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पञ्चाङ्ग - 05-01-2026

 *🗓*आज का पञ्चाङ्ग*🗓*

jyotis


*🎈दिनांक - 05 जनवरी 2026*
*🎈 दिन- सोमवार*
*🎈 विक्रम संवत् - 2082*
*🎈 अयन - दक्षिणायण*
*🎈 ऋतु - शरद*
*🎈 मास - माघ मास*
*🎈 पक्ष - कृष्ण पक्ष*
*🎈तिथि-    द्वितीया    09:56:03*
तत्पश्चात् तृतीया    08:01:07*
*🎈तिथि    -चतुर्थी    30:52:02*(क्षय )*
*🎈 नक्षत्र - पुष्य    13:24:00*am तत्पश्चात्     आश्लेषा*
*🎈 योग    - विश्कुम्भ    22:46:11*pm तत्पश्चात् प्रीति*     
*🎈करण    -     गर    09:56:03am तक
 तत्पश्चात् वणिज*
*🎈राहुकाल -हर जगह का अलग है- 08:45:am to 10:04 pm तक (नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*
*🎈चन्द्र राशि     - कर्क*
*🎈सूर्य राशि-     धनु*
*🎈सूर्योदय - :07:27:03am*
*🎈सूर्यास्त -    17:54:03pm* 
*(सूर्योदय एवं सूर्यास्त ,नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*
*🎈दिशा शूल - पूर्व दिशा में*
*🎈ब्रह्ममुहूर्त - 05:37 ए एम से 06:31 ए एम ए एम से 06:29 ए एम तक*(नागौर 
राजस्थान मानक समयानुसार)*
*🎈अभिजित मुहूर्त- 12:19 पी एम से 01:01 पी एम*
*🎈 निशिता मुहूर्त - 12:13 ए एम, जनवरी 04 से 01:07 ए एम, जनवरी 04
*🎈    अमृत काल-    08:33 ए एम से 09:58 ए एम
*🎈 व्रत एवं पर्व- द्वितीया*
*🎈विशेष माघ मास महात्म्य *
कल से माघ मास प्रयागराज में कल्पवास*
kundli

 
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    *🛟चोघडिया, दिन🛟*
   नागौर, राजस्थान, (भारत)    
   मानक सूर्योदय के अनुसार।

*🛟*अमृत - सर्वोत्तम-07:26 ए एम से 08:44 ए एम*

*🛟*काल - हानि-08:44 ए एम से 10:03 ए एम काल वेला*

*🛟*शुभ - उत्तम-10:03 ए एम से 11:22 ए एम*

*🛟*रोग - अमंगल-11:22 ए एम से 12:41 पी एम*

 *🛟*उद्वेग - अशुभ-12:41 पी एम से 01:59 पी एम*

*🛟*चर - सामान्य-01:59 पी एम से 03:18 पी एम*

*🛟*लाभ - उन्नति-03:18 पी एम से 04:37 पी एम वार वेला*

*🛟* अमृत - सर्वोत्तम-04:37 पी एम से 05:55 पी एम*
    
        *🛟चोघडिया, रात्🛟*
  
 *🛟चर - सामान्य-05:55 पी एम से 07:37 पी एम*

 *🛟रोग - अमंगल-07:37 पी एम से 09:18 पी एम*

 *🛟काल - हानि-09:18 पी एम से 10:59 पी एम*

 *🛟लाभ - उन्नति-10:59 पी एम से 12:41 ए एम, जनवरी 06 काल रात्रि*

 *🛟उद्वेग - अशुभ-12:41 ए एम से 02:22 ए एम, जनवरी 06*

 *🛟शुभ - उत्तम-02:22 ए एम से 04:03 ए एम, जनवरी 06*

 *🛟अमृत - सर्वोत्तम-04:03 ए एम से 05:45 ए एम, जनवरी 06*

 *🛟चर - सामान्य-05:45 ए एम से 07:26 ए एम, जनवरी 06*

     🚩*श्रीगणेशाय नमोनित्यं*🚩
    🚩*☀जय मां सच्चियाय* 🚩
🌷 ..# 💐🍁🍁✍️ | #🌕 👉 
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❤️💐देव दानव तो समझ में आते हैं पर ये यक्ष गंधर्व और किन्नर क्या हैं जानें,👇?
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👉 🔅 मूर्खों का वर्णन 🔅
✍️ एक मूर्ख वह होता है जो उन्हीं से विरोध करता है जिनके उदर से जन्म लेता है और पत्नी को ही मित्र मानता हो। 

