*💥🗓*आज का पञ्चाङ्ग*🗓💥*
*🎈दिनांक 12 जुलाई 2026*
*🎈 वार- रविवार*
*🎈 मास - आषाढ़ मास*
*🎈 पक्ष - कृष्ण पक्ष*
*🎈 विक्रम संवत् - 2083*
*🎈 संवत्सर पराभव*
*🎈संवत्सर (उत्तर)- रौद्र*
*🎈 अयन - उत्तरायण*
*🎈 ऋतु - रितु वर्षा*
*🎈तिथि - त्रयोदशी-22:29:14* am तक
*तत्पश्चात चतुर्दशी *प्रदोष व्रत*
*🎈 नक्षत्र - रोहिणी- 08:28:08 am तक*
*🎈 मृगशिरा तत्पश्चात् , आर्द्रा*
*🎈योग - गण्ड - 24:04:21* तक, तत्पश्चात् ध्रुव*
*🎈करण- गर 12:17:47 * तक,
तत्पश्चात् वाणिज्य*
*🎈राहुकाल -05:40 pm से 07:31pm (नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*हर जगह का अलग होगा
(राहुकाल वह समय होता है जिसमे किसी भी नये अथवा शुभ कार्य प्रारम्भ करने से बचना चाहिए।)*
*🎈➡️ चन्द्र राशि-वृषभ* till 19:05:22 तक
तत्पश्चात् ↘️
*🎈➡️ मिथुन from19:05:22 तक*
*🎈➡️ सूर्य राशि- मिथुन*
*🎈 सूर्योदय - 05:49:58*
*🎈 सूर्यास्त - 19:31:18*
*(सूर्योदय एवं सूर्यास्त ,नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*
*🎈दिशा शूल- पूर्व दिशा में*
( किसी भी विशेष कार्य हेतु दिशा शूल वाली दिशा में जाने से बचना चाहिए, यद्यपि यदि उसी दिन जाकर उसी दिन लौटना हैं, अथवा व्यवसाय के दृष्टिकोण से प्रतिदिन जाना ही पड़ता है तो प्रभाव कम हो जाएगा, फिर इस पर विचार करने की आवश्यकता नही है, यदि किसी कारण वश दिशा शूल में जाना ही पड़े तो सूर्योदय से पूर्व निकलना श्रेयस्कर होता है, अन्यथा एक दिन पूर्व प्रस्थान रखकर भी निकला जा सकता हैं।)*
*🎈ब्रह्ममुहूर्त - 04:26 ए एम से 05:07 ए एम*
*🎈अभिजित मुहूर्त*- 12:13 पी एम से 01:08 पी एम*
*🎈 अमृत काल- 08:52 ए एम से 10:19 ए एम*
*🎈 निशिता मुहूर्त - 12:20 ए एम, जुलाई 12 से 01:01 ए एम, जुलाई 12*
सर्वार्थ सिद्धि योग 11:03 ए एम से 05:49 ए एम, जुलाई 12*
*🎈 त्रिपुष्कर योग 05:48 ए एम से 11:03 ए एम*
*🎈 अमृत सिद्धि योग 11:03 ए एम से 05:49 ए एम, जुलाई 12
*🎈व्रत पर्व विवरण - विशेष - दशमी तिथि को लौकी खाना वर्जित माना गया है। एकादशी व्रत 11 जुलाई 2026 को (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: 27.29-34)*
*🎈विशेष:- *आषाढ़ मास महात्म्य*
*🏓11जुलाई 2026 के पंचांग के अनुसार बुधवार का दिन आषाढ़ कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि है, जिसमें ग्रहों की चाल के प्रभाव से विशेषकर कर्क, सिंह, धनु और राशि के जातकों को धन लाभ और कार्यक्षेत्र में नए अवसर मिलेंगे। वहीं, अन्य राशियों के लिए मिला-जुला दिन रहने की संभावना है।
👉 जय माँ आदिशक्ति सच्चियाय 🪔
🎉विक्रम सम्वत 2083 का मन्त्री मण्डल🛟
💥राजा गुरु👑 - शासन व्यवस्था के स्वामी 💢सेनाधिपति चन्द्र⚔️ - रक्षा मन्त्री एवं सेनानायक
💢मन्त्री मंगल⚜️ - नीतियों एवं प्रशासन के 💢स्वामी धान्याधिपति बुध🌻 - रबी की फसलों के स्वामी
💢सस्याधिपति गुरु🌾 - खरीफ की फसलों के स्वामी
🛟मेघाधिपति चन्द्र🌧 - मेघ एवं वर्षा के स्वामी
💢धनाधिपति गुरु💰 - धन एवं कोष के स्वामी नीरसाधिपति
💢गुरु🪙 - धातु, खनिज आदि के स्वामी
🛟रसाधिपति शनि🍯 - रस एवं द्रव पदार्थों के स्वामी फलाधिपति
चन्द्र🍎 - फल-पुष्पादि के स्वामी
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🛟 नागौर, राजस्थान, (भारत)
मानक सूर्योदय के अनुसार।*🛟
*🛟चोघडिया, दिन का🛟*
🛟चोघडिया, रात्🛟*
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💢आज का राशिफल💢
💢मेष: कार्यक्षेत्र में सहकर्मियों का सहयोग मिलेगा। स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें और ठंडी चीजों से परहेज करें। धन लाभ के अच्छे योग बन रहे हैं。
वृषभ: आज आपके अटके हुए कार्य पूरे होंगे। व्यापार में मुनाफा होगा, लेकिन आय और व्यय के बीच संतुलन बनाकर चलना जरूरी है。
