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पञ्चाङ्ग 07 अक्टूबर 2026

 *💥🗓*आज का पञ्चाङ्ग*🗓💥*

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*🎈दिनांक  07 अक्टूबर 2026*
*🎈वार-   बुधवार*
*🎈मास - आश्विन मास*
*🎈पक्ष -  कृष्ण पक्ष*
*🎈विक्रम संवत् - 2083*
*🎈संवत्सर     पराभव*
*🎈संवत्सर (उत्तर)-    रौद्र*
*🎈अयन - दक्षिणायन*
*🎈ऋतु - शरद*
*🎈तिथि-द्वादशी - 11:16 पी एम तक तत्पश्चात त्रयोदशी * 
*🎈नक्षत्र- मघा - 09:40 पी एम तक तत्पश्चात, पूर्वा फाल्गुनी*
*🎈करण    - कौलव - 11:53 ए एम तक तत्पश्चात्, तैतिल,गर*
*🎈योग-    शुभ - 02:52 ए एम, अक्टूबर 08 तत्पश्चात्,शुक्ल* 
*🎈राहुकाल- 12:23 पी एम से 01:51 पी एम(नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*हर जगह का अलग होगा
(राहुकाल वह समय होता है जिसमे किसी भी नये अथवा शुभ कार्य प्रारम्भ करने से बचना चाहिए।)*
*🎈सूर्योदय- 06:31.37 ए एम*
*🎈सूर्यास्त- 06:13:46 पी एम*
*🎈चंद्र राशि- सिंह*
*🎈सूर्य राशि- कन्या*
*(सूर्योदय एवं सूर्यास्त ,नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*
*🎈दिशा शूल- उत्तर दिशा में*
(किसी भी विशेष कार्य हेतु दिशा शूल वाली दिशा में जाने से बचना चाहिए, यद्यपि यदि उसी दिन जाकर उसी दिन लौटना हैं, अथवा व्यवसाय के दृष्टिकोण से प्रतिदिन जाना ही पड़ता है तो प्रभाव कम हो जाएगा, फिर इस पर विचार करने की आवश्यकता नही है, यदि  किसी कारण वश दिशा शूल में जाना ही पड़े तो सूर्योदय से पूर्व निकलना  श्रेयस्कर होता है, अन्यथा एक  दिन पूर्व प्रस्थान रखकर भी निकला जा सकता हैं।)*
*🎈ब्रह्ममुहूर्त - 04:52 ए एम से 05:41 ए एम*
*🎈अभिजित मुहूर्त: कोई नहीं*
*🎈अमृत काल    - 07:20 पी एम से 08:53 पी एम*
*🎈 निशिता मुहूर्त -11:58 पी एम से 12:47 ए एम, अक्टूबर 08*
*🎈 सर्वार्थ सिद्धि योग-    06:30 ए एम से 10:17 पी एम*
*🎈विशेष:- व्रतपर्व विवरण-  🏵️ ☀️☀️☀️07 अक्टूबर 2026: द्वादशी श्राद्ध बुधवार  है।🏓🏓🏓
💥गुरु प्रदोष व्रत: 8 अक्टूबर 2026, गुरुवार💥
💥पूजा मुहूर्त: सायं 6:15 बजे से रात 8:41 बजे तक

🛟गुरुवार को पड़ने वाला प्रदोष व्रत गुरु प्रदोष कहलाता है, यह भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना का पावन अवसर है।

🛟इस दिन प्रातः स्नान कर अपनी क्षमता के अनुसार व्रत का संकल्प लें। संध्याकाल में प्रदोष मुहूर्त के दौरान शिवलिंग पर स्वच्छ जल, बेलपत्र, चंदन और पुष्प अर्पित करें। दीप प्रज्वलित कर “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का श्रद्धापूर्वक जाप करें। श्रद्धानुसार महामृत्युंजय मंत्र, शिव स्तुति या प्रदोष व्रत कथा का पाठ भी किया जा सकता है।

