*💥🗓*आज का पञ्चाङ्ग*🗓💥*
*🎈दिनांक 06 अगस्त 2026*
*🎈 पक्ष - कृष्णा पक्ष*
*🎈 विक्रम संवत् - 2083*
*🎈 संवत्सर पराभव*
*🎈संवत्सर (उत्तर)- रौद्र*
*🎈 अयन - उत्तरायण*
*🎈 ऋतु - रितु वर्षा*
*🎈तिथि - अष्टमी - 06:52 पी एम तक तक तत्पश्चात*नवमी*
*🎈 नक्षत्र - भरणी - 08:13 पी एम तक तत्पश्चात कृतिका*
*🎈योग - गण्ड - 07:50:21 पी एम तक तत्पश्चात् वृद्धि*
*🎈करण- विष्टि - 09:26 ए एम तक तत्पश्चात् कोलव,तैतिल,गर*
*🎈राहुकाल 02:20 पी एम से 03:59 पी एम (नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*हर जगह का अलग होगा
(राहुकाल वह समय होता है जिसमे किसी भी नये अथवा शुभ कार्य प्रारम्भ करने से बचना चाहिए।)*
*🎈 सूर्योदय-06:02.46 ए एम*
*🎈 सूर्यास्त-07:18:54 पी एम*
*🎈चंद्र राशि- मेष*till 25: 52: 21*
*🎈चंद्र राशि- वृषभ*from 25: 52: 21*
*🎈 सूर्य राशि- कर्क*
*(सूर्योदय एवं सूर्यास्त ,नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*
*🎈दिशा शूल- दक्षिण दिशा में*
( किसी भी विशेष कार्य हेतु दिशा शूल वाली दिशा में जाने से बचना चाहिए, यद्यपि यदि उसी दिन जाकर उसी दिन लौटना हैं, अथवा व्यवसाय के दृष्टिकोण से प्रतिदिन जाना ही पड़ता है तो प्रभाव कम हो जाएगा, फिर इस पर विचार करने की आवश्यकता नही है, यदि किसी कारण वश दिशा शूल में जाना ही पड़े तो सूर्योदय से पूर्व निकलना श्रेयस्कर होता है, अन्यथा एक दिन पूर्व प्रस्थान रखकर भी निकला जा सकता हैं।)*
*🎈ब्रह्ममुहूर्त - 04:36 ए एम से 05:19 ए एम*
*🎈अभिजित मुहूर्त: 12:14 पी एम से 01:07 पी एम*
*🎈 निशिता मुहूर्त - 12:20 ए एम, अगस्त 07 से 01:02 ए एम, अगस्त 07*
*🎈अमृत काल -03:38 पी एम से 05:10 पी एम*
*🎈व्रत पर्व विवरण - अष्टमी तिथि के दिन नारियल का फल खाना वर्जित है। शास्त्रों में मान्यता है कि इस दिन नारियल खाने से मनुष्य की बुद्धि का नाश होता है। इसके साथ ही इस तिथि पर तिल के तेल का सेवन करना और शरीर पर लगाना भी पूरी तरह निषिद्ध माना गया है
ब्रह्मवैवर्त पुराण (ब्रह्म खंड: 27.29-34)
*🎈विशेष:- 06 अगस्त 2026 (गुरुवार) के दिन सूर्य और बुध के बुधादित्य योग तथा चंद्रमा के मेष राशि में संचरण के प्रभाव से सभी राशियों के लिए ऊर्जा, कार्यक्षमता और आर्थिक सुधार के योग बन रहे हैं। शुक्र का तुला राशि में प्रवेश रिश्तों में मिठास लेकर आया है
🛟06 अगस्त 2026 को चंद्रमा मेष राशि में और सूर्य कर्क राशि में स्थित हैं। आज का दिन सभी 12 राशियों के लिए व्यावहारिक सोच, कार्यकुशलता और रिश्तों में संतुलन बनाने का संकेत दे रहा है।🛟
💥सावन महात्म्य☀️
👉 जय माँ आदिशक्ति सच्चियाय 🪔
🎉*विक्रम सम्वत 2083 का मन्त्री मण्डल*
💥राजा गुरु👑 - शासन व्यवस्था के स्वामी
