व्रत 11 जुलाई 2026 को (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: 27.29-34)*
*🎈विशेष:- *आषाढ़ मास महात्म्य*
*🏓13जुलाई 2026 के पंचांग के अनुसार बुधवार का दिन आषाढ़ कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि है, जिसमें ग्रहों की चाल के प्रभाव से विशेषकर कर्क, सिंह, धनु और राशि के जातकों को धन लाभ और कार्यक्षेत्र में नए अवसर मिलेंगे। वहीं, अन्य राशियों के लिए मिला-जुला दिन रहने की संभावना है।
👉 जय माँ आदिशक्ति सच्चियाय 🪔
🎉विक्रम सम्वत 2083 का मन्त्री मण्डल🛟
💥राजा गुरु👑 - शासन व्यवस्था के स्वामी 💢सेनाधिपति चन्द्र⚔️ - रक्षा मन्त्री एवं सेनानायक
💢मन्त्री मंगल⚜️ - नीतियों एवं प्रशासन के 💢स्वामी धान्याधिपति बुध🌻 - रबी की फसलों के स्वामी
💢सस्याधिपति गुरु🌾 - खरीफ की फसलों के स्वामी
🛟मेघाधिपति चन्द्र🌧 - मेघ एवं वर्षा के स्वामी
💢धनाधिपति गुरु💰 - धन एवं कोष के स्वामी नीरसाधिपति
💢गुरु🪙 - धातु, खनिज आदि के स्वामी
🛟रसाधिपति शनि🍯 - रस एवं द्रव पदार्थों के स्वामी फलाधिपति
चन्द्र🍎 - फल-पुष्पादि के स्वामी
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🛟 नागौर, राजस्थान, (भारत)
मानक सूर्योदय के अनुसार।*🛟
*🛟चोघडिया, दिन का🛟*
🛟चोघडिया, रात्🛟*
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💢आज का राशिफल💢
💢मेष: कार्यक्षेत्र में मान-सम्मान बढ़ेगा। अटके हुए व्यक्तिगत काम पूरे होंगे। किसी भी कार्य में जल्दबाजी से बचें।
💢वृषभ: परिवार से जुड़ा कोई बड़ा फैसला लेना पड़ सकता है। आर्थिक फैसलों में सतर्कता बरतें। सेहत में सुधार होगा।
💢मिथुन: मानसिक भटकाव से बचने के लिए तथ्यों पर ध्यान दें। कड़ी मेहनत का अच्छा परिणाम मिलेगा।
💢कर्क: स्थान परिवर्तन या नए अवसर मिलने के योग हैं। बिजनेस में थोड़ी रुकावटें आ सकती हैं, धैर्य बनाए रखें
⚡सिंह: रुका हुआ धन वापस मिलेगा। सकारात्मक सोच आपको नई दिशा देगी। प्रेम जीवन में नई चमक आएगी।
⚡कन्या: समझदारी और व्यावहारिक दृष्टिकोण से काम लें व्यापार में उत्पाद (Product) की गुणवत्ता पर ध्यान दें।
⚡तुला: नकारात्मक बातों को भूलकर आगे बढ़ें。 आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और प्रेम संबंधों में मधुरता आएगी।
⚡वृश्चिक: दिन मेहनत भरा रहेगा, चुनौतियों का डटकर सामना करें। लव लाइफ में मिठास लौटेगी।
⚡धनु: जीवनसाथी के साथ विवादों से बचें। निवेश करते समय किसी विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
💥मकर: मूड स्विंग्स (Mood swings) हो सकते हैं। गैर-जरूरी खर्चों को कंट्रोल करें। स्वास्थ्य का ध्यान रखें।
💥कुंभ: रुकी हुई आय (Income) शुरू होने के योग हैं। धन लाभ होगा और अटके हुए काम पूरे होंगे।
💥मीन: उधार के लेन-देन से बचें। कार्यक्षेत्र में बाधाएं आ सकती हैं, धैर्य से काम लें
🚩*श्रीगणेशाय नमोनित्यं*🚩
🚩*☀जय मां सच्चियाय* 🚩
#🌕 👉 👉🦚❤️💐 🌼🪔🏓🎊
💕🛟प्रात: विशेष🕉️🌺
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➡️ *।। ॐ श्री गणेशाय नमः ।।
🌺🌷🏓।। आज बात करते हैं आपसे
☀️ साधना साधक को क्या नहीं बताती।
साधना खुद को बेहतर बनाने का तरीका नहीं है। इस बात को दो बार कहें, क्योंकि आज का दिमाग बार-बार यही सोचता है कि अभ्यास से आप पहले से बेहतर इंसान बन जाएंगे। ऐसा नहीं होता। यह आपको ऐसा बना देता है कि आप खुद को ही पहचान नहीं पाते। हर गुरु की शांत मुस्कान के पीछे यही डर छिपा होता है।