मिथुन: दिन सामान्य रहेगा। शाम के समय किसी पुराने मित्र से मुलाकात हो सकती है। अपनी वाणी पर संयम रखें。
कर्क: आपके लिए दिन बेहद शुभ रहेगा。 समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा और परिवार के साथ अच्छा समय व्यतीत होगा। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी。
सिंह: मेहनत का उचित परिणाम मिलेगा। नौकरीपेशा लोगों के लिए प्रमोशन के योग बन रहे हैं। सेहत अच्छी रहेगी。कन्या: किसी भी कार्य में जल्दबाजी न करें। विद्यार्थियों के लिए दिन अनुकूल है। खान-पान का विशेष ध्यान रखें。
तुला: आर्थिक निवेश के लिए दिन ठीक नहीं है। पारिवारिक जीवन में मधुरता बनी रहेगी। यात्रा करते समय सतर्क रहें。
वृश्चिक: रुका हुआ धन वापस मिल सकता है। वैवाहिक जीवन में खुशहाली रहेगी। कोई नया व्यापारिक अनुबंध हो सकता है。
धनु: कार्यस्थल पर आपकी तारीफ होगी। नई आय के साधन प्राप्त हो सकते हैं। स्वास्थ्य में सुधार होगा。
मकर: आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। आप ऊर्जा से भरे रहेंगे। किसी विशेष कार्य में सफलता मिलने के प्रबल संकेत हैं。
कुंभ: खर्चों में वृद्धि हो सकती है, इसलिए बजट का ध्यान रखें। जीवनसाथी की सलाह आपके लिए फायदेमंद साबित होगी。
मीन: रचनात्मक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। अपनी भावनाओं पर नियंत्रण रखें। परिवार के सदस्यों के साथ किसी धार्मिक स्थल पर जाने का योग है。
🚩*श्रीगणेशाय नमोनित्यं*🚩
🚩*☀जय मां सच्चियाय* 🚩
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💕🛟प्रात: विशेष🕉️🌺
👣🕉️ 🌹🌹 🌹🌹।। 🔶🔶🌹🌹 🌹
➡️ *।। ॐ श्री गणेशाय नमः ।।
🌺🌷🏓।। आज बात करते हैं आपसे
☀️ ऋषि चिंतन अपने सदगुणों को प्रकाशित होने दें!
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एक पेचीदा प्रश्न पर कुछ विचार-विमर्श करें। कई व्यक्तियों में साधारण योग्यताएँ होते हुए भी उनकी कीर्ति बहुत विस्तृत होती है और कईयों में अधिक योग्यता होते हुए भी उन्हें कोई नहीं पूछता, कोई दुर्गुणी होते हुए भी श्रेष्ठ समझे जाते हैं, कोई सद्गुणी होते हुए भी बदनाम हो जाते हैं,आपने विचार किया कि इस अटपटे परिणाम का क्या कारण है? शायद आप यह कहें कि- "दुनियाँ मूर्ख है, उसे भले-बुरे की परख नहीं", तो आपका कहना न्याय संगत न होगा क्योंकि अधिकांश मामलों में उसके निर्णय ठीक होते हैं। आमतौर से भलों के प्रति भलाई और बुरों के प्रति बुराई ही फैलती है, ऐसे अटपटे निर्णय तो कभी-कभी ही होते हैं।
कारण यह कि वही वस्तुएँ चमकती हैं जो प्रकाश में आती हैं। सामने वाला भाग ही दृष्टिगोचर होता है। जो चीजें रोशनी में रखी हैं वे साफ-साफ दिखाई देती हैं, हर कोई उनके अस्तित्व पर विश्वास कर सकता है, परन्तु जो वस्तुएँ अंधेरे में, पर्दे के पीछे, कोठरी में बंद रखी हैं उनके बारे में हर किसी को आसानी से पता नहीं लग सकता । इन बातों को ध्यान में रखते हुए आप अपने सदगुणों को प्रकाश में लाने का प्रयत्न कीजिए ।जो अच्छाईयाँ, योग्यताएँ, उत्तमताएँ विशेषताएँ हैं, उन्हें छिपाया मत कीजिए वरन इस प्रकार रखा करिए जिससे वे अनायास ही लोगों की दृष्टि में आ जायें।अपने बारे में बढ़-चढ़ कर बातें करना ठीक नहीं, शेखीखोरी ठीक नहीं, अहंकार से प्रेरित होकर अपनी बड़ाई के पुल बाँधना यह भी ठीक नहीं, अच्छी बात को बुरी तरह रखने में उसका सौंदर्य नष्ट हो जाता है। दूसरे प्रसंगों के सिलसिले में कलापूर्ण ढंग से, मधुर वाणी से इस कार्य को सुंदरता पूर्वक किया जा सकता है।अप्रिय सत्य को प्रिय बना कर कहने में बुद्धि-कौशल की परीक्षा है, बुराई की उसमें कुछ बात नहीं।जो गाय पाँच सेर दूध देती है क्या हर्ज है यदि इस बात से दूसरे लोग भी परिचित हो जाएँ ?