💢सेनाधिपति चन्द्र⚔️ -
🏵️ रक्षा मन्त्री एवं सेनानायक
💢मन्त्री मंगल⚜️ - नीतियों एवं प्रशासन के स्वामी धान्याधिपति बुध🌻 - रबी की फसलों के स्वामी
💢सस्याधिपति गुरु🌾 - खरीफ की फसलों के स्वामी
🛟मेघाधिपति चन्द्र🌧 - मेघ एवं वर्षा के स्वामी
💢धनाधिपति गुरु💰 - धन एवं कोष के स्वामी नीरसाधिपति
💢गुरु🪙 - धातु, खनिज आदि के स्वामी
🛟रसाधिपति शनि🍯 - रस एवं द्रव पदार्थों के स्वामी फलाधिपति
चन्द्र🍎 - फल-पुष्पादि के स्वामी
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🛟 नागौर, राजस्थान, (भारत)
मानक सूर्योदय के अनुसार।*🛟
*🛟चोघडिया, दिन का🛟*
🛟चोघडिया, रात्🛟*
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🚩*श्रीगणेशाय नमोनित्यं*🚩
🚩*☀जय मां सच्चियाय* 🚩
💢आज का राशिफल💢
🛟सभी 12 राशियों का संक्षिप्त राशिफल‼️
💢मेष: ऊर्जा में वृद्धि होगी। करियर में नए अवसर और सकारात्मक परिणाम मिलेंगे। प्रेम जीवन अनुकूल रहेगा।
💢वृषभ: अपने लक्ष्यों को पाने के लिए खुद को प्रेरित महसूस करेंगे। छोटे कामों को पहले पूरा करें।
💢मिथुन: आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। जिम्मेदारियों के साथ आनंद भी बना रहेगा।
💢कर्क: रचनात्मकता चरम पर होगी। आज के दिन अच्छी तरह आराम करें और सादा भोजन लें।
💢सिंह: आर्थिक पक्ष मजबूत रहेगा। दिन छोटी-छोटी सफलताओं और आत्मविश्वास से भरा होगा।
💢कन्या: बातचीत से भ्रम दूर होंगे। आर्थिक मामलों में थोड़ा सतर्क रहने की जरूरत है।
💢तुला: करियर के लिहाज से दिन शानदार है। मान-सम्मान और नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं।
💢वृश्चिक: रिश्तों में व्यावहारिक सहयोग और भरोसा गहरा होगा। शांति व दृढ़ता से आगे बढ़ें।
💢धनु: परिवार के लोगों की बातें सुनने से मानसिक सुकून मिलेगा। अनुभवों से सीख लें।
💢मकर: विचारों को व्यवस्थित करने के लिए योजनाएं बनाएं और दोस्तों से साझा करें। सूझबूझ से कदम उठाएं।
💢कुंभ: धैर्य और स्मार्ट योजना बनाने से आपको अच्छा लाभ मिलेगा। भविष्य के लिए निवेश का दिन है।
💢मीन: कार्यक्षेत्र में गति और लाभ मिलने के योग हैं। ईमानदारी से शुरुआत करने पर मानसिक शांति मिलेगी।
➡️ 💕🛟प्रात: विशेष🕉️🌺
#🌕 👉 👉🦚❤️💐 🌼🪔🏓🎊
🌺🌷🏓।। आज बात करते हैं ☀️☀️#🎉ॐ श्री गुरुभ्यो नमः 🙏
‼️पितृ सपने में दिखाई दे – यह संकेत है कि वे मुक्ति चाहते हैं 🔥
💕नमस्ते दोस्तों,
‼️👁️अक्सर लोग हमसे पूछते हैं – "मुझे सपने में मेरे दादा जी दिखे", "मेरे पिता जी सपने में आते हैं", "पितर बार-बार सपने में परेशान दिखते हैं", "मेरे पूर्वज सपने में कुछ माँग रहे थे"। इसका क्या मतलब है? क्या यह सिर्फ एक सामान्य सपना है या इसके पीछे कोई गहरा संदेश छिपा है?
