*🗓*आज का पञ्चाङ्ग*🗓*
*🎈दिनांक -28 फरवरी 2026*
*🎈 वार- शनिवार*
*🎈 विक्रम संवत् - 2082*
*🎈 अयन - दक्षिणायण*
*🎈 ऋतु - शिशिर*
*🎈 मास - फाल्गुन मास*
*🎈 पक्ष - शुक्ला पक्ष*
*🎈तिथि- द्वादशी 20:42:46* तत्पश्चात् त्रयोदशी*
*🎈 नक्षत्र - पुनर्वसु 09:34:09* तक तत्पश्चात् पुष्य 👇
*🎈 योग - सौभाग्य 17:01:22* तक तत्पश्चात् शोभन*
*🎈करण - बव 09:35:53* तक तत्पश्चात् बालव*
*🎈राहुकाल -09:55 pm से 11: 21pm(नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*हर जगह का अलग होगा
(राहुकाल वह समय होता है जिसमे किसी भी नये अथवा शुभ कार्य प्रारम्भ करने से बचना चाहिए।)*
*🎈चन्द्र राशि- कर्क *
*🎈सूर्य राशि- कुम्भ *
*🎈 सूर्योदय-07:01:38am*
*🎈सूर्यास्त - 18:33:52*pm*
*(सूर्योदय एवं सूर्यास्त ,नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*
*🎈दिशा शूल- पूर्व दिशा में*
( किसी भी विशेष कार्य हेतु दिशा शूल वाली दिशा में जाने से बचना चाहिए, यद्यपि यदि उसी दिन जाकर उसी दिन लौटना हैं, अथवा व्यवसाय के दृष्टिकोण से प्रतिदिन जाना ही पड़ता है तो प्रभाव कम हो जाएगा, फिर इस पर विचार करने की आवश्यकता नही है, यदि किसी कारण वश दिशा शूल में जाना ही पड़े तो सूर्योदय से पूर्व निकलना श्रेयस्कर होता है, अन्यथा एक दिन पूर्व प्रस्थान रखकर भी निकला जा सकता हैं।)
*🎈ब्रह्ममुहूर्त - 05:21 ए एम से 06:11 ए एम*
*🎈अभिजित मुहूर्त- 12:25 पी एम से 01:11 पी एम*
*🎈 निशिता मुहूर्त - 12:22 ए एम, मार्च 01 से 01:12 ए एम, मार्च 01*
*🎈 त्रिपुष्कर योग- 07:00 ए एम से 09:35 ए एम*
*🎈 व्रत एवं पर्व व्रत द्वादशी*
*🎈विशेष फाल्गुन मास महात्म्य *
🙏 जय माँ आदिशक्ति सच्चियाय 🙏
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*🛟चोघडिया, दिन का🛟*
नागौर, राजस्थान, (भारत)
मानक सूर्योदय के अनुसार।*
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*🛟चोघडिया, रात्🛟*
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🚩*श्रीगणेशाय नमोनित्यं*🚩
🚩*☀जय मां सच्चियाय* 🚩
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🌿✨ #*🕉️ #🌺#🌹🙏 धतूरा कल्प प्रयोग
1. पुष्य नक्षत्र में काले धतूरा के फूल, भरणी नक्षत्र में फल, विशाखा हस्त नक्षत्र में पत्ते, मूल नक्षत्र में जड़ लाकर कपूर में मिलाकर पीसे तथा कुंकुम गोरोचन भी मिलायें और तिलक करने से महावशकारी घटक है। यदि सामाजिक परम्परा में मान सम्मान प्राप्त करना चाहते हैं तो इस घटक का तिलक लगाये चहुँ ओर मान, सम्मान, उन्नति, कलेशादि, निवारण हो जाता है।
2. कृष्णपक्ष के चौदस के दिन धतूरा की जड़ लाकर कमर में बाँधकर स्त्री पति से रमण करे तो कभी भी गर्भ धारण नहीं करती इसके खोलने से गर्भ की स्थिति बनती है। ऐसा पूर्व में नागार्जुन ने कहा है।
3. काले धतूरा के बीज, पारा, मैनफल तथा सुपारी के साथ मिलाकर तीन प्रकार के लोह से उसको वेष्टित करके साधक द्वारा अपनी जीभ पर रखने से पुरुषत्व का स्तम्भन हो जाता है।
4. कृष्णपक्ष, चौदस के दिन धतूरा की जड़, त्रिलोह में बंद करके धारण करने से शत्रुजनित पीड़ा से मुक्ति मिलती है।
5. ग्रहपीड़ा नाशक प्रयोग-ग्रहों की पीड़ा को दूर करने के लिए
शास्त्रोक्त उपाय इस तरह है। यह उपाय मेरे द्वारा अनुभूत भी है। अतः सर्वजन अपनी ग्रहों की दूषित पीड़ा को शान्त करें। इस प्रयोग में आवश्यक मन्त्रादि जप करने का विधान भी है-
प्रयोग-एक मिट्टी की काली हान्डी (हँडिया) में धतूरा अपामार्ग (चिड़चिड़ा) बरगद, पीपल, शमी, लेटिन में शमी तथा आम, गूलर के पत्ते, घी, दूध, चावल चना मूँग, गेहूँ, तिल, शहद व दही भरकर उसे नीचे लिखे मन्त्र से अभिमंत्रित कर शनिवार के दिन पीपल के वृक्ष की जड़ में गाड़ दें। इससे ग्रहपीड़ा नष्ट हो जाती है। यह प्रयोग दरिद्रतानाशक तथा पापनाशक भी है।
नोट बिना जानकारी के कोई उपाय न करे अच्छे जानकार से सलाह जारी रखिए।
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. 💥“ज्ञान ही सच्ची संपत्ति है।
बाकी सब क्षणभंगुर है।”💥
🌼 ।। जय श्री कृष्ण ।।🌼
💥।। शुभम् भवतु।।💥
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🔱🇪🇬जय श्री महाकाल सरकार 🔱🇪🇬 मोर मुकुट बंशीवाले सेठ की जय हो 🪷*
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*♥️~यह पंचांग नागौर (राजस्थान) सूर्योदय के अनुसार है।*
*अस्वीकरण(Disclaimer)पंचांग, धर्म, ज्योतिष, त्यौहार की जानकारी शास्त्रों से ली गई है।*
*हमारा उद्देश्य मात्र आपको केवल जानकारी देना है। इस संदर्भ में हम किसी प्रकार का कोई दावा नहीं करते हैं।*
*राशि रत्न,वास्तु आदि विषयों पर प्रकाशित सामग्री केवल आपकी जानकारी के लिए हैं अतः संबंधित कोई भी कार्य या प्रयोग करने से पहले किसी अच्छी जानकारी वाले ज्योतिषी से संपर्क करे।
*♥️ रमल ज्योतिर्विद आचार्य दिनेश "प्रेमजी", नागौर (राज,)*
*।।आपका आज का दिन शुभ मंगलमय हो।।*
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