🛟इस दिन भगवान शिव को सफेद चावल की खीर का भोग लगाना भी अति उत्तम होता है।
🔱🚩श्री सांबसदाशिव🙏हर हर महादेव 🙌

👁️"विष्णु भगवान की जय हो "🙏 🌹

🛟ब्रह्म वैवर्त पुराण (ब्रह्म खंड: 27.29-34) के अनुसार, द्वादशी तिथि के दिन पोई (पूतिका) का साग नहीं खाना चाहिए।
शास्त्रों और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस तिथि से जुड़ी खास बातें:
• वर्जित आहार: द्वादशी को पोई (पूतिका) खाना निषिद्ध माना गया है।
• मान्यता: शास्त्रों में ऐसा कहा गया है कि द्वादशी को पोई खाने से पुत्र का नाश होता है (हानि या कष्ट की मान्यता है)।

💥7 अक्टूबर 2026 (बुधवार) को चंद्रमा सिंह राशि और मघा नक्षत्र में संचार करेंगे, जिससे कुछ राशियों को आकस्मिक धन लाभ और करियर में बड़े अवसर मिलेंगे, जबकि कुछ को ग्रहण दोष के कारण सावधानी बरतनी होगी।
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   👉 जय माँ आदिशक्ति सच्चियाय 🪔 
     🛟 नागौर, राजस्थान, (भारत)    
         मानक सूर्योदय के अनुसार।*🛟
       *🛟चोघडिया, दिन का🛟*
day



          🛟चोघडिया, रात्🛟*
night


 
★√*★√*★√*★√*★√*★
     🚩*श्रीगणेशाय नमोनित्यं*🚩
    🚩*☀जय मां सच्चियाय* 🚩 
   
    ‼️💢आज का राशिफल💢‼️

🏓🏓सभी 12 राशियों का संक्षिप्त राशिफल💕
💥• मेष: दिन मिला-जुला रहेगा। जल्दबाजी में फैसले लेने से बचें। आर्थिक मामलों में अपने बजट पर ध्यान दें।
💥• वृषभ: भूमि-भवन की खरीददारी के योग हैं। चंद्रमा-केतु के प्रभाव से बड़े सौदों में बिना परिवार की सहमति के आगे न बढ़ें।
💥• मिथुन: आपकी परिस्थितियों में तेजी से बदलाव आ सकते हैं। बातचीत और संपर्कों से लाभ होगा।
💥• कर्क: आज का दिन कुछ भागदौड़ और मानसिक परेशानियों भरा रह सकता है। खर्चों पर नियंत्रण रखें।
💥• सिंह: आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता से काम बनेंगे। घरेलू जीवन में थोड़े उतार-चढ़ाव आ सकते हैं।
💥• कन्या: आपके खर्चे कम होंगे जिससे मन में शांति रहेगी। व्यवस्थित तरीके से काम करने से लाभ होगा।
💥• तुला: आर्थिक लाभ के योग हैं। नई संपत्ति की खरीदारी या कामकाज में व्यस्तता बढ़ सकती है।
💥• वृश्चिक: बिज़नेस या ऑफिस के सिलसिले में लंबी यात्रा के योग बन रहे हैं। जल्दबाजी से बचें।
💥• धनु: शिक्षा, यात्रा या दूर-دراز के संबंधों से लाभ मिलेगा। ओवरथिंकिंग और अनावश्यक चिंता से बचें।
💥• मकर: मित्रों के सहयोग से कामकाजी बाधाएं दूर होंगी। अनुभव और पुराने तरीकों से लाभ मिलेगा।
💥• कुंभ: आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। कूटनीति और बातचीत से कार्यक्षेत्र की उलझनें सुलझेंगी।
💥• मीन: पदोन्नति या शुभ समाचार मिल सकता है। मंगल और यूरेनस की युति से वित्तीय स्थिति में सुधार दिखेगा।
💕🙏 #ॐउमामहेश्वराभ्यां नमः 🙏
  