🛟शास्त्रों और स्वप्न विज्ञान के अनुसार, जब हमारे पितर सपने में दिखाई देते हैं, तो यह एक संकेत है कि वे मुक्ति चाहते हैं। हो सकता है कि वे प्रेत योनि में अटक गए हों, या उनकी कोई अधूरी इच्छा हो, या उन्हें तर्पण, पिंडदान, या स्वधा की आवश्यकता हो। पितर सपनों के माध्यम से आपसे संपर्क करते हैं क्योंकि वे सीधे बात नहीं कर सकते। जब पितर सपने में बार-बार आ रहे हैं, परेशान दिख रहे हैं, भूखे-प्यासे दिख रहे हैं, या कुछ माँग रहे हैं – तो समझ लीजिए कि वे मुक्ति चाहते हैं और वे रास्ते में अटक गए हैं। यही कारण है कि पितृ दोष बनता है, पितृ ऋण चुकता नहीं होता, और पितृ बंधन में फँसे रहते हैं।
↘️पितरों की मुक्ति के लिए यह उपाय अत्यंत शक्तिशाली और सरल है। यह उपाय स्वधा नाम के जाप पर आधारित है। स्वधा पितरों की अधिष्ठात्री देवी हैं। स्वधा के बिना पितृ तर्पण अधूरा है। स्वधा का जाप पितरों को तृप्त करता है और उनकी मुक्ति का मार्ग प्रशस्त करता है। पितरों की शांति के लिए, पितरों की मुक्ति के लिए, पितृ दोष के निवारण के लिए, पितृ ऋण चुकता करने के लिए, और पितृ बंधन से मुक्ति पाने के लिए यह उपाय रामबाण है।
↘️इस उपाय में आपको स्वधा नाम की 5 माला प्रतिदिन जाप करनी है। एक माला 108 जाप की होती है, इसलिए 5 माला यानी 540 जाप प्रतिदिन। यह साधना 21 दिन तक लगातार करनी है। आप "ॐ स्वधायै नमः" मंत्र का जाप कर सकते हैं या केवल "स्वधा स्वधा स्वधा" का जाप भी कर सकते हैं। स्वधा शब्द का उच्चारण मात्र ही पितरों को तृप्त करने के लिए पर्याप्त है। यह जाप प्रातःकाल स्नान के बाद करें, सफेद वस्त्र धारण करें, पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करें, और पितरों का ध्यान करें। जाप के बाद पितरों के नाम पर जल अर्पण करें और प्रार्थना करें कि उन्हें मुक्ति मिले।
↘️इस साधना को करने से पितरों को मुक्ति मिलती है, पितृ दोष समाप्त होता है, पितृ ऋण चुकता होता है, पितृ बंधन टूटता है, पितर प्रसन्न होते हैं, पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है, कुलदेवी प्रसन्न होती हैं, घर में सुख-शांति आती है, और परिवार में समृद्धि आती है। यदि आपके पितर सपने में बार-बार आ रहे हैं, तो यह उपाय अवश्य करें। पितरों की मुक्ति ही आपकी मुक्ति है।
📖 इस विषय को एक पोस्ट में पूरी तरह समझाना संभव नहीं है।
💕*"तद् यद् रुदितात् समभवन् तस्माद् रुद्राः"*💥
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✨*नव ग्रहणां अधीनस्थ जीवनम्*✨
*🛟॥ श्री हरिः ॐ*॥☀️
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*💥“*ज्ञान ही सच्ची संपत्ति है।*
*बाकी सब क्षणभंगुर* है।”💥
🌼 ।। जय श्री कृष्ण ।।🌼
💥।। शुभम् भवतु।।💥
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🔱🇪🇬*जय श्री महाकाल सरकार *🔱🇪🇬 *मोर मुकुट बंशीवाले सेठ की जय हो 🪷*▬▬▬▬▬▬▬ஜ۩۞۩ஜ
*♥️~*यह पंचांग नागौर (राजस्थान) सूर्योदय के अनुसार है।*
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🙏*हमारा उद्देश्य मात्र आपको केवल जानकारी देना है। इस संदर्भ में हम किसी प्रकार का कोई दावा नहीं करते हैं।*
💥*राशि रत्न,वास्तु आदि विषयों पर प्रकाशित सामग्री केवल आपकी जानकारी के लिए हैं अतः संबंधित कोई भी कार्य या प्रयोग करने से पहले किसी अच्छी जानकारी वाले ज्योतिषी से संपर्क करे*।
*💥यदि आप अपनी कुण्डली विश्लेषण चाहते हैं तो जन्म दिनांक, स्थान, समय बताएं!!🌟*
*♥️ रमल ज्योतिर्विद आचार्य दिनेश "प्रेमजी", नागौर (राज,)*
*।।आपका आज का दिन शुभ मंगलमय हो।।*
🕉️📿🔥🌞🚩🔱ॐ 💥🙏💘☀️