अपने अच्छे गुणों को प्रकट होने देने में आपका भी लाभ और दूसरों का भी।हानि किसी की कुछ नहीं। यदि आपके सद्गगुणों, योग्यताओं का पता दूसरों को चलता है तो उनके सामने एक आदर्श उपस्थित होता है, एक दूसरे की नकल करने की प्रथा समाज में खूब प्रचलित है, संभव है कि उन गुणों और योग्यताओं का अप्रत्यक्ष प्रभाव किन्हीं पर पड़े और वे उसकी नकल करने प्रयास में अपना लाभ करें। सद्गुणी व्यक्ति के लिए स्वभावत: श्रद्धा, प्रेम और आदर की भावना उठती हैं, जिनके मन में यह उठती हैं उसे शीतल करती हैं, बल देती हैं, पुष्ट बनाती हैं।दुनिया में भलाई अधिक है या बुराई ? इसका निर्णय करने में अक्सर लोग आसपास के व्यक्तियों को देखकर ही कुछ निष्कर्ष निकालते हैं । आपके संबंध में यदि अच्छे विचार फैले हुए हैं तो सोचने वाले को अच्छाई का पक्ष भी मजबूत मालूम देता है और वह संसार के संबंध में अच्छे विचार बनाता है एवं खुद भी भलाई पर विश्वास कर भली दुनियाँ के साथ त्याग और सेवा सत्कर्म करने को तत्पर होता है।
पं.श्रीराम शर्मा आचार्य 🙏🙏
💕"तद् यद् रुदितात् समभवन् तस्माद् रुद्राः "
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" नव ग्रहणां अधीनस्थ जीवनम् "
🛟॥ श्री हरिः ॐ ॥☀️
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💥“ज्ञान ही सच्ची संपत्ति है।
बाकी सब क्षणभंगुर है।”💥
🌼 ।। जय श्री कृष्ण ।।🌼
💥।। शुभम् भवतु।।💥
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🔱🇪🇬जय श्री महाकाल सरकार 🔱🇪🇬 मोर मुकुट बंशीवाले सेठ की जय हो 🪷*
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*♥️~*यह पंचांग नागौर (राजस्थान) सूर्योदय के अनुसार है।*
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‼️*अस्वीकरण(Disclaimer)पंचांग, धर्म, ज्योतिष, त्यौहार की जानकारी शास्त्रों से ली गई है।*
🙏*हमारा उद्देश्य मात्र आपको केवल जानकारी देना है। इस संदर्भ में हम किसी प्रकार का कोई दावा नहीं करते हैं।*
💥*राशि रत्न,वास्तु आदि विषयों पर प्रकाशित सामग्री केवल आपकी जानकारी के लिए हैं अतः संबंधित कोई भी कार्य या प्रयोग करने से पहले किसी अच्छी जानकारी वाले ज्योतिषी से संपर्क करे*।
*💥यदि आप अपनी कुण्डली विश्लेषण चाहते हैं तो जन्म दिनांक, स्थान, समय बताएं!!🌟*
*♥️ रमल ज्योतिर्विद आचार्य दिनेश "प्रेमजी", नागौर (राज,)*
*।।आपका आज का दिन शुभ मंगलमय हो।।*
🕉️📿🔥🌞🚩🔱ॐ 🇪🇬🔱🔥🔱🌿