 ➡️ 💕🛟प्रात: विशेष🕉️🌺
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🌺🌷🏓।। आज बात करते हैं अभी श्राद्ध पक्ष चल रहा है। ☀️

#🌕 👉 👉🦚❤️💐 🌼🪔🏓🎊
🌹|| ✨ 🌹// 🕉️ ✨ 🌺 🦚 🌼 
🌿 🌿 👉 क्या आप जानते हैं? पंचक में मरने वाले को सद्गति नहीं मिलती? और एक पिंड छूटा तो पिशाच आ जाते हैं? 😱👇  
💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐 
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👉*श्री गरुड़ पुराण - सारोद्धार - अध्याय 10 में भगवान विष्णु ने दाह संस्कार की सही विधि बताई है*...             

 🦇 गरुड़ जी बोले, 'हे विभो ! अब आप पुण्यात्मा पुरुषों के शरीर के दाह संस्कार का विधान बतलाइए और यदि पत्नी सती हो तो उसकी महिमा का भी वर्णन कीजिए।

🌼 श्रीभगवान ने कहा, 'हे तार्क्ष्य ! जिन और्ध्वदैहिक  कृत्यों को करने से पुत्र और पौत्र, पितृ-ऋण से मुक्त हो जाते हैं, उसे बताता हूँ, सुनो। बहुत-से दान देने से क्या लाभ? माता-पिता की अन्त्येष्टि क्रिया भली-भाँति करें, उससे पुत्र को अग्निष्टोम योग के समान फल प्राप्त हो जाता है।
माता-पिता की मृत्यु होने पर पुत्र को शोक का परित्याग करके सभी पापों से मुक्ति प्राप्त करने के लिए समस्त बान्धवों के साथ मुण्डन कराना चाहिए। माता-पिता के मरने पर जिसने मुण्डन नहीं कराया, वह संसार सागर को तारने वाला पुत्र कैसे समझा जाए? अत: नख और काँख को छोड़कर मुण्डन कराना आवश्यक है, इसके बाद समस्त बान्धवों सहित स्नान करके धौत वस्त्र धारण करें तब तुरंत जल ले आकर जल से शव को स्नान करावे और चन्दन अथवा गंगा जी की मिट्टी के लेप से तथा मालाओं से उसे विभूषित करें। उसके बाद नवीन वस्त्र से ढककर अपसव्य होकर नाम-गोत्र का उच्चारण करके संकल्पपूर्वक दक्षिणासहित पिण्डदान देना चाहिए। मृत्यु के स्थान पर “शव” नामक पिण्ड को मृत व्यक्ति के नाम-गोत्र से प्रदान करें। ऎसा करने से भूमि और भूमि के अधिष्ठाता देवता प्रसन्न होते हैं।

🌼 इसके पश्चात द्वार देश पर “पान्थ” नामक पिण्ड मृतक के नाम-गोत्रादि का उच्चारण करके प्रदान करे। ऎसा करने से भूतादि कोटि में दुर्गतिग्रस्त प्रेत मृत प्राणी की सद्गति में विघ्न-बाधा नहीं कर सकते। इसके बाद पुत्र वधू आदि शव की प्रदक्षिणा करके उसकी पूजा करें तब अन्य बान्धवों के साथ पुत्र को शव यात्रा के निमित्त कंधा देना चाहिए। अपने पिता को कंधे पर धारण करके जो पुत्र श्मशान को जाता है, वह पग-पग पर अश्वमेघ का फल प्राप्त करता है, पिता अपने कंधे पर अथवा अपनी पीठ पर बिठाकर पुत्र का सदा लालन-पालन करता है, उस ऋण से पुत्र तभी मुक्त होता है जब वह अपने मृत पिता को अपने कंधे पर ढोता है। इसके बाद आधे मार्ग में पहुँचकर भूमि का मार्जन और प्रोक्षण करके शव को विश्राम कराए और उसे स्नान कराकर भूत संज्ञक पितर को गोत्र नामादि के द्वारा ‘भूत’ नामक पिण्ड प्रदान करें। इस पिण्डदान से अन्य दिशाओं में स्थित पिशाच, राक्षस, यक्ष आदि उस हवन करने योग्य देह की हवनीयता अयोग्यता नहीं उत्पन्न कर सकते।