 *🛟 एक मूर्ख वह होता है जो अपने सारे गोत्र को छोड़कर केवल स्त्री के अधीन होकर रहता हो और उसे मन की गुप्त बात बतलाता हो।

 *🛟एक मूर्ख वह है जो पराई स्त्री से प्रेम करता हो या ससुर के घर में रहता हो या बिना कुल देखे किसी कन्या से विवाह करता हो।

 *🛟एक मूर्ख वह है सामने अभिमान करता हो, अपने आपको उसके बराबर समझता हो और बिना शक्ति समर्थ के रहते हुए अधिकार जतलाता हो। 

 *🛟एक मूर्ख वह है जो आप ही अपनी प्रशंसा करता हो, स्वदेश में रहकर विपत्ति भोगता हो या अपने बड़ों की कीर्ति बखानता हो। 

 *🛟एक मूर्ख वह है जो अकारण हँसता हो, अच्छी बात बतलाने पर न समझता हो और बहुतों का बैरी हो। 

 *🛟एक मूर्ख वह है जो अपने आदमियों से तो दूर रहता हो और पराये आदमियों से मित्रता करता हो या रात के समय दूसरों की निन्दा करता हो । 

 *🛟एक मूर्ख वह है जो बहुतों के जागते रहने पर भी उनके बीच में सोता हो और दूसरे के घर जाकर बहुत खाता हो। 

 *🛟एक मूर्ख वह है जो अपने मान या अपमान की बातें स्वयं सबसे कहता फिरता हो अथवा जिसके मन में सात प्रकार के व्यसन, (द्यूत, वेश्यागमन, चोरी, चुगली, परस्त्री गमन, लघुपक्षी क्रीडा और किन्नरी गायन) रहते हों। 

 *🛟एक मूर्ख वह है जो स्वयं प्रयत्न करना छोड़ दे और निश्चिन्त होकर दूसरों के भरोसे बैठा रहे अथवा अलहदीपन में ही सन्तुष्ट रहे। 

 *🛟एक मूर्ख वह है जो घर में तो बहुत-सी बातें सोचता हो, पर सभा में बोलने से लजाता हो। 

 *🛟एक मूर्ख वो जो अपने से श्रेष्ठ लोगों के साथ मित्रता या बराबरी का सम्बन्ध स्थापित करता हो अथवा दिया हुआ उपदेश न सुनता हो। 

 *🛟एक मूर्ख वह है जो ऐसे लोगों को उपदेश देता हो जो उसकी बात ही न सुनते हों, जो बड़ों के सामने अपना ज्ञान छाँटता हो या श्रेष्ठ लोगों को धोखे में डालता हो। 

 *🛟एक मूर्ख वह है जो विषय वासना में निर्लज्ज हो गया हो अथवा मर्यादा का उल्लंघन करके सब काम करता हो। 

 *🛟एक मूर्ख वह है जो रोगी होने पर भी औषधि का सेवन न करता हो, कभी पथ्य का संयम न करता हो और सहज में मिलनेवाले अच्छे पदार्थ को ग्रहण न करता हो। 

 *🛟एक मूर्ख वह हैं जो बिना किसी संगी-साथी के अकेला विदेश जाता हो, बिना समझे बूझे अनजान आदमी के साथ हो लेता हो या बढ़ी हुई नदीं में कूद पड़ता हो। 

 *🛟एक मूर्ख वह है जो ऐसी जगह बहुत अधिक आता जाता हो जहाँ उसका बहुत मान हो या जो अपने मान-अपमान का ध्यान न रखता हो। 

 *🛟एक मूर्ख वह है जो अपने धनवान् सेवक के आश्रम में जा रहता हो और जो सदा दुःखी रहता हो। 

 *🛟एक मूर्ख वह है जो कारण आदि का विचार न करके बिना अपराध के ही दण्ड देता हो या जरा सी बात में कंजूसी करता हो। 