असली साधना का आपके हाथों की हरकतों, मुद्रा, माला या आसन से कोई खास लेना-देना नहीं है। ये सब तो बस साधन हैं।
साधना का असल मतलब है कंट्रोल या नियंत्रण के साथ आपके रिश्ते में बदलाव आना।
हर अनुशासन—जैसे सुबह सूरज उगने से पहले उठना, बोरियत के बावजूद मंत्र का जाप करते रहना, या डर से भागने के बजाय उसके साथ बैठना—असल में एक ही चीज़ की ट्रेनिंग है: इस भ्रम पर अपनी पकड़ ढीली करना कि आप ही अपनी ज़िंदगी के हर मोड़ के रचयिता हैं।
यह वो बात है जो कोई भी पोस्टर पर नहीं लिखता। आप जितने सच्चे साधक बनते जाते हैं, साधना उतनी ही मुश्किल होती जाती है, आसान नहीं।
शुरुआत में यह आपकी आदतों को अनुशासित करती है। बाद में यह आपकी पहचान को ही तोड़ने लगती है।
ज़्यादातर आध्यात्मिक मार्केटिंग इसी मोड़ से पहले ही रास्ते का वर्णन करना बंद कर देती है, क्योंकि यह हिस्सा बिकता नहीं है।
आप इसलिए साधक नहीं हैं कि आप ध्यान करते हैं, मंत्र जपते हैं या व्रत रखते हैं। आप साधक उस दिन बनते हैं जब आपको एहसास होता है कि ध्यान करने वाला "आप" ही असल में रुकावट है, और फिर भी आप अभ्यास करना नहीं छोड़ते।
बस यही एकमात्र योग्यता है। पवित्रता नहीं। हुनर नहीं। खुद की असलियत देखने के बाद भी न रुकने का जज़्बा।
ज़्यादातर लोग आध्यात्मिकता को ठीक उसी मोड़ पर छोड़ देते हैं जहाँ से यह असर दिखाना शुरू करती है, क्योंकि यह उसी अहंकार को तोड़ने लगती है जिसने इसे शुरू किया था। साधक वही है जो उस मोड़ के आगे भी डटा रहता है।
यह बिल्कुल सच है... वह तूफ़ान जिससे इंसान गुज़रता है, वह मोड़ जहाँ सब कुछ बिखर रहा होता है ताकि पहले से कहीं बेहतर ढंग से जुड़ सके—वहीं चीज़ें बहुत भारी और डरावनी लगने लगती हैं... अगर आप उस दौर से पार पा लेते हैं, तो आप अपने अनुभव को बयां करने के लिए शब्द ढूँढ़ना ही छोड़ देते हैं। 🙏🙏 शेष भाग कल.......
💕"तद् यद् रुदितात् समभवन् तस्माद् रुद्राः "
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" नव ग्रहणां अधीनस्थ जीवनम् "
🛟॥ श्री हरिः ॐ ॥☀️
🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏।
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💥“ज्ञान ही सच्ची संपत्ति है।
बाकी सब क्षणभंगुर है।”💥
🌼 ।। जय श्री कृष्ण ।।🌼
💥।। शुभम् भवतु।।💥
♨️ ⚜️ 🕉🌞 🌞🕉 ⚜🚩*♥️~💕
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🔱🇪🇬जय श्री महाकाल सरकार 🔱🇪🇬 मोर मुकुट बंशीवाले सेठ की जय हो 🪷*
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*♥️~*यह पंचांग नागौर (राजस्थान) सूर्योदय के अनुसार है।*
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‼️*अस्वीकरण(Disclaimer)पंचांग, धर्म, ज्योतिष, त्यौहार की जानकारी शास्त्रों से ली गई है।*
🙏*हमारा उद्देश्य मात्र आपको केवल जानकारी देना है। इस संदर्भ में हम किसी प्रकार का कोई दावा नहीं करते हैं।*
💥*राशि रत्न,वास्तु आदि विषयों पर प्रकाशित सामग्री केवल आपकी जानकारी के लिए हैं अतः संबंधित कोई भी कार्य या प्रयोग करने से पहले किसी अच्छी जानकारी वाले ज्योतिषी से संपर्क करे*।
*💥यदि आप अपनी कुण्डली विश्लेषण चाहते हैं तो जन्म दिनांक, स्थान, समय बताएं!!🌟*
*♥️ रमल ज्योतिर्विद आचार्य दिनेश "प्रेमजी", नागौर (राज,)*
*।।आपका आज का दिन शुभ मंगलमय हो।।*
🕉️📿🔥🌞🚩🔱ॐ 🇪🇬🔱🔥🔱🌿