 🌼 उसके बाद श्मशान में ले जाकर उत्तराभिमुख स्थापित करें। वहाँ देह के दाह के लिए यथाविधि भूमि का संशोधन करें। भूमि का सम्मार्जन और लेपन करके उल्लेखन करें अर्थात दर्भमूल से तीन रेखाएँ खींचें और उल्लेखन क्रमानुसार ही उन रेखाओं से उभरी हुई मिट्टी को उठाकर ईशान दिशा में फेंककर उस वेदिका को जल से प्रोक्षित करके उसमें विधि-विधानपूर्वक अग्नि स्थापित करें। पुष्प और अक्षत आदि से क्रव्यादसंज्ञक अग्निदेव की पूजा करें और “लोमभ्य: (स्वाहा)” इत्यादि अनुवाक से यथाविधि होम करना चाहिए। (तब उस क्रव्याद, 'मृतक का मांस भक्षण करने वाली, 'अग्नि की इस प्रकार प्रार्थना करें) तुम प्राणियों को धारण करने वाले, उनको उत्पन्न करने वाले तथा प्राणियों का पालन करने वाले हो, यह सांसारिक मनुष्य मर चुका है, तुम इसे स्वर्ग ले जाओ। इस प्रकार क्रव्याद-संज्ञक अग्नि की प्रार्थना करके वहीं चंदन, तुलसी, पलाश और पीपल की लकड़ियों से चिता का निर्माण करें।
 शेष भाग कल.......

🌺‼️जय श्री कृष्णा! 🦚🚩 🌺🙏

🧨🚩⛳💥❤️🕉️🌴🍀🎈🌀🌿

 💕*"तद् यद् रुदितात् समभवन् तस्माद् रुद्राः"*💥
  ✨*नव ग्रहणां अधीनस्थ जीवनम्*✨
           *🛟॥ श्री हरिः ॐ*॥☀️
🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏     
 🌹🌹 🌹🌹 🌹🌹 🌹🌹 🌹🌹          

 *💥“*ज्ञान ही सच्ची संपत्ति है।*
          *बाकी सब क्षणभंगुर* है।”💥
       🌼 ।। जय श्री कृष्ण ।।🌼
       💥।। शुभम् भवतु।।💥
♨️  ⚜️ 🕉🌞  🌞🕉 ⚜🚩
🔱🇪🇬*जय श्री महाकाल सरकार *🔱🇪🇬 *मोर मुकुट बंशीवाले  सेठ की जय हो 🪷*▬▬▬▬▬▬▬ஜ۩۞۩ஜ
*♥️~*यह पंचांग नागौर (राजस्थान) सूर्योदय के अनुसार है।*

‼️*अस्वीकरण(Disclaimer)पंचांग, धर्म, ज्योतिष, त्यौहार की जानकारी शास्त्रों से ली गई है।*
🙏*हमारा उद्देश्य मात्र आपको  केवल जानकारी देना है। इस संदर्भ में हम किसी प्रकार का कोई दावा नहीं करते हैं।*
💥*राशि रत्न,वास्तु आदि विषयों पर प्रकाशित सामग्री केवल आपकी जानकारी के लिए हैं अतः संबंधित कोई भी कार्य या प्रयोग करने से पहले किसी अच्छी जानकारी वाले ज्योतिषी से संपर्क करे*।
*💥यदि आप अपनी कुण्डली विश्लेषण चाहते हैं तो जन्म दिनांक, स्थान, समय  बताएं!!🌟*
*♥️ रमल ज्योतिर्विद आचार्य दिनेश "प्रेमजी", नागौर (राज,)* 
*।।आपका आज का दिन शुभ मंगलमय हो।।* 
🕉️📿🔥🌞🚩🔱ॐ 💥🙏💘☀️
vipul

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