 *🛟एक मूर्ख वह है जो देवताओं और पितरों को न मानता हो, शक्ति न होते हुए भी बहुत बढ़ बढ़कर बातें करता हो और बहुत बकवाद करता हो।

 *🛟एक मूर्ख वह है जो देवताओं और पितरों को न मानता हो, शक्ति न होते हुए भी बहुत बढ़ बढ़कर बातें करता हो और बहुत बकवाद करता हो। 

 *🛟एक मूर्ख वह है जो घर के लोगों को तो खाने दौड़ता हो, पर बाहर बिलकुल सीधा-सादा और बेचारा बना रहता हो। 

 *🛟एक मूर्ख वह है जो नीच जाति के लोगों की संगत करता हो, पराई स्त्री के साथ एकान्त में बातें करता हो या रास्ता चलते-चलते खाता हो। 

 *🛟एक मूर्ख वह है जो परोपकार न करता हो, दूसरे के उपकार का बदला अपकार से देता हो और जो काम करता हो, पर बातें बहुत बघारता हो। 

 *🛟एक मूर्ख वह है जो क्रोधी, पेटू या आलसी हो, मलीन और कुटिल हो या मान आदि कुछ भी न होने पर झूठा अभिमान करता हो। 

 *🛟एक मूर्ख वह है जो क्षुद्र, झूठा, कपटी, बकवादी, कुकर्मी और उद्धत हो या बहुत अधिक सोता हो। 

 *🛟एक मूर्ख वह है जो ऊँचे स्थान पर चढ़कर कपड़े पहनता हो, बाहर चौरास्ते पर जाकर बैठता हो और सदा नंगा ही दिखाई पड़ता हो। 

 *🛟एक मूर्ख वह है जो वैधृति और व्यतिपात आदि बुरे मुहूर्तों में यात्रा करता हो और अपशकुनों से अपना घात करता हो।

 *🛟एक मूर्ख वह है जो क्रोध, अपमान या कुबुद्धि के कारण स्वयं अपनी हत्या करता हो और जिसमें दृढ़ बुद्धि न हो। 

 *🛟एक मूर्ख वह है जो अपने प्रिय लोगों को दुःखी करता हो, सुखी करनेवाला शब्द भी मुँह से न निकालता हो और नीचों की बड़ाई या वन्दना करता हो। 

 *🛟एक मूर्ख वह है जो अपनी रक्षा का तो बहुत यत्न करता हो, पर अपने शरणागतों की ओर कुछ भी ध्यान न देता हो अथवा लक्ष्मी का बहुत अधिक भरोसा करता हो। 

 *🛟एक मूर्ख वह है जो स्त्री और पुत्र को ही सब कुछ मान बैठा हो और ईश्वर को भूल गया हो। 

एक मूर्ख वह है जो यह नहीं जानता कि जो जैसा करता है, वह वैसा ही भरता है।
.     💥“ज्ञान ही सच्ची संपत्ति है।
      बाकी सब क्षणभंगुर है।”💥
     🌼 ।। जय श्री कृष्ण ।।🌼
       💥।। शुभम् भवतु।।💥
♨️  ⚜️ 🕉🌞  🌞🕉 ⚜🚩
🔱🇪🇬जय श्री महाकाल सरकार 🔱🇪🇬 मोर मुकुट बंशीवाले  सेठ की जय हो 🪷*
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*♥️~यह पंचांग नागौर (राजस्थान) सूर्योदय के अनुसार है।*
*अस्वीकरण(Disclaimer)पंचांग, धर्म, ज्योतिष, त्यौहार की जानकारी शास्त्रों से ली गई है।*
*हमारा उद्देश्य मात्र आपको  केवल जानकारी देना है। इस संदर्भ में हम किसी प्रकार का कोई दावा नहीं करते हैं।*
*राशि रत्न,वास्तु आदि विषयों पर प्रकाशित सामग्री केवल आपकी जानकारी के लिए हैं अतः संबंधित कोई भी कार्य या प्रयोग करने से पहले किसी संबद्ध विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लेवें...*
*♥️ रमल ज्योतिर्विद आचार्य दिनेश "प्रेमजी", नागौर (राज,)* 
*।।आपका आज का दिन शुभ मंगलमय हो।।* 
🕉️📿🔥🌞🚩🔱ॐ  🇪🇬🔱
vipul

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